Flavio Bolsonaro Brazil Election Coup Claim : लूला पर चुनाव चोरी का आरोप लगाकर अमेरिका पहुंचे फ्लावियो, बोले- ब्राजील का असली नेता मैं….
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद अमेरिका पहुंचे फ्लावियो बोल्सोनारो ने खुद को देश का असली नेता बताया और राष्ट्रपति लूला पर चुनाव चुराने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया। आधिकारिक नतीजों में लूला को करीब 44 लाख वोटों से जीत मिली है।
Flavio Bolsonaro Brazil Election Coup Claim : ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद अमेरिका पहुंचे सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने खुद को देश का असली नेता बताया है। उन्होंने राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और सुप्रीम कोर्ट पर चुनाव में धांधली कर सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है। ब्राजील के चुनाव प्राधिकरण ने लूला की जीत की घोषणा की है और अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षकों ने भी मतदान प्रक्रिया पर शुरुआती रिपोर्ट में सकारात्मक टिप्पणी की है। इस घटनाक्रम से अमेरिका और ब्राजील के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
पहले खुद को राष्ट्रपति बताया, फिर ‘देश का नेता’ कहा
फ्लावियो बोल्सोनारो ने बुधवार, 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खुला पत्र जारी किया। इसके शुरुआती संस्करण में उन्होंने खुद को ब्राजील का “निर्वाचित राष्ट्रपति” बताया था। बाद में उन्होंने उस पोस्ट को हटाकर नया पत्र जारी किया, जिसमें खुद को देश का सही नेता बताया।

फ्लावियो ने लिखा कि वह अपने 6 करोड़ समर्थकों और पूरे ब्राजील के लोगों से कहना चाहते हैं कि वही देश के नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव चुराने वाले लोग एक ऐसे आपराधिक संगठन का हिस्सा हैं, जिसने देश में तानाशाही स्थापित कर दी है।यह फ्लावियो का राजनीतिक दावा है। ब्राजील के चुनाव प्राधिकरण ने उन्हें विजेता घोषित नहीं किया है। आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, लूला ने चुनाव में जीत दर्ज की है।

लूला ने 44 लाख वोटों से हराया, चुनावी धांधली का सबूत नहीं
ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट यानी चुनाव प्राधिकरण के मुताबिक, 25 अक्टूबर को हुए दूसरे दौर के मतदान में लूला को 64,256,232 वोट मिले। उन्हें कुल वैध वोटों का 51.79% हासिल हुआ। वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो को 59,826,041 वोट यानी 48.21% मत मिले। दोनों के बीच करीब 44 लाख वोटों का अंतर रहा।

फ्लावियो ने चुनावी नतीजों को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने मतदान का समय दो घंटे बढ़ाकर लूला को फायदा पहुंचाया। यह फैसला उन शिकायतों के बाद लिया गया था, जिनमें लूला के चुनाव अभियान ने ब्राजील के उत्तर-पूर्वी इलाकों में मतदाताओं को मतदान से रोकने का आरोप लगाया था।हालांकि, फ्लावियो के चुनाव अभियान ने भी दक्षिणी राज्यों में बारिश के कारण मतदान का समय बढ़ाने की मांग की थी। ये इलाके उनके समर्थकों का गढ़ माने जाते हैं।
इंस्पर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पेड्रो बुर्गोस के विश्लेषण के मुताबिक, मतदान के अतिरिक्त दो घंटों में 35 हजार से भी कम वोट डाले गए। यह कुल वोटों का करीब 0.03% था। ऐसे में चुनाव परिणाम रद्द कराने की फ्लावियो की कोशिश की सफलता की संभावना कम मानी जा रही है।
कार्टर सेंटर ने 27 अक्टूबर को जारी अपनी शुरुआती रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया की तारीफ की। हालांकि, संस्था ने मतदान का व्यापक आकलन करने का दावा नहीं किया और मतदान समय बढ़ाने के फैसले को विवादित बताया। उसने यह भी कहा कि चुनाव से जुड़ी शिकायतों को तय कानूनी प्रक्रिया के जरिए उठाया जाना चाहिए।
पासपोर्ट जमा कराने के अदालती आदेश के बीच अमेरिका पहुंचे
फ्लावियो बोल्सोनारो बुधवार को अपने परिवार के साथ अमेरिका के मियामी पहुंचे। उनके देश छोड़ने से पहले ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अपने पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया था। यह आदेश मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के संदर्भ में दिया गया था। फ्लावियो ने इस मामले में किसी भी गलत काम से इनकार किया है।फ्लावियो ने आरोप लगाया कि लूला सरकार और सुप्रीम कोर्ट उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका जाने को देश छोड़कर भागना मानने से भी इनकार किया।
अपने पत्र में उन्होंने कहा, “मैं साफ करना चाहता हूं कि मैं ब्राजील से भागा नहीं हूं। मैं ब्राजील से बाहर आया हूं, लेकिन अपने लोगों को नहीं छोड़ा है।”
उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई का भी धन्यवाद किया। फ्लावियो ने कहा कि दोनों ने उन्हें अमेरिका पहुंचने और वहां स्वागत मिलने में मदद की। ट्रम्प ने फ्लावियो और उनके परिवार को प्रवेश वीजा देने की बात कही थी।
ट्रम्प बोले- चुनाव ‘बहुत अजीब’ था
फ्लावियो के चुनावी धांधली के आरोपों पर सवाल पूछे जाने पर ट्रम्प ने सीधे कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने पहले दिए गए अपने बयान को दोहराते हुए चुनाव को “बहुत अजीब” बताया।ब्राजील और अमेरिका के बीच इन दिनों तनाव बना हुआ है। लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील के पास दुनिया के दुर्लभ खनिजों के दूसरे सबसे बड़े भंडार हैं। लूला ने आरोप लगाया है कि वॉशिंगटन बोल्सोनारो परिवार को दोबारा सत्ता में लाने के लिए उसके साथ मिलकर काम कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव से पहले अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से बोल्सोनारो परिवार की सत्ता में वापसी के लिए प्रयास किए जाने की खबर आई थी। हालांकि, अमेरिकी सरकार ने ब्राजील के घरेलू मामलों में दखल देने के आरोपों को खारिज किया है।
फ्लावियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो भी 2022 में लूला से चुनाव हारने के बाद अमेरिका गए थे। बाद में वह ब्राजील लौटे और राजधानी ब्रासीलिया में सरकारी इमारतों पर उनके समर्थकों के हमले के बाद तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में उन्हें 27 साल की जेल की सजा सुनाई गई।
लूला ने इस सप्ताह फ्लावियो के अमेरिका जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फ्लावियो को ब्राजील में रहकर अपनी बेगुनाही साबित करनी चाहिए थी।
फिलहाल फ्लावियो ने चुनाव में धांधली के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। ब्राजील के चुनाव प्राधिकरण ने लूला की जीत की घोषणा की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनाव प्रक्रिया पर अपनी शुरुआती रिपोर्ट में मतदान और मतगणना के कई पहलुओं की सराहना की है। ऐसे में फ्लावियो के दावों और आधिकारिक चुनाव परिणामों के बीच विवाद जारी है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Flavio Bolsonaro ने अमेरिका में खुद को Brazil का Rightful Leader क्यों बताया?
फ्लावियो बोल्सोनारो ने राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद दावा किया कि चुनाव में धांधली हुई और उनकी जीत छीन ली गई। उन्होंने लूला सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगाते हुए खुद को ब्राजील का सही नेता बताया। हालांकि, उन्होंने इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया।
Flavio Bolsonaro ने Brazil Election में Coup होने का क्या आरोप लगाया?
फ्लावियो का आरोप है कि राष्ट्रपति लूला और सुप्रीम कोर्ट ने मिलकर चुनावी नतीजों को प्रभावित किया। उन्होंने इसे चुनावी तख्तापलट बताया। यह उनका आरोप है, जिसकी पुष्टि के लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई सबूत पेश नहीं किया है।
Brazil के राष्ट्रपति चुनाव में Lula da Silva को कितने वोटों से जीत मिली?
ब्राजील के चुनाव प्राधिकरण के मुताबिक, लूला को 6.42 करोड़ से ज्यादा वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 5.98 करोड़ वोट मिले। लूला ने लगभग 44 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
क्या Flavio Bolsonaro ने चुनाव में धांधली के आरोपों के समर्थन में सबूत दिए हैं?
नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लावियो ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। कार्टर सेंटर ने चुनाव की शुरुआती रिपोर्ट में प्रक्रिया की सराहना की, हालांकि मतदान का समय बढ़ाने के फैसले को विवादित बताया।
Flavio Bolsonaro पासपोर्ट जमा कराने के अदालती आदेश के बावजूद अमेरिका कैसे पहुंचे?
फ्लावियो अपने परिवार के साथ मियामी पहुंचे और उन्हें अमेरिका में प्रवेश के लिए वीजा मिला। उनके ब्राजील छोड़ने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, यह आदेश मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ा था। यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने पासपोर्ट संबंधी आदेश का पालन किया था या नहीं।
Flavio Bolsonaro के बयान से US-Brazil Relations पर क्या असर पड़ सकता है?
फ्लावियो के बयान से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव बढ़ सकता है। लूला ने अमेरिका पर बोल्सोनारो परिवार की सत्ता में वापसी में मदद करने का आरोप लगाया है, जबकि वॉशिंगटन ने ब्राजील के घरेलू मामलों में दखल देने से इनकार किया है।
Brazil की Electoral Court ने चुनाव परिणाम को लेकर क्या फैसला दिया था?
ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट ने लूला को 51.79% वैध वोटों के साथ विजेता घोषित किया। फ्लावियो को 48.21% वोट मिले। चुनाव प्राधिकरण ने नतीजों की घोषणा की और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने भी चुनाव प्रक्रिया पर शुरुआती रिपोर्ट जारी की।