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2035 तक बीजिंग में हर तीसरा व्यक्ति होगा बुजुर्ग! चीन के सामने क्यों खड़ा हो रहा है आबादी का बड़ा संकट?

चीन की राजधानी बीजिंग में 2035 तक करीब एक-तिहाई आबादी 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की हो सकती है। घटती जन्म दर और तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी चीन की अर्थव्यवस्था, पेंशन व्यवस्था और कामकाजी आबादी के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।

2035 तक बीजिंग में हर तीसरा व्यक्ति होगा बुजुर्ग! चीन के सामने क्यों खड़ा हो रहा है आबादी का बड़ा संकट?

चीन की राजधानी बीजिंग आने वाले वर्षों में एक बड़े जनसांख्यिकीय बदलाव का सामना कर सकती है। Beijing Aging Population से जुड़ी नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2035 तक शहर का हर तीसरा निवासी 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र का हो सकता है। बीजिंग डेली की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक शहर में इस उम्र के 52.9 लाख स्थायी निवासी थे, जो कुल आबादी का 24.3 प्रतिशत है। बुजुर्गों की बढ़ती संख्या चीन के सामने पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक विकास से जुड़ी चुनौतियां बढ़ा सकती है।

2035 तक बीजिंग की आबादी में क्या बड़ा बदलाव होगा?

बीजिंग में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 2025 के अंत में 24.3 प्रतिशत थी। अनुमान है कि 2035 तक यह बढ़कर करीब एक-तिहाई हो जाएगी। चीन के जनसांख्यिकीय आंकड़ों में 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी को बुजुर्ग आबादी के आकलन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। किसी समाज को ‘सुपर-एज्ड’ कहने का संबंध उसकी आबादी में बुजुर्गों की बड़ी हिस्सेदारी से है। हालांकि, अलग-अलग संस्थाएं इस श्रेणी के लिए अलग आयु-सीमा और मानक इस्तेमाल कर सकती हैं। बीजिंग के मामले में सामने आया अनुमान शहर की तेजी से बदलती आयु संरचना की ओर इशारा करता है।

Beijing Aging Population: चीन के लिए क्यों बढ़ रही है चिंता?

चीन की कुल आबादी 2022 से लगातार घट रही है और देश में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका असर भविष्य में काम करने योग्य लोगों की उपलब्धता, घरेलू खपत और सरकारी खर्च पर पड़ सकता है।जब आबादी का बड़ा हिस्सा सेवानिवृत्ति की उम्र में पहुंचता है, तो पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत बढ़ती है। वहीं, कामकाजी आबादी का अनुपात कम होने पर सरकार और अर्थव्यवस्था पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। चीन के सामने यह चुनौती इसलिए भी अहम है क्योंकि वह घरेलू खपत बढ़ाने और कर्ज पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, आज कम बच्चों का जन्म भविष्य में परिवारों की संख्या और उपभोक्ता खर्च की वृद्धि को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इन बदलावों का वास्तविक आर्थिक असर रोजगार, उत्पादकता और सरकारी नीतियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगा।

बुजुर्गों की देखभाल के लिए बीजिंग की क्या तैयारी है?

बुजुर्ग आबादी की जरूरतों को देखते हुए बीजिंग सरकार पेंशन और देखभाल सेवाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, शहर अगले तीन वर्षों में घर पर बुजुर्गों की देखभाल के लिए 30,000 अतिरिक्त बेड जोड़ने की योजना बना रहा है।इसके साथ ही, शहर में ऐसा देखभाल नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत लोगों को अपने घर के करीब 15 मिनट की दूरी में बुजुर्गों से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। प्रशासन ने बुजुर्गों की देखभाल के लिए कानूनी सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया है। चिकित्सा संस्थानों और देखभाल सेवा प्रदाताओं के बीच साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।बीजिंग ने बुनियादी पेंशन में बढ़ोतरी की है और बहुस्तरीय पेंशन व्यवस्था को मजबूत करने के कदम उठाए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बुजुर्गों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना है।

घटती जन्म दर से निपटने के लिए चीन की रणनीति

चीन की सरकार जनसंख्या नियोजन को आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है। जन्म दर बढ़ाने के लिए सरकार विभिन्न उपायों पर विचार कर रही है। रॉयटर्स के अनुमानों के मुताबिक, 2026 में जन्म को प्रोत्साहित करने के उपायों पर संभावित सरकारी खर्च करीब 180 अरब युआन यानी 26.92 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकता है।हालांकि, केवल वित्तीय सहायता से जन्म दर में स्थायी बढ़ोतरी सुनिश्चित नहीं होती। बच्चों की परवरिश का खर्च, रोजगार की स्थिति, आवास और परिवारों की प्राथमिकताएं भी जन्म दर को प्रभावित करती हैं। चीन के सामने चुनौती ऐसी नीतियां बनाने की है, जो परिवारों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ बुजुर्गों की जरूरतों को भी पूरा कर सकें।

निष्कर्ष

Beijing Aging Population का बढ़ना चीन में हो रहे व्यापक जनसांख्यिकीय बदलाव का संकेत है। 2035 तक बीजिंग में हर तीन में से लगभग एक व्यक्ति के 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र का होने का अनुमान पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और कामकाजी आबादी से जुड़ी चुनौतियों को उजागर करता है। सरकार देखभाल सेवाओं और पेंशन व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन लंबे समय में इन चुनौतियों से निपटने के लिए जन्म दर, उत्पादकता और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण होगा।

FAQ (Frequently Asked Questions):

बीजिंग की आबादी 2035 तक सुपर-एज्ड क्यों हो सकती है?

शहर में बुजुर्ग आबादी की हिस्सेदारी बढ़ रही है। 2025 के अंत में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग कुल आबादी का 24.3 प्रतिशत थे। यह हिस्सा 2035 तक करीब एक-तिहाई होने का अनुमान है।

सुपर-एज्ड सोसाइटी का क्या मतलब है?

यह ऐसे समाज को कहा जाता है, जहां कुल आबादी में बुजुर्गों की हिस्सेदारी बहुत अधिक हो। इसकी सटीक परिभाषा इस्तेमाल किए जाने वाले मानक पर निर्भर करती है।

चीन में बुजुर्गों की आबादी तेजी से क्यों बढ़ रही है?

चीन में जन्म दर में गिरावट और आबादी की बदलती आयु संरचना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

बुजुर्ग आबादी बढ़ने से चीन की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है?

इससे पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च बढ़ सकता है, जबकि कामकाजी आबादी घटने से श्रम उपलब्धता और घरेलू खपत प्रभावित हो सकती है।

बीजिंग बुजुर्गों की देखभाल के लिए क्या कर रहा है?

शहर अगले तीन वर्षों में घर पर बुजुर्गों की देखभाल के लिए 30,000 अतिरिक्त बेड जोड़ने, 15 मिनट की दूरी वाला सेवा नेटवर्क विकसित करने और पेंशन व सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है।

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