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Nepal PM India Visit 2026 : प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह का पहला भारत दौरा, क्या सुलझेंगे नेपाल और भारत के बीच सालों पुराने सीमा विवाद?

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह नवंबर 2026 के तीसरे या चौथे सप्ताह में भारत दौरे पर आ सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में सीमा विवाद, जलविद्युत परियोजनाओं, व्यापार, नए हवाई मार्ग और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण पर चर्चा संभावित है।

Nepal PM India Visit 2026 : प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह का पहला भारत दौरा, क्या सुलझेंगे नेपाल और भारत के बीच सालों पुराने सीमा विवाद?

Nepal PM India Visit 2026 : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) नवंबर 2026 में भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आ सकते हैं। यह मार्च में प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। 15 अक्टूबर को द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रा नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में प्रस्तावित है, हालांकि दोनों देशों ने अभी तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत में इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली परियोजनाओं, सीमा विवाद, व्यापार और बाढ़ से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे उठ सकते हैं।

नेपाल के PM बनने के करीब 8 महीने बाद भारत आएंगे बालेन शाह

बालेन शाह ने 27 मार्च 2026 को नेपाल के प्रधानमंत्री का पद संभाला था। शुरुआत में उन्होंने विदेशी राजनयिकों के साथ व्यक्तिगत मुलाकातों से दूरी बनाए रखी थी। अगस्त में उन्होंने भारत के तत्कालीन राजदूत नवीन श्रीवास्तव से अलग से मुलाकात की। इसके बाद सितंबर में वह संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क गए थे। अब भारत का प्रस्तावित दौरा उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगा।नेपाल के प्रधानमंत्रियों के लिए भारत आमतौर पर पहली विदेश यात्रा का प्रमुख गंतव्य रहा है। हालांकि, इस परंपरा से पहले भी कुछ नेता अलग रास्ता अपना चुके हैं। पुष्पकमल दहल प्रचंड ने 2008 में चीन का दौरा किया था। केपी शर्मा ओली ने दिसंबर 2024 में दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना था। ओली ने उस समय कहा था कि भारत की ओर से उन्हें आधिकारिक यात्रा का निमंत्रण नहीं मिला था।
बालेन शाह की प्रस्तावित यात्रा से पहले जून में नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रवि लामिछाने भी नई दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने BJP मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। इस दौरे को नेपाल की नई सरकार के साथ राजनीतिक संपर्क बढ़ाने की कोशिश के तौर पर भी देखा गया था।

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पुलिस अकादमी से पेट्रोलियम पाइपलाइन तक, कई प्रोजेक्ट एजेंडे में

द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, भारत और नेपाल के अधिकारियों ने उन परियोजनाओं की सूची पर चर्चा की है, जिनका उद्घाटन या निर्माण कार्य बालेन शाह की यात्रा के दौरान शुरू किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के अलावा दोनों देशों के बीच कई समझौतों और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर की संभावना भी है। हालांकि, इनमें से किसी परियोजना के उद्घाटन या समझौते की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।संभावित परियोजनाओं में काठमांडू के पास पनौती में भारत की मदद से बनी नेपाल पुलिस अकादमी, उत्तर प्रदेश की सीमा के पास भैरहवा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और पश्चिमी नेपाल के दार्चुला जिले में पुल शामिल हैं। महाकाली नदी पर बने पुल का उद्घाटन भी प्रस्तावित सूची में है। भैरहवा चेक पोस्ट की आधारशिला जून 2023 में रखी गई थी।
इसके अलावा, नेपाल के दोधारा चांदनी में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट, लोअर अरुण हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और भारत के सिलीगुड़ी से नेपाल के झापा तक पेट्रोलियम पाइपलाइन का निर्माण शुरू करने की घोषणा हो सकती है।
बिजली उत्पादन भी बातचीत का अहम हिस्सा रहेगा। भारत की सरकारी कंपनी NHPC से जुड़ी 750 मेगावाट की वेस्ट सेती, 480 मेगावाट की फुकोट कर्णाली और 450 मेगावाट की सेती नदी-6 परियोजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा कोशी नदी से जुड़ी परियोजना, अयोध्या-जनकपुर रेल संपर्क और नेपाल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संबंधी योजनाओं में भारतीय सहयोग पर भी विचार किया जा सकता है।

कालापानी-लिपुलेख विवाद और नए एयर रूट पर भी बात

भारत और नेपाल के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग के बावजूद सीमा से जुड़े पुराने विवाद अब तक नहीं सुलझे हैं। बालेन शाह की यात्रा में कालापानी-लिपुलेख सीमा विवाद, नेपाल के लिए भारत के रास्ते अतिरिक्त हवाई प्रवेश मार्ग, व्यापार में असंतुलन और ट्रांजिट व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बातचीत हो सकती है।

नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द काठमांडू पोस्ट को बताया था कि सीमा, हवाई मार्ग और व्यापार असंतुलन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा जरूरी है। अधिकारी के मुताबिक, यात्रा की तैयारियों को लेकर परामर्श दशैं के बाद किया जाना था।
पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना भी बातचीत में शामिल हो सकती है। यह भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चर्चा में रही परियोजना है, जिसमें बिजली उत्पादन और जल संसाधनों के इस्तेमाल की संभावनाएं जुड़ी हैं। हालांकि, प्रस्तावित यात्रा में इन मुद्दों पर किसी अंतिम समझौते की घोषणा होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

बाढ़ के बाद नेपाल को भारत से आर्थिक मदद की उम्मीद

26 अगस्त 2026 को भोतेकोशी क्षेत्र में आई बाढ़ ने नेपाल में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया था। कई इलाकों में सड़कें, पुल, जलविद्युत सुविधाएं और दूसरी जरूरी संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुईं। आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह से बात कर हरसंभव मानवीय सहायता देने की पेशकश की थी। भारत ने राहत सामग्री के साथ बचाव और फॉरेंसिक कार्यों के लिए विशेषज्ञों की टीमें भी भेजीं।

भारत की ओर से नेपाल को 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेजी गई और 54 विशेषज्ञ तैनात किए गए। राहत सामग्री में टेंट, कंबल, दवाइयां, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और बचाव कार्यों में इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरण शामिल थे। भारतीय विशेषज्ञों ने कठिन इलाकों में खोज और बचाव अभियान में भी मदद की।बालेन शाह ने 2 सितंबर को संसद में दिए संबोधन में भारत समेत मदद करने वाले देशों का आभार जताया था। अब नेपाल सरकार बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं के पुनर्निर्माण के लिए भारत से अनुदान और रियायती कर्ज की उम्मीद कर रही है। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले भी नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों से पुनर्निर्माण सहायता पर चर्चा कर चुके हैं।

भारत-नेपाल संबंधों के लिए अहम होगी यह यात्रा

बालेन शाह की भारत यात्रा ऐसे समय प्रस्तावित है, जब दोनों देश पुराने विवादों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन के दौरान बालेन शाह ने भारत, नेपाल और चीन के बीच जलवायु सहयोग की व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे का भी जिक्र किया था।नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने 30 सितंबर को कहा था कि दोनों देश बालेन शाह की भारत यात्रा को परिणाम देने वाला और सार्थक बनाना चाहते हैं। अब प्रस्तावित दौरे में यह देखना अहम होगा कि दोनों सरकारें इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा परियोजनाओं पर कितनी प्रगति कर पाती हैं और सीमा, व्यापार तथा हवाई संपर्क से जुड़े लंबित मुद्दों पर बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

नेपाल के PM बालेंद्र शाह भारत का दौरा कब कर सकते हैं?

बालेन शाह नवंबर 2026 के तीसरे या चौथे सप्ताह में तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आ सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों ने अभी आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की है।

बालेन शाह की India Visit के एजेंडे में कौन-से मुद्दे शामिल हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत में इंफ्रास्ट्रक्चर, जलविद्युत परियोजनाएं, पेट्रोलियम पाइपलाइन, सीमा विवाद, व्यापार, हवाई मार्ग और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण पर चर्चा हो सकती है।

भारत और नेपाल के बीच किन सीमा विवादों पर चर्चा हो सकती है?

कालापानी-लिपुलेख विवाद प्रमुख मुद्दा है। इसके अलावा नेपाल के लिए अतिरिक्त हवाई प्रवेश मार्ग और व्यापार तथा ट्रांजिट व्यवस्था पर भी चर्चा हो सकती है।

नेपाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए भारत से क्या मदद मांगी है?

नेपाल सड़क, पुल और जलविद्युत सुविधाओं जैसी क्षतिग्रस्त संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए भारत से अनुदान और रियायती कर्ज चाहता है। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले इस विषय पर नई दिल्ली में चर्चा कर चुके हैं।

India-Nepal Relations के लिए बालेन शाह की यह यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?

यह बालेन शाह की प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। इससे दोनों देशों को ऊर्जा, कनेक्टिविटी और पुनर्निर्माण में सहयोग बढ़ाने के साथ पुराने विवादों पर बातचीत आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है।

क्या इस दौरे में नए Air Routes और Connectivity Projects पर समझौते हो सकते हैं?

हां, अतिरिक्त हवाई प्रवेश मार्ग और कई कनेक्टिविटी परियोजनाएं संभावित एजेंडे में हैं। हालांकि, किसी समझौते या परियोजना की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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