अग्निवीरों को मिली 2 साल की बड़ी राहत! अब 4 नहीं, 6 साल तक कर सकेंगे सेना में नौकरी; जानिए किसे मिलेगा फायदा
अग्निवीरों की सेवा अवधि चार से बढ़ाकर छह साल करने का ऐलान किया गया है। हालांकि, सभी को स्थायी नौकरी नहीं मिलेगी। 25% को नियमित करने का पुराना नियम बरकरार रहेगा।
अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। Agniveer Service Extension 2026 के तहत अब अग्निवीरों को चार साल के बजाय छह साल तक सेना में सेवा करने का अवसर मिल सकेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार का ऐलान किया। इसका फायदा उन 75% अग्निवीरों को मिल सकता है, जिन्हें चार साल बाद सेवा छोड़नी पड़ती थी। हालांकि, यह विस्तार उनकी सहमति से होगा और नियमित सैनिक बनने का चयन मेरिट के आधार पर ही किया जाएगा।
अग्निवीरों के लिए क्या बदला, किसे मिलेगा दो साल का फायदा?

अब तक अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता था। कार्यकाल पूरा होने के बाद हर बैच के अधिकतम 25% अग्निवीरों को प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान था। बाकी 75% को सेवा से मुक्त होना पड़ता था। नई व्यवस्था में यह नियम बरकरार रहेगा। यानी 25% अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। वहीं, बाकी 75% अग्निवीरों को उनकी सहमति से दो साल और सेवा करने का मौका दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें बढ़ी हुई सैलरी और भत्ते भी मिलेंगे। छह साल की सेवा पूरी करने के बाद भी जो अग्निवीर सेना में बने रहना चाहेंगे, उन्हें चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसका मतलब है कि अतिरिक्त दो साल की नौकरी स्थायी नियुक्ति की गारंटी नहीं है।
दिसंबर 2026 में 18,300 अग्निवीरों का कार्यकाल होगा पूरा
इस फैसले की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि पहले बैच के हजारों अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2026 तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होनी थी। यह पहले बैच में भर्ती हुए कुल 24,400 अग्निवीरों का लगभग 75% है। पहले की योजना के अनुसार, नवंबर के मध्य से इन अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से बाहर किया जाना था। अब नई व्यवस्था के तहत उन्हें दो साल का अतिरिक्त अवसर मिल सकेगा। फिलहाल तीनों सेनाओं में करीब 3.18 लाख अग्निवीर सेवा दे रहे हैं। वहीं, पिछले महीने वायुसेना ने अपने पहले बैच के 2,850 अग्निवीरों में से 712 को नियमित सेवा में बनाए रखने का फैसला किया था।
भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव, अब पहले होगी लिखित परीक्षा
अग्निवीरों की सेवा अवधि के अलावा भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। अब भर्ती के दौरान लिखित परीक्षा पहले और फिजिकल टेस्ट बाद में कराया जाएगा। पहले चयन प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षा लिखित परीक्षा से पहले होती थी। इसके अलावा, CDS ने अग्निवीरों को सेवा के दौरान मिले प्रशिक्षण और अनुभव के आधार पर स्किल सर्टिफिकेट देने की जानकारी भी दी है। इससे सेना में हासिल किए गए कौशल को औपचारिक मान्यता मिल सकेगी।
अग्निवीर भर्ती: उम्र, योग्यता और चयन प्रक्रिया
अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को हुई थी। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जाती है। भर्ती की योग्यता और चयन प्रक्रिया पद तथा सेना के अनुसार अलग-अलग होती है।
उम्र सीमा: सामान्यतः न्यूनतम उम्र 17 साल 6 महीने होती है। अधिकतम उम्र थल सेना में 22 साल और नौसेना-वायुसेना में 21 साल बताई गई है। अंतिम सीमा संबंधित भर्ती नोटिफिकेशन से तय होती है।
शैक्षणिक योग्यता: पद के अनुसार 8वीं, 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है। तकनीकी, क्लर्क, एसएसआर और वायुसेना के कई पदों के लिए 12वीं की योग्यता मांगी जाती है।
फिजिकल टेस्ट: इसमें दौड़, पुश-अप्स, सिट-अप्स, पुल-अप्स और शारीरिक माप की जांच शामिल हो सकती है। मानक पद और सेना के अनुसार अलग होते हैं।
भर्ती और आवेदन: भर्ती अधिसूचनाएं सेनाओं की जरूरत के अनुसार जारी होती हैं। उम्र और योग्यता की शर्तें पूरी करने तक उम्मीदवार अलग-अलग भर्ती चक्रों में आवेदन कर सकते हैं।
महिलाओं के लिए अवसर: महिलाएं आर्मी में महिला सैन्य पुलिस, नौसेना में एसएसआर और एमआर तथा वायुसेना में अग्निवीरवायु के लिए आवेदन कर सकती हैं।
निष्कर्ष
Agniveer Service Extension 2026 का फैसला चार साल का कार्यकाल पूरा कर रहे अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त अवसर लेकर आया है। अब 75% अग्निवीरों को सहमति के आधार पर दो साल और सेवा करने का मौका मिल सकेगा, जबकि 25% को नियमित करने का पुराना नियम जारी रहेगा। हालांकि, छह साल बाद भी स्थायी सैनिक बनने के लिए चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसलिए इस बदलाव को नौकरी की गारंटी नहीं, बल्कि सेना में अनुभव और सेवा जारी रखने के एक अतिरिक्त अवसर के तौर पर समझना चाहिए।
FAQ (Frequently Asked Questions):
अग्निवीर अब कितने साल तक सेना में नौकरी कर सकेंगे?
नई व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले शेष 75% अग्निवीरों को सहमति से दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिल सकेगा। यानी वे कुल छह साल तक सेवा कर सकते हैं।
क्या अब सभी अग्निवीरों को छह साल नौकरी करनी होगी?
दो साल का विस्तार शेष 75% अग्निवीरों को उनकी सहमति से दिया जाएगा। यह सभी के लिए अनिवार्य नहीं बताया गया है।
क्या छह साल बाद अग्निवीरों को स्थायी नौकरी मिलेगी?
छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनने के लिए चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। अधिकतम 25% को नियमित करने का पुराना प्रावधान जारी रहेगा।
अग्निवीरों के पहले बैच के कितने जवानों का कार्यकाल पूरा हो रहा है?
31 दिसंबर 2026 तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होना था। यह कुल 24,400 भर्ती अग्निवीरों का लगभग 75% है।
अग्निवीर भर्ती में क्या नया बदलाव हुआ है?
भर्ती प्रक्रिया में अब पहले लिखित परीक्षा और उसके बाद फिजिकल टेस्ट कराने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सेवा के दौरान हासिल कौशल के आधार पर स्किल सर्टिफिकेट देने की भी बात कही गई है।