नीता अंबानी की बड़ी पहल- 100 एकड़ में बनेगी 'अनंत आश्रय' Township, 5,000 से अधिक अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगा आजीवन सहारा !
रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने 1 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र के करजत में 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' की आधारशिला रखी। करीब 100 एकड़ में बनने वाली इस टाउनशिप में 5,000 से अधिक अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों को आजीवन आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और देखभाल उपलब्ध कराने की योजना है।
रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने अपने 63वें जन्मदिन पर एक नई सामाजिक पहल की घोषणा की है। इसका नाम 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' (Nita Mukesh Ambani Anant Ashray) रखा गया है। इस पहल का उद्देश्य अनाथ बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों को आजीवन घर, स्वास्थ्य सुविधाएं और परिवार जैसा माहौल उपलब्ध कराना है।
नीता अंबानी ने 1 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र के करजत में इस प्रस्तावित परियोजना का भूमिपूजन किया और इसकी आधारशिला रखी। करीब 100 एकड़ में विकसित होने वाली इस टाउनशिप को गैर-लाभकारी संस्थान के रूप में तैयार किया जाएगा। इसका निर्माण जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद अलग-अलग चरणों में होगा।
क्या है अनंत आश्रय पहल और किसे मिलेगा इसका लाभ ?
Anant Ashray Initiative एक ऐसी आवासीय और देखभाल परियोजना है, जहां अलग-अलग उम्र और जरूरतों वाले लोगों को एक समुदाय के रूप में रहने की सुविधा देने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को स्थायी सहारा देना है जिन्हें परिवार का साथ नहीं मिल पाता या जिन्हें लंबे समय तक विशेष देखभाल की जरूरत होती है।

इस परियोजना में मुख्य रूप से तीन वर्गों को शामिल किया गया है।
- अनाथ बच्चे: जिन बच्चों को परिवार का सहारा उपलब्ध नहीं है, उन्हें सुरक्षित आवास, शिक्षा, देखभाल और व्यक्तिगत विकास के अवसर दिए जाएंगे।
- बुजुर्ग: ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को रहने की सुविधा मिलेगी जिन्हें बुढ़ापे में चिकित्सा सहायता, देखभाल और भावनात्मक सहयोग की जरूरत है।
- दिव्यांग व्यक्ति: शारीरिक और विकासात्मक दिव्यांगता वाले बच्चों तथा वयस्कों को विशेष चिकित्सा, पुनर्वास और दैनिक जीवन में सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।
यहां पारंपरिक अनाथालय या वृद्धाश्रम जैसी व्यवस्था के बजाय छोटे परिवार जैसे घर बनाए जाएंगे। इनमें रहने वालों की जरूरत के अनुसार हाउस पैरेंट्स और प्रशिक्षित देखभालकर्ता नियुक्त किए जाएंगे। प्रत्येक निवासी के लिए व्यक्तिगत देखभाल और विकास योजना भी तैयार की जाएगी।
100 एकड़ में बनेंगे 8 आवासीय गांव
अनंत आश्रय परियोजना महाराष्ट्र के करजत में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसकी योजना में आठ आवासीय गांव शामिल हैं। प्रत्येक गांव का नाम भारत की एक पवित्र नदी के नाम पर रखा जाएगा।इन गांवों में रहने वाले लोगों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल, रोजगार और व्यक्तिगत विकास को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग योजनाएं तैयार की जाएंगी।
टाउनशिप में आवासीय घरों के अलावा अस्पताल, पुनर्वास केंद्र, समावेशी स्कूल, मंदिर, खेल के मैदान, बगीचे और कौशल विकास से जुड़े स्थान बनाने की योजना है। इसका उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां निवासी सुरक्षित रहने के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी हिस्सा ले सकें।

अनंत आश्रय में मिलेंगी ये सुविधाएं
इस परियोजना में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा और रोजगार तक की व्यवस्थाएं एक ही परिसर में विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हैं:
- विशेष अस्पताल और चिकित्सा सेवाएं
टाउनशिप में विशेष अस्पताल बनाने की योजना है। यहां विकासात्मक दिव्यांगता, मिर्गी और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों के लिए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष जरूरतों वाले लोगों के लिए डेंटल केयर और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए पैलिएटिव केयर की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
- पुनर्वास और थेरेपी सेंटर
दिव्यांग बच्चों और वयस्कों के लिए पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे। इनमें फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इनका उद्देश्य लोगों को रोजमर्रा के कामों में अधिक सक्षम बनाना और आत्मनिर्भरता बढ़ाना है।
- बच्चों के लिए शिक्षा और विकास
बच्चों को पढ़ाई के लिए समावेशी स्कूल और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की योजना है। शिक्षा के साथ उन्हें खेल, संगीत और कला जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेने का अवसर भी मिलेगा।
- रोजगार और कौशल विकास
परिसर में बेकरी, कैफे और क्राफ्ट स्टूडियो जैसे स्थान बनाए जाएंगे। यहां निवासी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके जरिए उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर देने का लक्ष्य है।
- बुजुर्गों के लिए देखभाल
वरिष्ठ नागरिकों के लिए परिवार जैसे आवास और नियमित देखभाल की व्यवस्था होगी। उन्हें चिकित्सा सहायता के साथ सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के अवसर भी मिलेंगे।
इसके अलावा टाउनशिप में बगीचे, खेत, खेल सुविधाएं और पशुओं के साथ समय बिताने के लिए विशेष स्थान भी विकसित किए जाएंगे।
5,000 से अधिक निवासी और 15,000 लोगों की होगी कम्युनिटी
अनंत आश्रय में 5,000 से अधिक लोगों को आजीवन रहने की सुविधा देने की योजना है। इनमें अनाथ बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांग व्यक्ति शामिल होंगे।
वहीं, केयरगिवर्स, डॉक्टरों, नर्सों, शिक्षकों, अन्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलाकर इस पूरी टाउनशिप में लगभग 15,000 लोगों की कम्युनिटी विकसित होने की उम्मीद है।
इस परियोजना का लाभ आसपास के गांवों तक भी पहुंचाने की योजना है। इसके तहत:
- करीब 1,000 स्थानीय लोगों को थेरेपी, शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
- मोबाइल मेडिकल क्लीनिक के जरिए आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी।
- जरूरतमंद परिवारों को अस्थायी देखभाल यानी रेस्पाइट केयर की सुविधा मिलेगी।
- दिव्यांग लोगों की देखभाल करने वाले पेशेवरों को प्रशिक्षित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर की अकादमी स्थापित करने की योजना है।
इस तरह अनंत आश्रय का उद्देश्य केवल अपने परिसर में रहने वाले लोगों की देखभाल करना नहीं है। इसके जरिए आसपास के समुदायों को भी स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
नीता अंबानी ने क्यों कहा कि हर बच्चे को प्यार और सुरक्षा मिलनी चाहिए?
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उन माता-पिता की चिंता को कम करना भी है जिनके दिव्यांग बच्चों को जीवनभर विशेष देखभाल की जरूरत होती है। कई परिवारों के सामने यह सवाल रहता है कि उनके बाद उनके बच्चों की देखभाल कौन करेगा।
नीता अंबानी ने इस मौके पर कहा कि हर बच्चा प्यार और सुरक्षा का हकदार है, भले ही उसके साथ माता-पिता न हों। उन्होंने अनंत आश्रय को अपने और अपने परिवार के दिल के करीब बताया।
उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांग व्यक्तियों, घर की जरूरत वाले बच्चों और देखभाल की तलाश कर रहे बुजुर्गों के लिए एक ऐसा समुदाय बनाने की दिशा में कदम है जहां चिकित्सा सहायता के साथ परिवार जैसा अपनापन भी मिले।
उनके अनुसार, इस परियोजना के जरिए बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा और अपने सपनों को पूरा करने के अवसर मिलेंगे। वहीं बुजुर्गों को सम्मान, साथ और देखभाल उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
बच्चों के कल्याण में रिलायंस फाउंडेशन की क्या भूमिका है ?
रिलायंस फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, खेल और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रम चलाता है। इसकी स्थापना 2010 में नीता अंबानी और मुकेश अंबानी की पहल पर हुई थी।
अनंत आश्रय इसी सामाजिक कार्य का एक नया हिस्सा है। इसके जरिए संस्था बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ दिव्यांग व्यक्तियों तथा वरिष्ठ नागरिकों की दीर्घकालिक देखभाल पर ध्यान देगी।
इस पहल में आवास, स्वास्थ्य, पुनर्वास और कौशल विकास को एक साथ जोड़ने की योजना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को केवल सहायता ही नहीं बल्कि सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के अवसर भी मिल सकें।
क्या अनंत आश्रय में रहने की सुविधा शुरू हो गई है ?
नहीं। फिलहाल अनंत आश्रय एक प्रस्तावित परियोजना है। 1 नवंबर 2026 को करजत में इसका भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया है। इसका निर्माण आवश्यक सरकारी और अन्य वैधानिक मंजूरियां मिलने के बाद अलग-अलग चरणों में किया जाएगा।
अभी परियोजना के पूरी तरह तैयार होने या निवासियों के प्रवेश की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इसे शुरू हो चुकी आवासीय सुविधा के बजाय निर्माण के शुरुआती चरण में मौजूद सामाजिक परियोजना के रूप में समझना चाहिए।
FAQ (Frequently Asked Questions):
नीता अंबानी ने अनंत आश्रय पहल की घोषणा क्यों की है?
इस पहल का उद्देश्य अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों को आजीवन आवास, स्वास्थ्य सेवाएं और परिवार जैसा माहौल उपलब्ध कराना है।
अनंत आश्रय पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Anant Ashray Initiative का मुख्य उद्देश्य 5,000 से अधिक जरूरतमंद लोगों को स्थायी आवास, चिकित्सा, शिक्षा, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के अवसर देना है।
अनंत आश्रय के माध्यम से बच्चों को किस तरह की सुविधाएं मिलेंगी?
बच्चों को सुरक्षित आवास, शिक्षा, चिकित्सा सहायता, खेल, संगीत, कला और व्यक्तिगत विकास के अवसर देने की योजना है। उनकी देखभाल के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी और हाउस पैरेंट्स भी होंगे।
नीता अंबानी ने हर बच्चे के लिए प्यार और सुरक्षा को क्यों जरूरी बताया?
उनका मानना है कि हर बच्चा प्यार, सुरक्षा और देखभाल का हकदार है। इस पहल के जरिए उन बच्चों को भी सुरक्षित भविष्य देने का प्रयास है जिनके पास माता-पिता या परिवार का सहारा नहीं है।
बच्चों के कल्याण में रिलायंस फाउंडेशन की क्या भूमिका है?
रिलायंस फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम करता है। अनंत आश्रय के जरिए संस्था अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आवास और दीर्घकालिक देखभाल की व्यवस्था विकसित करने की योजना बना रही है।