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दिल्ली के चावड़ी बाजार में सुबह-सुबह मौत का मंजर! तीन मंजिला इमारत ढही, 2 की मौत; मलबे में 15 लोगों के दबे होने की आशंका

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव अभियान जारी है।

दिल्ली के चावड़ी बाजार में सुबह-सुबह मौत का मंजर! तीन मंजिला इमारत ढही, 2 की मौत; मलबे में 15 लोगों के दबे होने की आशंका

दिल्ली में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। Delhi Chawri Bazaar Building Collapse 2026 की घटना में पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में करीब 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। मौके पर दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल राहत अभियान चला रहे हैं।

सुबह करीब 9:50 बजे हुआ हादसा, मलबे में दबे लोग

This file photo shows traffic blocking a lane in Old Delhi's Chawri BazaarImage: Nasir Kachroo/NurPhoto/picture alliance
This file photo shows traffic blocking a lane in Old Delhi's Chawri BazaarImage: Nasir Kachroo/NurPhoto/picture alliance

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा 5 नवंबर की सुबह करीब 9:50 बजे गली सितारा में हुआ। यह जगह चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास है। हालांकि, स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना का समय सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच बताया है। इमारत निर्माणाधीन थी और पिछले तीन से चार महीनों से यहां काम चल रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में मजदूर मौजूद थे। बताया गया है कि इस भवन में कोई परिवार नहीं रहता था और संपत्ति का मालिक अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहता है।

Delhi Chawri Bazaar Building Collapse 2026: कैसे ढही तीन मंजिला इमारत?

प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम ने बताया कि सुबह लोग सो रहे थे, तभी अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। शुरुआत में उन्हें लगा कि उनका अपना मकान गिर रहा है, लेकिन बाहर आने पर पता चला कि बगल में बन रही इमारत मलबे में तब्दील हो चुकी है। नईम के मुताबिक, निर्माण स्थल पर तीन से चार लिंटल पहले ही डाले जा चुके थे और वे एक साथ ढह गए। उन्होंने बताया कि एक घायल मजदूर ने उन्हें जानकारी दी थी कि हादसे के समय वहां करीब तीन से चार लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी ने मलबे से एक शव निकाले जाते हुए भी देखा। हालांकि, अधिकारियों की ओर से मलबे में फंसे लोगों की अंतिम संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 15 लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है।

संकरी गलियों में रेस्क्यू ऑपरेशन, दमकल और NDRF की टीमें तैनात

हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कम से कम छह गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। इनमें पानी के टैंकर और बचाव वाहन भी शामिल हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के जवान भी मलबे में फंसे लोगों को तलाशने और बाहर निकालने में जुटे हैं। पुरानी दिल्ली की संकरी गलियां बचाव अभियान में बड़ी चुनौती बन रही हैं। आसपास की इमारतें एक-दूसरे के बेहद करीब हैं और गलियों में खड़े वाहन भी राहत कार्य में बाधा पैदा कर सकते हैं। घटनास्थल तक बचावकर्मियों को पैदल पहुंचना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने अपनी गाड़ियां हटाकर एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया, ताकि घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। फिलहाल बचाव अभियान के दौरान मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।

दिल्ली में लगातार इमारतें गिरने की घटनाओं से बढ़े सवाल

चावड़ी बाजार का हादसा ऐसे समय हुआ है, जब दिल्ली में हाल के दिनों में इमारतों और निर्माणाधीन ढांचों के गिरने की कई घटनाएं सामने आई हैं। 7 अक्टूबर को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में चार मंजिला इमारत गिरने से एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मिलन गार्डन इलाके में निर्माण के दौरान इमारत की दो स्लैब गिरने से चंदरपाल (60) और विजय कुमार (33) की जान चली गई थी। वहीं, 31 अक्टूबर को चांदनी चौक स्थित 160 साल से अधिक पुराने एमसीडी टाउन हॉल के प्रवेश बरामदे का एक हिस्सा भी गिर गया था। दो दिन की भारी बारिश के बाद हुए इस हादसे में छत और दो बड़े बीम क्षतिग्रस्त हुए थे। चावड़ी बाजार की घटना पर आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और एमसीडी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पीजी इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली में सुरक्षा ऑडिट कराए गए थे, इसके बावजूद इमारतें गिर रही हैं। उन्होंने इन ऑडिट की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया।

निष्कर्ष

Delhi Chawri Bazaar Building Collapse 2026 ने पुरानी दिल्ली में निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो लोगों की मौत के बाद अब सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे की वजह और निर्माण संबंधी सुरक्षा मानकों में संभावित चूक की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

दिल्ली के चावड़ी बाजार में इमारत गिरने का हादसा कब हुआ?

यह हादसा 5 नवंबर 2026 को सुबह हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना करीब 9:50 बजे गली सितारा में हुई, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने समय करीब 9 से 9:30 बजे बताया।

चावड़ी बाजार इमारत हादसे में कितने लोगों की मौत हुई है?

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हादसे में दो लोगों की मौत हुई है और एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है।

क्या दिल्ली के चावड़ी बाजार में मलबे के नीचे लोग फंसे हैं?

अधिकारियों के मुताबिक, करीब 15 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। बचाव दल उनकी तलाश में जुटे हैं।

चावड़ी बाजार में राहत और बचाव अभियान कौन चला रहा है?

दमकल विभाग की कम से कम छह गाड़ियां और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।

दिल्ली में हाल के दिनों में इमारत गिरने की और कौन-सी घटनाएं हुई हैं?

7 अक्टूबर को सीमापुरी में चार मंजिला इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मिलन गार्डन इलाके में निर्माण के दौरान दो स्लैब गिरने से दो लोगों की जान गई थी।

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