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PM मोदी और मुख्यमंत्रियों के Deepfake वीडियो से ठगी का नया जाल! सरकारी योजना के नाम पर कैसे खाली हो रहे बैंक खाते?

गृह मंत्रालय के तहत I4C ने फर्जी सरकारी योजनाओं के नाम पर चल रहे डीपफेक विज्ञापनों को लेकर चेतावनी दी है। ठग पीएम मोदी, वित्त मंत्री और मुख्यमंत्रियों के नकली वीडियो से लोगों को फंसाकर UPI के जरिए पैसे ऐंठ रहे हैं।

PM मोदी और मुख्यमंत्रियों के Deepfake वीडियो से ठगी का नया जाल! सरकारी योजना के नाम पर कैसे खाली हो रहे बैंक खाते?

सरकारी योजना के नाम पर आर्थिक मदद मिलने का दावा करने वाला कोई विज्ञापन आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है। Fake Government Scheme Ads Using Deepfake Videos के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने लोगों को सतर्क किया है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (NCTAU) के मुताबिक, ठग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नकली वीडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं।इन विज्ञापनों में ऐसा दिखाया जाता है, मानो कोई बड़ा नेता जरूरतमंदों के लिए सरकारी आर्थिक सहायता योजना की घोषणा कर रहा हो। लेकिन लाभ पाने के लिए लोगों से फीस, पंजीकरण शुल्क या दूसरी रकम मांगी जाती है और इसी बहाने ठगी की जाती है।

पीएम मोदी और मंत्रियों के नकली वीडियो से कैसे हो रही ठगी?

I4C के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर ऐसे भ्रामक विज्ञापन देखे गए हैं, जिनमें सार्वजनिक और राजनीतिक हस्तियों के बदले हुए वीडियो इस्तेमाल किए जाते हैं। ये विज्ञापन फर्जी कल्याणकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता, कैशबैक और इनामों का लालच देते हैं।विज्ञापनों में दिए गए फोन नंबर, व्हाट्सऐप चैट या वेबसाइट के जरिए लोगों को संपर्क करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद ठग कभी टैक्स, कभी प्रोसेसिंग फीस, तो कभी पंजीकरण या सत्यापन शुल्क के नाम पर बार-बार भुगतान करवाते हैं।कुछ मामलों में लोगों को स्क्रैच कार्ड या ‘स्पिन एंड विन’ ऑफर दिखाकर इनाम जीतने का भरोसा दिलाया जाता है। फिर उन्हें फर्जी व्यापारियों के नाम से भेजे गए यूपीआई कलेक्ट अनुरोध को मंजूरी देने या भुगतान ऐप में यूपीआई पिन दर्ज करने के लिए उकसाया जाता है।

Fake Government Scheme Ads से कैसे खाली हो सकता है आपका बैंक खाता?

इस तरह की ठगी में सबसे बड़ा हथियार लोगों का भरोसा है। जब किसी विज्ञापन में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को योजना की जानकारी देते हुए दिखाया जाता है, तो लोग उसे असली मानकर कार्रवाई कर सकते हैं। लेकिन डीपफेक तकनीक से किसी व्यक्ति का चेहरा और आवाज बदलकर नकली वीडियो तैयार किया जा सकता है। I4C की चेतावनी के मुताबिक, कुछ पीड़ितों को विदेशी नंबरों से फोन भी आते हैं। इनमें से कई नंबर पाकिस्तान के कंट्री कोड +92 से शुरू होते हैं। फोन करने वाले दावा करते हैं कि व्यक्ति को योजना के तहत आर्थिक मदद पाने के लिए चुना गया है।ठग लोगों को यूपीआई के जरिए भुगतान करने या इनाम लेने के नाम पर पिन डालने के लिए कहते हैं। इसके बाद पैसा खाते से कटकर ठगों तक पहुंच जाता है। याद रखें, यूपीआई पिन पैसे भेजने या भुगतान को अधिकृत करने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।

फर्जी सरकारी योजना और डीपफेक विज्ञापन की पहचान कैसे करें?

ऐसे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए I4C ने लोगों को कुछ अहम सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

- सरकारी वेबसाइट पर जांचें: किसी योजना की जानकारी संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर सत्यापित करें।

- फीस देने से पहले सावधान रहें: सहायता राशि पाने के नाम पर मांगे गए टैक्स, पंजीकरण या सत्यापन शुल्क का उद्देश्य और भुगतान पाने वाले की पहचान जांचें।

- निजी जानकारी साझा न करें: अनजान लोगों को आधार, पैन, बैंक विवरण, ओटीपी या यूपीआई पिन न बताएं।


- वीडियो और आवाज पर तुरंत भरोसा न करें: किसी नेता का वीडियो असली दिखने पर भी उसकी घोषणा की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से करें।

- यूपीआई अनुरोध जांचें: भुगतान मंजूर करने से पहले राशि और प्राप्तकर्ता का नाम ध्यान से देखें। केवल इनाम पाने के लिए यूपीआई पिन न डालें।

यदि किसी योजना पर संदेह हो, तो संबंधित सरकारी कार्यालय से सीधे संपर्क करना बेहतर है। सोशल मीडिया पर दिखने वाला विज्ञापन अपने आप में किसी योजना की प्रामाणिकता का प्रमाण नहीं है।

निष्कर्ष

Fake Government Scheme Ads Using Deepfake Videos के जरिए होने वाली ठगी दिखाती है कि डिजिटल दौर में किसी वीडियो पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी मंत्री की तस्वीर और आवाज का इस्तेमाल किसी विज्ञापन को असली साबित नहीं करता। किसी भी सरकारी योजना में आवेदन करने या भुगतान करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करें और यूपीआई पिन को हमेशा गोपनीय रखें।

FAQ (Frequently Asked Questions):

गृह मंत्रालय ने फर्जी सरकारी योजना विज्ञापनों को लेकर क्या चेतावनी दी है?

I4C ने चेताया है कि ठग नेताओं के डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल करके फर्जी योजनाओं के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं।

डीपफेक वीडियो क्या होते हैं?

डीपफेक ऐसे नकली वीडियो या ऑडियो होते हैं, जिन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से किसी व्यक्ति का चेहरा, आवाज या हावभाव बदलकर बनाया जा सकता है।

फर्जी सरकारी योजना विज्ञापन की पहचान कैसे करें?

योजना को संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जांचें। अनजान नंबरों, संदिग्ध लिंक और लाभ पाने के लिए मांगे गए शुल्क से सावधान रहें।

क्या पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन डालना जरूरी है?

यूपीआई पिन भुगतान को अधिकृत करता है। पैसे प्राप्त करने के लिए इसे दर्ज करने की जरूरत नहीं होती।

ठगी से बचने के लिए कौन-सी जानकारी गोपनीय रखनी चाहिए?

आधार, पैन, बैंक विवरण, ओटीपी और यूपीआई पिन जैसी संवेदनशील जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

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