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राहुल के ‘समन’ वाले तंज पर जयशंकर का पलटवार, इंदिरा गांधी की मुलाकात क्यों याद दिलाई?

राहुल गांधी ने मार्को रुबियो से मुंबई में मुलाकात को ‘समन’ किए जाने से जोड़ा, तो विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इंदिरा गांधी और शिमला समझौते का उदाहरण देकर सवाल उठाया। इस सियासी बहस के बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी चर्चा तेज है।

राहुल के ‘समन’ वाले तंज पर जयशंकर का पलटवार, इंदिरा गांधी की मुलाकात क्यों याद दिलाई?

भारत की विदेश नीति को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच जुबानी जंग एक बार फिर चर्चा में है। S Jaishankar Rahul Gandhi Marco Rubio Controversy तब शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुंबई में हुई मुलाकात को ‘समन’ किए जाने से जोड़कर टिप्पणी की। इसके जवाब में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इंदिरा गांधी और पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की शिमला में हुई मुलाकात का उदाहरण दिया। जयशंकर ने सवाल किया कि अगर दिल्ली से बाहर किसी विदेशी नेता से मिलना ‘समन’ है, तो क्या इंदिरा गांधी को भी ऐसा ही कहा जाएगा?

राहुल गांधी के ‘समन’ वाले तंज पर जयशंकर ने क्या कहा?

Jaishankar referred to former Prime Minister Indira Gandhi's meeting with Pakistan's Zulfikar Ali Bhutto in Shimla in 1972, where the two leaders signed the Shimla Agreement. (File Photo/Bloomberg)
Jaishankar referred to former Prime Minister Indira Gandhi's meeting with Pakistan's Zulfikar Ali Bhutto in Shimla in 1972, where the two leaders signed the Shimla Agreement. (File Photo/Bloomberg)

एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में बोलते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि उन्हें मुंबई में मार्को रुबियो से मुलाकात को लेकर उठाए जा रहे सवाल समझ नहीं आते। उन्होंने मुंबई को भारत की वित्तीय और बॉलीवुड राजधानी बताते हुए कहा कि शहर में बहुत कुछ खास है और उन्हें समझ नहीं आता कि कुछ लोगों को मुंबई से क्या आपत्ति है।71 वर्षीय विदेश मंत्री और पूर्व राजनयिक ने कहा कि दिल्ली से बाहर जाकर किसी विदेशी नेता या समकक्ष से मुलाकात करना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने इस बहस को अनावश्यक बताते हुए कहा कि इस पर परिपक्वता के साथ बातचीत होनी चाहिए।

Jaishankar Indira Gandhi Remark: शिमला समझौते का उदाहरण क्यों दिया?

जयशंकर ने कांग्रेस के इतिहास से दो उदाहरण दिए। पहला, 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के तत्कालीन नेता जुल्फिकार अली भुट्टो की शिमला में मुलाकात, जिसके बाद शिमला समझौते पर हस्ताक्षर हुए।दूसरा उदाहरण उन्होंने मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे सलमान खुर्शीद का दिया। खुर्शीद ने 2013 में जयपुर में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के लिए दोपहर के भोजन की मेजबानी की थी।जयशंकर ने सवाल किया कि क्या इंदिरा गांधी को शिमला में भुट्टो से मिलने के लिए ‘समन’ किया गया था? क्या खुर्शीद को जयपुर में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से मिलने के लिए बुलाया गया था? इन उदाहरणों के जरिए उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणी पर सवाल उठाया।Jaishankar Indira Gandhi Remark इस बहस का अहम हिस्सा बन गया, क्योंकि विदेश मंत्री ने कांग्रेस के ही नेताओं के पुराने कूटनीतिक उदाहरणों के सहारे अपना पक्ष रखा।

मुंबई में मार्को रुबियो और जयशंकर की मुलाकात का एजेंडा क्या था?

भारत में अमेरिकी मिशन के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 20 से 22 अक्टूबर के बीच मुंबई और जामनगर का दौरा किया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना, व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना तथा समृद्ध और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराना था।रुबियो ने अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘फ्रीडम 250’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी हिस्सा लिया। मुंबई में उन्होंने जयशंकर के साथ भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत की।यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दोनों देश व्यापार संबंधों में मौजूद टैरिफ संबंधी मतभेद दूर करने, गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने और एक-दूसरे के बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

India-US Trade Deal: समझौता अंतिम चरण में, लेकिन चुनौतियां बरकरार

जयशंकर ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम चरण में बताया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी समझौते को अंतिम तभी माना जा सकता है, जब वह वास्तव में पूरा हो जाए। उनके मुताबिक, वार्ता के अंतिम चरण में चुनौतियां सामने आ सकती हैं और दोनों देशों की बातचीत करने वाली टीमें उन्हें सुलझाने में जुटी हैं।जयशंकर ने इन चुनौतियों का विस्तृत ब्योरा देने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें सुलझाना वार्ताकारों का काम है।इससे पहले वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण अंतिम रूप ले चुका है और फिलहाल कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है। भारत चाहता है कि अमेरिकी बाजार में उसके उत्पादों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ का लाभ मिले।

निष्कर्ष

S Jaishankar Rahul Gandhi Marco Rubio Controversy ने भारत की कूटनीति, नेताओं की विदेशी मुलाकातों और राजनीतिक बयानबाजी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। जयशंकर ने इंदिरा गांधी और सलमान खुर्शीद के उदाहरण देकर राहुल गांधी के ‘समन’ वाले तंज का जवाब दिया। वहीं, मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान हुई बातचीत का केंद्र भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और व्यापार समझौता भी रहा। अब निगाहें इस समझौते के अगले चरण और दोनों देशों के बीच बातचीत के नतीजों पर हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions):

राहुल गांधी ने मार्को रुबियो और एस. जयशंकर की मुलाकात पर क्या टिप्पणी की?

राहुल गांधी ने मुंबई में हुई मुलाकात को ‘समन’ किए जाने से जोड़कर टिप्पणी की थी, जिस पर जयशंकर ने सवाल उठाए।

एस. जयशंकर ने इंदिरा गांधी का जिक्र किस संदर्भ में किया?

उन्होंने 1972 में शिमला में इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो की मुलाकात का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या उसे भी ‘समन’ कहा जाएगा।

मार्को रुबियो ने भारत का दौरा कब किया?

अमेरिकी मिशन के मुताबिक, रुबियो ने 20 से 22 अक्टूबर के बीच मुंबई और जामनगर का दौरा किया।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति क्या है?

जयशंकर ने इसे अंतिम चरण में बताया है। पीयूष गोयल के अनुसार, समझौते का पहला चरण अंतिम रूप ले चुका है और कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है।

इस विवाद का भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या महत्व है?

यह बहस भारत की कूटनीति पर घरेलू राजनीतिक मतभेदों को दिखाती है। वहीं, रुबियो और जयशंकर की बातचीत में रणनीतिक साझेदारी तथा व्यापार समझौते जैसे अहम मुद्दे शामिल रहे।

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