Home / International / Israeli Jets Provocation Report : ईरान की सीमा के करीब पहुंचे इजराइल के दर्जनों लड़ाकू विमान, क्या नए हमले की तैयारी हो रही है?
International

Israeli Jets Provocation Report : ईरान की सीमा के करीब पहुंचे इजराइल के दर्जनों लड़ाकू विमान, क्या नए हमले की तैयारी हो रही है?

इजराइल के दर्जनों फाइटर जेट सीरिया और इराक के हवाई क्षेत्र से उड़कर ईरान की सीमा के करीब पहुंचे और लौट गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सूत्रों ने इसे ईरान को उकसाने की संभावित कोशिश बताया, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। वहीं, ट्रम्प ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले नेतन्याहू की ईरान पर नए हमले की योजना का विरोध किया।

Israeli Jets Provocation Report : ईरान की सीमा के करीब पहुंचे इजराइल के दर्जनों लड़ाकू विमान, क्या नए हमले की तैयारी हो रही है?

Israeli Jets Provocation Report : इजराइल के दर्जनों लड़ाकू विमान इस हफ्ते सीरिया और इराक के हवाई क्षेत्र से उड़ते हुए ईरान की सीमा के बेहद करीब पहुंचे और फिर वापस लौट गए। इजराइली मीडिया चैनल-12 की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सूत्रों को आशंका है कि इस सैन्य गतिविधि का मकसद ईरान की एयर डिफेंस को प्रतिक्रिया देने के लिए उकसाना हो सकता था, ताकि इजराइल को हमले का बहाना मिल सके। हालांकि, इजराइल और अमेरिका के अधिकारियों ने इसे सैन्य अभ्यास और ईरान को अपनी ताकत दिखाने की कार्रवाई बताया है। इसी बीच, फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अक्टूबर में ईरान पर नए हमले की तैयारी कराई थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले युद्ध दोबारा शुरू करने का विरोध किया।

सीरिया-इराक के ऊपर से गुजरे विमान, ईरान की सीमा के करीब जाकर लौटे

इजराइली चैनल-12 के मुताबिक, यह उड़ान सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच हुई। इसमें इजराइली एयरफोर्स के दर्जनों फाइटर जेट के साथ हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी शामिल थे। विमान सीरिया और इराक के ऊपर से उड़ते हुए ईरान की सीमा के बेहद करीब पहुंचे और फिर इजराइल लौट गए। रिपोर्ट में कहा गया कि उनके उड़ान मार्ग से हमले की तैयारी जैसी स्थिति बन सकती थी।अमेरिकी सूत्रों के हवाले से चैनल-12 ने बताया कि इजराइल को पता था कि ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम इन विमानों की गतिविधि को पहचान लेंगे। सूत्रों को आशंका थी कि इजराइल चाहता होगा कि ईरानी सेना विमानों पर गोलीबारी करे। ऐसी स्थिति में इजराइल इसे जवाबी सैन्य कार्रवाई के आधार के तौर पर पेश कर सकता था। हालांकि, यह मंशा एक मीडिया रिपोर्ट में अमेरिकी सूत्रों की आशंका के रूप में सामने आई है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इजराइल ने अमेरिका को इस अभियान की जानकारी पहले ही दे दी थी। अधिकारियों ने इसे सैन्य अभ्यास और ईरान को रोकने के लिए ताकत दिखाने वाली कार्रवाई बताया। इस तरह की गतिविधि में गलत अनुमान या किसी पक्ष की जल्दबाजी से तनाव बढ़ने का खतरा रहता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों ने भी माना कि इस तरह की उड़ान से ईरान की ओर से सैन्य प्रतिक्रिया आने का जोखिम था।

नेतन्याहू की नई हमले की तैयारी, ट्रम्प ने जताया विरोध

इस घटनाक्रम से पहले फाइनेंशियल टाइम्स ने तीन ऐसे लोगों के हवाले से रिपोर्ट दी थी, जिन्हें सैन्य योजना की जानकारी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने अक्टूबर की शुरुआत में सेना को ईरान पर नए हमले की तैयारी करने का निर्देश दिया था। सेना ने 10 अक्टूबर के आसपास कई दिनों तक चलने वाले अभियान की योजना बनाई थी। इसमें ईरान के परमाणु ठिकानों, सरकार से जुड़े ठिकानों और बिजली संयंत्रों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की तैयारी शामिल थी।रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले युद्ध दोबारा शुरू करने का विरोध किया। इसके बाद प्रस्तावित अभियान आगे नहीं बढ़ा। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट नहीं था कि अगर हमले होते तो अमेरिका सीधे उनमें शामिल होता या इजराइल अकेले कार्रवाई करता। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित अभियान फरवरी 2026 में हुए अमेरिकी-इजराइली हमलों से भी ज्यादा व्यापक हो सकता था। यह जानकारी सूत्रों पर आधारित मीडिया रिपोर्ट है; इसे किसी सार्वजनिक रूप से घोषित सैन्य फैसले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

ईरान और इजराइल के बीच फिर बढ़ सकता है तनाव

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए थे। इन हमलों में ईरान के सैन्य और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनका असर क्षेत्र के दूसरे देशों पर भी पड़ा। संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी भी लागू की।जून में पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश हुई थी, लेकिन संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने का रास्ता नहीं निकल सका। अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस के सितंबर 2026 के आकलन के मुताबिक, जून में हुए समझौता ज्ञापन के बाद भी लड़ाई दोबारा शुरू हुई और अगस्त में उसकी अवधि समाप्त हो गई। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
इजराइली विमानों की हालिया उड़ान ऐसे समय हुई, जब नेतन्याहू की सरकार ईरान को लेकर सख्त बयान दे रही है और अमेरिका के साथ आगे की सैन्य कार्रवाई की संभावनाओं पर चर्चा की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, अभी यह कहना सही नहीं होगा कि इस उड़ान के बाद इजराइल ने ईरान पर हमले का फैसला कर लिया है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक, विमान ईरान की सीमा के करीब पहुंचे, लेकिन वापस लौट गए। किसी नई सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Israeli Fighter Jets Iran की Border के करीब क्यों पहुंचे?

इजराइली मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दर्जनों फाइटर जेट और ईंधन भरने वाले विमान सीरिया और इराक के ऊपर से उड़ते हुए ईरान की सीमा के करीब पहुंचे। इजराइल और अमेरिका के अधिकारियों ने इसे सैन्य अभ्यास और ताकत दिखाने की कार्रवाई बताया। कुछ अमेरिकी सूत्रों ने आशंका जताई कि इसका मकसद ईरान की प्रतिक्रिया उकसाना भी हो सकता था।

क्या Israel ने Iran को उकसाने के लिए Military Operation किया था?

इसकी पुष्टि नहीं हुई है। चैनल-12 की रिपोर्ट में अमेरिकी सूत्रों ने आशंका जताई कि इजराइल ईरान की ओर से गोलीबारी होने की उम्मीद कर रहा होगा। वहीं, अधिकारियों ने इसे ईरान को रोकने और सैन्य क्षमता दिखाने वाला अभ्यास बताया है।

Israeli Fighter Jets ने Iran की ओर जाने के लिए किन देशों के Airspace का इस्तेमाल किया?

रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली विमान सीरिया और इराक के हवाई क्षेत्र से गुजरे। इसके बाद वे ईरान की सीमा के करीब पहुंचे और फिर इजराइल लौट गए।

क्या Iran ने Israeli Fighter Jets की इस गतिविधि पर कोई जवाबी कार्रवाई की?

उपलब्ध रिपोर्टों में इस उड़ान के जवाब में ईरान की ओर से किसी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। विमान सीमा के करीब पहुंचे थे, लेकिन ईरान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने या किसी हमले की सूचना नहीं दी गई।

Israel के इस Military Exercise का Iran के साथ संभावित युद्ध से क्या संबंध है?

यह उड़ान ऐसे समय हुई जब ईरान पर नए हमले की तैयारी और युद्ध दोबारा शुरू होने की संभावनाओं को लेकर रिपोर्टें सामने आईं। फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, नेतन्याहू ने अक्टूबर में नए हमले की तैयारी कराई थी, लेकिन ट्रम्प ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले युद्ध फिर शुरू करने का विरोध किया था। हालिया उड़ान को इसी तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है, लेकिन दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हुआ है।

क्या Israel और Iran के बीच दोबारा Military Conflict शुरू होने का खतरा है?

तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण खतरा बना हुआ है, लेकिन नए युद्ध की शुरुआत निश्चित नहीं है। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, सैन्य कार्रवाई और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर विवाद जारी है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों देश क्या कदम उठाते हैं और अमेरिका की भूमिका क्या रहती है।

Was this article useful?