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पाकिस्तान में 4.4 अरब डॉलर की LNG परियोजना का प्रस्ताव, ट्रंप प्रशासन समर्थित अमेरिकी समूह की योजना !

ट्रंप प्रशासन के समर्थन वाले अमेरिकी समूह ने पाकिस्तान में 4.4 अरब डॉलर तक की LNG परियोजना का प्रस्ताव दिया है। इसमें पोर्ट कासिम पर चार भंडारण टैंक और देश के दूसरे हिस्सों तक गैस पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बनाने की योजना है।

पाकिस्तान में 4.4 अरब डॉलर की LNG परियोजना का प्रस्ताव, ट्रंप प्रशासन समर्थित अमेरिकी समूह की योजना !

पाकिस्तान में प्रस्तावित इस परियोजना के तहत LNG का आयात, भंडारण, दोबारा प्राकृतिक गैस में परिवर्तन और बड़े उपभोक्ताओं तक आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए अभी नियामकीय मंजूरियों, निवेश संबंधी प्रतिबद्धताओं और निर्माण के अंतिम समझौतों की प्रक्रिया बाकी है।

2 नवंबर 2026 को प्रकाशित Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान में पहले LNG टर्मिनल बनाने की एक अन्य योजना आगे नहीं बढ़ सकी। Energas नाम के इस समूह में Lucky Group और QatarEnergy शामिल थे। उसने पाकिस्तान की ऊर्जा नीति और जरूरतों में बदलाव के साथ लंबित नीतिगत और वित्तीय मुद्दों को परियोजना छोड़ने की वजह बताया था।

कौन-सी कंपनियां परियोजना में शामिल हैं?

इस प्रस्ताव के पीछे अमेरिकी कंपनियों का एक समूह है, जिसमें Global Vision Energy Partners (GVEP) और Khanjee Holdings शामिल हैं। दोनों संबंधित कंपनियां बताई गई हैं। इनके साथ लक्जमबर्ग स्थित General Mediterranean Holding और दूसरे देशों के संभावित रणनीतिक निवेशक भी जुड़े हैं।

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रायोजकों ने पोर्ट कासिम अथॉरिटी से प्रस्तावित साइट के लिए सहमति मिलने की बात कही है। इसके अलावा, पाकिस्तान के ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) में अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया है।

परियोजना के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) भी बनाई जा चुकी है। यह किसी विशेष परियोजना की संपत्ति और देनदारियों के प्रबंधन तथा उससे जुड़े वित्तीय जोखिमों को अलग रखने के लिए बनाई जाने वाली कानूनी इकाई होती है।

पहले चरण में पोर्ट कासिम पर बनेंगे चार LNG टैंक

परियोजना के पहले चरण की अनुमानित लागत 1.7 अरब डॉलर है। इसके तहत कराची के पास पोर्ट कासिम में LNG आयात टर्मिनल और भंडारण सुविधा विकसित करने की योजना है।

इस टर्मिनल में चार भंडारण टैंक बनाए जाएंगे। प्रत्येक टैंक की क्षमता 1,40,000 क्यूबिक मीटर होगी। इस तरह चारों टैंकों की कुल स्थिर भंडारण क्षमता 5,60,000 क्यूबिक मीटर होगी।

रिपोर्ट के अनुसार, साल में तीन इन्वेंटरी टर्नओवर साइकिल के आधार पर टर्मिनल की अनुमानित सालाना LNG हैंडलिंग क्षमता करीब 35.6 बिलियन क्यूबिक फीट (BCF) होगी। एक साइकिल में करीब 11.9 BCF के बराबर गैस का भंडारण होगा।

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दूसरे चरण में 1,100 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन

परियोजना के दूसरे चरण में 1,100 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बनाने का प्रस्ताव है। इसका व्यास 42 से 48 इंच और परिवहन क्षमता करीब 1.2 बिलियन क्यूबिक फीट प्रतिदिन (BCFD) होगी।

इस पाइपलाइन के जरिए पोर्ट कासिम पर आयातित LNG को दोबारा प्राकृतिक गैस में बदलने के बाद देश के दूसरे हिस्सों और बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की योजना है। इस चरण के बाद पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 4.4 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

परियोजना में निवेश कौन करेगा?

प्रस्तावित वित्तीय ढांचे में 70:30 का कर्ज और इक्विटी अनुपात रखा गया है। यानी परियोजना की कुल वित्तीय जरूरत का 70% कर्ज और 30% निवेशकों की इक्विटी से जुटाने की योजना है।

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कंसोर्टियम स्थानीय निवेशकों से भी पूंजी जुटाने के लिए बातचीत कर रहा है। प्रत्येक निवेशक के लिए शुरुआती निवेश का संकेत 5 करोड़ डॉलर से रखा गया है।

संभावित रणनीतिक निवेशकों में Grey Rock Investment Partners, KKR, Blackstone, सऊदी अरब का Public Investment Fund और Kuwait Investment Authority शामिल हैं। हालांकि, इनकी भागीदारी ड्यू डिलिजेंस, निवेश संबंधी मंजूरियों और अंतिम समझौतों पर निर्भर है। अभी किसी की बाध्यकारी निवेश प्रतिबद्धता की पुष्टि नहीं हुई है।

अमेरिकी संस्थाओं से कैसे मिल सकता है वित्तीय सहयोग?

  • इस परियोजना को अमेरिकी संस्थाओं से तकनीकी और संभावित वित्तीय सहयोग मिलने की संभावना है। इसमें तीन संस्थाओं की भूमिका प्रस्तावित है:

1- US Trade and Development Agency (USTDA): परियोजना को एजेंसी के प्रोजेक्ट प्रिपरेशन प्रोग्राम के तहत विचार के लिए मंजूरी मिली है।

2- US Development Finance Corporation (DFC): परियोजना को इससे आंशिक वित्तपोषण मिल सकता है।

3- US Export-Import Bank (EXIM Bank): अमेरिकी तकनीक, उपकरण और सेवाओं के लिए निर्यात ऋण गारंटी देने की संभावना है।

हालांकि, USTDA के कार्यक्रम में विचार के लिए मंजूरी मिलने का अर्थ पूरी परियोजना की फंडिंग मंजूर होना नहीं है। DFC और EXIM Bank से मिलने वाला संभावित सहयोग भी अभी अंतिम वित्तीय प्रतिबद्धता नहीं है।

LNG टर्मिनल और पाइपलाइन के प्रस्तावित शुल्क कितने होंगे?

कंसोर्टियम ने टर्मिनल, भंडारण और गैस परिवहन सेवाओं के लिए शुल्क का प्रस्ताव दिया है।

सेवापहले 10
साल का प्रस्तावित शुल्कइसके बाद अनुमानित शुल्क
टर्मिनल और भंडारण4.93
डॉलर प्रति
mmBtu (Million British Thermal Units)2.20
डॉलर प्रति
mmBtu
गैस परिवहन1.91
डॉलर प्रति
mmBtu0.92
डॉलर प्रति
mmBtu

mmBtu ऊर्जा मापने की इकाई है। घरेलू बाजार के लिए री-गैसीफिकेशन शुल्क OGRA की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। वहीं, भंडारण, टोलिंग और ट्रांसशिपमेंट जैसी दूसरी व्यावसायिक सेवाओं का शुल्क बाजार आधारित रखने की योजना है।

अंतिम परियोजना लागत इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) अनुबंधों तथा दूसरे निर्माण और आपूर्ति समझौतों के बाद तय होगी।

पोर्ट कासिम को परियोजना के लिए क्यों चुना गया?

पोर्ट कासिम पर पहले से बंदरगाह से जुड़ा बुनियादी ढांचा और LNG जहाजों के लिए समुद्री पहुंच उपलब्ध है। इसकी एक और खासियत यह है कि यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर स्थित है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

कंसोर्टियम की योजना पोर्ट कासिम को केवल पाकिस्तान की घरेलू गैस जरूरतें पूरी करने वाली सुविधा तक सीमित रखने की नहीं है। इसे दक्षिण एशिया में LNG भंडारण और कारोबार के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जहां अमेरिकी और मध्य-पूर्वी आपूर्तिकर्ता भी अपनी सेवाएं दे सकें।

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परियोजना का व्यावसायिक मॉडल क्या होगा?

यह परियोजना मर्चेंट इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसका मतलब है कि इसका कारोबार किसी एक सरकारी खरीदार के साथ गैस खरीद समझौते पर निर्भर नहीं होगा।

इसके बजाय, कंपनी अलग-अलग ग्राहकों को LNG भंडारण, री-गैसीफिकेशन, गैस परिवहन, टोलिंग और ट्रांसशिपमेंट जैसी सेवाएं दे सकती है। प्रस्तावित मॉडल में लंबी अवधि के भंडारण और टोलिंग समझौतों के साथ जरूरत के अनुसार टेक-ऑर-पे व्यवस्था भी शामिल हो सकती है।

इस मॉडल की व्यावसायिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि परियोजना को कितने ग्राहक मिलते हैं और सेवाओं की मांग कितनी रहती है।

पाकिस्तान के ऊर्जा क्षेत्र के लिए यह परियोजना क्यों अहम है?

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में फिलहाल समर्पित LNG भंडारण सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे में देश की री-गैसीफाइड LNG आपूर्ति आयात की व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की कीमतों पर निर्भर रहती है।

यदि यह परियोजना पूरी होती है, तो पाकिस्तान को LNG भंडारण की सुविधा और अतिरिक्त गैस परिवहन ढांचा मिल सकता है। इससे आयातित गैस के भंडारण और बड़े उपभोक्ताओं तक उसकी आपूर्ति के विकल्प बढ़ सकते हैं।

हालांकि, परियोजना का वास्तविक असर इसकी मंजूरियों, वित्तीय व्यवस्था, निवेशकों की प्रतिबद्धताओं और निर्माण समझौतों पर निर्भर करेगा।

निष्कर्ष

पाकिस्तान की प्रस्तावित 4.4 अरब डॉलर की LNG परियोजना में पोर्ट कासिम पर चार भंडारण टैंक और 1,100 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन शामिल है। साइट के लिए सहमति और OGRA में लाइसेंस आवेदन जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन वित्तपोषण और अंतिम समझौते अभी बाकी हैं। इसलिए इसे फिलहाल एक निवेश प्रस्ताव के रूप में ही देखना चाहिए।

FAQ (Frequently Asked Questions):

पाकिस्तान में 4.4 अरब डॉलर की LNG परियोजना कौन-सा अमेरिकी समूह लाना चाहता है?

इस प्रस्ताव में Global Vision Energy Partners (GVEP), Khanjee Holdings और General Mediterranean Holding शामिल हैं। इनके साथ दूसरे देशों के संभावित रणनीतिक निवेशक भी जुड़ सकते हैं।

पाकिस्तान की इस LNG परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य LNG का आयात, भंडारण, री-गैसीफिकेशन और गैस परिवहन करना है। इसके साथ दक्षिण एशिया में LNG भंडारण और कारोबार का केंद्र विकसित करने की योजना है।

प्रस्तावित LNG टर्मिनल कहां बनाया जाएगा?

पहले चरण में कराची के पास पाकिस्तान के पोर्ट कासिम में LNG आयात टर्मिनल और चार भंडारण टैंक बनाने का प्रस्ताव है।

इस परियोजना के दूसरे चरण में कितनी लंबी गैस पाइपलाइन बनाई जाएगी?

दूसरे चरण में 1,100 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बनाने की योजना है। इसकी अनुमानित परिवहन क्षमता 1.2 बिलियन क्यूबिक फीट प्रतिदिन होगी।

पाकिस्तान के ऊर्जा क्षेत्र के लिए यह परियोजना क्यों महत्वपूर्ण है?

इससे पाकिस्तान में समर्पित LNG भंडारण सुविधा और अतिरिक्त गैस परिवहन ढांचा विकसित हो सकता है। इससे आयातित गैस के भंडारण और आपूर्ति के विकल्प बढ़ सकते हैं।

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