Home / International / UN में ट्रंप ने क्यूबा को बताया ‘फेल स्टेट’, क्यूबा के डेलिगेशन के वॉकआउट से क्यों मचा घमासान?
International

UN में ट्रंप ने क्यूबा को बताया ‘फेल स्टेट’, क्यूबा के डेलिगेशन के वॉकआउट से क्यों मचा घमासान?

UNGA में डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को “पूरी तरह विफल राष्ट्र” बताते हुए वहां राजनीतिक बदलाव और आजादी आने की बात कही। उनके बयान के दौरान क्यूबा का डेलिगेशन हॉल से बाहर चला गया। राष्ट्रपति मिगेल दियाज-कनेल ने संप्रभुता की रक्षा की बात कही।

UN में ट्रंप ने क्यूबा को बताया ‘फेल स्टेट’, क्यूबा के डेलिगेशन के वॉकआउट से क्यों मचा घमासान?

संयुक्त राष्ट्र महासभा में 22 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के दौरान अमेरिका और क्यूबा के बीच पुराना तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया। ट्रंप ने क्यूबा को “absolutely failed state” यानी पूरी तरह विफल राष्ट्र बताते हुए कहा कि वहां की कम्युनिस्ट सरकार पहले से कहीं ज्यादा दबाव में है और उसका पतन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका क्यूबा में “fundamental change” चाहता है और वहां “freedom will be coming” यानी आजादी आएगी। ट्रंप के इन बयानों के दौरान क्यूबा का डेलिगेशन UN General Assembly हॉल से बाहर चला गया। बाद में क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल दियाज-कनेल ने ट्रंप के बयान का जवाब देते हुए कहा कि उनका देश अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा।

ट्रंप ने UNGA में क्यूबा को लेकर क्या कहा?

UN General Assembly को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन क्यूबा की स्थिति में “fundamental change” लाने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार पर इस समय अब तक का सबसे ज्यादा दबाव है।ट्रंप ने कहा कि क्यूबा “absolutely failed state” है और यह पहले से कहीं ज्यादा खराब स्थिति में है। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह सरकार गिर जाएगी। ट्रंप ने अपने बयान में अमेरिका और क्यूबा की राजनीतिक व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा, “Communism will never be coming to America, but freedom will be coming to Cuba.”
यही वह हिस्सा था, जिसके दौरान क्यूबा का डेलिगेशन महासभा हॉल से बाहर निकल गया। घटना ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक विवाद को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने ला दिया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 22 सितंबर, 2026 को न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भाषण देते हुए। (Credit : Brendan Smialowski-Pool/Getty Images)
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 22 सितंबर, 2026 को न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भाषण देते हुए। (Credit : Brendan Smialowski-Pool/Getty Images)

Cuba Delegation ने किया Walkout

ट्रंप के बयान के बीच क्यूबा के प्रतिनिधियों का हॉल से बाहर निकलना सीधे तौर पर उनके भाषण पर विरोध के तौर पर देखा गया। इसके बाद क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल दियाज-कनेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी।दियाज-कनेल ने कहा कि क्यूबा अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। उन्होंने ट्रंप पर क्यूबा को एक खतरे के रूप में पेश करने का आरोप लगाया, ताकि वॉशिंगटन की ओर से हवाना पर किए जा रहे कठोर व्यवहार को सही ठहराया जा सके। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिका की क्यूबा नीति में दबाव और प्रतिबंधों का इस्तेमाल फिर बढ़ा है।

छह दशक पुराना US-Cuba विवाद फिर चर्चा में

अमेरिका और क्यूबा के बीच मौजूदा तनाव को समझने के लिए दोनों देशों के लंबे इतिहास को देखना जरूरी है। 1959 में फिदेल कास्त्रो की क्रांति के बाद क्यूबा सोवियत संघ के करीब गया और अमेरिका-क्यूबा संबंध लगातार बिगड़ते गए। इसके बाद अमेरिका ने क्यूबा पर लंबे समय तक आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध बनाए रखे।अमेरिका का ट्रेड एम्बार्गो छह दशक से ज्यादा समय से जारी है। ट्रंप प्रशासन के दौरान हवाना पर दबाव और बढ़ा है। इस साल अमेरिका की ओर से लगाए गए तेल संबंधी प्रतिबंधों और दबाव का असर क्यूबा की ऊर्जा व्यवस्था पर भी पड़ा है। देश में ईंधन की कमी और बिजली कटौती की समस्या गंभीर हुई है।
हाल के दिनों में क्यूबा की बिजली व्यवस्था पर दबाव लगातार दिखाई दिया है। 18 सितंबर को देश का इलेक्ट्रिकल ग्रिड फिर पूरी तरह ठप हो गया था। रॉयटर्स के मुताबिक, यह जनवरी के बाद छठी बड़ी ग्रिड फेलियर थी। लंबे समय से चली आ रही इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्याओं और ईंधन की कमी को बिजली संकट के प्रमुख कारणों में गिना गया है।
ट्रंप ने अपने UN भाषण में इसी व्यापक संकट के संदर्भ में क्यूबा की मौजूदा स्थिति पर हमला बोला और कहा कि वहां की व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा दबाव में है।

ट्रंप पहले भी दे चुके हैं क्यूबा पर सख्त बयान

क्यूबा को लेकर ट्रंप का यह रुख नया नहीं है। इससे पहले जून में भी उन्होंने कहा था कि अमेरिका के पास क्यूबा को लेकर “बहुत अच्छी योजनाएं” हैं और वह क्यूबा का “take care” करेगा। अब UN General Assembly में उन्होंने खुले तौर पर क्यूबा की राजनीतिक व्यवस्था में “fundamental change” की बात कही है।रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप ने अपने UN भाषण में क्यूबा के साथ-साथ पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी प्रभाव और सुरक्षा को लेकर भी अपनी नीति पर जोर दिया। क्यूबा का मुद्दा इस व्यापक क्षेत्रीय नीति का हिस्सा बनकर सामने आया है।
क्यूबा को लेकर अमेरिकी नीति में फ्लोरिडा के क्यूबन-अमेरिकन समुदाय की राजनीति भी लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। इस समुदाय के कुछ हार्डलाइन समूह हवाना के खिलाफ सख्त अमेरिकी नीति और राजनीतिक बदलाव की मांग करते रहे हैं। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि अमेरिका में क्यूबा नीति को लेकर सभी क्यूबन-अमेरिकन लोगों की राय एक जैसी नहीं है।

Marco Rubio का क्यूबा कनेक्शन भी चर्चा में

UN General Assembly के आसपास पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को लेकर भी क्यूबा पर मजाक किया। ट्रंप ने रुबियो के क्यूबाई मूल का जिक्र करते हुए कहा कि उनके माता-पिता क्यूबा में पैदा हुए थे और रुबियो क्यूबा की स्थिति को “figure it all out” करना चाहते हैं।इसके बाद ट्रंप ने मजाक में कहा कि किसी दिन वह रुबियो को क्यूबा के बीच में “drop off” कर देंगे ताकि वह वहां की स्थिति ठीक करने का काम करें। उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसा ईरान से लौटते समय किसी बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर से किया जा सकता है। रुबियो इस दौरान हंसते नजर आए।
रुबियो के माता-पिता 1950 के दशक में क्यूबा से अमेरिका आए थे। इसलिए क्यूबा का मुद्दा अमेरिकी विदेश नीति के साथ-साथ रुबियो की व्यक्तिगत पारिवारिक पृष्ठभूमि से भी जुड़ा हुआ है।

UNGA का मंच फिर बना US-Cuba टकराव की जगह

क्यूबा और अमेरिका के बीच तनाव सिर्फ मौजूदा प्रतिबंधों तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच दशकों से राजनीतिक व्यवस्था, आर्थिक प्रतिबंध, मानवाधिकार और संप्रभुता जैसे मुद्दों पर टकराव रहा है।ट्रंप का ताजा बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने केवल क्यूबा की आर्थिक या ऊर्जा स्थिति पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि देश में “fundamental change” की बात भी की। “Freedom will be coming to Cuba” वाला बयान इसी राजनीतिक संदेश को और स्पष्ट करता है।
क्यूबा की ओर से इसका जवाब संप्रभुता और अमेरिकी दबाव के विरोध के रूप में आया है। ऐसे में UNGA में हुआ यह Walkout किसी एक भाषण तक सीमित घटना नहीं है, बल्कि अमेरिका और क्यूबा के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का ताजा सार्वजनिक टकराव है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

UN Assembly में Trump ने Cuba को Failed State क्यों कहा?

ट्रंप ने क्यूबा की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर हमला करते हुए उसे “absolutely failed state” कहा। उन्होंने दावा किया कि क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार पहले से कहीं ज्यादा दबाव में है और उसका पतन होगा।

Trump के बयान के बाद Cuba Delegation ने क्या किया?

ट्रंप के बयान के दौरान क्यूबा का डेलिगेशन UN General Assembly हॉल से बाहर निकल गया। इसे उनके बयान के विरोध के तौर पर देखा गया।

UNGA में Cuba Delegation के Walkout की वजह क्या थी?

Walkout ट्रंप के क्यूबा की राजनीतिक व्यवस्था पर किए गए तीखे हमले और वहां राजनीतिक बदलाव की बात के दौरान हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति मिगेल दियाज-कनेल ने क्यूबा की संप्रभुता की रक्षा करने की बात कही।

US और Cuba के बीच Relations में तनाव क्यों है?

दोनों देशों के बीच तनाव की जड़ें 1959 की क्यूबा क्रांति के बाद की राजनीति में हैं। अमेरिका ने क्यूबा पर छह दशक से ज्यादा समय से आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध बनाए हुए हैं। मौजूदा अमेरिकी प्रशासन ने हवाना पर दबाव और बढ़ाया है।

Trump ने UN General Assembly में Cuba को लेकर क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका क्यूबा में “fundamental change” चाहता है। उन्होंने क्यूबा को “absolutely failed state” बताया और कहा कि “freedom will be coming to Cuba.”

Was this article useful?
Full page popup ad