Home / International / Jaishankar का Kyiv में बड़ा बयान! Russian Oil पर दबाव के बीच बोले- तेल खरीदने से नहीं, Diplomacy से खत्म होगा Ukraine War
International

Jaishankar का Kyiv में बड़ा बयान! Russian Oil पर दबाव के बीच बोले- तेल खरीदने से नहीं, Diplomacy से खत्म होगा Ukraine War

Kyiv दौरे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि Russia-Ukraine War तेल खरीदने या रोकने से खत्म नहीं होगा। उन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और ऊर्जा जरूरतों पर जोर देते हुए कहा कि स्थायी शांति का रास्ता केवल बातचीत, कूटनीति और समझौते से निकलेगा।

Jaishankar का Kyiv में बड़ा बयान! Russian Oil पर दबाव के बीच बोले- तेल खरीदने से नहीं, Diplomacy से खत्म होगा Ukraine War

Jaishankar Ukraine War Diplomacy पर Kyiv में क्या बोले?

Jaishankar Ukraine War Diplomacy का सीधा संदेश यही रहा कि युद्ध का समाधान आर्थिक दबाव या व्यापारिक फैसलों से नहीं, बल्कि बातचीत से निकलेगा। जयशंकर ने कहा कि Ukraine का अपना नजरिया है, जिसका भारत सम्मान करता है, लेकिन भारत के अपने हित और दृष्टिकोण हैं, जिनका दूसरे देशों को भी सम्मान करना चाहिए।उन्होंने साफ कहा कि यह संघर्ष इसलिए खत्म नहीं होगा कि कोई देश तेल, एल्युमिना, खनिज, धातु या उर्वरक खरीद रहा है या नहीं खरीद रहा।भारत लंबे समय से इस बात पर जोर देता रहा है कि Russia-Ukraine war का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। जयशंकर ने दोहराया कि भारत शांति प्रयासों में अपनी ओर से हर संभव मदद करने को तैयार है।

Russian Oil को लेकर अमेरिका के दबाव पर भारत का क्या जवाब?

जयशंकर से पूछा गया कि अगर अमेरिका Russian oil खरीदने वाले देशों पर sanctions लगाता है, तो क्या भारत रूस से तेल खरीदना कम करेगा?इसके जवाब में उन्होंने भारत की विशाल ऊर्जा जरूरतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऊर्जा की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है और ऐसे समय में 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा की जरूरत पूरी करना भी भारत के सामने एक बड़ी चुनौती है।यानी Russian oil India के लिए केवल विदेश नीति का विषय नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। जयशंकर ने संकेत दिया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले लेगा।

Jaishankar Kyiv Visit में Zelenskyy से क्या बात हुई?

जयशंकर ने Kyiv में यूक्रेन के विदेश मंत्री Andrii Sybiha के साथ बातचीत की और बाद में राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy से मुलाकात की।बैठकों में Russia-Ukraine war, क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। Ukraine ने युद्ध खत्म करने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता का स्वागत किया।Zelenskyy ने कहा कि Ukraine भारत की उस स्थिति की सराहना करता है, जिसमें युद्ध खत्म करने और शांति की जरूरत पर जोर दिया गया है।दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश बढ़ाने के रास्तों पर भी चर्चा की। इनमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल रहे।

Ukraine ने Black Sea और Shipping का मुद्दा क्यों उठाया?

बातचीत के दौरान यूक्रेन ने Black Sea में commercial shipping और port infrastructure पर हो रहे हमलों को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।Ukraine का कहना है कि उसके खाद्य निर्यात में किसी तरह की बाधा यूरोप से बाहर भी food security पर असर डाल सकती है। जयशंकर ने भी commercial shipping पर हमलों के व्यापक प्रभाव का जिक्र किया।उन्होंने कहा कि इससे भारतीय समुद्री कर्मचारियों पर भी असर पड़ा है और fuel, fertiliser तथा food की कीमतों और उपलब्धता से जुड़े दबाव Global South के देशों तक पहुंचते हैं।

Kyiv दौरे के दौरान Drone Attack का भी जिक्र

जयशंकर के Kyiv दौरे के दौरान Zelenskyy ने रूस की ओर से jet-powered Shahed drones के इस्तेमाल का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि ये ड्रोन ईरानी सहायता से विकसित किए गए हैं।Zelenskyy के मुताबिक, भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा क्योंकि यूक्रेनी fighter aircraft ने अधिकांश ड्रोन को intercept कर लिया था।यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब भारत यूक्रेन के साथ संवाद बनाए रखने के साथ-साथ रूस के साथ अपने पारंपरिक और व्यापक संबंधों को भी जारी रख रहा है।

India Ukraine Relations में भारत की भूमिका कितनी अहम?

India Ukraine relations के लिहाज से जयशंकर का Kyiv दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत एक तरफ Ukraine के साथ बातचीत और शांति प्रयासों को समर्थन दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ Moscow के साथ अपने रणनीतिक संबंध बनाए हुए है।भारत ने Ukraine को मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई है। जयशंकर के मुताबिक, अब तक 19 consignments में generators, medicines और medical equipment समेत मानवीय सहायता भेजी गई है।भारत का संदेश स्पष्ट है-वह किसी एक पक्ष के साथ खड़े होने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान और अपने strategic autonomy के सिद्धांत पर जोर दे रहा है।

निष्कर्ष

Jaishankar Ukraine War Diplomacy के जरिए Kyiv में भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया है। जयशंकर के मुताबिक Russia-Ukraine war का समाधान Russian oil की खरीद रोकने या बढ़ाने से नहीं होगा, बल्कि dialogue, diplomacy और negotiation से निकलेगा। साथ ही भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और रणनीतिक स्वायत्तता को ध्यान में रखकर विदेश नीति के फैसले लेने पर कायम है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Jaishankar Ukraine War Diplomacy को लेकर Kyiv में क्या बोले?

जयशंकर ने कहा कि Russia-Ukraine conflict का समाधान किसी देश के तेल, खनिज, धातु या उर्वरक खरीदने या न खरीदने से नहीं होगा। उनके मुताबिक शांति का रास्ता dialogue, diplomacy और negotiation से होकर जाता है।

Jaishankar ने Russian oil purchases का बचाव क्यों किया?

उन्होंने भारत की ऊर्जा जरूरतों का हवाला देते हुए कहा कि 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा आवश्यकताओं को ऐसे समय पूरा करना चुनौतीपूर्ण है, जब वैश्विक ऊर्जा स्थिति कठिन बनी हुई है।

Russia Ukraine war को लेकर India का diplomatic position क्या है?

भारत युद्ध के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर देता है और मानता है कि स्थायी समाधान युद्ध के मैदान के बजाय संवाद के जरिए निकलना चाहिए।

Jaishankar Kyiv visit में किन मुद्दों पर बातचीत हुई?

दोनों पक्षों ने युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा के अलावा व्यापार, निवेश, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल तकनीक और शिक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

India Ukraine relations को मजबूत करने में इस दौरे की क्या भूमिका है?

यह दौरा भारत को Kyiv के साथ संवाद बनाए रखने, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और शांति प्रयासों में अपनी भूमिका स्पष्ट करने का अवसर देता है, जबकि भारत रूस के साथ अपने संबंध भी जारी रखता है।

Was this article useful?