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गुरुग्राम में अंधेरा, रेवाड़ी में हाईवे जाम! बिजली संकट से उद्योगों और आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें

हरियाणा में निजी बिजली वितरण लाइसेंस के विरोध में कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से कई जिलों में बिजली-पानी का संकट गहरा गया है। गुरुग्राम में हजारों शिकायतें आईं, जबकि रेवाड़ी में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर बिजली बहाली की मांग की।

गुरुग्राम में अंधेरा, रेवाड़ी में हाईवे जाम! बिजली संकट से उद्योगों और आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें

हरियाणा में Haryana Power Strike 2026 का असर अब घरों से लेकर औद्योगिक इकाइयों तक दिखाई दे रहा है। गुरुग्राम में लंबे बिजली कटौती से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई, वहीं रेवाड़ी में ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। फरीदाबाद, नूंह, सोनीपत, झज्जर, करनाल और अंबाला में भी बिजली संकट की खबरें सामने आईं। कर्मचारी निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के फैसले का विरोध कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने इस आदेश को कानूनी चुनौती देने की बात कही है।

Haryana Power Strike 2026: आखिर क्यों हड़ताल पर हैं बिजली कर्मचारी?

बिजली कर्मचारियों ने 21 अक्टूबर की रात 10 बजे तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की। इसका मुख्य कारण हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) का गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का फैसला है।कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निजी कंपनी के प्रवेश से सरकारी वितरण कंपनी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) कमजोर हो सकती है। उन्होंने करीब 40 हजार नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों तथा इंजीनियरों के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई है।यूनियनों का तर्क है कि निजी कंपनियां अधिक कमाई वाले शहरी और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर ध्यान दे सकती हैं, जबकि ग्रामीण और कृषि उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराने का आर्थिक बोझ सरकारी कंपनियों पर रह सकता है।

Gurugram Power Outage: 5,500 से ज्यादा शिकायतें, उद्योगों पर असर

गुरुग्राम में बुधवार देर रात से बिजली कटौती की शिकायतें बढ़ने लगीं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, डीएचबीवीएन को रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच 5,500 से अधिक शिकायतें मिलीं।अशोक विहार, सेक्टर 4, 5, 23 और 105, पालम विहार तथा राजेंद्र पार्क समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें आईं। सोहना और फर्रुखनगर की कॉलोनियों तथा गांवों में भी लोगों को परेशानी हुई। लंबे कट के कारण कुछ इलाकों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई और घरों में इन्वर्टर बैकअप खत्म होने की शिकायतें सामने आईं।इस Gurugram Electricity Cut का असर औद्योगिक इकाइयों पर भी पड़ा। दौलताबाद, कादीपुर, बसई और सेक्टर 37 के उद्योग प्रभावित हुए। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष दीपक मैनी ने कहा कि सेक्टर 37 में बुधवार रात 10 बजे से बिजली नहीं थी। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे कट से उत्पादन, तैयार माल की उपलब्धता और डिलीवरी शेड्यूल प्रभावित हो सकते हैं।

Rewari Villagers Road Block: कई जिलों में प्रदर्शन, पानी का संकट

गुरुग्राम के अलावा हरियाणा के कई जिलों में बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित हुआ।

रेवाड़ी: पल्हावास और आसपास के गांवों के लोगों ने लंबे बिजली कट के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग 352 जाम कर दिया और बिजली बहाल करने की मांग की।

नूंह: कुछ इलाकों में करीब 24 घंटे तक बिजली नहीं रहने की खबरें आईं। इससे घरों और पशुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था प्रभावित हुई।

झज्जर: बाल्मीकि बस्ती के निवासियों ने दो दिन से बिजली नहीं आने की शिकायत की। बच्चों को मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ी।

फरीदाबाद: न्यू इंडस्ट्रियल टाउनशिप-2 में लोगों ने बिजली बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।

सोनीपत, अंबाला और करनाल: कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी बढ़ी और पेयजल संकट की आशंका पैदा हुई।

Haryana Government का ऐलान: निजी लाइसेंस के आदेश को मिलेगी चुनौती

बढ़ते विरोध के बीच हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार एचईआरसी के फैसले को बिजली के अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में चुनौती देगी। सरकार आदेश पर रोक लगाने की मांग भी करेगी।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कर्मचारियों से हड़ताल पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी चिंताओं का समर्थन करती है और आयोग के फैसले को चुनौती देगी। हालांकि, बातचीत के बावजूद कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहा।इस बीच कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बिजली संकट को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “हरियाणा के सीएम हैं नायब, प्रदेश में बिजली है गायब।”हड़ताल 24 अक्टूबर तक चलने के लिए निर्धारित है। ऐसे में प्रशासन के सामने बिजली आपूर्ति बहाल करने और कर्मचारियों के साथ विवाद सुलझाने की दोहरी चुनौती है।

निष्कर्ष

Haryana Power Strike 2026 ने बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर चल रहे विवाद को आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानी से जोड़ दिया है। गुरुग्राम में बिजली शिकायतों और उद्योगों की चिंताओं से लेकर रेवाड़ी में सड़क जाम तक, कई जिलों में संकट का असर दिखाई दे रहा है। अब सबकी नजर राज्य सरकार की कानूनी कार्रवाई और बिजली कर्मचारियों के साथ बातचीत पर है, ताकि बिजली-पानी की आपूर्ति जल्द सामान्य हो सके।

FAQ (Frequently Asked Questions):

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल क्यों हो रही है?

कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के एचईआरसी के फैसले का विरोध कर रहे हैं।

गुरुग्राम में बिजली कटौती से किन इलाकों पर असर पड़ा?

अशोक विहार, सेक्टर 4, 5, 23 और 105, पालम विहार, राजेंद्र पार्क, सोहना और फर्रुखनगर समेत कई क्षेत्रों में बिजली बाधित होने की खबरें आईं।

डीएचबीवीएन कर्मचारियों की मुख्य चिंता क्या है?

कर्मचारी सरकारी वितरण कंपनी की स्थिति कमजोर होने और करीब 40 हजार नियमित, संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारियों और इंजीनियरों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

रेवाड़ी में ग्रामीणों ने सड़क क्यों जाम की?

पल्हावास और आसपास के गांवों के निवासियों ने लंबे बिजली कट के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग 352 जाम कर आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

बिजली संकट से उद्योगों और कारोबार पर क्या असर पड़ा?

गुरुग्राम की कुछ औद्योगिक इकाइयों में बिजली बाधित होने से उत्पादन, तैयार माल की उपलब्धता और डिलीवरी में देरी की आशंका जताई गई।

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