पाकिस्तान में Hindu Population 14.6% से घटकर 1.61% कैसे पहुंची? ब्रिटेन में पेश रिपोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल
ब्रिटिश हिंदू संगठन INSIGHT UK की नई रिपोर्ट में पाकिस्तान में हिंदुओं के सामने आने वाली कथित धार्मिक भेदभाव, जबरन धर्मांतरण और संपत्ति से जुड़े संकटों को उजागर किया गया है। पाकिस्तान की 2023 की जनगणना में हिंदू आबादी कुल जनसंख्या का 1.61% दर्ज की गई।
पाकिस्तान में Hindu Population in Pakistan को लेकर एक नई रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर बहस तेज कर दी है। ब्रिटिश हिंदू संगठन INSIGHT UK ने 28 अक्टूबर 2026 को ब्रिटिश हिंदुओं के लिए गठित ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) के सामने अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें ऐतिहासिक रिकॉर्ड और मौजूदा अनुभवों के आधार पर पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के सामने आने वाली कथित चुनौतियों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में धार्मिक स्वतंत्रता, सुरक्षा, पुश्तैनी संपत्ति और जबरन धर्मांतरण जैसे मुद्दे उठाते हुए ब्रिटेन सरकार से कार्रवाई की मांग की गई है।
Pakistan Hindu Population Decline: 14.6% से 1.61% तक कैसे पहुंचा आंकड़ा?

INSIGHT UK की रिपोर्ट के मुताबिक, 1941 की भारत की जनगणना में उस क्षेत्र की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 14.6% थी, जो बाद में पश्चिमी पाकिस्तान बना। आज पाकिस्तान की कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 2% से कम है।पाकिस्तान की 2023 की आधिकारिक जनगणना के अनुसार, देश में 38,67,729 लोगों ने हिंदू धर्म दर्ज कराया। यह कुल 24.04 करोड़ आबादी का लगभग 1.61% है। इस लिहाज से पाकिस्तान हिंदू आबादी के प्रतिशत के मामले में दो प्रतिशत से नीचे है। हालांकि, इन दोनों आंकड़ों को सीधे जोड़कर पूरी गिरावट का कारण केवल धार्मिक उत्पीड़न को बताना सही नहीं होगा। 1941 का आंकड़ा उस क्षेत्र का है जो बाद में पश्चिमी पाकिस्तान बना, जबकि आज का पाकिस्तान एक अलग भौगोलिक और जनसांख्यिकीय इकाई है। भारत का विभाजन, बड़े पैमाने पर आबादी का स्थानांतरण और बाद के दशकों में हुए बदलाव भी इस तुलना को प्रभावित करते हैं। एक और अहम बात यह है कि हिंदुओं की कुल संख्या और कुल आबादी में उनका प्रतिशत अलग-अलग चीजें हैं। पाकिस्तान की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, 2017 से 2023 के बीच हिंदू आबादी की संख्या बढ़ी, लेकिन कुल आबादी में उसका अनुपात घटा।
Hindu Minorities in Pakistan: रिपोर्ट में किन समस्याओं का जिक्र?
INSIGHT UK की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय ने दशकों से हिंसा, विस्थापन और आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया है। रिपोर्ट 1947 के दंगों का उल्लेख करते हुए दावा करती है कि कई हिंदू परिवारों को अपना घर और पुश्तैनी जमीन छोड़नी पड़ी।रिपोर्ट में Enemy Property कानूनों के प्रभाव का भी जिक्र है। संगठन का आरोप है कि इन कानूनों और विस्थापन की परिस्थितियों ने कई परिवारों को उनकी पैतृक संपत्ति से वंचित किया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर लंबे समय तक असर पड़ा।रिपोर्ट धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों पर भी सवाल उठाती है। पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 41 और 91 के तहत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बनने के लिए मुस्लिम होना आवश्यक है। इसका अर्थ है कि गैर-मुस्लिम नागरिक इन दोनों सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर नियुक्त नहीं हो सकते।
Pakistan Minority Rights: मंदिर और धार्मिक स्वतंत्रता पर क्या कहती है रिपोर्ट?
रिपोर्ट में इस्लामाबाद में हिंदू मंदिर से जुड़ा मामला भी उठाया गया है। इसके अनुसार, राजधानी में मंदिर निर्माण की प्रस्तावित योजना को 2020 में विरोध प्रदर्शनों के बाद रोक दिया गया था और मंदिर अब तक नहीं बन पाया है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान के नागरिकों को पासपोर्ट में अपना धर्म घोषित करना पड़ता है। संगठन का तर्क है कि धार्मिक पहचान से जुड़े ऐसे प्रावधान और पूजा स्थलों के निर्माण में आने वाली बाधाएं अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती हैं। इन दावों को रिपोर्ट में प्रस्तुत निष्कर्षों के रूप में देखा जाना चाहिए; प्रत्येक मामले की परिस्थितियों और सरकारी पक्ष का अलग से आकलन आवश्यक है।
जबरन धर्मांतरण का आरोप, ब्रिटेन सरकार से की गईं पांच मांगें
रिपोर्ट का एक गंभीर हिस्सा हिंदू और ईसाई महिलाओं तथा लड़कियों के कथित अपहरण, जबरन धर्मांतरण और जबरन विवाह से जुड़ा है। INSIGHT UK का दावा है कि हर साल लगभग एक हजार या उससे अधिक महिलाएं और लड़कियां ऐसी घटनाओं का शिकार होती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं, जिन्हें न्याय हासिल करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह संख्या संगठन द्वारा प्रस्तुत अनुमान है, न कि पाकिस्तान की जनगणना का आंकड़ा। रिपोर्ट में ब्रिटेन सरकार से पांच प्रमुख कदम उठाने की मांग की गई है:
ब्रिटेन-पाकिस्तान वार्ताओं में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना तथा मंदिरों की सुरक्षा और मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने पर जोर देना।
पाकिस्तान को दी जाने वाली ब्रिटिश सहायता को मानवाधिकारों की दिशा में प्रगति से जोड़ना और अल्पसंख्यक अधिकारों पर काम करने वाले संगठनों के लिए अलग से धन सुरक्षित रखना।
इस्लामाबाद स्थित ब्रिटिश उच्चायोग में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों के लिए दो पद आरक्षित करना, ताकि उनकी समस्याएं सीधे सामने आ सकें।
हिंदू, ईसाई, सिख और अन्य अल्पसंख्यकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर हर छह महीने में आधिकारिक रिपोर्ट प्रकाशित करना।
धार्मिक उत्पीड़न या जबरन धर्मांतरण का सामना करने वाले लोगों के लिए सुरक्षित शरण के रास्ते तैयार करना।
निष्कर्ष
Hindu Population in Pakistan से जुड़े आंकड़े देश के धार्मिक जनसांख्यिकीय बदलावों की अहम तस्वीर पेश करते हैं। पाकिस्तान की 2023 की जनगणना में हिंदू आबादी 1.61% दर्ज हुई, जबकि INSIGHT UK की रिपोर्ट ने इस समुदाय के सामने आने वाली कथित हिंसा, भेदभाव और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी समस्याओं को उठाया है। हालांकि, 1941 और वर्तमान के आंकड़ों की तुलना करते समय विभाजन और आबादी के बदलावों को ध्यान में रखना जरूरी है। रिपोर्ट की मांगों पर ब्रिटेन और पाकिस्तान की सरकारों की प्रतिक्रिया आगे इस मुद्दे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
पाकिस्तान में Hindu population कितनी है और Pakistan Census 2023 के अनुसार इसका प्रतिशत कितना है?
पाकिस्तान की 2023 की आधिकारिक जनगणना में 38,67,729 लोगों ने हिंदू धर्म दर्ज कराया। यह देश की कुल आबादी का लगभग 1.61% था।
Why has the Hindu population percentage in Pakistan changed over the decades?
पाकिस्तान में हिंदू आबादी के प्रतिशत में बदलाव को समझने के लिए विभाजन के दौरान आबादी का स्थानांतरण, जनसंख्या वृद्धि की अलग-अलग दरें और बाद के दशकों में हुए जनसांख्यिकीय बदलावों को देखना जरूरी है। INSIGHT UK की रिपोर्ट इसके साथ हिंसा, विस्थापन और भेदभाव को भी महत्वपूर्ण कारणों के रूप में प्रस्तुत करती है।
क्या Pakistan Hindu population decline का दावा सही है कि हिंदू आबादी 14.6% से घटकर 2% से कम हो गई है?
पाकिस्तान की 2023 की जनगणना में हिंदुओं की हिस्सेदारी 1.61% दर्ज की गई, जो 2% से कम है। लेकिन 14.6% का आंकड़ा 1941 में उस क्षेत्र के लिए था जो बाद में पश्चिमी पाकिस्तान बना। इसलिए दोनों आंकड़ों की तुलना करते समय ऐतिहासिक और भौगोलिक संदर्भ स्पष्ट करना जरूरी है।
What do official Pakistan census figures reveal about the Hindu population before and after Partition?
1941 के आंकड़े के अनुसार, वर्तमान पश्चिमी पाकिस्तान वाले क्षेत्र में हिंदुओं की हिस्सेदारी 14.6% थी। वहीं, पाकिस्तान की 2023 की जनगणना में हिंदू आबादी की हिस्सेदारी 1.61% दर्ज हुई। दोनों आंकड़े अलग-अलग समय और भौगोलिक संदर्भों से जुड़े हैं।
पाकिस्तान में Hindu minorities को धार्मिक स्वतंत्रता, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा के मामले में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
INSIGHT UK की रिपोर्ट में कथित धार्मिक भेदभाव, पूजा स्थलों से जुड़े विवाद, संपत्ति के नुकसान, जबरन धर्मांतरण और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। इन दावों का आकलन करते समय आधिकारिक आंकड़ों, स्वतंत्र मानवाधिकार रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों को साथ देखना चाहिए।