Home / International / Saudi Arabia Syria Agreement : सऊदी अरब और सीरिया के बीच रक्षा समझौता, 403 मिलियन डॉलर की मदद से कैसे बदलेगी सीरिया की तस्वीर?
International

Saudi Arabia Syria Agreement : सऊदी अरब और सीरिया के बीच रक्षा समझौता, 403 मिलियन डॉलर की मदद से कैसे बदलेगी सीरिया की तस्वीर?

सऊदी अरब और सीरिया ने 4 नवंबर 2026 को रक्षा सहयोग समझौता किया। साथ ही, सऊदी अरब 403 मिलियन डॉलर से अधिक का रियायती कर्ज देगा। इससे सीरिया में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, आवास और नागरिक सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को मदद मिलेगी।

Saudi Arabia Syria Agreement : सऊदी अरब और सीरिया के बीच रक्षा समझौता, 403 मिलियन डॉलर की मदद से कैसे बदलेगी सीरिया की तस्वीर?

Saudi Arabia Syria Agreement : सऊदी अरब और सीरिया ने 4 नवंबर 2026 को अपने रक्षा मंत्रालयों के बीच सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की रियाद यात्रा के दौरान हुआ, जहां उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के अलावा सीरिया के पुनर्निर्माण के लिए 403 मिलियन डॉलर से अधिक के रियायती कर्ज और उद्योग, कृषि तथा पर्यावरण से जुड़े समझौते भी किए। यह एक महीने से भी कम समय में अल-शरा की दूसरी सऊदी यात्रा थी। हालांकि, रक्षा समझौते की शर्तों और इसके तहत होने वाले सैन्य सहयोग का ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

हूती हमलों के बीच सऊदी अरब को क्षेत्रीय सहयोग की जरूरत

सऊदी अरब और सीरिया के बीच रक्षा समझौता ऐसे समय हुआ है, जब यमन का ईरान समर्थित हूती संगठन सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। हूती संगठन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन वाले बलों से लड़ रहा है। इस संघर्ष का असर सऊदी अरब की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। संगठन पहले भी सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बना चुका है।ऐसे में सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए अमेरिका, यूरोपीय देशों और मध्य पूर्व के अन्य देशों से मदद मांगी है। इसमें रक्षात्मक और आक्रामक, दोनों तरह के सैन्य सहयोग की मांग शामिल है।
पिछले महीने रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया था कि सीरिया सऊदी अरब को सैन्य मदद देने की संभावना पर विचार कर रहा है। उस समय सीरिया के एक राजनयिक ने कहा था कि सैन्य सहयोग या विशेषज्ञता के आदान-प्रदान से जुड़ी कोई भी मांग दोनों देशों के आधिकारिक माध्यमों और द्विपक्षीय समझौतों के दायरे में ही पूरी की जाएगी। हालांकि, नए रक्षा समझौते में सीरिया की ओर से सैनिक भेजने या हूती संगठन के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने का प्रावधान है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने 4 नवंबर, 2026 को सऊदी अरब के रियाद में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। Image Credit - Reuters
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने 4 नवंबर, 2026 को सऊदी अरब के रियाद में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। Image Credit - Reuters

सीरिया के लिए 403 मिलियन डॉलर से ज्यादा के छह कर्ज समझौते

रक्षा समझौते के साथ ही सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट ने सीरिया के वित्त मंत्रालय के साथ छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनके तहत सीरिया को 403 मिलियन डॉलर से अधिक का रियायती विकास कर्ज दिया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल बिजली, पानी, स्वास्थ्य, आवास, नागरिक सुरक्षा और सरकारी सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं में किया जाएगा।सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी SPA के मुताबिक, इन समझौतों में अलेप्पो थर्मल पावर प्लांट के पुनर्वास के लिए 90 मिलियन डॉलर और पीने के पानी की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 30 मिलियन डॉलर शामिल हैं। पानी से जुड़ी परियोजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में 3 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, 105 मिलियन डॉलर से 25 सिविल डिफेंस सेंटर बनाए और बेहतर किए जाएंगे। इनका इस्तेमाल आपात स्थिति, दुर्घटनाओं और आपदा प्रबंधन में किया जाएगा। क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए 60 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे, जिससे करीब 10 हजार आवासीय इकाइयों को फिर से तैयार करने का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 100 मिलियन डॉलर रखे गए हैं। इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का पुनर्वास, निर्माण और जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, सीरिया के वित्त मंत्रालय की डिजिटल व्यवस्था और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 18 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि दी जाएगी।

उद्योग, कृषि और पर्यावरण में भी सहयोग बढ़ाएंगे दोनों देश

रक्षा और विकास कर्ज समझौतों के अलावा सऊदी अरब और सीरिया ने कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ। इसके अलावा कृषि और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी दो अलग-अलग समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।दोनों देशों के नेताओं ने बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी चर्चा की। सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक, बातचीत में सैन्य तनाव बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का मुद्दा शामिल था। दोनों पक्षों ने तनाव कम करने और विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति से निकालने की बात कही। उन्होंने लाल सागर, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली गतिविधियों को तुरंत रोकने की अपील भी की।

क्या सीरिया सऊदी अरब के रक्षा गठबंधन में भी शामिल होगा?

रक्षा सहयोग समझौते से पहले सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने 31 अक्टूबर को बहरीन में आयोजित मनामा डायलॉग के दौरान कहा था कि उनका देश सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का रक्षा समझौते में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा था कि इस गठबंधन में सीरिया की भागीदारी को लेकर चर्चा चल रही है।यह समझौता अगस्त 2026 में हुआ था। इसके तहत किसी एक सदस्य देश पर सशस्त्र हमला होने को सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा। हालांकि, सीरिया के इस गठबंधन में शामिल होने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं हुआ है।
इसलिए सऊदी अरब और सीरिया के बीच हुआ नया रक्षा सहयोग समझौता और मक्का रक्षा गठबंधन में सीरिया की संभावित सदस्यता दो अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच हुए समझौते की विस्तृत शर्तें सामने नहीं आई हैं।

असद सरकार के पतन के बाद मजबूत हो रहे सऊदी-सीरिया संबंध

दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सरकार गिरने के बाद सीरिया में अहमद अल-शरा के नेतृत्व में नई सरकार बनी। इसके बाद सऊदी अरब ने सीरिया को आर्थिक मदद देने और दूसरे देशों के साथ उसके संबंध बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। सितंबर 2025 में भी सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट ने सीरिया को कच्चे तेल की आपूर्ति और सरकारी कर्मचारियों के तीन महीने के वेतन के लिए सहायता दी थी।दोनों देशों के नेताओं की पिछली मुलाकात 6 अक्टूबर 2026 को रियाद में हुई थी। उस बैठक में सीरिया के पुनर्निर्माण, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा तैयार करने और ऊर्जा, निर्माण, उद्योग, कृषि तथा व्यापार में निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। मौजूदा यात्रा के दौरान हुए समझौते इसी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions):

अहमद अल-शरा ने सऊदी अरब का दौरा कब किया?

सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने 4 नवंबर 2026 को सऊदी अरब का दौरा किया। एक महीने से भी कम समय में यह उनकी दूसरी रियाद यात्रा थी।

मोहम्मद बिन सलमान और अहमद अल-शरा की मुलाकात कहां हुई?

दोनों नेताओं की मुलाकात सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई।

सऊदी अरब और सीरिया के बीच कौन-कौन से समझौते हुए?

दोनों देशों ने रक्षा मंत्रालयों के बीच सहयोग समझौता किया। इसके अलावा विकास कर्ज, औद्योगिक सहयोग, कृषि और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े समझौते भी हुए।

सऊदी अरब और सीरिया के बीच रक्षा सहयोग समझौता क्या है?

यह दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच हुआ सहयोग समझौता है। इसके तहत सैन्य सहयोग और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान की संभावनाएं हैं, लेकिन इसकी विस्तृत शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं।

सऊदी अरब सीरिया को कितने मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देगा?

सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट ने सीरिया के साथ 403 मिलियन डॉलर से अधिक के छह रियायती विकास कर्ज समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

Saudi Fund for Development ने सीरिया के लिए कौन से प्रोजेक्ट घोषित किए?

इनमें अलेप्पो पावर प्लांट का पुनर्वास, पानी के स्मार्ट मीटर, सिविल डिफेंस सेंटर, क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का विकास तथा वित्त मंत्रालय की डिजिटल व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।

सऊदी अरब और सीरिया के संबंधों में सुधार क्यों हो रहा है?

दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सरकार गिरने के बाद सऊदी अरब ने सीरिया की नई सरकार के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाया है। सीरिया के पुनर्निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े साझा हित भी दोनों देशों को करीब ला रहे हैं।

Was this article useful?
Full page popup ad