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PM CARES Fund Report 2026 – पीएम केयर्स फंड में दान घटा, फिर भी फंड ₹8,452 करोड़ के पार; जानिए पैसा कहां से आता है और कैसे होता है इस्तेमाल ?

PM CARES Fund Report 2026 – प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष यानी PM CARES Fund एक बार फिर चर्चा में है। फंड से जुड़े ताजा वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 में घरेलू और विदेशी योगदान में कमी आई, लेकि

PM CARES Fund Report 2026 – पीएम केयर्स फंड में दान घटा, फिर भी फंड ₹8,452 करोड़ के पार; जानिए पैसा कहां से आता है और कैसे होता है इस्तेमाल ?

PM CARES Fund Report 2026 – प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष यानी PM CARES Fund एक बार फिर चर्चा में है। फंड से जुड़े ताजा वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 में घरेलू और विदेशी योगदान में कमी आई, लेकिन फंड की कुल प्राप्तियां बढ़कर करीब ₹8,452.95 करोड़ हो गईं। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा करीब ₹7,188.63 करोड़ था।

 

PM CARES Fund की शुरुआत मार्च 2020 में कोरोना महामारी के दौरान आपात स्थिति से निपटने और प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए की गई थी। यह एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट है। प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष हैं, जबकि रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री इसके पदेन ट्रस्टी हैं।

दान कम हुआ, फिर भी फंड की रकम बढ़ी

ताजा आंकड़ों में सबसे ज्यादा ध्यान घरेलू और विदेशी दान में आई कमी पर है। 2025 में घरेलू योगदान करीब ₹479 करोड़ रहा, जबकि इससे पहले यह करीब ₹681 करोड़ था। यानी घरेलू दान में लगभग 30% की गिरावट आई। विदेशी योगदान भी घटा। 2023-24 में करीब ₹1.13 करोड़ विदेशी योगदान आया था, जबकि 2024-25 में यह घटकर करीब ₹92.8 लाख रह गया। इसके बावजूद फंड की कुल वित्तीय स्थिति में बड़ी गिरावट नहीं आई और 2024-25 में कुल प्राप्तियां ₹8,452.95 करोड़ तक पहुंच गईं।

 

यहां यह समझना जरूरी है कि किसी एक साल में मिले नए दान और फंड में मौजूद कुल रकम एक ही चीज नहीं होते। फंड में पहले से मौजूद राशि, योगदान और उस पर मिलने वाली आय मिलकर इसकी कुल वित्तीय स्थिति को प्रभावित करती है।

PM CARES Fund में सरकार का बजट वाला पैसा नहीं आता

 PM CARES Fund को सरकार के सामान्य बजट से पैसा नहीं मिलता। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार फंड में व्यक्तियों और संगठनों की स्वैच्छिक योगदान राशि आती है और इसे बजटीय सहायता नहीं मिलती। फंड को विदेशी योगदान स्वीकार करने के लिए FCRA के तहत छूट भी मिली हुई है। इस फंड में किए गए दान पर आयकर कानून के तहत 80G का लाभ मिलता है। कंपनियों की ओर से दिया गया योगदान CSR खर्च के तौर पर भी गिना जा सकता है।

 

कोरोना के दौरान ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर पर खर्च हुआ पैसा

PM CARES Fund का सबसे बड़ा शुरुआती इस्तेमाल कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने में हुआ। केंद्र और राज्य सरकार के अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए और वेंटिलेटर समेत जरूरी चिकित्सा उपकरणों की खरीद में फंड का इस्तेमाल किया गया।

 

2021-22 में प्रेशर स्विंग एडजॉर्प्शन (PSA) ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर पर बड़ी राशि खर्च की गई थी। उस समय देश में दूसरी कोरोना लहर के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन की भारी मांग सामने आई थी।

फंड का उद्देश्य केवल कोरोना तक सीमित नहीं है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसका इस्तेमाल किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति, प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा और अन्य गंभीर संकट में राहत एवं सहायता के लिए किया जा सकता है।

PM CARES Fund का पैसा कहां रखा जाता है?

PM CARES Fund में आने वाली राशि का इस्तेमाल तुरंत किसी राहत अभियान में नहीं होने पर फंड के वित्तीय प्रबंधन के तहत रखा जाता है। इसके खातों में योगदान के साथ ब्याज से होने वाली आय भी शामिल होती है। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर पुराने वर्षों के Receipt and Payment Accounts भी उपलब्ध हैं। उदाहरण के तौर पर 2022-23 में कुल कॉर्पस, जिसमें नए योगदान और ब्याज आय शामिल थी, करीब ₹6,723 करोड़ बताया गया था।

 

यही वजह है कि किसी साल दान कम आने के बावजूद फंड में मौजूद कुल राशि जरूरी नहीं कि उसी अनुपात में घट जाए।

 

PM CARES Fund का ऑडिट कौन करता है?

यह सवाल लंबे समय से चर्चा में रहा है कि PM CARES Fund का ऑडिट कौन करता है। आधिकारिक PM CARES FAQ के मुताबिक फंड का ऑडिट स्वतंत्र ऑडिटर करता है। ट्रस्ट के ट्रस्टी ने 2020 में दिल्ली की चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म SARC & Associates को तीन साल के लिए ऑडिटर नियुक्त किया था इसलिए इसे CAG यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऑडिट किए जाने वाले सरकारी फंड के समान नहीं समझना चाहिए।

 

RTI को लेकर क्यों उठता रहा है सवाल?

PM CARES Fund की पारदर्शिता को लेकर सबसे ज्यादा बहस इसके RTI के दायरे और सरकारी फंड की कानूनी स्थिति को लेकर रही है। सरकार और फंड की ओर से इसे एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट बताया गया है, न कि सरकारी फंड। इसी वजह से RTI के तहत फंड से जानकारी हासिल करने को लेकर विवाद और कानूनी मामले सामने आए हैं। 2025 में केंद्रीय सूचना आयोग के सामने भी PM CARES के ऑडिट, दान और खर्च से जुड़ी जानकारी मांगने का मामला आया था।

 

विदेश से आने वाला पैसा लगातार क्यों घटा?

PM CARES Fund में विदेशी योगदान की शुरुआत कोरोना महामारी के दौरान काफी बड़े स्तर पर हुई थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार विदेशी योगदान स्वीकार करने के लिए फंड को FCRA के तहत छूट मिली हुई है।

 

कोरोना के शुरुआती दौर में विदेशों से भी बड़ी मात्रा में सहायता आई, लेकिन बाद के वर्षों में विदेशी योगदान काफी कम हो गया। इसलिए 2024-25 में करीब ₹92.8 लाख का विदेशी योगदान पहले के महामारी वाले वर्षों की तुलना में बहुत कम है।

 

PM CARES Fund का इस्तेमाल किन कामों में हो सकता है?

PM CARES Fund का उद्देश्य केवल किसी एक बीमारी या एक विशेष आपदा के लिए पैसा जमा करना नहीं है। आधिकारिक तौर पर इसका दायरा सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति, प्राकृतिक आपदा, मानव निर्मित आपदा और अन्य गंभीर संकटों से प्रभावित लोगों को राहत देने तक है।

 

इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल या फार्मास्यूटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाने या बेहतर करने, जरूरी शोध और अन्य सहायता गतिविधियों के लिए भी फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

आखिर PM CARES Fund की मौजूदा तस्वीर क्या है?

ताजा आंकड़ों से तस्वीर यह बनती है कि दान की रफ्तार में कमी आई है, लेकिन फंड की कुल वित्तीय स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। 2024-25 में कुल प्राप्तियां करीब ₹8,452.95 करोड़ रहीं। दूसरी ओर घरेलू और विदेशी नए योगदान में गिरावट दर्ज हुई।

 

PM CARES Fund की स्थापना कोरोना संकट के दौरान हुई थी, लेकिन अब इसका दायरा व्यापक आपात स्थितियों तक है। इसके वित्तीय प्रबंधन, ऑडिट और पारदर्शिता को लेकर बहस आगे भी जारी रह सकती है। आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार फंड स्वतंत्र ऑडिट व्यवस्था के तहत खातों का ऑडिट कराता है और बजट से सरकारी सहायता नहीं लेता।

FAQs

वित्त वर्ष 2024-25 में घरेलू दान करीब ₹479 करोड़ और विदेशी योगदान करीब ₹92.8 लाख रहा। इसके बावजूद फंड का कुल बैलेंस बढ़कर करीब ₹8,452 करोड़ हो गया।

31 मार्च 2025 के आसपास उपलब्ध वित्तीय विवरण के अनुसार PM CARES Fund का क्लोजिंग बैलेंस करीब ₹8,452 करोड़ था।

वित्त वर्ष 2024-25 में घरेलू योगदान करीब ₹479 करोड़ और विदेशी योगदान करीब ₹92.8 लाख रहा।

फंड की बड़ी रकम बैंक Fixed Deposits में रखी गई है। 2024-25 के उपलब्ध वित्तीय विवरण के अनुसार कॉर्पस का बड़ा हिस्सा सावधि जमा में था।

PM CARES Fund का ऑडिट CAG नहीं, बल्कि स्वतंत्र Chartered Accountant Auditor करता है। आधिकारिक FAQ में भी इसे स्पष्ट किया गया है।

इसका उद्देश्य कोविड जैसी महामारी के अलावा किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति, प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा और गंभीर संकट में राहत देना तथा स्वास्थ्य और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को सहायता देना है।

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