असम बजट 2026-27: छोटे चाय उत्पादकों को 4 गुना टैक्स छूट, PNG सस्ती होने की संभावना; ₹2.85 लाख करोड़ के बजट की 10 बड़ी बातें !

Assam Budget 2026-27

असम सरकार ने शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को विधानसभा में Assam Budget 2026-27 पेश किया। वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआह ने अपने पहले बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,85,084 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। बजट में छोटे चाय उत्पादकों के लिए बड़ी कर राहत, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर वैट में कटौती का प्रस्ताव और प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। यह मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है। सरकार का कहना है कि बजट में कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वच्छ ऊर्जा, जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है।

Assam Budget 2026-27

Assam Budget 2026-27 Highlights: बजट की 10 बड़ी बातें:

  1. ₹2.85 लाख करोड़ का बजट

असम सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,85,084 करोड़ का बजट पेश किया। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखना है।

 

  1. छोटे चाय उत्पादकों को 4 गुना टैक्स राहत

सरकार ने Agricultural Income Tax की छूट सीमा ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने का प्रस्ताव रखा है। इस फैसले से हजारों छोटे चाय उत्पादकों पर कर का बोझ कम होने और चाय उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसे बजट की सबसे महत्वपूर्ण राहतों में से एक माना जा रहा है।

 

  1. PNG पर VAT में बड़ी कटौती

सरकार ने Piped Natural Gas (PNG) पर लगने वाले वैट को 14.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है और वैट में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचता है, तो घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए PNG की कीमतों में कमी आ सकती है। इसके अलावा, इस कदम से राज्य में स्वच्छ ईंधन के उपयोग और City Gas Distribution Network के विस्तार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 

  1. प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं रहेंगी जारी

सरकार ने स्पष्ट किया कि पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे भी जारी रखा जाएगा। महिलाओं, किसानों, छात्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संचालित योजनाओं की निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

 

  1. बजट घाटा ₹419 करोड़ रखने का लक्ष्य

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट घाटा (Budget Deficit) ₹419 करोड़ तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। इसका उद्देश्य विकास कार्यों के साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखना है।

 

  1. चाय उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन

असम देश का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है। ऐसे में कर छूट बढ़ाने का उद्देश्य छोटे उत्पादकों की आय बढ़ाना, निवेश को प्रोत्साहित करना और राज्य के चाय उद्योग को मजबूती देना है।

 

  1. स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

PNG पर वैट में कटौती का प्रस्ताव केवल कीमतों को कम करने तक सीमित नहीं है। सरकार का मानना है कि इससे स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

 

  1. बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर

बजट में सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास जैसी आधारभूत परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को गति दी जाएगी।

 

  1. नए वित्त मंत्री का पहला बजट

यह जयंत मल्ला बरुआह का पहला बजट है। इसलिए इसे राज्य की आगामी आर्थिक प्राथमिकताओं और विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण बजट माना जा रहा है।

 

  1. विकास और वित्तीय अनुशासन पर समान फोकस

बजट में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य विकास और वित्तीय संतुलन के बीच तालमेल बनाए रखना है।

Assam Budget Key Announcements

  • वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,85,084 करोड़ का बजट पेश।
  • छोटे चाय उत्पादकों के लिए कृषि आयकर छूट सीमा ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने का प्रस्ताव।
  • PNG पर वैट 14.5% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव।
  • प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने की घोषणा।
  • बजट घाटा ₹419 करोड़ तक सीमित रखने का लक्ष्य।
  • चाय उद्योग को कर राहत के जरिए प्रोत्साहन।
  • स्वच्छ ऊर्जा और City Gas Distribution Network के विस्तार को बढ़ावा।
  • सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर फोकस।
  • नए वित्त मंत्री का पहला पूर्ण बजट।
  • विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर।

 

आम लोगों पर क्या होगा असर?

इस बजट का सबसे अधिक लाभ छोटे चाय उत्पादकों और PNG उपभोक्ताओं को मिलने की संभावना है। यदि PNG पर वैट में प्रस्तावित कटौती लागू होती है और उसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचता है, तो घरेलू उपभोक्ताओं, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए गैस की कीमतों में कमी आ सकती है। वहीं, कृषि आयकर छूट सीमा बढ़ने से छोटे चाय उत्पादकों पर कर का बोझ कम होगा, जिससे उनकी आय और निवेश क्षमता में सुधार की संभावना है।

 

निष्कर्ष

Assam State Budget 2026-27 राज्य की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस बजट में सरकार ने छोटे चाय उत्पादकों को कर राहत, PNG पर वैट में कटौती का प्रस्ताव, जनकल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है। साथ ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा भी स्पष्ट की है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि बजट में किए गए प्रस्ताव कब लागू होते हैं और उनका आम लोगों तथा राज्य की अर्थव्यवस्था पर कितना प्रभाव पड़ता है।

 

FAQs

  1. असम बजट 2026-27 का कुल आकार कितना है?

असम सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,85,084 करोड़ का बजट पेश किया है।

 

  1. छोटे चाय उत्पादकों को 4 गुना टैक्स छूट से क्या लाभ मिलेगा?

कृषि आयकर की छूट सीमा ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने के प्रस्ताव से छोटे चाय उत्पादकों पर कर का बोझ कम होगा और उनकी आय बढ़ने की संभावना है।

 

  1. यह टैक्स राहत किन चाय उत्पादकों पर लागू होगी?

यह प्रस्ताव मुख्य रूप से छोटे चाय उत्पादकों (Small Tea Growers) के लिए है, जो निर्धारित पात्रता शर्तों के अंतर्गत कृषि आय अर्जित करते हैं।

 

  1. PNG (Piped Natural Gas) सस्ती करने का फैसला क्यों लिया गया?

सरकार स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने और City Gas Distribution Network के विस्तार के उद्देश्य से PNG पर वैट 14.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव लाई है।

 

  1. PNG की कीमतों में कटौती का उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?

यदि वैट में प्रस्तावित कटौती लागू होती है और उसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचता है, तो घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए PNG की कीमतों में कमी आ सकती है।

 

  1. असम बजट 2026-27 की 10 प्रमुख घोषणाएं कौन-सी हैं?

मुख्य घोषणाओं में ₹2.85 लाख करोड़ का बजट, छोटे चाय उत्पादकों के लिए कर राहत, PNG पर वैट में कटौती, प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता, बजट घाटा नियंत्रित रखने का लक्ष्य, चाय उद्योग को प्रोत्साहन, स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचे पर फोकस और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर शामिल हैं।

 

  1. बजट में किन क्षेत्रों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है?

बजट में चाय उद्योग, कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, जनकल्याणकारी योजनाएं और राज्य के संतुलित आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी गई है।