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India Pakistan Trade Surge : पाकिस्तान ने भारत से सामान खरीदना 69% बढ़ाया, ट्रेड बैन के बावजूद कैसे पहुंच रहे भारतीय प्रोडक्ट्स?

भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रेड बैन के बावजूद, जुलाई-सितंबर 2026 में पाकिस्तान का भारत से आयात 69% बढ़कर 6.174 करोड़ डॉलर हो गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय सामान दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे तीसरे देशों के जरिए पहुंच सकता है, लेकिन सभी खेपों के इसी रास्ते से आने की पुष्टि नहीं है।

India Pakistan Trade Surge : पाकिस्तान ने भारत से सामान खरीदना 69% बढ़ाया, ट्रेड बैन के बावजूद कैसे पहुंच रहे भारतीय प्रोडक्ट्स?

India Pakistan Trade Surge : भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार बंद होने के बावजूद पाकिस्तानी बाजार में भारतीय सामान की मांग बनी हुई है। पाकिस्तान के स्टेट बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान पाकिस्तान ने भारत से 6.174 करोड़ डॉलर (करीब 587 करोड़ रुपये) का सामान आयात किया। यह पिछले साल की इसी अवधि के 3.655 करोड़ डॉलर के मुकाबले करीब 69% ज्यादा है। हैरानी की बात यह है कि इसी दौरान पाकिस्तान से भारत को कोई निर्यात दर्ज नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ट्रेड बैन के बावजूद भारतीय सामान पाकिस्तान तक पहुंच कैसे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी एक वजह दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे तीसरे देशों के जरिए होने वाला कारोबार हो सकता है।

ट्रेड बैन के बावजूद पाकिस्तान में भारतीय सामान की मांग

पाकिस्तान में भारतीय सामान की मांग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सीधा व्यापार बंद होने के बाद भी वहां भारतीय उत्पादों से जुड़ा आयात दर्ज किया जा रहा है। पाकिस्तान के स्टेट बैंक के आंकड़ों पर आधारित डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2025 में भारत से पाकिस्तान का आयात 3.655 करोड़ डॉलर था, जो 2026 की इसी अवधि में बढ़कर 6.174 करोड़ डॉलर हो गया।पाकिस्तान भारत से मुख्य रूप से दवाइयां और दवाइयां बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल खरीदता रहा है। इसके अलावा प्लास्टिक, पेट्रोलियम उत्पाद, डाई, ऑर्गेनिक केमिकल, रबर, कॉफी, चाय, सब्जियां, मसाले, डेयरी उत्पाद और अनाज भी प्रमुख सामानों में शामिल हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 तक पाकिस्तान को भारत का फार्मा निर्यात 20.8 करोड़ डॉलर था।
हालांकि, आयात के इन आंकड़ों से यह साबित नहीं होता कि हर खेप सीधे भारत से पाकिस्तान भेजी गई या प्रतिबंधों का उल्लंघन करके पहुंची। आंकड़े यह सवाल जरूर खड़ा करते हैं कि व्यापार के आधिकारिक रास्ते बंद होने के बाद इन उत्पादों की सप्लाई किस तरह हो रही है।

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दुबई, सिंगापुर और कोलंबो के रास्ते पहुंच सकता है सामान

जियोपॉलिटिकल विशेषज्ञ रविंदर सिंह रॉबिन के मुताबिक, तीसरे देशों के जरिए भारतीय सामान पाकिस्तान पहुंचने की संभावना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीधा व्यापार बंद है, तो इन उत्पादों का स्रोत और मूल देश किस तरह दर्ज किया जा रहा है।थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने भी पहले भारतीय सामान के तीसरे देशों के जरिए पाकिस्तान पहुंचने की संभावना पर रिपोर्ट दी थी। इसके संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने इसे ‘ग्रे-जोन स्ट्रैटेजी’ बताया था। उनके मुताबिक, दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे कारोबारी केंद्रों के जरिए सामान को दोबारा निर्यात किया जा सकता है।
इस तरीके में भारतीय सामान पहले किसी तीसरे देश में भेजा जाता है। वहां उसे बॉन्डेड वेयरहाउस यानी ऐसा गोदाम जहां ट्रांजिट के दौरान सामान को सीमा शुल्क दिए बिना रखा जा सकता है, में स्टोर किया जा सकता है। इसके बाद सामान को दूसरी खेप के साथ भेजने या दोबारा निर्यात करने की प्रक्रिया पूरी होती है।
GTRI के मुताबिक, कुछ मामलों में सामान के दस्तावेजों और लेबल में बदलाव करके उसे किसी दूसरे देश का उत्पाद दिखाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, भारत में बना सामान नए दस्तावेजों के साथ यूएई से निर्यात किया जा सकता है। हालांकि, ऐसा करना अपने आप में हर स्थिति में कानूनी नहीं है। उत्पाद के मूल देश के बारे में गलत जानकारी देना या प्रतिबंधों से बचने के लिए दस्तावेज बदलना संबंधित नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
GTRI ने अनुमान लगाया था कि तीसरे देशों के जरिए भारत से पाकिस्तान पहुंचने वाले अनौपचारिक निर्यात का मूल्य सालाना 10 अरब डॉलर तक हो सकता है। यह एक अनुमान है, पाकिस्तान के हालिया आयात आंकड़ों से प्रमाणित कुल रकम नहीं।

पहलगाम हमले के बाद बंद हुआ था सीधा व्यापार

भारत और पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्ते 2019 से ही तनाव में हैं। पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) दर्जा वापस ले लिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार में लगातार गिरावट आई। 2018 से 2024 के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2.41 अरब डॉलर से घटकर करीब 1.2 अरब डॉलर रह गया।अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने वाघा-अटारी सीमा पर व्यापार बंद करने और पाकिस्तान से आने वाले या वहां से निर्यात होने वाले सामान के सीधे अथवा अप्रत्यक्ष आयात और ट्रांजिट पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। हमले में 25 पर्यटकों की हत्या हुई थी। भारत ने इसके बाद साफ किया था कि आतंकवाद और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते।
4 मई 2025 को पाकिस्तान ने भी भारत के साथ सभी तरह का व्यापार रोकने की घोषणा की थी, जिसमें तीसरे देशों के जरिए होने वाला व्यापार भी शामिल था। इसके बावजूद, तीसरे देशों से जुड़े रास्तों के जरिए भारतीय सामान की सप्लाई की संभावना बनी हुई है।

भारतीय सामान पाकिस्तान में महंगा पड़ सकता है

सीधे व्यापार के रास्ते बंद होने से सामान को लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है। तीसरे देश में भंडारण, दोबारा पैकिंग, दस्तावेज तैयार करने, अतिरिक्त परिवहन और दोबारा निर्यात की लागत जुड़ सकती है। ऐसे में भारतीय उत्पाद पाकिस्तानी खरीदारों तक अधिक कीमत पर पहुंच सकते हैं।GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव के मुताबिक, तीसरे देशों में सामान को स्टोर करने और दोबारा निर्यात करने की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों और लेबल में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, सभी भारतीय उत्पाद इसी तरीके से पाकिस्तान पहुंच रहे हैं, ऐसा मानने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
पाकिस्तान के लिए भारतीय दवाइयां और औद्योगिक कच्चा माल अहम हैं। ऐसे उत्पादों की मांग बने रहने पर कारोबारी वैकल्पिक सप्लाई चेन तलाश सकते हैं। लेकिन इससे यह भी स्पष्ट होता है कि व्यापार पर प्रतिबंध लगाने के बाद वास्तविक सप्लाई को पूरी तरह समझने के लिए सिर्फ द्विपक्षीय आयात-निर्यात के आंकड़े पर्याप्त नहीं होते।
भारत-पाकिस्तान व्यापार के ताजा आंकड़े मांग और सप्लाई के बीच का अंतर दिखाते हैं, लेकिन सामान के रास्ते, मूल देश और दस्तावेजों की पूरी जानकारी नहीं देते। इसलिए तीसरे देशों के जरिए होने वाले व्यापार की वास्तविक मात्रा और उसमें नियमों के उल्लंघन की सीमा तय करने के लिए खेपों और कस्टम रिकॉर्ड की अलग से जांच जरूरी है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

India-Pakistan Trade Ban के बावजूद पाकिस्तान भारत से सामान कैसे मंगा रहा है?

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय सामान दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे तीसरे देशों के जरिए पाकिस्तान पहुंच सकता है। हालांकि, हालिया आयात के सभी सामान इसी रास्ते से पहुंचे हैं, इसकी पुष्टि उपलब्ध आंकड़े नहीं करते।

2026 में Pakistan के India Imports में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई?

जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान पाकिस्तान का भारत से आयात करीब 69% बढ़कर 6.174 करोड़ डॉलर हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 3.655 करोड़ डॉलर था।

Dubai, Singapore और Colombo के जरिए Indian Goods पाकिस्तान कैसे पहुंच सकते हैं?

GTRI के मुताबिक, सामान पहले इन देशों के कारोबारी केंद्रों या बॉन्डेड वेयरहाउस में भेजा जा सकता है। इसके बाद उसे दोबारा निर्यात किया जा सकता है। कुछ मामलों में दस्तावेज या लेबल बदलने की आशंका भी जताई गई है, लेकिन ऐसा करना नियमों के अनुरूप है या नहीं, यह संबंधित मामले और लागू कानूनों पर निर्भर करता है।

Pakistan भारत से कौन-कौन से सामान आयात करता है?

प्रमुख उत्पादों में दवाइयां और फार्मा कच्चा माल, प्लास्टिक, पेट्रोलियम उत्पाद, डाई, ऑर्गेनिक केमिकल, रबर, कॉफी, चाय, सब्जियां, मसाले, डेयरी उत्पाद और अनाज शामिल हैं।

India-Pakistan Trade Ban कब और किन परिस्थितियों में लगाया गया था?

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाले या वहां से निर्यात होने वाले सामान के सीधे और अप्रत्यक्ष आयात तथा ट्रांजिट पर प्रतिबंध लगाया था। पाकिस्तान ने 4 मई 2025 को भारत के साथ सभी तरह का व्यापार रोकने की घोषणा की थी।

क्या तीसरे देशों के जरिए सामान भेजना Trade Ban को दरकिनार करने का तरीका हो सकता है?

ऐसा कुछ मामलों में हो सकता है, लेकिन हर तीसरे देश के जरिए होने वाला व्यापार प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सामान का मूल देश क्या है, उसे किस तरह दोबारा निर्यात किया गया है और संबंधित प्रतिबंधों तथा कस्टम नियमों में क्या प्रावधान हैं।

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