Vikram Misri Nepal Visit : विदेश सचिव विक्रम मिसरी का नेपाल दौरा, नई सरकार के साथ किन मुद्दों पर बनेगी बात?
विदेश सचिव विक्रम मिसरी 4-5 नवंबर को नेपाल दौरे पर रहेंगे। वे विदेश सचिव अमृत बहादुर राय से व्यापार, ऊर्जा और सीमा सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। बातचीत में प्रधानमंत्री बालेन शाह की संभावित भारत यात्रा, गोरखा भर्ती और नए नेपाली राजदूत की नियुक्ति के मुद्दे भी उठ सकते हैं।
Vikram Misri Nepal Visit : भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 और 5 नवंबर को नेपाल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने 2 नवंबर को इसकी घोषणा की थी। इस दौरान वे नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। यह मार्च 2026 में प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद मिस्री का पहला नेपाल दौरा है।नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मिस्री अपने नेपाली समकक्ष अमृत बहादुर राय के निमंत्रण पर काठमांडू पहुंचेंगे। दोनों देशों के विदेश सचिव भारत-नेपाल संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। मिस्री नेपाल के वरिष्ठ नेताओं से भी शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। उनका 5 नवंबर को काठमांडू से दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों के बीच मजबूत और मित्रतापूर्ण संबंध हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग में लगातार प्रगति हुई है। यह दौरा दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय बातचीत की परंपरा का हिस्सा है।
बालेन शाह की भारत यात्रा का रास्ता भी तैयार कर सकते हैं मिस्री
मिस्री के इस दौरे को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की संभावित भारत यात्रा की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शाह मार्च 2026 में प्रधानमंत्री बने थे। सितंबर 2025 में हुए जेन-जी आंदोलन के बाद के.पी. शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। इसके बाद अंतरिम सरकार के तहत 5 मार्च 2026 को चुनाव हुए, जिसमें राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) को बड़ी जीत मिली। बालेन शाह 27 मार्च को प्रधानमंत्री बने।

प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच नवंबर के दूसरे हिस्से में उनकी भारत यात्रा की तारीखों पर बातचीत चल रही है। हालांकि, अभी तक भारत या नेपाल की सरकार ने इस यात्रा की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।ऐसे में मिस्री की यात्रा के दौरान शाह की संभावित भारत यात्रा के एजेंडे और दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत के संभावित नतीजों पर चर्चा हो सकती है। नेपाल के नए नेतृत्व के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी यह दौरा अहम माना जा रहा है।
कौन हैं विदेश सचिव विक्रम मिस्री?
विक्रम मिस्री 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उन्होंने 15 जुलाई 2024 को भारत के विदेश सचिव का पद संभाला था। इससे पहले वे चीन, म्यांमार और स्पेन में भारत के राजदूत रह चुके हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार के पद पर भी काम कर चुके हैं।मिस्री को तीन भारतीय प्रधानमंत्रियों- इंद्र कुमार गुजराल, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के निजी सचिव के रूप में काम करने का अनुभव भी है। केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 में उनका कार्यकाल एक साल बढ़ाकर 14 जुलाई 2027 तक कर दिया था।
सीमा सुरक्षा, ऊर्जा और कनेक्टिविटी पर पहले से चल रही बातचीत
मिस्री की यात्रा से ठीक पहले दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर भी अहम बैठक हुई है। अक्टूबर के आखिर में काठमांडू में नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल और भारत के सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 10वीं समन्वय बैठक हुई। इसमें सीमा पार अपराध रोकने, खुफिया जानकारी साझा करने और सीमा प्रबंधन बेहतर बनाने पर सहमति बनी।दोनों पक्षों ने मानव तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली करेंसी और तीसरे देशों के नागरिकों की अवैध आवाजाही रोकने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया। संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में CCTV कैमरे, सामान की जांच करने वाले स्कैनर और ड्रोन जैसी तकनीक के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। सीमा पर संयुक्त गश्त और सीमा स्तंभों के रखरखाव को लेकर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत और नेपाल के बीच सहयोग बढ़ रहा है। दोनों देश सीमा पार बिजली ट्रांसमिशन लाइन और जलविद्युत परियोजनाओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा सड़क, रेल और हवाई संपर्क, व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दे भी दोनों देशों के संबंधों का अहम हिस्सा हैं।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा है। दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध रहे हैं। व्यापार, ऊर्जा, निवेश और आवागमन के लिहाज से भी दोनों देश एक-दूसरे के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अग्निपथ योजना के बाद गोरखा भर्ती का मुद्दा फिर उठा
मिस्री के दौरे की घोषणा के दिन यानी 2 नवंबर को काठमांडू में भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी हुआ। पूर्व भारतीय सैनिकों के एक कल्याण संगठन ने यह प्रदर्शन किया। भारत सरकार की अग्निपथ योजना लागू होने के बाद से नेपाली गोरखाओं की भारतीय सेना में नई भर्ती रुकी हुई है।इस मुद्दे पर नेपाल में पहले भी विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। अगस्त 2026 में पोखरा में पूर्व गोरखा सैनिकों और युवाओं ने भर्ती फिर शुरू करने की मांग की थी। 19 अगस्त को भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के नेपाल दौरे के दौरान भी यह मुद्दा उठाया गया था, लेकिन भर्ती शुरू करने पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई थी। ऐसे में यह मुद्दा दोनों देशों के बीच बातचीत के दौरान महत्वपूर्ण रह सकता है।
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच बढ़े उच्चस्तरीय संपर्क
पिछले कुछ महीनों में नेपाल के कई वरिष्ठ मंत्री भारत का दौरा कर चुके हैं। इनमें विदेश मंत्री सिसिर खानाल, वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले और गृह मंत्री सुदन गुरुङ शामिल हैं। इन मंत्रियों ने 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में हुई पहली BIMSTEC बैठक में हिस्सा लिया था। इस दौरान क्षेत्रीय सहयोग और आर्थिक संबंधों से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई।नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रबी लामिछाने ने जून के पहले सप्ताह में भारत का दौरा किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। पिछले सप्ताह वे फिर भारत आए, लेकिन इस बार उनकी यात्रा निजी थी। उन्होंने उत्तराखंड के कैंची धाम और गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में दर्शन किए। यात्रा से पहले उन्होंने साफ कहा था कि इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है और कोई राजनीतिक बैठक तय नहीं है।
विक्रम मिस्री का नेपाल दौरा भी इसी बढ़ते राजनयिक संपर्क के बीच हो रहा है। इससे पहले वे अगस्त 2025 में दो दिन के लिए काठमांडू गए थे, जहां उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली से मुलाकात की थी। मई 2026 में भी उनके नेपाल दौरे की संभावना थी, लेकिन नेपाल की घरेलू राजनीतिक चुनौतियों के कारण यह यात्रा टल गई थी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
विक्रम मिस्री नेपाल के दौरे पर कब जाएंगे?
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 और 5 नवंबर 2026 को नेपाल के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वे काठमांडू में रहेंगे और 5 नवंबर को भारत लौटेंगे।
विक्रम मिस्री के नेपाल दौरे का उद्देश्य क्या है?
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करना और आपसी हित के क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करना है। दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, सीमा सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी बात करेंगे।
नेपाल में भारत के विदेश सचिव किससे मुलाकात करेंगे?
विक्रम मिस्री नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके अलावा वे नेपाल के वरिष्ठ नेताओं से शिष्टाचार मुलाकात भी करेंगे।
नेपाल के नए प्रधानमंत्री कौन हैं?
नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह हैं। उन्होंने 27 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले वे काठमांडू के मेयर रह चुके हैं।
भारत और नेपाल के बीच किन मुद्दों पर बातचीत होगी?
दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा सहयोग, सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, निवेश और लोगों के बीच संबंधों पर चर्चा होगी। नेपाल में भारत के नए राजदूत की नियुक्ति, भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद राहत कार्य और गोरखा सैनिकों की भारतीय सेना में भर्ती का मुद्दा भी बातचीत में उठ सकता है।
क्या नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह भारत दौरे पर आएंगे?
बालेन शाह की भारत यात्रा की संभावना है। इस बारे में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक यात्रा की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है।