पश्चिम बंगाल विधानसभा के रेस्ट रूम में मिला कैंटीन कर्मचारी का शव, 15 साल से कर रहा था काम; मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर के रेस्ट रूम में कैंटीन कर्मचारी उमेश चंद्र दास मृत पाए गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ सहकर्मियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा जैसे अत्यधिक सुरक्षित परिसर में सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कैंटीन में अस्थायी कर्मचारी के रूप में काम करने वाले उमेश चंद्र दास का शव रेस्ट रूम में मिला। करीब 15 वर्षों से विधानसभा में काम कर रहे दास को कुछ कर्मचारियों ने रेस्ट रूम के फर्श पर अचेत अवस्था में देखा था। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल West Bengal Assembly Canteen Worker Death मामले में मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विधानसभा के रेस्ट रूम में कैसे मिला कर्मचारी का शव?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह विधानसभा के कुछ कर्मचारियों की नजर रेस्ट रूम के फर्श पर पड़े उमेश चंद्र दास पर पड़ी। वह अचेत अवस्था में थे। कर्मचारियों ने तुरंत ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस थाने को भी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और विधानसभा के सुरक्षा कर्मियों की मदद से दास को रेस्ट रूम से बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
West Bengal Assembly Canteen Worker Death: 15 साल से कर रहे थे काम
मृतक की पहचान उमेश चंद्र दास के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर पिछले 15 वर्षों से काम कर रहे थे। वह विधानसभा की कैंटीन में कार्यरत थे। इस घटना ने विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि दास की मौत किन परिस्थितियों में हुई या इसमें किसी तरह की आपराधिक भूमिका थी।
कोलकाता पुलिस ने शुरू की जांच, खंगाले जा रहे CCTV फुटेज
कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुनाल अग्रवाल ने बताया कि पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि होमिसाइड डिवीजन के जासूस घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही विधानसभा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस मृतक के सहकर्मियों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
निष्कर्ष
West Bengal Assembly Canteen Worker Death का मामला फिलहाल जांच के अधीन है। 15 वर्षों से विधानसभा में काम कर रहे उमेश चंद्र दास की मौत कैसे हुई, इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मिल सकेगा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सहकर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा के कैंटीन कर्मचारी के साथ क्या घटना हुई?
सोमवार सुबह पश्चिम बंगाल विधानसभा के रेस्ट रूम में कैंटीन कर्मचारी उमेश चंद्र दास अचेत अवस्था में मिले। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विधानसभा परिसर में मृत पाए गए कैंटीन कर्मचारी की पहचान क्या है?
मृतक की पहचान उमेश चंद्र दास के रूप में हुई है। वह पिछले 15 वर्षों से पश्चिम बंगाल विधानसभा में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे थे।
कैंटीन कर्मचारी का शव विधानसभा परिसर में कहां मिला था?
Kolkata Assembly Staff Death मामले में उमेश चंद्र दास का शव विधानसभा परिसर के एक रेस्ट रूम में मिला था। कर्मचारियों ने उन्हें फर्श पर अचेत अवस्था में देखा था।
इस घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
कोलकाता पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। होमिसाइड डिवीजन की टीम घटनास्थल पर पहुंची है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मृतक के सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है।
कैंटीन कर्मचारी की मौत का वास्तविक कारण क्या है?
फिलहाल मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वजह का पता चल सकेगा।