FSSAI Action: Diageo की हजारों Whisky-Vodka बोतलें जब्त, आखिर पैकेजिंग में क्या मिला?

FSSAI Action

भारत में India Seizes Diageo Whisky मामले ने शराब उद्योग में हलचल बढ़ा दी है। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने दुनिया की प्रमुख spirits कंपनियों में शामिल Diageo की भारतीय इकाई United Spirits के बेंगलुरु प्लांट में कार्रवाई करते हुए करीब 18,000 boxes शराब के उत्पादों को जब्त किया। कार्रवाई में DSP Black Deluxe Whisky, Smirnoff Zesty Lime Triple Distilled Flavoured Vodka और VAT 69 Blended Scotch Whisky जैसे ब्रांड शामिल बताए गए हैं। हालांकि, यह कार्रवाई सीधे तौर पर शराब की गुणवत्ता खराब पाए जाने के आरोप पर आधारित नहीं है। अधिकारियों की मुख्य चिंता recycled plastic packaging की mandatory marking और food-grade compliance को लेकर है।वहीं United Spirits ने कहा है कि संबंधित बोतलें FSSAI-approved recycler से ली गई थीं और जरूरी tests भी किए गए थे। कंपनी ने उत्पादों को consumption के लिए सुरक्षित बताया है।

India Seizes Diageo Whisky: FSSAI ने आखिर क्यों की कार्रवाई?

FSSAI अधिकारियों ने पिछले सप्ताह बेंगलुरु स्थित United Spirits की manufacturing facility का निरीक्षण किया। जांच के दौरान छोटे आकार की कुछ liquor bottles में recycled PET plastic के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे।सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, इन bottles पर PET से बने होने की marking तो थी, लेकिन अधिकारियों को वह mandatory recycled-PET symbol नहीं मिला, जो recycled plastic के food-grade इस्तेमाल से जुड़ी regulatory compliance को दर्शाता है। इसी वजह से food safety, misleading information और misbranding से जुड़े compliance concerns सामने आए।यानी इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र bottle packaging और उसके regulatory markings हैं, न कि यह दावा कि जब्त की गई शराब जहरीली या पीने के लिए असुरक्षित पाई गई है।

कौन-कौन से Whisky और Vodka Products कार्रवाई की चपेट में आए?

जांच के दौरान कई liquor brands के products को जब्त किया गया। इनमें प्रमुख रूप से:

  • DSP Black Deluxe Whisky
  • Smirnoff Zesty Lime Triple Distilled Flavoured Vodka
  • VAT 69 Blended Scotch Whisky

शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई का असर आधा दर्जन से अधिक brands पर पड़ा है।हालांकि, Diageo के ज्यादातर बड़े liquor packs glass bottles में आते हैं। इस कार्रवाई का मुख्य फोकस छोटे आकार की plastic bottles, खासकर लगभग 180 ml वाली packaging पर रहा।

₹13-14 करोड़ के Products और Plastic Material जब्त

सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए products और plastic material की कुल कीमत करीब $1.6 million यानी लगभग ₹13-14 करोड़ बताई गई है।करीब 18,000 boxes के products को authorities ने अपने कब्जे में लिया है। United Spirits ने इसे लेकर कहा कि कुछ bottles को authorities ने आगे के निर्देश तक quarantine किया है और कंपनी FSSAI के साथ मामले को सुलझाने के लिए संपर्क में है।यहां यह समझना जरूरी है कि seizure का मतलब अपने आप में final violation या दोष सिद्ध होना नहीं है। regulatory action के बाद संबंधित authorities आगे की जांच और compliance के आधार पर फैसला लेती हैं।

 

Diageo ने FSSAI Action पर क्या कहा?

United Spirits ने regulatory action की पुष्टि करते हुए कहा है कि संबंधित bottles ऐसे recycler से sourced थीं, जिसे FSSAI ने approve किया था। कंपनी के मुताबिक suppliers की ओर से mandatory tests भी किए गए थे।कंपनी ने यह भी कहा कि उसके products consumption के लिए पूरी तरह safe हैं और वह इस मामले में FSSAI के साथ बातचीत कर रही है।इसलिए फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे “शराब में खतरनाक पदार्थ मिला” जैसी खबर के रूप में पेश करना सही नहीं होगा। विवाद मुख्य रूप से packaging compliance और mandatory marking को लेकर है।

 

Recycled PET Packaging पर इतने सख्त नियम क्यों?

Food और beverage products के संपर्क में आने वाले recycled plastic को लेकर safety और traceability महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से FSSAI ने recycled PET को food-contact material के रूप में इस्तेमाल करने के लिए अलग regulatory framework और approved recycling technologies की व्यवस्था की है। FSSAI की आधिकारिक जानकारी में food-contact recycled PET से जुड़ी guidelines और approved technologies सूचीबद्ध हैं।इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि recycled plastic packaging में इस्तेमाल होने वाली सामग्री निर्धारित food-safety requirements को पूरा करे और उसके इस्तेमाल की पहचान तथा compliance स्पष्ट हो।यही वजह है कि किसी bottle पर आवश्यक marking का न होना भी regulatory concern बन सकता है, भले ही manufacturer का दावा हो कि packaging material approved source से आया है।

 

Diageo पर पहले भी FSSAI की नजर क्यों पड़ी थी?

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब FSSAI शराब उद्योग में labelling और product-composition से जुड़े मामलों पर सख्ती बढ़ा रहा है।हाल ही में regulator ने कुछ liquor products में flavouring से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की थी। Diageo के कुछ whisky products की maturity-related declarations को लेकर भी regulatory concerns सामने आए थे।इससे संकेत मिलता है कि regulator केवल food products ही नहीं, बल्कि alcoholic beverages में भी labelling, packaging और product claims की compliance को लेकर ज्यादा सख्ती बरत रहा है।FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर alcoholic beverages से जुड़े regulations में समय-समय पर किए गए amendments भी उपलब्ध हैं।

 

क्या जब्त की गई शराब पीने के लिए असुरक्षित साबित हुई है?

फिलहाल ऐसा कहना सही नहीं होगा।उपलब्ध रिपोर्टों में कार्रवाई का कारण recycled PET bottles पर आवश्यक marking और food-grade compliance से जुड़े सवाल बताए गए हैं। Diageo की भारतीय इकाई United Spirits ने भी products को safe for consumption बताया है।इसलिए India Seizes Diageo Whisky मामले को packaging और regulatory compliance action के तौर पर देखना ज्यादा सटीक है, न कि इसे शराब में contamination पाए जाने की घटना कहना।

 

शराब कंपनियों के लिए क्या है बड़ा संदेश?

FSSAI की यह कार्रवाई liquor manufacturers के लिए एक महत्वपूर्ण regulatory signal है। अब केवल product की quality ही नहीं, बल्कि उसकी packaging, labelling, recycled material की traceability और mandatory markings भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।विशेष रूप से छोटे plastic packs का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि packaging material regulatory requirements के अनुरूप हो और जरूरी declarations तथा symbols स्पष्ट रूप से मौजूद हों।इससे आने वाले समय में alcohol industry में packaging compliance और regulatory audits और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

 

निष्कर्ष

India Seizes Diageo Whisky मामला फिलहाल शराब की गुणवत्ता खराब पाए जाने से ज्यादा packaging compliance और recycled PET marking से जुड़ा है। FSSAI अधिकारियों ने United Spirits के बेंगलुरु facility में कार्रवाई के दौरान करीब 18,000 boxes के liquor products और plastic material को जब्त किया, जिनकी कीमत करीब ₹13-14 करोड़ बताई गई है।Diageo की भारतीय इकाई ने कार्रवाई की पुष्टि की है, लेकिन products को safe बताया है और कहा है कि वह FSSAI के साथ मामले पर काम कर रही है।अब आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित packaging और labelling ने FSSAI के निर्धारित standards का पालन किया था या नहीं। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है- बोतल के अंदर की शराब नहीं, बल्कि बाहर लगी packaging की marking आखिर इतनी बड़ी regulatory परेशानी कैसे बन गई?

 

FAQs

1. भारत में Diageo की हजारों Whisky और Vodka bottles क्यों जब्त की गईं?

FSSAI अधिकारियों ने recycled PET packaging पर आवश्यक marking और food-grade compliance को लेकर concerns के बाद कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 18,000 boxes के products को जब्त किया गया।

 

2. Food safety अधिकारियों ने Diageo के products पर कार्रवाई क्यों की?

जांच में कुछ plastic bottles पर PET marking तो मिली, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक mandatory recycled-PET symbol मौजूद नहीं था। इससे food safety, misleading information और misbranding से जुड़े सवाल उठे।

 

3. Diageo की कौन-कौन सी Whisky और Vodka bottles जब्त की गईं?

रिपोर्ट में DSP Black Deluxe Whisky, Smirnoff Zesty Lime Triple Distilled Flavoured Vodka और VAT 69 Blended Scotch Whisky समेत कई brands का उल्लेख है।

 

4. क्या जब्त की गई शराब unsafe साबित हुई है?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ऐसा निष्कर्ष नहीं है। कार्रवाई packaging और regulatory marking से जुड़े concerns पर हुई है। United Spirits ने products को consumption के लिए safe बताया है।

 

5. Diageo ने इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

United Spirits ने कार्रवाई की पुष्टि की है और कहा है कि संबंधित bottles FSSAI-approved recycler से sourced थीं तथा suppliers ने mandatory tests किए थे। कंपनी ने कहा कि वह FSSAI के साथ मामले पर काम कर रही है।