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Shehbaz Sharif Kashmir Issue : शहबाज शरीफ ने मालदीव में फिर उठाया कश्मीर मुद्दा, जानिए राष्ट्रपति मुइज्जू क्या दिया जवाब?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सामने कश्मीर मुद्दा उठाया, लेकिन मुइज्जू ने सार्वजनिक बयान में इसका जिक्र नहीं किया। दोनों देशों ने रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और तकनीक समेत 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस बीच, भारत ने मालदीव के लिए ₹3,000 करोड़ की करेंसी स्वैप सुविधा जारी रखने की मंजूरी दी है।

Shehbaz Sharif Kashmir Issue : शहबाज शरीफ ने मालदीव में फिर उठाया कश्मीर मुद्दा, जानिए राष्ट्रपति मुइज्जू क्या दिया जवाब?

Shehbaz Sharif Kashmir Issue : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 21 अक्टूबर 2026 को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ संयुक्त बयान में कश्मीर को अलग और संप्रभु देश बनाने की मांग दोहराई। शरीफ ने कहा कि इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि, मुइज्जू ने अपने बयान में कश्मीर का जिक्र नहीं किया। दोनों देशों के बीच इस दौरान रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, पर्यटन और तकनीक समेत अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग के लिए 20 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब मालदीव भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और भारत ने भी उसे 3,000 करोड़ रुपये की करेंसी स्वैप सुविधा जारी रखने की मंजूरी दी है।

शहबाज शरीफ बोले- कश्मीर को अलग देश बनाने का समर्थन करता है पाकिस्तान

मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू 20 से 22 अक्टूबर तक पाकिस्तान की राजकीय यात्रा पर हैं। 21 अक्टूबर को इस्लामाबाद में दोनों नेताओं की आधिकारिक बातचीत के बाद शरीफ ने कहा कि उन्होंने मुइज्जू को जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख की जानकारी दी है। उन्होंने दावा किया कि कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार के अनुरूप होना चाहिए।

मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू  और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ

शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के लोगों को उनके आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए कूटनीतिक समर्थन देता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक कश्मीरियों को उनका अधिकार नहीं मिलता, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाता रहेगा। पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर पर अपना दावा पेश करता रहा है, जबकि भारत जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और इस मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की भूमिका का विरोध करता है।शरीफ ने भारत के साथ सिंधु जल संधि को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने अप्रैल 2025 में भारत की ओर से संधि को स्थगित रखने के फैसले पर चिंता जताई और कहा कि पानी को राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पानी से जुड़े किसी भी उल्लंघन को पाकिस्तान गंभीरता से लेगा। ये पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान और आरोप हैं।

मुइज्जू ने कश्मीर पर कुछ नहीं कहा, व्यापार बढ़ाने पर जोर

संयुक्त प्रेस बयान में मुइज्जू ने कश्मीर या सिंधु जल संधि पर शरीफ की टिप्पणियों का सार्वजनिक रूप से जवाब नहीं दिया। उन्होंने अपने संबोधन में पाकिस्तान के साथ व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, मत्स्य पालन, रक्षा और पर्यावरण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।मुइज्जू ने कहा कि दोनों देशों के बीच छह दशक पुराने राजनयिक संबंधों को अब ऐसे सहयोग में बदलना चाहिए, जिससे आम लोगों को ठोस फायदा मिले। उन्होंने 20 समझौतों पर हस्ताक्षर का स्वागत करते हुए कहा कि समझौते तभी सार्थक होंगे, जब उन्हें समय पर लागू किया जाए।
मालदीव और पाकिस्तान के राजनयिक संबंध 26 जुलाई 1966 को स्थापित हुए थे। मुइज्जू की यह यात्रा करीब 11 साल बाद किसी मालदीवी राष्ट्रपति की पाकिस्तान की पहली यात्रा है। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, दोनों देशों ने आपसी व्यापार को मौजूदा करीब 1.3 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर अगले दो साल में 20 करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

रक्षा से लेकर AI और पर्यटन तक 20 समझौतों पर हस्ताक्षर

इस्लामाबाद में हुए समझौतों का दायरा कई क्षेत्रों तक फैला है। इनमें रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, दवाओं का नियमन, स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती, शिक्षा, तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण, सूचना तकनीक, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल कौशल और तकनीकी नवाचार शामिल हैं।दोनों देशों ने कृषि, मत्स्य पालन, पर्यावरण, सामाजिक सुरक्षा, युवा और खेल, पर्यटन, हवाई संपर्क, कला, संस्कृति और विरासत के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पुलिस और सिविल सेवा से जुड़े संस्थानों के बीच प्रशिक्षण तथा अनुभव साझा करने के लिए भी समझौते हुए। पाकिस्तान और मालदीव के संबंधित व्यापारिक संगठनों के बीच कृषि उत्पादों, खाद्य सामग्री और अन्य वस्तुओं के व्यापार को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।
शरीफ ने मालदीव की 50 लाख पेड़ लगाने की पहल में मदद देने की घोषणा की। इसके तहत पाकिस्तान 1 लाख जैतून की कलमें और विभिन्न पौधों के 1 लाख बीज उपलब्ध कराएगा। उन्होंने मालदीव में डेटा सेंटर विकसित करने के प्रयासों का स्वागत करते हुए इस क्षेत्र में पाकिस्तान की तकनीकी विशेषज्ञता साझा करने की पेशकश भी की।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने बताया कि मालदीव के कई छात्र पाकिस्तान के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे हैं, खासकर स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में। वहीं, करीब 250 पाकिस्तानी डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मालदीव में काम कर रहे हैं। दोनों देश शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

सेना प्रमुख आसिम मुनीर से भी मिले मुइज्जू

यात्रा के दौरान मालदीव के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से भी मुलाकात की। रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने रक्षा सहयोग, संस्थागत संपर्क और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में संबंध मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

यात्रा के दौरान मालदीव के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से भी मुलाकात की
यात्रा के दौरान मालदीव के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से भी मुलाकात की

मुइज्जू ने पाकिस्तान की सेना की पेशेवर क्षमता की सराहना की। इससे पहले पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी उनसे मुलाकात की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और पर्यटन में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी मुइज्जू से मुलाकात की। उन्होंने राजनीतिक सद्भावना को व्यापार, निवेश, संपर्क और लोगों के बीच आदान-प्रदान में बदलने पर जोर दिया। बातचीत में शिक्षा, स्वास्थ्य, मानव संसाधन विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहयोग का मुद्दा भी शामिल रहा।

भारत ने मालदीव को ₹3,000 करोड़ की करेंसी स्वैप सुविधा दी

पाकिस्तान के साथ समझौतों के बीच भारत ने मालदीव के लिए 30 अरब रुपये यानी 3,000 करोड़ रुपये की करेंसी स्वैप सुविधा को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है। यह फैसला 16 अक्टूबर को सामने आया था। इसके तहत मालदीव को जरूरत पड़ने पर भारतीय रुपये उपलब्ध हो सकते हैं, जिससे उसकी नकदी और वित्तीय स्थिरता को सहारा मिलता है।यह सुविधा अक्टूबर 2024 में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण के बीच हुए समझौते का हिस्सा है। मालदीव ने अप्रैल 2026 में इस सुविधा के तहत पहली बार 30 अरब रुपये की राशि ली थी। इसके अलावा, उसने पहले भारत से ली गई 40 करोड़ डॉलर की अलग करेंसी स्वैप सुविधा चुका दी थी।
मुइज्जू ने नवंबर 2023 में राष्ट्रपति पद संभाला था। उनके चुनाव अभियान में ‘इंडिया आउट’ का नारा प्रमुख रहा और शुरुआती दौर में उनकी सरकार ने भारत से दूरी बढ़ाने के संकेत दिए थे। हालांकि, वित्तीय जरूरतों और क्षेत्रीय संबंधों के महत्व को देखते हुए बाद में भारत के साथ रिश्ते सुधारने के प्रयास भी हुए। अक्टूबर 2024 में मुइज्जू ने भारत का दौरा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक आर्थिक तथा समुद्री सुरक्षा साझेदारी पर सहमति जताई।
भारत और मालदीव के संबंध हिंद महासागर में सुरक्षा, व्यापार, पर्यटन और विकास परियोजनाओं के लिहाज से अहम हैं। ऐसे में पाकिस्तान के साथ मुइज्जू की मौजूदा यात्रा और 20 समझौते मालदीव की विदेश नीति में अलग-अलग साझेदारों के साथ संबंध बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखे जा सकते हैं। हालांकि, कश्मीर पर शरीफ के बयान के बाद भी मालदीव के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के रुख का समर्थन नहीं किया है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Shehbaz Sharif ने Mohamed Muizzu के सामने Kashmir का मुद्दा क्यों उठाया?

शहबाज शरीफ ने मालदीव के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के दौरान कश्मीर पर पाकिस्तान का पुराना रुख दोहराया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार विवाद के समाधान और कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग की। यह पाकिस्तान की आधिकारिक स्थिति है, जबकि भारत जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है।

Mohamed Muizzu की Pakistan Visit का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और मालदीव के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और तकनीक समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना था। यह यात्रा दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।

Pakistan और Maldives के बीच किन मुद्दों पर Bilateral Talks हुईं?

दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, कृषि, मत्स्य पालन, पर्यटन, पर्यावरण, तकनीक, साइबर सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा हुई। पाकिस्तान ने मालदीव की 50 लाख पेड़ लगाने की पहल में मदद देने की घोषणा भी की।

Kashmir Issue पर Maldives का आधिकारिक रुख क्या है?

मुइज्जू ने संयुक्त बयान में कश्मीर पर शरीफ की टिप्पणियों का सार्वजनिक रूप से समर्थन नहीं किया और अपने संबोधन में इस मुद्दे का उल्लेख भी नहीं किया। इसलिए इस बयान के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि मालदीव ने पाकिस्तान की कश्मीर संबंधी मांग का समर्थन किया है।

Pakistan और Maldives ने अपनी बैठक में कितने MoUs पर हस्ताक्षर किए?

दोनों देशों ने 21 अक्टूबर 2026 को 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, मत्स्य पालन, तकनीक, साइबर सुरक्षा, हवाई संपर्क और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

Pakistan-Maldives Relations का India के साथ क्षेत्रीय संबंधों पर क्या असर हो सकता है?

पाकिस्तान और मालदीव के बीच बढ़ता सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में कूटनीतिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, भारत और मालदीव के बीच आर्थिक तथा समुद्री सुरक्षा सहयोग जारी है। भारत ने अक्टूबर 2026 में मालदीव की 3,000 करोड़ रुपये की करेंसी स्वैप सुविधा को आगे बढ़ाने की मंजूरी भी दी।

Mohamed Muizzu की Pakistan Visit से दोनों देशों के Trade और Economic Cooperation को क्या फायदा हो सकता है?

दोनों देशों ने व्यापार को करीब 1.3 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर अगले दो वर्षों में 20 करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हवाई संपर्क, पर्यटन, कृषि उत्पादों के व्यापार और निजी निवेश को बढ़ावा मिलने से आर्थिक सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक फायदा समझौतों के लागू होने और व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी पर निर्भर करेगा।

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