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G7 पर Putin का ‘So-Called’ तंज, आखिर 40% GDP के आंकड़े से क्या बताना चाहते हैं?

BRICS Business Forum में Putin ने G7 पर ‘So-Called’ तंज कसते हुए BRICS की 40% से ज्यादा वैश्विक GDP हिस्सेदारी का दावा किया। Modi ने भी BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत और Global South में भूमिका पर जोर दिया।

G7 पर Putin का ‘So-Called’ तंज, आखिर 40% GDP के आंकड़े से क्या बताना चाहते हैं?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS Business Forum में Putin BRICS 40% World GDP का जिक्र करते हुए G7 पर तीखा तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में BRICS देशों ने दुनिया की 40% से ज्यादा GDP का उत्पादन किया, जबकि G7 का योगदान 29% रहा। पुतिन ने इसे वैश्विक आर्थिक शक्ति के बदलते संतुलन का संकेत बताया।

Putin ने BRICS और G7 को लेकर क्या कहा?

Putin BRICS 40% World GDP के संदर्भ में रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में BRICS देशों का वैश्विक GDP में योगदान 40% से ज्यादा रहा, जबकि G7 का हिस्सा 29% रहा। उन्होंने G7 को ‘So-Called G7’ कहते हुए कहा कि दुनिया की आर्थिक व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं और नए Growth Engines उभर रहे हैं।

Putin BRICS 40% World GDP का जिक्र कर G7 पर क्यों बरसे?

नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum में पुतिन ने BRICS और G7 की आर्थिक ताकत की तुलना की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की GDP का 40% से अधिक हिस्सा BRICS देशों से आया, जबकि G7 देशों का योगदान 29% रहा।पुतिन ने G7 को ‘So-Called G7’ कहते हुए सवालिया अंदाज में कहा कि उन्हें आखिर ‘Group of Seven’ क्यों कहा जाता है। उनके मुताबिक दुनिया तेजी से बदल रही है और आर्थिक विकास के पुराने केंद्रों की जगह नए केंद्र ले रहे हैं।Putin G7 Remarks का सबसे बड़ा संदेश यही था कि रूस अब वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में BRICS की बढ़ती भूमिका को पश्चिमी देशों के मुकाबले अधिक महत्वपूर्ण मानता है।

BRICS Economic Power कितनी बढ़ गई है?

पुतिन के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में BRICS देशों की आर्थिक ताकत में तेज वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे बड़े संरचनात्मक बदलाव से जोड़ते हुए कहा कि नए देशों और अर्थव्यवस्थाओं के विकास का दौर चल रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी BRICS Business Forum में इसी आर्थिक ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि BRICS देश दुनिया की करीब 50% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, वैश्विक GDP में करीब 40% हिस्सेदारी रखते हैं और वैश्विक व्यापार में 25% से ज्यादा योगदान देते हैं।मोदी ने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में जहां वैश्विक GDP लगभग ढाई गुना बढ़ी, वहीं BRICS देशों की संयुक्त GDP करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है।

‘Competition Taking Ugly Forms’ कहकर Putin ने पश्चिम पर क्या आरोप लगाया?

Putin BRICS Speech में सिर्फ GDP का मुद्दा ही नहीं था। रूसी राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों पर आर्थिक प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने वाले कदम उठाने का आरोप भी लगाया।उन्होंने कहा कि पश्चिमी प्रतिस्पर्धी अपनी पुरानी आर्थिक बढ़त हासिल करने के लिए कई तरह के कदम उठा रहे हैं और कभी-कभी यह प्रतिस्पर्धा ‘ugly forms’ ले लेती है।पुतिन ने पाइपलाइन नष्ट होने, अंतरराष्ट्रीय परिवहन गलियारों को रोकने, समुद्री जहाजों को जब्त करने और प्रतिबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को इसका उदाहरण बताया।पुतिन ने दावा किया कि रूस पर 30,000 से ज्यादा प्रतिबंध लगाए गए हैं और इसके बावजूद देश ने अपनी आर्थिक और राष्ट्रीय संप्रभुता को मजबूत किया है।

BRICS vs G7 की बहस में क्या बदल रहा है?

BRICS vs G7 की बहस अब केवल दो आर्थिक समूहों की तुलना तक सीमित नहीं रह गई है। इसके पीछे वैश्विक शक्ति संतुलन को लेकर बड़ी तस्वीर भी दिखाई देती है।G7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। दूसरी ओर BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं।BRICS के विस्तार के बाद समूह की जनसंख्या, संसाधनों और आर्थिक क्षमता का दायरा और बड़ा हुआ है। यही वजह है कि रूस और भारत जैसे देश इसे Global South के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर पेश कर रहे हैं।

BRICS Global Economy में भारत की भूमिका कितनी अहम?

भारत BRICS के मौजूदा विस्तार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित Business Forum में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान समूह के देशों के बीच अधिक संतुलित व्यापार और सेवाओं में व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।भारत की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि BRICS Economic Influence का फायदा किसानों, महिलाओं, MSMEs और युवा उद्यमियों तक पहुंचे।यही कारण है कि BRICS 40 Percent World GDP जैसे आंकड़े केवल वैश्विक शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं हैं। भारत इन्हें व्यापार, निवेश, तकनीक और Global South के आर्थिक अवसरों से भी जोड़ रहा है।

Modi-Putin Meeting में भी छाया युद्ध और शांति का मुद्दा

BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बैठक भी हुई। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।बैठक में पश्चिम एशिया और Black Sea क्षेत्र के संघर्षों से समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी चर्चा हुई। मोदी ने एक बार फिर संघर्षों के समाधान के लिए Dialogue और Diplomacy को आगे बढ़ाने की बात कही।पुतिन ने मोदी को रूस में होने वाले अगले India-Russia Annual Summit के लिए आमंत्रित किया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया।

निष्कर्ष

Putin BRICS 40% World GDP का जिक्र BRICS और G7 के बीच बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को सामने लाता है। पुतिन ने जहां G7 पर ‘So-Called’ टिप्पणी के जरिए निशाना साधा, वहीं मोदी ने BRICS की जनसंख्या, GDP और व्यापारिक हिस्सेदारी को उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका से जोड़ा। इससे साफ है कि BRICS अब वैश्विक आर्थिक बहस का एक बड़ा केंद्र बन चुका है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Putin ने BRICS Summit में G7 को लेकर क्या टिप्पणी की?

पुतिन ने G7 को ‘So-Called G7’ कहा और BRICS की वैश्विक GDP में 40% से अधिक हिस्सेदारी की तुलना G7 के 29% योगदान से की।

BRICS का World GDP में कितना हिस्सा है?

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार BRICS देश वैश्विक GDP का करीब 40% हिस्सा रखते हैं।

Putin ने BRICS की Economic Power को क्यों उजागर किया?

पुतिन ने इसे वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में हो रहे बदलाव और नए आर्थिक केंद्रों के उभरने का संकेत बताया।

BRICS और G7 की Global GDP में क्या तुलना है?

पुतिन के बताए आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में BRICS का योगदान 40% से अधिक और G7 का 29% रहा।

Putin ने G7 को ‘So-Called G7’ क्यों कहा?

उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल G7 की मौजूदा वैश्विक आर्थिक भूमिका पर सवाल उठाने और BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत को रेखांकित करने के लिए किया।

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