Home / National / कैंसर की दवाएं 90% तक सस्ती! Cancer Medicine Prices Reduced in India, जानिए किन दवाओं के दाम घटे
National

कैंसर की दवाएं 90% तक सस्ती! Cancer Medicine Prices Reduced in India, जानिए किन दवाओं के दाम घटे

कैंसर मरीजों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने 543 कैंसर दवा ब्रांडों के अधिकतम खुदरा मूल्य संशोधित किए हैं। कुछ दवाओं के दाम 90% से ज्यादा घटे हैं। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी, लेकिन सभी दवाएं सस्ती नहीं हुई हैं।

कैंसर की दवाएं 90% तक सस्ती! Cancer Medicine Prices Reduced in India, जानिए किन दवाओं के दाम घटे

कैंसर का इलाज कई परिवारों के लिए आर्थिक रूप से बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में Cancer Medicine Prices Reduced in India के तहत दवाओं की कीमतों में हुई कटौती मरीजों के खर्च को कम करने में मदद कर सकती है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 543 कैंसर दवा ब्रांडों के संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य जारी किए हैं। कुछ दवाओं की कीमतों में 90% से अधिक की कमी हुई है, जबकि महंगी दवाओं के कुछ ब्रांडों के दाम पहले जैसे ही हैं।

Cancer Medicine Prices: किन दवाओं के दाम सबसे ज्यादा घटे?

Representational image.Photo | Pexels
Representational image.Photo | Pexels

एनपीपीए की संशोधित सूची में अलग-अलग कंपनियों की कैंसर दवाएं, उनकी खुराक और पैक के आकार शामिल हैं। कुछ प्रमुख दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती हुई है।

पाल्बोसिक्लिब (Palbociclib): स्तन कैंसर के कुछ प्रकारों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा के एक ब्रांड, पाल्बोप्रो, की 125 मिलीग्राम की 21 कैप्सूल वाली स्ट्रिप का दाम लगभग ₹40,421 से घटकर ₹2,720 हो गया है।

थियोटेपा (Thiotepa): कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली इस दवा के 100 मिलीग्राम के एक वायल की कीमत लगभग ₹80,072 से घटकर ₹7,150 रह गई है।

एनास्ट्रोजोल (Anastrozole): एक ब्रांड की 1 मिलीग्राम की 10 टैबलेट वाली स्ट्रिप की कीमत ₹695.76 से घटकर ₹73 हो गई है।

एबिराटेरोन, डासैटिनिब, लेनवाटिनिब और ओलापैरिब: इन दवाओं के कुछ ब्रांडों की कीमतों में भी कटौती की गई है।

ये कीमतें खास ब्रांड, खुराक और पैक के लिए हैं। एक ही दवा के अलग-अलग ब्रांडों में कटौती अलग हो सकती है। इसलिए मरीजों को अपने डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा के ब्रांड और पैक के अनुसार नई कीमत की पुष्टि करनी चाहिए।

Cancer Drug Price Cut 2026: 9 नवंबर से क्या बदलेगा?

नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। यह फैसला एनपीपीए की उस पहल के बाद आया है, जिसके तहत 17 अक्टूबर को 137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं के व्यापारिक मार्जिन को सीमित करने का आदेश जारी किया गया था।इस व्यवस्था के तहत संबंधित दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन 30% तक सीमित किया गया है। इसका उद्देश्य दवा की आपूर्ति श्रृंखला में अत्यधिक मार्जिन पर अंकुश लगाना और मरीजों के लिए इलाज को अधिक किफायती बनाना है। 543 ब्रांडों की संशोधित मूल्य सूची में कंपनियों की ओर से 27 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराई गई जानकारी शामिल है। एनपीपीए ने कहा है कि निर्माता कंपनियों से नई जानकारी मिलने पर सूची को आगे भी अपडेट किया जाएगा। अस्पतालों, दवा विक्रेताओं और संबंधित कंपनियों को लागू तारीख से संशोधित कीमतों का पालन करना होगा।

क्या सभी कैंसर दवाएं सस्ती हुई हैं?

Cancer Drug Price Cut 2026 के तहत सभी कैंसर दवाओं की कीमतें कम नहीं हुई हैं। संशोधित सूची में कुछ दवाओं के दाम में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि कुछ महंगी दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य में कोई बदलाव नहीं हुआ।उदाहरण के तौर पर, स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली राइबोसिक्लिब की एक कीमत ₹24,435 पर बनी हुई है। इसी तरह, कीट्रूडा, टैग्रीसो, टेसेंट्रिक, डार्जालेक्स और इम्फिन्जी जैसे कुछ प्रमुख ब्रांडों की कीमतें भी अपरिवर्तित बताई गई हैं।इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि अब हर कैंसर मरीज का इलाज 90% सस्ता हो जाएगा। वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि मरीज कौन-सी दवा ले रहा है, किस ब्रांड का इस्तेमाल हो रहा है और उसके पैक की संशोधित कीमत क्या है।

कैंसर इलाज की लागत घटाने के लिए क्या यह कदम पर्याप्त है?

दवाओं की कीमतों में कटौती से कुछ मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन कैंसर के पूरे इलाज का खर्च केवल दवाओं तक सीमित नहीं होता। अस्पताल में भर्ती, जांच, सर्जरी, रेडिएशन, कीमोथेरेपी और नियमित चिकित्सकीय परामर्श पर भी खर्च होता है।ऑल इंडिया ड्रग एक्शन नेटवर्क के सह-संयोजक एस. श्रीनिवासन ने दवाओं के दाम घटने के बावजूद महंगी दवाओं की वहनीयता को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि केवल व्यापारिक मार्जिन कम करना पर्याप्त नहीं हो सकता और दवाओं की कीमत तय करने के तरीके पर भी विचार जरूरी है।सरकार की इस पहल का उद्देश्य दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला में अत्यधिक मार्जिन कम करना और इलाज तक पहुंच बेहतर बनाना है। हालांकि, इसका दीर्घकालिक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि संशोधित कीमतों का पालन कितना प्रभावी ढंग से होता है और मरीजों तक इसका लाभ पहुंचता है या नहीं।

निष्कर्ष

Cancer Medicine Prices Reduced in India के तहत 543 कैंसर दवा ब्रांडों के संशोधित दाम मरीजों के लिए महत्वपूर्ण राहत साबित हो सकते हैं। पाल्बोसिक्लिब और थियोटेपा जैसी दवाओं के कुछ ब्रांडों में 90% से अधिक की कटौती हुई है और नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। हालांकि, सभी दवाओं के दाम नहीं घटे हैं और कुछ महंगी दवाएं अब भी पुरानी कीमत पर उपलब्ध हैं। मरीजों को अपने निर्धारित ब्रांड और पैक की नई कीमत की जांच करनी चाहिए तथा दवा में कोई बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Cancer Medicine Prices Reduced in India के तहत किन दवाओं के दाम घटे हैं?

पाल्बोसिक्लिब, थियोटेपा और एनास्ट्रोजोल के कुछ ब्रांडों सहित कई कैंसर दवाओं के दाम घटे हैं। कटौती ब्रांड, खुराक और पैक के अनुसार अलग-अलग है।

NPPA Cancer Drug Price List 2026 में कितने ब्रांड शामिल हैं?

एनपीपीए ने 543 कैंसर दवा ब्रांडों के संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य जारी किए हैं। सूची में कंपनियों द्वारा 27 अक्टूबर 2026 तक दी गई जानकारी शामिल है और इसे आगे अपडेट किया जा सकता है।

Cancer Medicine Price Reduction कब से लागू होगा?

संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। संबंधित कंपनियों, अस्पतालों और दवा विक्रेताओं को नई कीमतों का पालन करना होगा।

क्या सभी कैंसर दवाओं के दाम 90% तक घटे हैं?

कुछ ब्रांडों की कीमतों में 90% से अधिक की कटौती हुई है, लेकिन कई दवाओं के दाम में कम बदलाव हुआ है और कुछ महंगे ब्रांडों की कीमतें अपरिवर्तित हैं।

कैंसर दवाओं की नई कीमत कैसे जांचें?

मरीज एनपीपीए की आधिकारिक वेबसाइट या फार्मा सही दाम ऐप पर उपलब्ध मूल्य जानकारी देख सकते हैं। दवा का सही ब्रांड, खुराक और पैक मिलाना जरूरी है।

Was this article useful?