अमेरिका के फेडरल रिजर्व बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के नए चेयरमैन बने केविन वॉर्श, महंगाई और ट्रम्प के दबाव के बीच संभाली कमान

अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व में बड़ा बदलाव हुआ है। Kevin Warsh ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर फेडरल रिजर्व बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के नए चेयरमैन के रूप में शपथ ली। उन्होंने Jerome Powell की जगह ली है, जो साल 2018 से इस पद पर थे।

केविन वॉर्श ऐसे समय में फेडरल रिजर्व की कमान संभाल रहे हैं, जब अमेरिका की अर्थव्यवस्था महंगाई के दबाव से गुजर रही है और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर भी लगातार बहस चल रही है। उनकी नियुक्ति को लेकर अमेरिकी सीनेट में काफी तीखी राजनीतिक खींचतान भी देखने को मिली।

 

पार्टी लाइन पर हुआ मतदान

56 वर्षीय केविन वॉर्श की नियुक्ति आसान नहीं रही। अमेरिकी सीनेट में उनके नाम पर वोटिंग लगभग पूरी तरह पार्टी लाइन पर हुई। रिपब्लिकन सांसदों ने उनका समर्थन किया, जबकि ज्यादातर डेमोक्रेट सांसद उनके खिलाफ रहे।

हालांकि पेनसिल्वेनिया से डेमोक्रेटिक सीनेटर John Fetterman ने अपनी पार्टी से अलग जाकर वॉर्श के समर्थन में वोट दिया। इसके बाद उनका नाम मंजूर हो सका।

शपथ ग्रहण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि वह चाहते हैं कि केविन वॉर्श पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करें। ट्रम्प ने कहा, “मैं चाहता हूं कि केविन बिना किसी दबाव के अपना काम करें। उन्हें किसी की तरफ देखने की जरूरत नहीं है।”

 

ट्रम्प के करीबी होने के आरोप लगे

हालांकि वॉर्श की नियुक्ति को लेकर विरोध भी काफी हुआ। सीनेट बैंकिंग कमेटी की सुनवाई के दौरान डेमोक्रेटिक सीनेटर Elizabeth Warren ने उन पर ट्रम्प के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया।

एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा कि वॉर्श कहीं ट्रम्प की “कठपुतली” बनकर काम न करें। इसके जवाब में वॉर्श ने साफ कहा कि वह मौद्रिक नीति यानी ब्याज दरों से जुड़े फैसले पूरी तरह स्वतंत्र तरीके से लेंगे।

दिलचस्प बात यह है कि जब Joe Biden राष्ट्रपति थे, तब वॉर्श ब्याज दरों में कटौती के खिलाफ माने जाते थे। लेकिन ट्रम्प के सत्ता में आने के बाद उन्होंने दरें कम करने के पक्ष में बयान दिए। इसी वजह से विपक्षी दलों ने उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

हालांकि फेडरल रिजर्व में चेयरमैन अकेले फैसले नहीं ले सकता। वहां कुल 12 वोटिंग सदस्य होते हैं और सभी की राय के आधार पर नीतियां तय की जाती हैं।

Kevin Warsh becomes the new chairman of the US Federal Reserve Board of Governors

जून में होगी पहली बड़ी बैठक

केविन वॉर्श की अगुवाई में फेडरल रिजर्व की पहली नीति बैठक 16 और 17 जून को होगी। इस बैठक पर दुनियाभर की नजर रहेगी, क्योंकि इसी में यह तय हो सकता है कि अमेरिका में ब्याज दरें घटेंगी, बढ़ेंगी या फिर फिलहाल स्थिर रहेंगी।

 

अमेरिका में क्यों बढ़ रही है चिंता?

फेडरल रिजर्व पर इस समय सबसे बड़ा दबाव बढ़ती महंगाई का है। अमेरिका में पिछले कुछ महीनों से रोजमर्रा की चीजों के दाम तेजी से बढ़े हैं।

अमेरिकी श्रम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल महीने में उपभोक्ता कीमतों में 0.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मार्च में यह बढ़ोतरी 0.9 प्रतिशत रही थी।

अगर सालाना आधार पर देखें तो महंगाई दर 3.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा मानी जा रही है।

 

पेट्रोल की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी

अमेरिका में सबसे ज्यादा असर ऊर्जा और ईंधन की कीमतों में देखने को मिला है। पिछले एक साल में ऊर्जा की कीमतों में करीब 17.9 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन यानी AAA के मुताबिक, अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.56 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। फरवरी के आखिर में यह कीमत करीब 2.98 डॉलर प्रति गैलन थी।

विशेषज्ञ मानते हैं कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों की वजह से तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर सीधे अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ा।

 

ब्याज दरों पर क्या होगा फैसला?

महंगाई बढ़ने के बीच व्हाइट हाउस चाहता है कि ब्याज दरों में कटौती की जाए, ताकि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। लेकिन फेडरल रिजर्व के सामने चुनौती यह है कि अगर जल्द दरें घटाईं गईं, तो महंगाई और बढ़ सकती है।

जेपी मॉर्गन चेज के विश्लेषकों ने पिछले महीने अनुमान लगाया था कि अमेरिका में ब्याज दरें 2027 के मध्य तक स्थिर रह सकती हैं। कुछ विशेषज्ञों का तो यह भी मानना है कि आने वाले समय में दरें कम होने के बजाय बढ़ भी सकती हैं।

फेडरल रिजर्व की अप्रैल बैठक के जारी मिनट्स में भी चिंता जताई गई थी कि महंगाई उम्मीद से ज्यादा लंबे समय तक बनी रह सकती है। रिपोर्ट में कहा गया कि ऊर्जा कीमतों और कुछ अन्य क्षेत्रों में तेजी लगातार बनी हुई है।

 

अगली बैठक में बदलाव की संभावना कम

CME ग्रुप के FedWatch टूल के मुताबिक, अगली नीति बैठक में ब्याज दरें जस की तस रहने की संभावना सबसे ज्यादा है। आंकड़ों के अनुसार करीब 97 प्रतिशत संभावना है कि फिलहाल दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

 

आसान नहीं होगी केविन वॉर्श की राह

केविन वॉर्श ऐसे दौर में फेडरल रिजर्व की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जब अमेरिका आर्थिक और राजनीतिक दोनों तरह के दबावों का सामना कर रहा है। एक तरफ महंगाई लगातार चुनौती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर फेड की स्वतंत्रता को लेकर भी बहस तेज है।

वॉर्श ने शपथ लेने के बाद कहा कि उन्हें अमेरिकी अर्थव्यवस्था की चुनौतियों का पूरा अंदाजा है। उन्होंने भरोसा जताया कि महंगाई को नियंत्रित करते हुए आर्थिक विकास को भी मजबूत रखा जा सकता है।

अब सबकी नजर जून में होने वाली पहली नीति बैठक पर टिकी है, क्योंकि वहीं से यह साफ होगा कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक आने वाले महीनों में किस दिशा में आगे बढ़ेगा।