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मराठी नहीं आई तो ऑटो-टैक्सी चलाना होगा मुश्किल? महाराष्ट्र में आया नया सख्त नियम

महाराष्ट्र में अब ऑटो-टैक्सी चलाने वालों के लिए सिर्फ ड्राइविंग और परमिट ही काफी नहीं होगा। Mumbai Auto Taxi Drivers Marathi Rule के तहत कमर्शियल पैसेंजर व्हीकल के ड्राइवरों और परमिट धारकों के लिए मराठी भाषा का व्यावहारि

मराठी नहीं आई तो ऑटो-टैक्सी चलाना होगा मुश्किल? महाराष्ट्र में आया नया सख्त नियम

महाराष्ट्र में अब ऑटोटैक्सी चलाने वालों के लिए सिर्फ ड्राइविंग और परमिट ही काफी नहीं होगा। Mumbai Auto Taxi Drivers Marathi Rule के तहत कमर्शियल पैसेंजर व्हीकल के ड्राइवरों और परमिट धारकों के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान जरूरी किया गया है। नए नियम के तहत RTO फ्लाइंग स्क्वॉड ड्राइवरों की भाषा संबंधी क्षमता की जांच कर सकेंगे।नियम का पालन नहीं करने वाले ड्राइवरों को शुरुआत में सीधे लाइसेंस से हाथ नहीं धोना पड़ेगा। उन्हें पहले नोटिस दिया जाएगा और मराठी सीखने के लिए समय दिया जाएगा।

Mumbai Auto Taxi Drivers Marathi Rule क्या है?

सरकार द्वारा किए गए बदलाव के अनुसार महाराष्ट्र में ऑटोरिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले ऐपबेस्ड मोटर कैब के ड्राइवरों के लिए working knowledge of Marathi जरूरी होगी।यह नियम केवल ड्राइवरों तक सीमित नहीं है। संबंधित वाहन के permit holder के लिए भी मराठी का व्यावहारिक ज्ञान जरूरी किया गया है।इसके लिए महाराष्ट्र मोटर वाहन नियमों के Rule 78 और Rule 85 में बदलाव किए जाने की बात कही गई है।यानी मुंबई में ऑटो या टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए अब मराठी की basic practical understanding भी उनके काम से जुड़ी शर्त बन जाएगी।

मराठी नहीं आने पर तुरंत Licence रद्द होगा?

नहीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक नियम का पालन नहीं करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई तीन चरणों में की जाएगी।सबसे पहले RTO की flying squads random checks के जरिए ड्राइवर की functional Marathi की जानकारी जांचेंगी।अगर ड्राइवर की मराठी पर्याप्त नहीं पाई जाती है, तो उसे show-cause notice दिया जाएगा। इसके बाद उसे भाषा सीखने के लिए एक महीने का समय मिलेगा और यह बताना होगा कि उसके खिलाफ आगे कार्रवाई क्यों की जाए।इसका मतलब यह है कि मराठी बोल पाने पर पहली ही जांच में लाइसेंस रद्द करने की व्यवस्था नहीं बताई गई है।

RTO कैसे करेगा Marathi Language Test?

नए नियम के तहत RTO अधिकारी सड़क पर random checking के दौरान ड्राइवरों की मराठी की practical knowledge देख सकते हैं।यहां फोकस किसी साहित्यिक या कठिन परीक्षा के बजाय functional Marathi पर बताया गया है, यानी ड्राइवर रोजमर्रा के कामकाज और यात्रियों के साथ जरूरी बातचीत मराठी में कर सके।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में भाषा जांच के लिए किसी विस्तृत परीक्षापैटर्न या निश्चित प्रश्नपत्र की जानकारी नहीं दी गई है।

 

क्या Ola और Uber Drivers पर भी लागू होगा नियम?

हां, उपलब्ध विवरण के अनुसार नियम का दायरा app-based motor cabs equipped with electronic meters तक भी है।

इसलिए यह केवल पारंपरिक ऑटोरिक्शा और टैक्सी तक सीमित नहीं माना जा रहा है। ऐप के जरिए यात्रियों को सेवा देने वाले संबंधित कमर्शियल कैब ड्राइवर भी इसके दायरे में सकते हैं।हालांकि, किस तरह की ऐपबेस्ड गाड़ियों पर नियम लागू होगा और प्रमाणन की पूरी प्रक्रिया क्या होगी, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित नियमों के अंतिम क्रियान्वयन से स्पष्ट होगी।

 

महाराष्ट्र सरकार ने क्यों लागू किया Marathi Rule?

इस नियम के पीछे मुख्य विचार कमर्शियल पैसेंजर वाहन ड्राइवरों के लिए स्थानीय भाषा की practical understanding सुनिश्चित करना है।मुंबई जैसे शहर में ड्राइवरों का रोजाना अलगअलग क्षेत्रों और भाषाई पृष्ठभूमि के यात्रियों से सामना होता है। ऐसे में सरकार का जोर ड्राइवरों की functional Marathi proficiency पर है।हालांकि, दिए गए स्रोत में सरकार की ओर से इस नियम के विस्तृत उद्देश्य या इसके सामाजिक प्रभाव को लेकर अलग से विस्तृत स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है।

 

No Marathi, No Licence? असल में क्या है पूरा मामला?

No Marathi, No Licenceजैसी लाइन सोशल मीडिया और चर्चाओं में इस नियम को संक्षेप में बताने के लिए इस्तेमाल हो सकती है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रक्रिया इससे थोड़ी अलग है।मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर पहले RTO जांच करेगा, फिर show-cause notice दिया जाएगा और ड्राइवर को भाषा सीखने के लिए एक महीने का अवसर मिलेगा।यानी नियम का मकसद तत्काल बड़ी संख्या में लाइसेंस रद्द करना नहीं, बल्कि ड्राइवरों में आवश्यक मराठी भाषा की practical knowledge सुनिश्चित करना है।

 

निष्कर्ष

Mumbai Auto Taxi Drivers Marathi Rule महाराष्ट्र के कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक बड़ा बदलाव है। इसके तहत ऑटो, टैक्सी और संबंधित ऐपबेस्ड कैब के ड्राइवरों के साथ permit holders के लिए भी मराठी की practical knowledge जरूरी की गई है।नियम के तहत RTO पहले जांच करेगा और मराठी की पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने पर ड्राइवर को एक महीने का समय दिया जाएगा। इसलिए फिलहाल इसे सीधे मराठी नहीं तो तुरंत लाइसेंस रद्द वाला नियम कहना सही नहीं होगा।आने वाले समय में इस नियम की असली तस्वीर RTO की जांच प्रक्रिया, भाषा प्रशिक्षण और अंतिम कार्रवाई के तौरतरीकों से और साफ होगी।

 

FAQs

  1. मुंबई के ऑटोटैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी का नया नियम क्या है?
    ऑटोरिक्शा, टैक्सी और संबंधित ऐपबेस्ड कमर्शियल कैब ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की practical knowledge जरूरी की गई है। Permit holders भी इसके दायरे में हैं।
  2. क्या मुंबई में ऑटोटैक्सी चलाने के लिए मराठी बोलना अनिवार्य है?
    नए नियम के अनुसार ड्राइवर के पास मराठी का working/practical knowledge होना जरूरी है।
  3. मराठी नहीं आने पर क्या ड्राइवर का लाइसेंस तुरंत रद्द होगा?
    नहीं। पहले RTO जांच करेगा और कमी मिलने पर show-cause notice देकर मराठी सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा।
  4. क्या Ola और Uber ड्राइवर भी इस नियम के दायरे में आएंगे?
    उपलब्ध जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली app-based motor cabs के ड्राइवर भी नियम के दायरे में हैं।
  5. क्या ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की ट्रेनिंग उपलब्ध होगी?
    दिए गए स्रोत में प्रशिक्षण की विस्तृत व्यवस्था या प्रमाणपत्र प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई है।
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