मेक्सिको का मोस्ट वॉन्टेड ड्रग सरगना ढेर, क्या ‘एल मेंचो’ की मौत से खत्म होगा खतरनाक CJNG का साम्राज्य?

मेक्सिको में रविवार को सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन में देश के सबसे वांछित ड्रग तस्कर नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ “एल मेंचो” को मार गिराया। वह जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था और दुनिया के खतरनाक अपराधियों में गिना जाता था। अमेरिकी एजेंसियों ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने पर 15 मिलियन डॉलर यानी करीब 136 करोड़ रुपये तक के इनाम की घोषणा कर रखी थी।

 

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जलिस्को राज्य में सेना की कार्रवाई के दौरान एल मेंचो घायल हुआ। उसे हेलिकॉप्टर से मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। सरकार ने उसकी मौत की पुष्टि की, जिसके बाद कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी।

El Mencho killed

मौत के बाद हिंसा और आगजनी

एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही उसके समर्थकों ने कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। जलिस्को समेत कई इलाकों में गाड़ियों को आग लगा दी गई और मुख्य हाईवे घंटों तक जाम रहे। कुछ जगहों पर एयरपोर्ट, पेट्रोल पंप और शॉपिंग मॉल में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।

 

स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कई इलाकों में अभी भी तनाव बना हुआ है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।

 

कौन था एल मेंचो?

नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस का जन्म 17 जुलाई 1966 को हुआ था। उसने बचपन में स्कूल छोड़ दिया और खेती का काम शुरू कर दिया। 1980 के दशक में वह अवैध रूप से अमेरिका पहुंचा, जहां वह ड्रग गैंग से जुड़ गया। ड्रग तस्करी के मामलों में वह कई बार गिरफ्तार हुआ और बाद में डिपोर्ट कर मेक्सिको भेज दिया गया।

 

मेक्सिको लौटने के बाद वह मिलेनियो कार्टेल से जुड़ा। 2009 से 2011 के बीच जब मिलेनियो कार्टेल टूट गया, तो एल मेंचो ने अपना अलग गिरोह बना लिया। यही गिरोह आगे चलकर जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) के नाम से जाना गया।

 

कम समय में CJNG मेक्सिको के सबसे ताकतवर और हिंसक कार्टेल में से एक बन गया। इसे अक्सर सिनालोआ कार्टेल के बराबर ताकतवर माना जाता है, जो लंबे समय से मेक्सिको के बड़े आपराधिक संगठनों में शामिल रहा है।

 

CJNG कितना बड़ा नेटवर्क?

CJNG का असर केवल मेक्सिको तक सीमित नहीं है। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, इसकी पहुंच अमेरिका के सभी 50 राज्यों तक है। यह कार्टेल फेंटेनाइल, मेथमफेटामाइन, कोकीन और हेरोइन जैसे खतरनाक ड्रग्स की तस्करी करता था।

 

फेंटेनाइल जैसे सिंथेटिक ड्रग्स अमेरिका में बड़ी संख्या में मौतों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के आंकड़ों के अनुसार, हाल के वर्षों में हर साल 80 हजार से 1 लाख के बीच लोग ड्रग ओवरडोज से मारे गए हैं। 2021 में यह संख्या 1 लाख से ज्यादा थी। 2023 में भी मौतें 1 लाख के आसपास रहीं, जबकि 2024 और 2025 में कुछ कमी दर्ज की गई।

 

अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग बाजार माना जाता है। यही वजह है कि वहां की सरकार लगातार मेक्सिको के कार्टेल्स पर सख्त कार्रवाई की मांग करती रही है।

 

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी

मेक्सिको में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। खास तौर पर जलिस्को (पुएर्तो वालार्टा, चापाला, ग्वाडलाहारा), तमाउलिपास (रेनोसा), मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन राज्यों में रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है।

दूतावास ने नागरिकों से सुरक्षित स्थान पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और भीड़ से दूर रहने की अपील की है। साथ ही परिवार और दोस्तों को अपनी स्थिति की जानकारी देने को कहा गया है। आपात स्थिति में 911 पर संपर्क करने और भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर +52-55-4847-7539 पर सहायता लेने की सलाह दी गई है।

 

ट्रम्प प्रशासन और कार्टेल

इस साल फरवरी में ट्रम्प प्रशासन ने CJNG को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने एल मेंचो की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम रखा था।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि ड्रग कार्टेल अमेरिका में हर साल 2.5 से 3 लाख मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया था कि समुद्री रास्ते से ड्रग तस्करी को 97% तक रोका गया है और अब जमीन पर मौजूद नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

हालांकि मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने ट्रम्प के बयानों पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी अन्य देश के क्षेत्र में अपनी मर्जी नहीं चला सकता।

 

कार्टेल की ताकत कितनी?

रिपोर्टों के मुताबिक, मेक्सिको के बड़े कार्टेल्स के पास भारी हथियार और आधुनिक तकनीक है। कुछ कार्टेल्स के पास सैकड़ों विमान और हेलिकॉप्टर होने की बात कही जाती है। वे ड्रोन, बख्तरबंद गाड़ियां और मशीन गन का इस्तेमाल करते हैं।

 

मेक्सिको के गृह मंत्रालय की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, कार्टेल्स के पास एके-47 और एम-80 जैसी असॉल्ट राइफलें हैं। हर साल सुरक्षा एजेंसियां 20 हजार से ज्यादा असॉल्ट राइफलें जब्त करती हैं। पिछले कुछ वर्षों में कार्टेल्स ने रॉकेट लॉन्चर जैसे हथियार भी हासिल कर लिए हैं।

 

अनुमान है कि 2022-2023 के बीच कार्टेल्स से जुड़े लोगों की संख्या 1.6 लाख से 1.85 लाख के बीच थी। यह संख्या मेक्सिको में उन्हें बड़े रोजगार देने वाले समूहों में शामिल करती है।

 

कितनी कमाई करते हैं कार्टेल?

UN वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट 2025 के अनुसार, मेक्सिको के ड्रग कार्टेल दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले आपराधिक संगठनों में शामिल हैं। उनकी सालाना कमाई 12.1 बिलियन डॉलर यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। यह पैसा मुख्य रूप से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल की तस्करी से आता है।

 

आगे क्या?

एल मेंचो की मौत से CJNG को बड़ा झटका लगा है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल एक नेता के मारे जाने से कार्टेल खत्म नहीं हो जाते। अक्सर ऐसे संगठनों में नेतृत्व तेजी से बदल जाता है और हिंसा का नया दौर शुरू हो सकता है।

 

मेक्सिको में कई इलाकों में कार्टेल इतने मजबूत हैं कि वे स्थानीय प्रशासन को चुनौती देते हैं। धमकी, भ्रष्टाचार और हथियारों के दम पर वे कई क्षेत्रों में अपनी समानांतर व्यवस्था चलाते हैं।

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या एल मेंचो की मौत से मेक्सिको और अमेरिका में ड्रग तस्करी पर लगाम लगेगी, या फिर यह सिर्फ एक नए और ज्यादा खतरनाक दौर की शुरुआत साबित होगी?

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