Lucknow Coaching Fire ने पूरे देश को झकझोर दिया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में अधिकांश छात्र बताए जा रहे हैं। कई छात्र जान बचाने के लिए कोचिंग सेंटर के बाथरूम में छिप गए थे, लेकिन घना धुआं और आग की लपटें उनकी जान बचा नहीं सकीं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा।
Lucknow Coaching Fire में क्या हुआ?
Lucknow Coaching Fire में अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में नीचे की दुकानों से लगी आग तेजी से दूसरे फ्लोर पर बने कोचिंग सेंटर तक पहुंच गई। धुएं और आग के कारण कई छात्र अंदर फंस गए। अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बचाव अभियान के दौरान कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Lucknow Coaching Fire: कैसे कुछ ही मिनटों में मौत का जाल बन गई पूरी इमारत?
सोमवार दोपहर अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनिया इलाके में स्थित एक तीन मंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक संचालित थे, जबकि दूसरे फ्लोर पर Learning Space Library (कोचिंग सेंटर) और Head Hopper Studio चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में धुएं ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। छात्रों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आग फैलते ही कई छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया ताकि धुएं से बच सकें। हालांकि यह कोशिश भी उन्हें नहीं बचा सकी। एक छात्र ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन नीचे लगी लोहे की ग्रिल पर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। रेस्क्यू टीमों को कई शव बाथरूम और अंदर के कमरों से मिले।

Lucknow Coaching Fire Rescue: NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एजेंसियां–
- फायर ब्रिगेड
- NDRF
- SDRF
- पुलिस
- जिला प्रशासन
बचाव कार्य के दौरान फायर कर्मियों ने इमारत की पिछली दीवार तक तोड़ दी ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, डीएम विशाख जी अय्यर और डीजी फायर भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा–
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ लौटने का फैसला किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए।
क्या सामने आई है आग लगने की वजह?
फिलहाल आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फायर विभाग और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

Lucknow Coaching Fire ने फिर उठाए सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, बिल्डिंग सुरक्षा मानकों और नियमित निरीक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फायर सेफ्टी नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए और समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट हो, तो ऐसे कई बड़े हादसों को रोका जा सकता है। Lucknow Coaching Fire सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर परीक्षा भी है, जिससे भविष्य में सबक लेना बेहद जरूरी होगा।
FAQs
Q1. Lucknow Coaching Fire में कितने लोगों की मौत हुई?
अब तक 14 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
Q2. हादसा कहां हुआ?
यह हादसा लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनिया इलाके में स्थित एक तीन मंजिला इमारत में हुआ।
Q3. आग कहां से शुरू हुई थी?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग नीचे की दुकानों वाले हिस्से से शुरू हुई और बाद में ऊपर स्थित कोचिंग सेंटर तक फैल गई। जांच जारी है।
Q4. क्या प्रधानमंत्री ने मुआवजे का ऐलान किया है?
हाँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PMNRF से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
Q5. क्या आग लगने की वजह स्पष्ट हो गई है?
नहीं। फिलहाल आधिकारिक जांच जारी है और आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।

