Apple World's Most Valuable Company : Apple ने Nvidia को पछाड़ा, फिर बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी; मार्केट कैप 5.03 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा
Apple ने 30 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने के बाद Nvidia को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल कर लिया। Apple का मार्केट कैप 5.03 ट्रिलियन डॉलर रहा, जबकि Nvidia की वैल्यू घटकर 4.93 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई। Nvidia के शेयर 4.2% गिरे, जबकि Apple में 1.2% की गिरावट आई।
Apple World's Most Valuable Company : अमेरिकी शेयर बाजार में टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बीच Apple ने दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब फिर हासिल कर लिया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को बाजार बंद होने पर Apple का मार्केट कैप 5.03 ट्रिलियन डॉलर रहा, जबकि Nvidia की वैल्यूएशन घटकर 4.93 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई। दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, लेकिन Nvidia के शेयर ज्यादा टूटे। इसी वजह से Apple उससे आगे निकल गई।यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब निवेशकों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर टेक कंपनियों के भारी खर्च को लेकर चिंता बढ़ रही है। Apple ने AI से जुड़े बड़े डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर दूसरी बड़ी टेक कंपनियों की तरह भारी निवेश नहीं किया है। ऐसे में निवेशक फिलहाल इसे अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला विकल्प मान रहे हैं।
Apple के शेयर 1.2% गिरे, Nvidia में 4.2% की गिरावट
30 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजार में Apple के शेयर 1.2% गिरकर बंद हुए। इसके बावजूद कंपनी का कुल मार्केट कैप 5.03 ट्रिलियन डॉलर रहा। दूसरी ओर, AI चिप बनाने वाली कंपनी Nvidia के शेयरों में 4.2% की गिरावट आई और उसका मार्केट कैप 4.93 ट्रिलियन डॉलर रह गया।इस तरह दोनों कंपनियों की मार्केट वैल्यू में करीब 100 अरब डॉलर का अंतर हो गया। खास बात यह है कि Apple के शेयरों में तेजी आने से यह बदलाव नहीं हुआ, बल्कि Nvidia के शेयरों में ज्यादा गिरावट इसकी मुख्य वजह रही।
Apple ने आखिरी बार जुलाई 2026 के आखिर में कुछ समय के लिए Nvidia को पीछे छोड़ा था। उसके बाद Nvidia फिर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई थी। अब करीब तीन महीने बाद Apple ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया है।
मार्केट कैप का मतलब किसी कंपनी के शेयरों की कुल बाजार कीमत से है। इसकी गणना कंपनी के कुल शेयरों की संख्या को मौजूदा शेयर कीमत से गुणा करके की जाती है। इसलिए शेयर बाजार में रोज होने वाले उतार-चढ़ाव के साथ कंपनियों की मार्केट वैल्यू और उनकी रैंकिंग भी बदल सकती है।

AI पर भारी खर्च से निवेशकों की चिंता बढ़ी
Apple के पहले स्थान पर आने की एक बड़ी वजह AI पर बढ़ते खर्च को लेकर बाजार में पैदा हुई चिंता है। पिछले कुछ समय से दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां AI की क्षमता बढ़ाने के लिए डेटा सेंटर, सर्वर और कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी रकम लगा रही हैं।हालांकि, निवेशकों के मन में अब सवाल उठने लगे हैं कि इस बड़े निवेश से कंपनियों को उतनी कमाई हो भी पाएगी या नहीं। हाल में Intel और Amazon के नतीजों ने भी बाजार की उम्मीदों को पूरा नहीं किया। इससे पहले Alphabet और Meta Platforms के नतीजों को लेकर भी निवेशकों में निराशा देखी गई थी।
इन कंपनियों के प्रदर्शन ने AI पर खर्च और उससे मिलने वाले संभावित रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ा दी। निवेशक यह समझना चाहते हैं कि AI के लिए बनाए जा रहे महंगे इन्फ्रास्ट्रक्चर से कंपनियों को कब और कितना फायदा होगा।
इसका असर उन कंपनियों पर ज्यादा पड़ा है, जिनकी भविष्य की ग्रोथ काफी हद तक AI में बड़े निवेश पर निर्भर है। Nvidia को AI चिप्स की मांग से बड़ा फायदा मिला है, लेकिन इसी वजह से AI सेक्टर में निवेश को लेकर बढ़ती आशंकाओं का असर उसके शेयरों पर भी दिखाई दे रहा है।
Apple के शेयर 2026 में 27% चढ़े
इस साल Apple के शेयरों का प्रदर्शन बड़ी टेक कंपनियों में सबसे बेहतर रहा है। 2026 में अब तक कंपनी के शेयर करीब 27% बढ़ चुके हैं। यह Magnificent Seven में शामिल दूसरी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी Nvidia के शेयरों में दर्ज बढ़त से भी दोगुने से ज्यादा है।Magnificent Seven अमेरिकी शेयर बाजार की सात बड़ी टेक कंपनियों के समूह को कहा जाता है। इसमें Apple, Nvidia, Microsoft, Alphabet, Amazon, Meta और Tesla शामिल हैं।
Apple ने दूसरी बड़ी टेक कंपनियों के मुकाबले अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी पूंजीगत खर्च को सीमित रखा है। कंपनी ने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर वैसा भारी निवेश नहीं किया, जैसा Alphabet और Amazon जैसी कंपनियां कर रही हैं। ऐसे में AI निवेश से मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ने पर Apple के शेयरों को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर भी निवेशकों की उम्मीदें मजबूत हैं। अनुमान है कि Apple का फ्री कैश फ्लो वित्त वर्ष 2026 में 38% बढ़कर 142 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। कंपनी का यह वित्त वर्ष 30 सितंबर को समाप्त हुआ। फ्री कैश फ्लो वह रकम होती है, जो कंपनी अपने रोजमर्रा के खर्च और जरूरी निवेश के बाद बचा पाती है। इसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने, नए निवेश और शेयरधारकों को पैसा लौटाने जैसे कामों में किया जा सकता है।
AI निवेश से Alphabet और Amazon पर बढ़ा वित्तीय दबाव
AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्च का असर कुछ कंपनियों के कैश फ्लो पर भी दिखाई देने लगा है। Alphabet और Amazon जैसी कंपनियों का फ्री कैश फ्लो निगेटिव होने की स्थिति में पहुंच गया है। इसका मतलब है कि उनके खर्च और निवेश के मुकाबले कारोबार से उपलब्ध नकदी कम पड़ रही है।ऐसी स्थिति में कंपनियों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए कर्ज बाजार का सहारा भी लेना पड़ रहा है। दूसरी ओर, ब्याज दरें बढ़ने से कर्ज लेना महंगा हो जाता है। इससे AI पर लगातार बढ़ते निवेश का वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि AI में किया जा रहा निवेश भविष्य में फायदा नहीं देगा। फिलहाल निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर है कि इस निवेश से कमाई कब शुरू होगी और कंपनियां अपनी लागत की भरपाई किस तरह करेंगी।
अक्टूबर में Nasdaq 100 की सबसे बड़ी मासिक गिरावट
अक्टूबर में अमेरिकी टेक शेयरों पर दबाव का असर Nasdaq 100 इंडेक्स पर भी पड़ा। यह इंडेक्स अक्टूबर में 6.7% गिर गया। मार्च 2025 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट रही।AI कंप्यूटिंग सेवाएं देने वाली डेटा सेंटर कंपनियों CoreWeave और Nebius Group के शेयर भी इस महीने 30% से ज्यादा टूट चुके हैं। वहीं, Intel के शेयरों में अक्टूबर के दौरान 45% से अधिक की गिरावट आई। Bloomberg के 40 साल से ज्यादा पुराने आंकड़ों के मुताबिक, यह कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी एक महीने की गिरावट है।
कुल मिलाकर, Apple का Nvidia को पीछे छोड़ना सिर्फ दोनों कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट का नतीजा नहीं है। इसके पीछे AI पर भारी खर्च को लेकर निवेशकों की बदलती सोच भी अहम है। फिलहाल बाजार में निवेशक उन कंपनियों को प्राथमिकता देते दिख रहे हैं, जिनके कारोबार और नकदी की स्थिति पर AI इन्फ्रास्ट्रक्चर के भारी खर्च का दबाव कम है। हालांकि, शेयरों की कीमतों में बदलाव के साथ यह रैंकिंग आगे फिर बदल सकती है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Apple ने Nvidia को पीछे छोड़कर World's Most Valuable Company का खिताब कैसे हासिल किया?
30 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने पर Apple का मार्केट कैप 5.03 ट्रिलियन डॉलर रहा, जबकि Nvidia का मार्केट कैप घटकर 4.93 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। Apple के शेयर 1.2% गिरे, जबकि Nvidia के शेयर 4.2% टूटे। Nvidia के शेयरों में ज्यादा गिरावट के कारण Apple पहले स्थान पर पहुंच गई।
31 अक्टूबर 2026 को Apple का Market Capitalisation कितना था?
30 अक्टूबर को अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद Apple का मार्केट कैप 5.03 ट्रिलियन डॉलर था। यह आंकड़ा 31 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया था।
Apple और Nvidia की Market Value में कितना अंतर रहा?
30 अक्टूबर 2026 को Apple का मार्केट कैप 5.03 ट्रिलियन डॉलर और Nvidia का 4.93 ट्रिलियन डॉलर था। दोनों के बीच करीब 100 अरब डॉलर का अंतर रहा।
AI Infrastructure Spending को लेकर निवेशकों की चिंता का Nvidia के शेयरों पर क्या असर पड़ा?
निवेशकों को चिंता है कि AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियों का भारी खर्च भविष्य में पर्याप्त कमाई दे पाएगा या नहीं। इस चिंता और टेक शेयरों में व्यापक बिकवाली के बीच Nvidia के शेयर 30 अक्टूबर को 4.2% गिर गए।
2026 में Apple के शेयरों में कितनी बढ़ोतरी दर्ज हुई?
2026 में 30 अक्टूबर तक Apple के शेयरों में करीब 27% की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी।
Nvidia की Market Value में गिरावट की मुख्य वजह क्या बताई गई?
AI पर भारी निवेश से मिलने वाले संभावित रिटर्न को लेकर निवेशकों की चिंता और बड़ी टेक कंपनियों के निराशाजनक नतीजों के बाद बाजार में बिकवाली बढ़ी। इसका असर Nvidia के शेयरों पर भी पड़ा और उसकी मार्केट वैल्यू घट गई।
क्या Apple पहले भी World's Most Valuable Company बन चुका है?
हां, Apple पहले भी दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी रह चुकी है। 2026 में जुलाई के आखिर में भी उसने कुछ समय के लिए Nvidia को पीछे छोड़ा था। 30 अक्टूबर को उसने फिर यह स्थान हासिल किया।