NCLT Freezes Byju's Assets पर बड़ा सवाल, ₹150 करोड़ की Property सिर्फ ₹16 करोड़ में क्यों बिकी? जानें पूरा विवाद
Byju’s की insolvency proceedings में नया विवाद सामने आया है। NCLT Bengaluru ने Think and Learn की auction की गई assets पर status quo का आदेश दिया है। यह कदम ownership dispute और करीब Rs150 करोड़ की assets को Rs 16 करोड़ में बेचने के आरोपों के बाद आया।
Byju’s की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब मामला कंपनी की financial liabilities से आगे बढ़कर NCLT Freezes Byju's Assets तक पहुंच गया है। Bengaluru Bench ने Think and Learn Private Limited (TLPL), जो Byju’s की parent company है, की insolvency proceedings के दौरान auction में बेची गई assets पर रोक लगा दी है। यह विवाद तब सामने आया जब Byju’s K3 Education से जुड़े पक्षों ने दावा किया कि करीब Rs 150 करोड़ की assets को महज Rs 16 करोड़ में auction कर दिया गया। इसके साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि auction में शामिल सभी सामान वास्तव में TLPL के थे या नहीं। हालांकि, यह Rs150 करोड़ और Rs16 करोड़ का अंतर अभी केवल विवाद का हिस्सा है और tribunal ने valuation या ownership पर अंतिम फैसला नहीं दिया है।
Tribunal ने क्या आदेश दिया?
NCLT Bengaluru ने auction की गई assets पर status quo बनाए रखने का आदेश दिया है। Resolution Professional Shailendra Ajmera और सफल bidder Comprint Tech Solutions को assets को उनकी मौजूदा स्थिति में सुरक्षित रखने को कहा गया है। Comprint को खरीदी गई assets की पूरी inventory, उनके locations और physical photographs भी जमा करने होंगे। अगली hearing 21 सितंबर 2026 को होगी। Tribunal का यह interim order फिलहाल assets को बेचने, हटाने, बदलने या किसी अन्य तरीके से dispose करने पर रोक लगाता है। साथ ही successful bidder Comprint Tech Solutions को मामले में एक party के तौर पर शामिल किया गया है। NCLT ने यह भी कहा कि auction की गई कई वस्तुओं की ownership अभी स्पष्ट नहीं है। यानी असली सवाल सिर्फ यह नहीं है कि सामान कितने में बिका, बल्कि यह भी है कि उसमें से कितना सामान वास्तव में TLPL का था।

Byju's Disputed Auction में Rs150 करोड़ की assets Rs16 करोड़ में कैसे पहुंचीं?
विवाद का सबसे बड़ा बिंदु asset valuation और auction process है। Byju’s के दूसरे entity K3 Education से जुड़े पक्षों ने आरोप लगाया कि लगभग Rs150 करोड़ मूल्य की assets केवल Rs16 करोड़ में बेच दी गईं। इस बड़े अंतर ने auction की fairness और competitive bidding पर सवाल खड़े किए हैं। दूसरा सवाल auction की speed को लेकर है। suspended directors की ओर से पेश वकीलों ने कथित तौर पर यह मुद्दा उठाया कि auction प्रक्रिया सिर्फ चार दिनों में पूरी कर दी गई। उनके अनुसार इतनी तेजी से assets dispose करने के लिए स्पष्ट और reasoned justification की जरूरत थी। वहीं, challengers ने Insolvency and Bankruptcy Code की Section 18(1)(f) का हवाला देते हुए कहा कि Resolution Professional का नियंत्रण उन assets तक सीमित होना चाहिए जो corporate debtor की ownership में हों। इसलिए ownership की स्थिति इस पूरे विवाद का केंद्रीय मुद्दा बन गई है।
Think and Learn Private Limited की assets की ownership पर क्या विवाद है?
Think and Learn Private Limited, यानी TLPL, Byju’s की parent company है और insolvency process से गुजर रही है। इसी process के दौरान कुछ articles, equipment और अन्य assets auction की गईं। अब सवाल यह उठ रहा है कि auction में शामिल पूरी inventory TLPL की संपत्ति थी या किसी अन्य Byju’s entity की। Byju’s K3 Education ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसी assets भी auction में चली गईं जो उसके अपने resolution process के लिए महत्वपूर्ण थीं। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया कि दिसंबर 2024 के inventory records, जो ownership establish करने में मदद कर सकते थे, tribunal के सामने नहीं रखे गए। दूसरी ओर, TLPL के Resolution Professional ने auction का बचाव किया है। RP का कहना है कि auction की गई assets कानूनी रूप से TLPL की थीं और sale को Committee of Creditors यानी CoC की मंजूरी मिली थी। उनके पक्ष के अनुसार, auction को चुनौती देने वाले पक्ष disputed inventory पर अपना legal title साबित नहीं कर पाए हैं। इस तरह Byju's Asset Auction Case में दोनों पक्षों के दावे बिल्कुल अलग हैं। एक तरफ ownership और valuation पर सवाल हैं, वहीं दूसरी तरफ RP का कहना है कि assets corporate debtor के estate का हिस्सा थीं और insolvency process के तहत उनका निपटारा किया जा सकता था।
NCLT Asset Sale विवाद में auction की प्रक्रिया क्यों बनी बड़ा सवाल?
Auction process की transparency अब मामले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। अगर assets की ownership को लेकर पहले से clarity नहीं थी, तो यह सवाल उठता है कि auction से पहले inventory verification कितनी गहराई से की गई थी। इसके अलावा, कम समय में auction पूरा होने की बात ने competitive bidding को लेकर भी सवाल पैदा किए हैं। हालांकि, यह तय करना अभी बाकी है कि ₹16 करोड़ की final sale value वास्तव में assets की उचित market value थी या नहीं। महत्वपूर्ण बात यह है कि NCLT ने अभी auction को invalid घोषित नहीं किया है। Tribunal ने फिलहाल केवल assets को preserve करने और स्थिति को यथावत रखने का निर्देश दिया है, ताकि ownership, valuation और auction authority से जुड़े सवालों की आगे जांच की जा सके।
Byju's Insolvency Case में अब आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर 21 सितंबर 2026 की hearing पर है। उस दिन tribunal ownership claims, disputed inventory और auction से जुड़े दूसरे मुद्दों पर आगे सुनवाई कर सकता है। Comprint द्वारा जमा की जाने वाली inventory और photographs भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस मामले का असर केवल auctioned assets तक सीमित नहीं हो सकता। Byju’s की insolvency proceedings पहले से ही कई कानूनी विवादों और creditor claims से घिरी हुई हैं। ऐसे में अगर tribunal यह पाता है कि disputed assets में third-party property शामिल थी या auction process में गंभीर procedural issues थे, तो आगे की insolvency process पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल NCLT Freezes Assets का आदेश एक अंतरिम कदम है। इसका उद्देश्य disputed property को ऐसी स्थिति में रखना है कि आगे tribunal का फैसला आने से पहले कोई irreversible बदलाव न हो।
निष्कर्ष
NCLT Freezes Byju's Assets मामले ने Byju’s की insolvency story में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ जोड़ दिया है। करीब Rs150 करोड़ की assets के Rs16 करोड़ में auction होने के आरोप, ownership dispute और सिर्फ चार दिनों में auction पूरा किए जाने पर उठे सवालों ने मामले को और जटिल बना दिया है। हालांकि, NCLT ने अभी यह तय नहीं किया है कि auction गलत था या disputed assets वास्तव में किसकी थीं। फिलहाल tribunal ने assets को preserve करने का आदेश दिया है। 21 सितंबर की अगली hearing में ownership, valuation और auction authority से जुड़े सवालों पर आगे की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
NCLT ने Byju's Parent Company Assets को freeze क्यों किया?
NCLT Bengaluru ने disputed auctioned assets पर status quo का आदेश दिया क्योंकि कुछ assets की ownership को लेकर विवाद था और यह सवाल उठा कि auction में third-party property भी शामिल हो सकती है।
Byju's Disputed Auction में ₹150 करोड़ की assets को ₹16 करोड़ में बेचने पर विवाद क्यों हुआ?
कुछ stakeholders ने दावा किया कि करीब ₹150 करोड़ मूल्य की assets लगभग ₹16 करोड़ में auction की गईं। इसी बड़े valuation gap ने sale price और bidding process पर सवाल खड़े किए। यह अभी आरोप है, tribunal का अंतिम निष्कर्ष नहीं।
NCLT Byju's Asset Auction मामले में tribunal ने क्या आदेश दिया?
Tribunal ने Resolution Professional और successful bidder Comprint Tech Solutions को assets पर status quo बनाए रखने और उन्हें मौजूदा स्थिति में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। Comprint को inventory, locations और photographs भी जमा करने हैं।
Think and Learn Private Limited की assets की ownership को लेकर क्या विवाद है?
विवाद यह है कि auction में शामिल सभी assets क्या वास्तव में TLPL की ownership में थीं। Byju’s K3 Education समेत कुछ stakeholders का कहना है कि दूसरी entities से जुड़ी assets भी sale में शामिल हो सकती थीं, जबकि RP ने assets को TLPL की संपत्ति बताया है।
Byju's Insolvency Case में अगली hearing कब होगी?
NCLT Bengaluru ने मामले को 21 सितंबर 2026 के लिए सूचीबद्ध किया है।