₹100 करोड़ के स्कूल घोटाले में पूर्व मंत्री गिरफ्तार, स्टालिन बोले- राजनीतिक बदले की कार्रवाई
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को कथित ₹100 करोड़ के निजी स्कूल घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि सरकारी मान्यता और मंजूरी दिलाने के नाम पर पैसे वसूले गए। एमके स्टालिन ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
तमिलनाडु की राजनीति में कथित स्कूल घोटाले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Anbil Mahesh Poyyamozhi Arrest 2026 के तहत पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और डीएमके नेता अनबिल महेश पोय्यामोझी को चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने गिरफ्तार किया है। यह मामला निजी स्कूलों को सरकारी मान्यता और जरूरी मंजूरी दिलाने के बदले कथित तौर पर ₹100 करोड़ से अधिक की वसूली से जुड़ा है। मद्रास हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद यह कार्रवाई हुई।
Tamil Nadu School Scam 2026: क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, यह मामला तमिलनाडु के निजी स्कूलों के प्रबंधन से कथित तौर पर पैसे वसूलने का है। शिकायत फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस ऑफ प्राइवेट स्कूल्स इन तमिलनाडु के सचिव डीसी इलंगोवन ने दर्ज कराई थी।आरोप है कि स्कूल संचालकों से स्थायी मान्यता, स्कूलों का दर्जा बढ़ाने, Directorate of Town and Country Planning (DTCP) की मंजूरी और अन्य वैधानिक अनुमतियां दिलाने के नाम पर पैसे मांगे गए।जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 177 निजी स्कूलों से ₹100 करोड़ से अधिक की कथित वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस रकम को पार्टी फंड के नाम पर एकत्र किया गया और स्कूल प्रबंधन को लंबित सरकारी मंजूरियां दिलाने का भरोसा दिया गया।पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि अनबिल महेश के 2021 से 2026 के बीच शिक्षा मंत्री रहने के दौरान 1,000 से अधिक निजी स्कूल प्रबंधन से कथित तौर पर पार्टी फंड के नाम पर पैसे लिए गए। हालांकि, ये जांच में लगाए गए आरोप हैं, जिन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
Anbil Mahesh Poyyamozhi Arrest : हाई कोर्ट से झटका, फिर गिरफ्तारी
अनबिल महेश की गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने 26 अक्टूबर 2026 को उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने 16 अक्टूबर को इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रखा था।तमिलनाडु सरकार ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए मामले को गंभीर वित्तीय अपराध बताया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले में आगे जांच की जरूरत है।इसके बाद चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच की Entrustment Document Fraud (EDF-3) इकाई ने चेन्नई के अमिनजिकरई इलाके से अनबिल महेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ के लिए उन्हें ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नरेट ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत भी आरोप दर्ज किए गए हैं।
एमके स्टालिन का आरोप- राजनीतिक बदले की कार्रवाई
डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने अनबिल महेश की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ टीवीके सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है।स्टालिन के मुताबिक, अनबिल महेश जांच में पूरा सहयोग कर रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े सवालों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ऐसी कार्रवाई कर रही है।स्टालिन ने कहा कि अनबिल महेश कानूनी तरीके से आरोपों का सामना करेंगे और सरकार की यह कोशिश सफल नहीं होगी।दूसरी तरफ, भाजपा की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने डीएमके पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि अनबिल महेश निर्दोष हैं, तो उन्हें अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करनी चाहिए। केवल यह कह देना पर्याप्त नहीं है कि कोई अपराध हुआ ही नहीं।
Tamil Nadu Private School Scam की जांच में ED भी शामिल
चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच इस मामले में पहले भी कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीटी अरसकुमार, सुरेश और राजा शामिल हैं। अरसकुमार को 27 जून को गिरफ्तार किया गया था और बाद में मद्रास हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी।पुलिस ने चेन्नई, तिरुचिरापल्ली और कल्लाकुरिची में अनबिल महेश तथा उनके सहयोगियों से जुड़े आवासीय और कार्यालय परिसरों में तलाशी ली। इस दौरान अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कथित घोटाले से जुड़े धन के लेन-देन की जांच के लिए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत ECIR दर्ज की है।इससे मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब जांच एजेंसियां कथित वसूली, पैसों के प्रवाह और सरकारी मंजूरियों के बदले भुगतान किए जाने के आरोपों की पड़ताल कर रही हैं।
निष्कर्ष
Anbil Mahesh Poyyamozhi Arrest 2026 तमिलनाडु की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक अहम मामला बन गया है। एक ओर पुलिस निजी स्कूलों से कथित वसूली और सरकारी मंजूरियों के बदले पैसे लेने के आरोपों की जांच कर रही है, वहीं एमके स्टालिन इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। ED की जांच भी शुरू हो चुकी है। अब मामले में आगे की कार्रवाई और अदालत में पेश होने वाले सबूत यह तय करने में अहम होंगे कि आरोपों की कानूनी स्थिति क्या बनती है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Tamil Nadu School Scam 2026 क्या है?
यह निजी स्कूलों को सरकारी मान्यता और अन्य मंजूरियां दिलाने के नाम पर कथित तौर पर ₹100 करोड़ से अधिक की वसूली का मामला है। पुलिस के अनुसार, करीब 177 स्कूल इस मामले से जुड़े हैं।
Anbil Mahesh Poyyamozhi को क्यों गिरफ्तार किया गया?
चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने उन्हें निजी स्कूलों से कथित वसूली और सरकारी मंजूरियां दिलाने के नाम पर पैसे लेने के मामले में गिरफ्तार किया। आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं।
Tamil Nadu 100 Crore School Scam में क्या आरोप हैं?
आरोप है कि स्कूल प्रबंधन से पार्टी फंड के नाम पर पैसे लेकर स्थायी मान्यता, स्कूल अपग्रेडेशन और अन्य वैधानिक मंजूरियां दिलाने का भरोसा दिया गया।
Madras High Court Anticipatory Bail याचिका क्यों खारिज हुई?
मद्रास हाई कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2026 को अनबिल महेश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष ने मामले में आगे जांच की आवश्यकता पर जोर दिया था।
Anbil Mahesh Corruption Case का तमिलनाडु की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
इस मामले से डीएमके और सत्तारूढ़ टीवीके के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है। हालांकि, मामले का कानूनी और राजनीतिक प्रभाव जांच के निष्कर्षों तथा अदालत की आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।