Eternal लाएगी Dark.ai, Deepinder Goyal का दावा- कंपनी भी नहीं पढ़ पाएगी यूजर्स की निजी चैट; जानें फीचर्स
Zomato और Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal के संस्थापक Deepinder Goyal ने Dark.ai नाम के प्राइवेसी-केंद्रित AI असिस्टेंट की जानकारी दी है। कंपनी का दावा है कि इसमें End-to-End Encryption, यूजर-नियंत्रित Encrypted Memory और Open-Weight AI Models का इस्तेमाल होगा। इसका ग्लोबल लॉन्च 2026 के अंत तक प्रस्तावित है, लेकिन कीमत, निश्चित लॉन्च डेट और स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
Dark.ai की चर्चा 21 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई, जब Deepinder Goyal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसका टीजर साझा किया। इसके बाद Eternal के Q2 FY27 शेयरहोल्डर लेटर में इस प्रोजेक्ट की तकनीक, उद्देश्य और लॉन्च योजना से जुड़ी जानकारी सामने आई।
Goyal के मुताबिक, Dark.ai को उन लोगों के लिए तैयार किया जा रहा है जो AI का इस्तेमाल करते समय अपनी बातचीत, रिसर्च और विचारों की गोपनीयता बनाए रखना चाहते हैं। इसके लक्षित यूजर्स में स्टार्टअप फाउंडर्स, रिसर्चर्स, वैज्ञानिक, कंपनियां और सरकारी संस्थान शामिल हैं।
कंपनी का मानना है कि AI चैटबॉट इस्तेमाल करते समय केवल डेटा को मॉडल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने से रोकना ही पर्याप्त नहीं है। यूजर्स को यह भी जानना जरूरी है कि उनकी बातचीत कहां स्टोर होती है, उसे कौन एक्सेस कर सकता है और डेटा कितने समय तक रखा जाता है।
इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए Dark.ai को प्राइवेसी-केंद्रित AI असिस्टेंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, इसका इस्तेमाल पिछले कुछ महीनों से आंतरिक स्तर पर हो रहा है। हालांकि, फिलहाल यह आम यूजर्स के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
Dark AI App Features: क्या होंगी इसकी मुख्य विशेषताएं ?
Dark AI App Features में डेटा प्राइवेसी, सुरक्षित बातचीत और यूजर के नियंत्रण पर जोर दिया गया है। कंपनी की ओर से बताई गई प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं।
- . End-to-End Encryption से सुरक्षित रहेंगी चैट
Dark.ai की सबसे प्रमुख विशेषता End-to-End Encryption बताई गई है। Deepinder Goyal का दावा है कि इस व्यवस्था के तहत Eternal भी यूजर्स की बातचीत नहीं पढ़ सकेगी।
End-to-End Encryption में डेटा को इस तरह एन्क्रिप्ट किया जाता है कि उसे पढ़ने की अनुमति केवल अधिकृत पक्षों के पास होती है। हालांकि, AI सेवा में इस तकनीक को लागू करने का तरीका महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि AI को जवाब तैयार करने के लिए यूजर के संदेशों को प्रोसेस करना पड़ता है।
Dark.ai के मामले में कंपनी का दावा है कि वह बातचीत की सामग्री तक पहुंच नहीं बना सकेगी। लेकिन इसकी तकनीकी व्यवस्था, स्वतंत्र ऑडिट और सुरक्षा परीक्षणों की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

- Encrypted Memory पर रहेगा यूजर का नियंत्रण
आमतौर पर AI असिस्टेंट में मेमोरी का इस्तेमाल पिछली बातचीत का संदर्भ याद रखने के लिए किया जाता है। Dark.ai में भी Encrypted Memory Management Layer देने की योजना है।
कंपनी के अनुसार, इसकी मदद से AI अलग-अलग सेशन में बातचीत का संदर्भ बनाए रख सकेगा, जबकि एन्क्रिप्टेड मेमोरी पर यूजर का नियंत्रण रहेगा। इसका उद्देश्य यह है कि हर नई बातचीत में यूजर को अपनी जरूरतें और प्रोजेक्ट का संदर्भ दोबारा न समझाना पड़े।
यह सुविधा लंबे समय तक चलने वाली रिसर्च, बिजनेस प्लानिंग और अन्य जटिल कामों में उपयोगी हो सकती है। हालांकि, मेमोरी को देखने, बदलने और डिलीट करने के सटीक विकल्पों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
- Open-Weight AI Models का इस्तेमाल
Dark.ai में Fine-Tuned Open-Weight AI Models इस्तेमाल किए जाएंगे, जिन्हें Eternal अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलाने की योजना बना रही है।
Open-weight मॉडल ऐसे AI मॉडल होते हैं जिनके प्रशिक्षित पैरामीटर उपलब्ध होते हैं और डेवलपर्स उन्हें अपने उपयोग के अनुसार अनुकूलित कर सकते हैं। Fine-tuning के जरिए किसी मॉडल के व्यवहार और प्रदर्शन को विशेष जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाने की कोशिश की जाती है।
Deepinder Goyal के अनुसार, Dark.ai के मॉडल यूजर को केवल खुश करने के बजाय सही जानकारी देने पर जोर देंगे। कंपनी ने मॉडल की गुणवत्ता को अपनी प्रमुख विशेषताओं में से एक बताया है।
हालांकि, इस्तेमाल किए जाने वाले मॉडलों के नाम और उनके प्रदर्शन की तुलना करने वाले विस्तृत बेंचमार्क अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए Dark.ai की सटीकता या दूसरे AI चैटबॉट्स से बेहतर प्रदर्शन करने का दावा फिलहाल स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता।
Dark AI App Launch Date: कब लॉन्च होगा?
Dark AI App Launch Date को लेकर अभी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। Eternal के Q2 FY27 शेयरहोल्डर लेटर के मुताबिक, कंपनी का लक्ष्य Dark.ai को 2026 के अंत तक ग्लोबल स्तर पर लॉन्च करना है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी इस प्रकार है:
• प्रोडक्ट का नाम: Dark.ai• कंपनी: Eternal Ltd
• संस्थापक: Deepinder Goyal
• मौजूदा स्थिति: आंतरिक परीक्षण जारी
• संभावित लॉन्च: 2026 के अंत तक
• आधिकारिक लॉन्च डेट: घोषित नहीं
• कीमत और सब्सक्रिप्शन: अभी घोषित नहीं
• AI मॉडल के नाम और बेंचमार्क: विस्तृत जानकारी बाकी
इसलिए Dark.ai को अभी लॉन्च हो चुका ऐप कहना सही नहीं होगा। इसकी सार्वजनिक उपलब्धता और कीमत को लेकर कंपनी की अगली घोषणा का इंतजार है।
Dark AI Technology: ChatGPT और Gemini से कैसे अलग होगा ?
Dark.ai की तुलना ChatGPT और Google Gemini जैसे AI असिस्टेंट से की जा सकती है। हालांकि, इसका मुख्य अंतर प्राइवेसी पर केंद्रित व्यावसायिक रणनीति है।
ChatGPT और Gemini में भी डेटा कंट्रोल और प्राइवेसी से जुड़े विकल्प उपलब्ध हैं। इनकी डेटा नीतियां, चैट हिस्ट्री और मॉडल ट्रेनिंग से संबंधित सेटिंग्स सेवा और प्लान के अनुसार अलग हो सकती हैं। किसी सेवा में चैट का इस्तेमाल मॉडल ट्रेनिंग के लिए बंद करना अपने आप में यह गारंटी नहीं देता कि डेटा किसी भी परिस्थिति में स्टोर या एक्सेस नहीं किया जाएगा।
इसके मुकाबले Dark.ai का घोषित लक्ष्य End-to-End Encryption और यूजर-नियंत्रित Encrypted Memory के जरिए बातचीत को कंपनी से भी गोपनीय रखना है।
हालांकि, Dark.ai अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए Dark AI vs ChatGPT की वास्तविक तुलना जवाबों की गुणवत्ता, गति, उपलब्ध फीचर्स, कीमत और स्वतंत्र सुरक्षा परीक्षणों के आधार पर ही की जा सकेगी।
क्या Dark AI App का इस्तेमाल Hacking और Cybercrime के लिए हो सकता है ?
Dark AI App को लेकर एक सवाल यह भी है कि क्या इसका इस्तेमाल Hacking या Cybercrime के लिए किया जा सकता है।
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि Dark.ai के नाम में 'Dark' शब्द होने का अर्थ यह नहीं है कि इसे Dark Web या साइबर अपराध के लिए बनाया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे प्राइवेसी-केंद्रित AI असिस्टेंट बताया गया है। इसे हैकिंग या गैरकानूनी गतिविधियों के लिए बनाए जाने का कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है।
सामान्य तौर पर Generative AI Applications का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा से जुड़े कामों में किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, सुरक्षा विशेषज्ञ संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण करने, कोड की कमजोरियां पहचानने और साइबर हमलों को समझने में AI की मदद ले सकते हैं।
दूसरी ओर, AI का दुरुपयोग फिशिंग संदेश तैयार करने, धोखाधड़ी को बढ़ाने और साइबर हमलों की योजना बनाने में भी हो सकता है। हालांकि, इन सामान्य जोखिमों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि Dark.ai खुद साइबर अपराध को बढ़ावा देने वाला टूल है।
Dark.ai की साइबर सुरक्षा संबंधी क्षमताओं और प्रतिबंधों की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है।

Dark AI App Privacy Risks: क्या यूजर्स की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी ?
Dark.ai की मुख्य पेशकश प्राइवेसी है, लेकिन किसी भी AI App Security Risks का मूल्यांकन केवल कंपनी के दावों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
इस प्रोडक्ट को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी मिलने बाकी हैं:
• एन्क्रिप्शन की तकनीकी व्यवस्था क्या होगी और क्या इसका स्वतंत्र ऑडिट हुआ है?• अकाउंट रिकवरी की स्थिति में Encrypted Memory को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा?
• यूजर अपनी बातचीत और मेमोरी को कैसे देख, मैनेज या डिलीट कर सकेंगे?
• डेटा बैकअप, डिवाइस सुरक्षा और कानूनी अनुरोधों से संबंधित नीति क्या होगी?
• क्या स्वतंत्र सुरक्षा विशेषज्ञों ने कंपनी की प्राइवेसी संबंधी व्यवस्था की जांच की है?
End-to-End Encryption मजबूत सुरक्षा प्रदान कर सकता है, लेकिन इससे डिवाइस में मौजूद डेटा, कमजोर पासवर्ड, अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच या अन्य सुरक्षा खामियों का जोखिम अपने आप खत्म नहीं होता।
जब तक Dark.ai की विस्तृत प्राइवेसी पॉलिसी और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था सार्वजनिक नहीं होती, तब तक इसे पूरी तरह जोखिम-मुक्त कहना जल्दबाजी होगी।
क्या Dark.ai आम यूजर्स के लिए सुरक्षित होगा?
Dark.ai को मुख्य रूप से उन यूजर्स के लिए तैयार किया जा रहा है जिन्हें अपनी बातचीत की गोपनीयता को लेकर विशेष चिंता रहती है। इसकी प्राइवेसी-केंद्रित तकनीक आम यूजर्स के लिए भी उपयोगी हो सकती है।
हालांकि, सार्वजनिक लॉन्च से पहले यह स्पष्ट नहीं है कि सभी यूजर्स को कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे, कोई फ्री वर्जन उपलब्ध होगा या नहीं और सेवा की कीमत क्या होगी।
यूजर्स को किसी भी नए AI टूल का इस्तेमाल करते समय पासवर्ड, बैंकिंग विवरण और अन्य अत्यधिक संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना चाहिए, जब तक उसकी डेटा सुरक्षा और उपयोग की शर्तों को ठीक से समझ न लिया जाए।
निष्कर्ष
Dark.ai के जरिए Eternal AI बाजार में प्राइवेसी-केंद्रित असिस्टेंट पेश करने की तैयारी कर रही है। कंपनी का दावा है कि End-to-End Encryption और यूजर-नियंत्रित Encrypted Memory से बातचीत को गोपनीय रखा जा सकेगा। इसका ग्लोबल लॉन्च 2026 के अंत तक प्रस्तावित है, लेकिन कीमत, निश्चित लॉन्च डेट और स्वतंत्र सुरक्षा सत्यापन की जानकारी अभी बाकी है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Dark AI App क्या है और इसे किसने लॉन्च किया है?
Dark.ai एक प्राइवेसी-केंद्रित AI असिस्टेंट है, जिसे Zomato और Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal विकसित कर रही है। इसके संस्थापक Deepinder Goyal ने 21 अक्टूबर 2026 को इसके बारे में जानकारी साझा की। फिलहाल यह आंतरिक परीक्षण के दौर में है और आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।
Dark AI App Launch 2026 की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
Dark.ai में End-to-End Encryption, यूजर के नियंत्रण वाली Encrypted Memory और फाइन-ट्यून किए गए Open-Weight AI Models इस्तेमाल करने की योजना है। कंपनी का दावा है कि वह यूजर्स की बातचीत नहीं पढ़ सकेगी। हालांकि, इस सुरक्षा दावे का स्वतंत्र सत्यापन अभी सामने नहीं आया है।
Dark AI App दूसरे AI Chatbots से कैसे अलग है?
Dark.ai की प्रमुख विशेषता प्राइवेसी पर इसका फोकस है। ChatGPT और Google Gemini में भी डेटा कंट्रोल से जुड़े विकल्प मौजूद हैं, जबकि Dark.ai का घोषित लक्ष्य बातचीत को एन्क्रिप्शन के जरिए कंपनी से भी गोपनीय रखना है। इसकी वास्तविक सुरक्षा और प्रदर्शन की तुलना सार्वजनिक लॉन्च के बाद की जा सकेगी।
क्या Dark AI App का इस्तेमाल Cybercrime और Hacking के लिए किया जा सकता है?
Dark.ai को साइबर अपराध के लिए बनाए जाने का कोई पुष्ट प्रमाण नहीं है। सामान्य तौर पर AI का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों दोनों में हो सकता है, लेकिन Dark.ai की सुरक्षा क्षमताओं और प्रतिबंधों की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है।
क्या Dark AI App आम यूजर्स के लिए सुरक्षित है?
Dark.ai को प्राइवेसी को प्राथमिकता देने वाले यूजर्स के लिए विकसित किया जा रहा है। हालांकि, इसकी वास्तविक सुरक्षा का आकलन सार्वजनिक लॉन्च और स्वतंत्र परीक्षणों के बाद ही संभव होगा। इसकी कीमत और आम यूजर्स के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी अभी घोषित नहीं हुई है।
Dark AI App कब लॉन्च होगा और क्या यह फ्री होगा?
Eternal का लक्ष्य Dark.ai को 2026 के अंत तक दुनियाभर में लॉन्च करना है। इसकी निश्चित लॉन्च डेट, कीमत और फ्री या पेड सब्सक्रिप्शन प्लान की घोषणा अभी नहीं हुई है।