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Hegseth Netanyahu Secret Israel Visit : नेगेव एयरबेस पर हेगसेथ और नेतन्याहू की खुफिया बैठक, क्या ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में हैं अमेरिका-इजराइल?

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 19 अक्टूबर 2026 को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से गुप्त मुलाकात की। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य सहयोग पर चर्चा हुई, जबकि ईरान पर नए हमले की पुष्टि नहीं हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइली चुनाव से पहले नेतन्याहू को समर्थन दिया, लेकिन अमेरिका ने 3 नवंबर के मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करने की बात कही है।

Hegseth Netanyahu Secret Israel Visit : नेगेव एयरबेस पर हेगसेथ और नेतन्याहू की खुफिया बैठक, क्या ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में हैं अमेरिका-इजराइल?

Hegseth Netanyahu Secret Israel Visit : अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से एक अघोषित दौरे के दौरान मुलाकात की। यह बैठक इजराइल के दक्षिणी नेगेव रेगिस्तानी इलाके में स्थित उवदा एयरबेस पर हुई। रॉयटर्स के मुताबिक, इजराइली प्रधानमंत्री के प्रवक्ता डोरोन स्पीलमैन ने मंगलवार को मुलाकात की पुष्टि की। इससे पहले एक्सियोस ने इस दौरे की खबर दी थी। बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान को लेकर सैन्य सहयोग, संभावित नए हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा तेज है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में नेतन्याहू को इजराइल के आगामी चुनाव में खुला समर्थन भी दिया है।हालांकि, हेगसेथ और नेतन्याहू की मुलाकात में ईरान पर नए सैन्य हमले का कोई अंतिम फैसला हुआ या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस बैठक को अमेरिका की ओर से ईरान पर तत्काल हमले की घोषणा मानना सही नहीं होगा।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (बाएं) और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, 9 जुलाई 2025 को वाशिंगटन में पेंटागन में आयोजित एक सम्मान समारोह (ऑनर कॉर्डन सेरेमनी) के दौरान बातचीत करते हुए। (AP Photo/Mark Schiefelbein)
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (बाएं) और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, 9 जुलाई 2025 को वाशिंगटन में पेंटागन में आयोजित एक सम्मान समारोह (ऑनर कॉर्डन सेरेमनी) के दौरान बातचीत करते हुए। (AP Photo/Mark Schiefelbein)

ट्रम्प ने नेतन्याहू को दिया समर्थन, 27 अक्टूबर को इजराइल में चुनाव

हेगसेथ की इजराइल यात्रा से एक दिन पहले 18 अक्टूबर को ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नेतन्याहू को आगामी चुनाव के लिए अपना “पूर्ण समर्थन” देने का ऐलान किया था। उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री को मजबूत, साहसी और शानदार नेता बताते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में वह अमेरिका के सहयोगी रहे हैं। इजराइल में 27 अक्टूबर को संसदीय चुनाव होने हैं।

नेतन्याहू की धार्मिक-राष्ट्रवादी गठबंधन सरकार के सामने चुनाव में बहुमत खोने की चुनौती है। हालांकि, सर्वेक्षणों के मुताबिक विपक्षी दलों के लिए भी सरकार बनाने लायक बहुमत जुटाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में ट्रम्प का समर्थन नेतन्याहू के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है।दूसरी ओर, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने नेतन्याहू का समर्थन करने से दूरी बनाए रखी। 19 अक्टूबर को डिजिटल मीडिया आउटलेट 2WAY को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह इजराइल के चुनाव में शामिल नहीं होना चाहते और उनका ध्यान अमेरिका के 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों पर है। वेंस ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका रुख न तो नेतन्याहू के समर्थन में है और न ही उनके खिलाफ।

ईरान पर नए हमले की आशंका

अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या अमेरिका और इजराइल ईरान पर फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करने जा रहे हैं। हेगसेथ और नेतन्याहू की मुलाकात में क्षेत्रीय खतरों और दोनों देशों के सैन्य सहयोग पर चर्चा हुई, लेकिन बैठक के बाद किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई।इससे पहले अमेरिका और इजराइल ने फरवरी 2026 के अंत में ईरान पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके बाद संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल गया। इसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद और यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर तेज होते हमलों ने भी क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंताएं बढ़ाई हैं।
8 अक्टूबर को ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति को कमजोर बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। हालांकि, एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड को ईरान में बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की संभावनाओं के लिए तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। इसका अर्थ यह नहीं है कि हमला करने का अंतिम आदेश जारी हो चुका है।
व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव एना केली ने भी अल जजीरा के सवाल के जवाब में ट्रम्प के उस बयान को दोहराया था कि अमेरिका मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। ऐसे में फिलहाल सार्वजनिक बयानों में सैन्य कार्रवाई की तैयारी और तत्काल हमले के फैसले के बीच अंतर बना हुआ है।

नेतन्याहू बोले- ईरानी शासन को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध

इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मंगलवार को अपने कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा कि उन्होंने रविवार को ट्रम्प से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि दोनों देश ईरानी शासन को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस मुद्दे पर ट्रम्प के साथ कई बार चर्चा हो चुकी है।नेतन्याहू के इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान का मुद्दा दोनों नेताओं की बातचीत के केंद्र में है। हालांकि, इससे यह पुष्टि नहीं होती कि अमेरिका ने ईरान पर नए हमले का फैसला कर लिया है। नेतन्याहू गाजा में युद्ध अपराधों के आरोपों को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के गिरफ्तारी वारंट का भी सामना कर रहे हैं।
हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर बताया था कि उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाके में तैनात अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की। इस कमांड का दायरा मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों तक फैला है। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में इजराइल यात्रा या नेतन्याहू से मुलाकात का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया। अमेरिकी रक्षा विभाग ने भी शुरुआत में इस दौरे पर टिप्पणी करने से इनकार किया था।
इजराइली प्रधानमंत्री के प्रवक्ता के मुताबिक, इजराइल में हजारों अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी की जा रही है। हेगसेथ ने इसके लिए इजराइल का आभार जताया। प्रवक्ता ने दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों को भी बातचीत का अहम हिस्सा बताया।
कुल मिलाकर, हेगसेथ की अघोषित इजराइल यात्रा अमेरिका-इजराइल सैन्य सहयोग और ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच हुई है। ट्रम्प का नेतन्याहू को समर्थन और ईरान के खिलाफ सख्त बयान इस घटनाक्रम को राजनीतिक महत्व देते हैं। लेकिन अमेरिका की ओर से चुनाव से पहले हमले से इनकार किए जाने के कारण किसी नई सैन्य कार्रवाई को तय मानना फिलहाल सही नहीं होगा।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Pete Hegseth ने Israel की Secret Visit के दौरान Benjamin Netanyahu से क्या चर्चा की?

इजराइली प्रधानमंत्री के प्रवक्ता के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों और उनसे निपटने के लिए अमेरिका-इजराइल के आक्रामक और रक्षात्मक सैन्य सहयोग पर चर्चा की। बैठक में ट्रम्प के नेतन्याहू को समर्थन और इजराइल में तैनात अमेरिकी सैनिकों का मुद्दा भी शामिल था।

Donald Trump ने Netanyahu का समर्थन करते हुए क्या बयान दिया?

18 अक्टूबर 2026 को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर नेतन्याहू को आगामी चुनाव के लिए अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने उन्हें मजबूत, साहसी और शानदार नेता बताया तथा ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का सहयोगी कहा।

क्या US, Iran पर दोबारा Military Attack करने की योजना बना रहा है?

अमेरिका ने ईरान में संभावित बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारियां की हैं, लेकिन हेगसेथ और नेतन्याहू की बैठक के बाद नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका 3 नवंबर के मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा।

Hegseth और Netanyahu की Meeting का Iran War से क्या संबंध है?

बैठक में क्षेत्रीय खतरों और दोनों देशों के सैन्य सहयोग पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई, जब फरवरी 2026 में शुरू हुए अमेरिका-इजराइल और ईरान के संघर्ष के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। हालांकि, बैठक में नए हमले का अंतिम निर्णय होने की पुष्टि नहीं हुई है।

US और Israel के बीच Iran को लेकर Military Cooperation कैसी है?

दोनों देश ईरान से जुड़े सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए आक्रामक और रक्षात्मक सैन्य सहयोग करते हैं। फरवरी 2026 के अंत में दोनों ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे। इजराइल में हजारों अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी भी इस सहयोग का हिस्सा है।

Iran पर संभावित अमेरिकी हमले का Middle East पर क्या असर पड़ सकता है?

यदि अमेरिका ईरान पर दोबारा बड़े हमले करता है, तो क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ सकता है। इससे इजराइल और आसपास के देशों की सुरक्षा, होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल आपूर्ति और वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, ये संभावित परिणाम हैं, किसी नए हमले के निश्चित प्रभाव नहीं।

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