ऑनलाइन शॉपिंग में बढ़ रहा BNPL का चलन, अभी खरीदें बाद में चुकाएं की सुविधा कैसे डाल सकती है कर्ज में?
भारत के शहरी इलाकों में डिजिटल क्रेडिट का इस्तेमाल बढ़ रहा है। एक सर्वेक्षण के अनुसार टियर-2 शहरों में 60% उत्तरदाताओं ने Buy Now, Pay Later (BNPL) का इस्तेमाल किया। यह सुविधा खरीदारी आसान बनाती है, लेकिन भुगतान में देरी, अतिरिक्त शुल्क और कर्ज बढ़ने का जोखिम भी पैदा कर सकती है।
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान ग्राहकों को अब तुरंत भुगतान करने के बजाय बाद में या किस्तों में पैसा चुकाने का विकल्प भी मिलता है। इसे Buy Now, Pay Later यानी BNPL कहा जाता है। यह सुविधा ग्राहकों को खर्च बांटने में मदद कर सकती है, लेकिन भुगतान की शर्तें समझे बिना इसका इस्तेमाल आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है।
13 अक्टूबर 2026 को जारी How Urban India Pays Report 2026 के अनुसार, शहरी भारत में डिजिटल क्रेडिट के बारे में जागरूकता अधिक है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों का अनुपात इससे कम है। यह रिपोर्ट Pahlé India Foundation और Amazon Pay ने मिलकर तैयार की है। इसमें 20 राज्यों के 100 शहरों के 5,149 उपभोक्ताओं और 1,089 व्यापारियों को शामिल किया गया।
रिपोर्ट में छोटे शहरों में BNPL के इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। हालांकि, ये आंकड़े सर्वेक्षण में शामिल लोगों पर आधारित हैं और इन्हें पूरे भारत की आबादी का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
छोटे शहरों में BNPL का इस्तेमाल कितना है?
- टियर-2 शहर: 60% उत्तरदाताओं ने BNPL का इस्तेमाल किया।
- टियर-3 शहर: 52% उत्तरदाताओं ने इसका इस्तेमाल किया।
- मेट्रो शहर: 45% उत्तरदाताओं ने BNPL का इस्तेमाल किया।
- डिजिटल क्रेडिट की जानकारी: 88% शहरी उपभोक्ता इससे परिचित थे।
- डिजिटल क्रेडिट का इस्तेमाल: 31% उपभोक्ताओं ने इसका इस्तेमाल किया।

यहां एक अंतर समझना जरूरी है। 88% और 31% के आंकड़े डिजिटल क्रेडिट से संबंधित हैं, जबकि 60%, 52% और 45% के आंकड़े अलग-अलग शहर श्रेणियों में BNPL के इस्तेमाल को दर्शाते हैं।
Buy Now, Pay Later - यह सुविधा कैसे काम करती है?
BNPL में ग्राहक खरीदारी के समय पूरा भुगतान करने के बजाय तय समय बाद या किस्तों में रकम चुका सकता है। इसकी अवधि, ब्याज और दूसरी शर्तें संबंधित सेवा तथा ऋणदाता पर निर्भर करती हैं।
उदाहरण के लिए, कोई ग्राहक ₹10,000 का सामान खरीदता है और BNPL के जरिए भुगतान बाद में करने का विकल्प चुनता है। उसे तय तारीख तक रकम चुकानी होगी। भुगतान में देरी होने पर संबंधित योजना की शर्तों के अनुसार लेट फीस या अन्य शुल्क लग सकते हैं।
कुछ योजनाओं में निर्धारित अवधि तक ब्याज नहीं लगता, लेकिन हर BNPL सुविधा पूरी तरह मुफ्त नहीं होती। इसलिए खरीदारी से पहले भुगतान की तारीख, कुल देय रकम और लागू शुल्क की जानकारी लेना जरूरी है।
BNPL Risks: इस सुविधा के क्या नुकसान हो सकते हैं?
1. जरूरत से ज्यादा खरीदारी
जब ग्राहक को तुरंत पूरी रकम नहीं चुकानी पड़ती, तो वह अपने बजट से अधिक खर्च कर सकता है। ऑनलाइन शॉपिंग के ऑफर और छूट के साथ BNPL का विकल्प अतिरिक्त खरीदारी को बढ़ावा दे सकता है। यदि कई खरीदारी का भुगतान बाद में करना हो, तो उनकी कुल रकम बजट से बाहर जा सकती है। खासकर त्योहारों के दौरान बढ़ते खर्च के बीच अपनी भुगतान क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है।
2. लेट फीस और अतिरिक्त शुल्क
BNPL की भुगतान तारीख चूकने पर योजना की शर्तों के अनुसार लेट फीस या अन्य शुल्क लग सकते हैं। कुछ योजनाओं में ब्याज भी लागू हो सकता है। इसलिए ग्राहक को केवल सामान की कीमत नहीं देखनी चाहिए। भुगतान में देरी होने पर कुल कितनी रकम चुकानी होगी, यह पहले समझना चाहिए।
3. क्रेडिट स्कोर पर असर
BNPL का क्रेडिट स्कोर पर असर इस बात पर निर्भर करता है कि सुविधा किस प्रकार के ऋण के रूप में दी गई है और भुगतान की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट की जाती है या नहीं। यदि संबंधित ऋणदाता भुगतान में चूक की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट करता है, तो इसका असर ग्राहक के क्रेडिट रिकॉर्ड पर पड़ सकता है। कमजोर क्रेडिट रिकॉर्ड भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड लेने की शर्तों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, हर BNPL उत्पाद का असर एक जैसा नहीं होता।
4. कई भुगतानों का बोझ
अलग-अलग ऐप और शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर BNPL का इस्तेमाल करने से भुगतान की तारीखें याद रखना मुश्किल हो सकता है। हर खरीदारी की रकम छोटी होने पर भी कई बकाया मिलकर बड़ा वित्तीय बोझ बन सकते हैं। यदि ग्राहक पुराने बकाये चुकाने के लिए नया कर्ज लेने लगे, तो उसकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए सभी बकाया रकम और उनकी अंतिम भुगतान तारीखों का हिसाब रखना जरूरी है।
BNPL Debt Trap - कर्ज के जाल में फंसने से कैसे बचें?
BNPL अपने आप में कर्ज का जाल नहीं है। परेशानी तब बढ़ सकती है जब ग्राहक अपनी आय और खर्च का आकलन किए बिना बार-बार उधार लेकर खरीदारी करता है। मान लीजिए कि कोई व्यक्ति एक महीने में कई छोटी खरीदारी BNPL के जरिए करता है। हर खरीदारी के समय भुगतान कम दिखाई देता है, लेकिन जब सभी किस्तों की तारीख आती है, तो आय का बड़ा हिस्सा बकाया चुकाने में खर्च हो सकता है।
इस स्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि ग्राहक अपनी भुगतान क्षमता के अनुसार ही उधार ले और पुराने बकाये चुकाने के लिए लगातार नया कर्ज लेने से बचे।
BNPL Payment Options चुनने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
- कुल लागत समझें: ब्याज, प्रोसेसिंग शुल्क और दूसरी लागू फीस की जानकारी लें।
- भुगतान की तारीख देखें: सभी किस्तों और अंतिम भुगतान तारीख का रिकॉर्ड रखें।
- अपनी क्षमता के अनुसार खर्च करें: उतना ही उधार लें जितना तय समय पर चुका सकें।
- कई जगह से उधार लेने से बचें: अलग-अलग ऐप पर बकाया होने से भुगतान संभालना कठिन हो सकता है।
- नियम और शर्तें पढ़ें: देरी, रिफंड और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझें।
- ऋणदाता की पहचान जांचें: पता करें कि सुविधा किस बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के जरिए दी जा रही है।
Digital Lending India: BNPL पर RBI के नियम क्या हैं?
भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल ऋण देने की प्रक्रिया के लिए Reserve Bank of India (Digital Lending) Directions, 2025 जारी किए थे। इन निर्देशों का उद्देश्य डिजिटल ऋण में पारदर्शिता, ग्राहक सुरक्षा और ऋण की शर्तों की स्पष्ट जानकारी सुनिश्चित करना है।
डिजिटल ऋण से जुड़े नियमों में ऋणदाता की जिम्मेदारी, ऋण की लागत और शर्तों का खुलासा, ग्राहक के डेटा की सुरक्षा तथा शिकायतों के समाधान जैसे विषय शामिल हैं। यदि BNPL सुविधा डिजिटल ऋण के रूप में दी जाती है, तो उस पर लागू नियम उसकी संरचना और संबंधित ऋणदाता के आधार पर तय होंगे।
ग्राहक को सुविधा लेने से पहले ऋणदाता का नाम, कुल देय रकम, ब्याज दर और भुगतान की शर्तें स्पष्ट रूप से समझनी चाहिए।
निष्कर्ष
BNPL से ऑनलाइन खरीदारी के भुगतान को टालना आसान हो सकता है, लेकिन देर से भुगतान, अतिरिक्त शुल्क और बढ़ते बकाये का जोखिम भी रहता है। इसलिए ग्राहक को इसकी शर्तें समझकर अपनी भुगतान क्षमता के अनुसार ही उधार लेना चाहिए।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Buy Now, Pay Later (BNPL) क्या है और यह कैसे काम करता है?
BNPL ऐसी सुविधा है जिसमें ग्राहक खरीदारी के समय पूरा भुगतान करने के बजाय बाद में या तय किस्तों में रकम चुका सकता है। इसकी शर्तें संबंधित सेवा और ऋणदाता पर निर्भर करती हैं।
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान BNPL का इस्तेमाल क्यों होता है?
BNPL ग्राहकों को तुरंत पूरा भुगतान किए बिना खरीदारी करने की सुविधा देता है। इससे खर्च को बाद की तारीख या किस्तों में बांटा जा सकता है। हालांकि, सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले भुगतान की शर्तें समझना जरूरी है।
BNPL का इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हो सकते हैं?
इसके संभावित नुकसान में जरूरत से ज्यादा खरीदारी, भुगतान में देरी पर शुल्क, कई किस्तों का बोझ और कर्ज बढ़ने का जोखिम शामिल हैं।
क्या BNPL से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है?
कुछ BNPL सुविधाएं क्रेडिट स्कोर को प्रभावित कर सकती हैं। इसका असर सुविधा के स्वरूप और संबंधित ऋणदाता द्वारा क्रेडिट ब्यूरो को दी जाने वाली जानकारी पर निर्भर करता है।
BNPL का भुगतान समय पर नहीं करने पर क्या होता है?
भुगतान में देरी होने पर संबंधित योजना की शर्तों के अनुसार लेट फीस या अन्य शुल्क लग सकते हैं। यदि भुगतान की चूक क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट की जाती है, तो क्रेडिट रिकॉर्ड पर भी असर पड़ सकता है।
क्या BNPL पर ब्याज और लेट फीस लगती है?
कुछ योजनाएं निर्धारित अवधि तक ब्याज-मुक्त होती हैं, जबकि दूसरी योजनाओं में ब्याज या अन्य शुल्क लागू हो सकते हैं। भुगतान में देरी पर लेट फीस भी लग सकती है। इसलिए इस्तेमाल से पहले कुल देय रकम और सभी शर्तें जांचना जरूरी है।