आतंकी साजिश केस में Matthew Aaron Van Dyke Bail Plea पर फैसला, US नागरिक को मिली Default Bail
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NIA की जांच वाले कथित आतंकी साजिश मामले में अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron Van Dyke को डिफॉल्ट जमानत दे दी है। कोर्ट ने Rs1 लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहाई का आदेश दिया तथा दिल्ली से बाहर जाने पर रोक लगाई।
दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को Matthew Aaron Van Dyke Bail Plea पर फैसला सुनाते हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक को Default Bail दे दी। वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच वाले एक कथित आतंकी साजिश मामले में मार्च 2026 से हिरासत में था। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने उन्हें Rs 1 लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक surety पर जमानत दी। अदालत ने उन्हें दिल्ली की सीमा से बाहर जाने से भी रोक दिया है। अदालत का यह आदेश ऐसे समय आया है जब NIA ने इस महीने Van Dyke और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ chargesheet दाखिल की थी। हालांकि, उस chargesheet में UAPA के तहत आरोप शामिल नहीं किए गए।
Matthew Aaron Van Dyke Bail Plea पर कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
Matthew Aaron Van Dyke Bail Plea पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें default bail दी। आदेश के अनुसार उन्हें Rs1 लाख का personal bond और Rs 1 लाख की surety देनी होगी। रिहाई के बाद उन्हें दिल्ली में ही रहना होगा और जब भी NIA जांच के लिए बुलाएगी, उन्हें उपस्थित होना होगा। Default bail को आम तौर पर statutory bail भी कहा जाता है। यह तब मिल सकती है जब जांच एजेंसी कानून में तय समय सीमा के भीतर जांच पूरी करके chargesheet दाखिल नहीं करती और आरोपी उस आधार पर वैधानिक जमानत का दावा करता है। Van Dyke ने भी अपनी plea में जांच पूरी नहीं होने को आधार बनाया था। इस जमानत का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने मामले में लगे आरोपों को सही या गलत तय कर दिया है। यह फैसला जमानत के कानूनी आधार से जुड़ा है और मामले की जांच तथा आगे की न्यायिक कार्यवाही अलग से जारी रह सकती है।
Van Dyke को किन आरोपों और धाराओं के तहत chargesheet किया गया?
NIA ने सितंबर की शुरुआत में Van Dyke और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ chargesheet दायर की थी। इसमें Immigration and Foreigners Act की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाए गए। रिपोर्टों के अनुसार धारा 21 भारत में वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के बिना प्रवेश से संबंधित है। महत्वपूर्ण बात यह है कि chargesheet में Unlawful Activities (Prevention) Act यानी UAPA की धाराएं शामिल नहीं की गईं। NIA ने अपने दस्तावेज में कहा कि UAPA से जुड़े कथित अपराधों के संबंध में “true and complete facts” की जांच और पुष्टि के लिए और समय की आवश्यकता है।
इसलिए Van Dyke के खिलाफ मौजूदा chargesheet को सीधे UAPA conviction या UAPA chargesheet के रूप में पेश करना सही नहीं होगा। फिलहाल agency ने Immigration and Foreigners Act के तहत आरोप लगाए हैं, जबकि UAPA angle की जांच जारी रहने की बात कही गई है।
NIA Van Dyke Case में आतंकी साजिश का क्या आरोप है?
NIA ने अदालत के सामने पहले कहा था कि सात विदेशी नागरिकों से जुड़े मामले की जांच एक व्यापक कथित terror conspiracy के संदर्भ में की जा रही है। एजेंसी के अनुसार इसमें भारत और म्यांमार में सक्रिय ethnic armed groups को सहायता देने और उन्हें drone training देने जैसे आरोपों की जांच शामिल है। India Today की रिपोर्ट के अनुसार Van Dyke को मार्च 2026 में Kolkata airport पर गिरफ्तार किया गया था, जबकि छह यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ के airports से गिरफ्तार किया गया था। NIA के मुताबिक जांच में Myanmar से जुड़े armed groups और training activities की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही थी। यहां यह distinction महत्वपूर्ण है कि NIA के आरोप और जांच की दिशा अभी आरोपों के स्तर पर हैं। अदालत ने Van Dyke को दोषी ठहराने वाला कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।

Van Dyke को कितने समय से हिरासत में रखा गया था?
रिपोर्टों के अनुसार Van Dyke को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था और शुक्रवार के आदेश तक वह हिरासत में था। India Today ने बताया कि उन्हें 13 मार्च को Kolkata airport से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में NIA ने सितंबर में chargesheet दाखिल की, लेकिन UAPA provisions को उसमें शामिल नहीं किया। यही वजह थी कि Van Dyke की ओर से default bail का कानूनी आधार उठाया गया। गुरुवार को अदालत ने पहले NIA से bail plea पर जवाब मांगा था और एजेंसी को 18 सितंबर तक अपना response दाखिल करने के लिए कहा था। उसके अगले दिन अदालत ने default bail मंजूर कर दी।
Van Dyke Delhi Court Bail के बाद क्या शर्तें रहेंगी?
Van Dyke Delhi Court Bail के तहत उन्हें कई शर्तों का पालन करना होगा। सबसे प्रमुख शर्त यह है कि वे दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते। इसके अलावा जांच के दौरान NIA जब भी उन्हें बुलाएगी, उन्हें उपस्थित होना होगा। इसका अर्थ यह भी है कि default bail के बावजूद जांच खत्म नहीं हुई है। Bail किसी आरोपी को मामले से मुक्त नहीं करती; यह केवल हिरासत से बाहर रहने की कानूनी अनुमति होती है, जो अदालत द्वारा तय शर्तों के अधीन रहती है। Moneycontrol के अनुसार अदालत ने यह भी माना कि इसी मामले में गिरफ्तार छह यूक्रेनी नागरिक भी समान आधार पर default bail के हकदार हो सकते हैं।
Matthew Van Dyke Case में UAPA का क्या हुआ?
Van Dyke के मामले में सबसे ज्यादा ध्यान UAPA को लेकर है। FIR के स्तर पर मामला anti-terror law के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में दाखिल chargesheet में UAPA provisions नहीं जोड़े गए। NIA ने कहा कि UAPA से जुड़े संभावित अपराधों की जांच अभी जारी है और आवश्यकता होने पर आगे supplementary chargesheet दाखिल की जा सकती है। यही अंतर समझना जरूरी है- FIR में किसी कानून का उल्लेख और final chargesheet में उस कानून के तहत आरोप तय होना एक ही बात नहीं है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार Van Dyke और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ chargesheet Immigration and Foreigners Act की धाराओं 21 और 23 के तहत दाखिल हुई है।

US National Matthew Van Dyke पर आगे क्या होगा?
Default bail मिलने के बाद भी US National Van Dyke से जुड़ी जांच आगे बढ़ सकती है। NIA ने पहले ही कहा है कि UAPA angle समेत मामले के कुछ पहलुओं पर जांच जारी है। यदि जांच में अतिरिक्त अपराध स्थापित करने वाला पर्याप्त material मिलता है, तो agency आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है। आगे अदालत chargesheet पर भी विचार करेगी। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार अदालत 1 अक्टूबर को chargesheet पर विचार करने वाली है। इसलिए अभी की स्थिति को इस तरह समझा जा सकता है: Van Dyke को default bail मिल गई है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है और जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
Default Bail और Regular Bail में क्या अंतर है?
Default bail और regular bail के बीच कानूनी आधार अलग होता है। Regular bail में अदालत आरोपी की परिस्थितियों, आरोपों, जांच की स्थिति और अन्य relevant factors पर विचार करती है। वहीं Default Bail का मुख्य आधार जांच एजेंसी द्वारा निर्धारित statutory period में chargesheet दाखिल न कर पाना होता है, बशर्ते संबंधित कानूनी शर्तें पूरी हों। Van Dyke के मामले में bail application का आधार जांच पूरी होने में देरी था। अदालत ने अंततः उन्हें default bail दी, न कि मामले में आरोपों से बरी किया।
निष्कर्ष
Matthew Aaron Van Dyke Bail Plea पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक को default bail दे दी है। Rs1 लाख के personal bond और इतनी ही surety के साथ उन्हें राहत मिली है, लेकिन उन्हें दिल्ली से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी और NIA की जांच के दौरान बुलाए जाने पर उपस्थित होना होगा। मामले में NIA ने Van Dyke और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ Immigration and Foreigners Act की धाराओं 21 और 23 के तहत chargesheet दाखिल की है। फिलहाल chargesheet में UAPA की धाराएं शामिल नहीं हैं, हालांकि NIA ने UAPA angle की जांच के लिए और समय की जरूरत बताई है। इसलिए default bail को आरोपों से क्लीन चिट या केस के अंत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Matthew Aaron Van Dyke की bail plea पर Delhi Court ने क्या फैसला दिया?
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 18 सितंबर 2026 को Matthew Aaron Van Dyke को default bail दी। उन्हें Rs1 लाख के personal bond और इतनी ही राशि की surety देने का निर्देश दिया गया।
Matthew Van Dyke को default bail क्यों मिली?
उन्होंने जांच पूरी नहीं होने और statutory requirements के आधार पर default bail मांगी थी। अदालत ने उनकी plea स्वीकार करते हुए default bail मंजूर की।
US National Matthew Van Dyke को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें NIA की जांच वाले एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें agency ने भारत और म्यांमार में ethnic armed groups से कथित संबंध तथा training activities की जांच की थी।
Van Dyke case में NIA की chargesheet में कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं?
NIA की chargesheet में Immigration and Foreigners Act की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
क्या Van Dyke के खिलाफ chargesheet में UAPA लगाया गया है?
नहीं। सितंबर में दाखिल chargesheet में UAPA provisions शामिल नहीं किए गए। NIA ने कहा है कि UAPA से जुड़े संभावित अपराधों की जांच अभी जारी है।
Matthew Van Dyke की default bail के बाद जांच जारी रहेगी?
हां। Default bail हिरासत से राहत है, मामले का अंतिम निपटारा नहीं। NIA की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रह सकती है।