Rajnath Singh Tajikistan Meeting : राजनाथ सिंह की ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से मुलाकात, क्या मध्य एशिया में और मजबूत होगी भारत की सैन्य ताकत?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 19 अक्टूबर 2026 को दुशांबे में ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। यह बैठक SCO की 25वीं काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट बैठक के दौरान हुई। हालांकि, किसी नए रक्षा समझौते की घोषणा नहीं की गई।
Rajnath Singh Tajikistan Meeting : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में अपने ताजिक समकक्ष इमोमाली सोबिरजोदा से मुलाकात की। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों की सरकारों के प्रमुखों की बैठक के दौरान हुई इस बातचीत में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विचार किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि चर्चा में आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों के साथ सैन्य क्षमता बढ़ाने और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। वह ताजिकिस्तान में 19 और 20 अक्टूबर को होने वाली SCO की 25वीं काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह का दुशांबे एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत
ताजिकिस्तान पहुंचने पर राजनाथ सिंह का दुशांबे एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत किया गया। ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा और वहां के विदेश मंत्रालय के अधिकारी शेराली जोनोन ने उनका स्वागत किया।
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ उनकी बातचीत उपयोगी रही। दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विचार साझा किए। खास तौर पर सैन्य क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण को सहयोग के अहम क्षेत्र के रूप में देखा गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में बैठक के दौरान किसी नए रक्षा समझौते या सैन्य सौदे की घोषणा नहीं की गई है।


भारत-ताजिकिस्तान रक्षा सहयोग का महत्व
भारत और ताजिकिस्तान के बीच रक्षा संबंध मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक भागीदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ताजिकिस्तान की भौगोलिक स्थिति अफगानिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों के करीब है। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता और आतंकवाद से जुड़े मुद्दे भारत के लिए भी अहम हैं।दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर पहले भी बातचीत होती रही है। राजनाथ सिंह ने इससे पहले जून 2025 में चीन के किंगदाओ में आयोजित SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान भी ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री से मुलाकात की थी। उस समय क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ सैन्य प्रशिक्षण और अन्य साझा हितों पर सहयोग जारी रखने की बात सामने आई थी।
हालिया बैठक में भी दोनों पक्षों ने रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। हालांकि, इस मुलाकात के बाद जारी जानकारी में किसी खास आतंकवाद-रोधी अभियान, सीमा सुरक्षा समझौते या नए सैन्य उपकरणों की खरीद का उल्लेख नहीं है।
SCO बैठक में व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी पर जोर
राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान में SCO की 25वीं काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है। इसमें व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, कनेक्टिविटी, नवाचार और सांस्कृतिक एवं मानवीय आदान-प्रदान जैसे विषय शामिल हैं।बैठक में संगठन के तहत चल रही सहयोग पहलों की प्रगति की समीक्षा भी होनी है। इसके साथ ही SCO के वित्तीय और संस्थागत कामकाज से जुड़े फैसलों पर विचार किया जाएगा।
भारत SCO के विभिन्न मंचों पर सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है। संगठन के तहत भारत स्टार्टअप और नवाचार, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाता है। इस बैठक से भारत को दूसरे सदस्य देशों के साथ व्यावहारिक और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग पर विचार साझा करने का अवसर मिला है।
SCO की पिछली काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट बैठक 18 नवंबर 2025 को रूस की राजधानी मॉस्को में हुई थी। उस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया था।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Rajnath Singh ने Tajikistan के Defence Minister के साथ बैठक क्यों की?
राजनाथ सिंह ने SCO की बैठक के दौरान ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और ताजिकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने, सैन्य क्षमता बढ़ाने और प्रशिक्षण पर चर्चा की।
SCO Meeting के दौरान India और Tajikistan के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
दोनों रक्षा मंत्रियों ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों में रक्षा सहयोग, सैन्य क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर विचार साझा किए। उपलब्ध जानकारी में किसी नए रक्षा समझौते की घोषणा नहीं की गई है।
India और Tajikistan के Defence Cooperation का क्या महत्व है?
यह सहयोग सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तालमेल बढ़ाने में मदद करता है। मध्य एशिया और अफगानिस्तान के आसपास की सुरक्षा स्थिति के कारण भी ताजिकिस्तान भारत के लिए महत्वपूर्ण है।
Shanghai Cooperation Organisation (SCO) क्या है?
SCO एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसके सदस्य देश सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश और आपसी संपर्क जैसे मुद्दों पर सहयोग करते हैं। इसकी काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक में सदस्य देशों के बीच आर्थिक और संस्थागत सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है।
भारत के लिए Central Asia के साथ Security Cooperation क्यों महत्वपूर्ण है?
मध्य एशिया भारत के लिए क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद से मुकाबले और रणनीतिक संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग से भारत को साझा सुरक्षा चिंताओं पर बातचीत करने और संबंध मजबूत करने का अवसर मिलता है।
India और Tajikistan आतंकवाद से मुकाबले में कैसे सहयोग करते हैं?
भारत और ताजिकिस्तान के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर बातचीत होती रही है। सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवाद इस साझेदारी का हिस्सा हैं। हालांकि, हालिया बैठक में किसी नए आतंकवाद-रोधी अभियान या विशेष समझौते की घोषणा नहीं की गई।