धनतेरस-दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने जा रहे हैं ? पहले जांच लें ये 7 जरूरी बातें, नहीं होगा नुकसान !
धनतेरस और दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने से पहले केवल बाजार भाव देखना काफी नहीं है। ग्राहकों को धातु की शुद्धता, BIS हॉलमार्क, HUID, मेकिंग चार्ज, वजन, GST और बिल की जानकारी भी जांचनी चाहिए। इन सात बातों का ध्यान रखने से खरीदारी में पारदर्शिता बनी रहती है।
धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोने-चांदी के गहने, सिक्के और बर्तन खरीदना कई परिवारों की परंपरा है। इस दौरान बाजार में खरीदारी बढ़ती है और ग्राहक अलग-अलग दुकानों पर कीमतों और डिजाइनों की तुलना करते हैं। लेकिन जल्दबाजी में खरीदारी करने से शुद्धता, वजन या अतिरिक्त शुल्क को लेकर परेशानी हो सकती है।
ऐसे में खरीदारी से पहले कुछ जरूरी जानकारियां जांचना बेहतर है। आइए जानते हैं कि सोना-चांदी खरीदते समय किन 7 बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- खरीदारी से पहले सोने-चांदी का बाजार भाव जांचें
सोना या चांदी खरीदने से पहले उस दिन का बाजार भाव जरूर पता करें। सोने की कीमत कैरेट और शुद्धता के हिसाब से अलग हो सकती है। वहीं चांदी का भाव उसकी शुद्धता और बाजार में चल रही कीमत के आधार पर तय होता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
• उस दिन का सोने और चांदी का भाव जांचें।
• अलग-अलग दुकानों से कीमत की तुलना करें।
• पूछें कि बताई गई कीमत में GST और अन्य शुल्क शामिल हैं या नहीं।
• गहने की कीमत तय करते समय उसके वजन और शुद्धता को भी ध्यान में रखें।
ध्यान रखें कि बाजार भाव में रोज बदलाव हो सकता है। इसलिए किसी पुराने रेट या केवल विज्ञापन में दिखाए गए ऑफर के आधार पर खरीदारी न करें।
- सोने और चांदी की शुद्धता जरूर जांचें
गहने खरीदते समय उनकी शुद्धता सबसे अहम बातों में से एक है। सोने की शुद्धता कैरेट और फाइननेस में बताई जाती है। 24 कैरेट सोना अधिक शुद्ध होता है, जबकि गहने बनाने के लिए अक्सर अन्य धातुएं मिलाकर सोने को मजबूत बनाया जाता है।

जरूरी जानकारी: BIS मानक में 24KS यानी स्टैंडर्ड गोल्ड की फाइननेस 995 और उससे अधिक होती है। वहीं 24KF यानी फाइन गोल्ड की फाइननेस 999 और उससे अधिक होती है। दोनों को एक ही सामान्य ज्वेलरी ग्रेड समझने की गलती न करें।

चांदी खरीदते समय भी दुकानदार से उसकी फाइननेस की जानकारी लें। केवल चमक या रंग देखकर धातु की शुद्धता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
- BIS हॉलमार्क और HUID कोड की जांच करें
सोने के गहने खरीदते समय BIS हॉलमार्क जरूर देखें। यह गहने में इस्तेमाल की गई कीमती धातु की शुद्धता और फाइननेस की पुष्टि करने वाली आधिकारिक मार्किंग है।
मौजूदा HUID आधारित हॉलमार्क में ये प्रमुख निशान होते हैं:
• BIS का लोगो
• सोने की शुद्धता और फाइननेस
• छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID कोड
HUID हर हॉलमार्क वाले गहने का अलग पहचान कोड होता है। ग्राहक इसे BIS Care ऐप के 'Verify HUID' फीचर से जांच सकते हैं। इससे गहने और उसकी हॉलमार्किंग से जुड़ी जानकारी मिलती है।
चांदी खरीदते समय भी हॉलमार्किंग की स्थिति समझें। BIS के संशोधित IS 2112:2025 मानक के तहत चांदी की हॉलमार्किंग योजना स्वैच्छिक है। हालांकि, 1 सितंबर 2025 से जो चांदी के आभूषण या वस्तुएं हॉलमार्क कराई जाती हैं, उन पर HUID आधारित मार्किंग जरूरी है। इसलिए हॉलमार्क वाली चांदी खरीदने पर उसका HUID भी जांचें।
- मेकिंग चार्ज और GST की पूरी जानकारी लें
सोने-चांदी के गहनों की कीमत केवल धातु के वजन और बाजार भाव से तय नहीं होती। इसमें मेकिंग चार्ज यानी गहने बनाने की लागत भी जुड़ती है। अलग-अलग दुकानों और डिजाइनों के हिसाब से यह शुल्क अलग हो सकता है।
खरीदारी से पहले दुकानदार से पूछें कि मेकिंग चार्ज प्रति ग्राम लिया जा रहा है या कुल कीमत के प्रतिशत के रूप में। साथ ही, किसी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी भी लें।
GST का नियम भी समझें: CBIC के अनुसार सोने, चांदी और हीरे के गहनों की कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू पर 3% GST लगता है। मेकिंग चार्ज अलग से दिखाने पर भी गहनों की कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू पर 3% GST लागू होता है। इसलिए अंतिम भुगतान करने से पहले कीमत का पूरा ब्रेकअप जरूर मांगें।

- गहने का कुल वजन नहीं, शुद्ध धातु का वजन देखें
गहने खरीदते समय केवल उसका कुल वजन जानना पर्याप्त नहीं है। कई आभूषणों में मोती, नग, हीरे या दूसरी सजावटी चीजें लगी होती हैं। ऐसे में गहने के कुल वजन और उसमें इस्तेमाल की गई सोने-चांदी की वास्तविक मात्रा में अंतर हो सकता है।
दुकानदार से ये जानकारियां जरूर लें:
• गहने का कुल वजन कितना है?
• उसमें सोने या चांदी का शुद्ध वजन कितना है?
• नग, पत्थर या अन्य सजावटी सामग्री का वजन कितना है?
• कीमत किस वजन के आधार पर तय की गई है?
बिल में कीमती धातु का शुद्ध वजन स्पष्ट दर्ज होना चाहिए। इससे ग्राहक समझ सकता है कि वह वास्तव में कितनी धातु खरीद रहा है और किस आधार पर भुगतान कर रहा है।
- बायबैक नीति और पक्का बिल जरूर लें
गहने खरीदने से पहले दुकानदार की बायबैक यानी वापस खरीदने की नीति समझ लें। अलग-अलग ज्वेलर्स के नियम अलग हो सकते हैं। कुछ दुकानों पर पुराने गहने बदलने या वापस बेचने के लिए अलग शर्तें लागू होती हैं।
दुकानदार से पहले ही पूछें कि पुराने गहने वापस करने या बदलने पर कितनी कटौती होगी और मेकिंग चार्ज का क्या नियम रहेगा।
इसके अलावा, खरीदारी के बाद पक्का बिल जरूर लें। BIS के अनुसार हॉलमार्क वाले कीमती धातु के आभूषणों के बिल में ये विवरण होने चाहिए:
• हर आभूषण का अलग विवरण
• कीमती धातु का शुद्ध वजन
• कैरेट और फाइननेस में शुद्धता
• हॉलमार्किंग शुल्क
बिल पर HUID नंबर लिखना फिलहाल स्वैच्छिक है। फिर भी ग्राहक दुकानदार से इसे बिल में दर्ज करने का अनुरोध कर सकते हैं। बिल भविष्य में एक्सचेंज, बिक्री या किसी शिकायत की स्थिति में काम आता है।
- निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं तो विकल्पों का अंतर समझें
अगर आप केवल पहनने के लिए नहीं, बल्कि निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो उपलब्ध विकल्पों की तुलना करें। फिजिकल गोल्ड यानी सिक्के, बार और गहने के अलावा गोल्ड ETF जैसे विकल्प भी मौजूद हैं।
फिजिकल गोल्ड: इसमें आप सोने के सिक्के, बार या गहने खरीदते हैं। इसे अपने पास सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी आपकी होती है। गहनों में मेकिंग चार्ज भी जुड़ता है।
डिजिटल गोल्ड: कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डिजिटल गोल्ड खरीदने की सुविधा देते हैं। लेकिन 8 नवंबर 2025 को SEBI ने स्पष्ट किया था कि ऐसे डिजिटल गोल्ड उत्पाद उसके नियामक दायरे में नहीं आते। इनमें काउंटरपार्टी और ऑपरेशनल जोखिम हो सकते हैं। ऐसे उत्पादों पर शेयर बाजार से जुड़े SEBI के निवेशक संरक्षण उपाय लागू नहीं होते।
गोल्ड ETF: यह म्यूचुअल फंड से जुड़ा निवेश विकल्प है, जिसकी कीमत सोने से संबंधित होती है। इसकी यूनिट स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदी-बेची जा सकती हैं और इन्हें डीमैट अकाउंट में रखना होता है।
निवेश का विकल्प चुनने से पहले उससे जुड़े खर्च, जोखिम, तरलता और अपने निवेश के उद्देश्य को समझें। केवल किसी ऑनलाइन विज्ञापन या जल्दी मुनाफे के दावे के आधार पर पैसा न लगाएं।
निष्कर्ष
धनतेरस-दिवाली पर सोना-चांदी खरीदते समय बाजार भाव, शुद्धता, हॉलमार्क, वजन और शुल्क की जांच जरूर करें। साथ ही पक्का बिल लें और बायबैक की शर्तें समझें। थोड़ी सावधानी से आप अपनी खरीदारी को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बना सकते हैं।
FAQ (Frequently Asked Questions):
सोने की शुद्धता कैसे पहचानें?
सोने की शुद्धता कैरेट और फाइननेस से पता चलती है। गहने पर BIS हॉलमार्क, शुद्धता का निशान और HUID कोड जांचें।
सोने के गहने पर HUID कोड क्यों जरूरी है?
HUID हर हॉलमार्क वाले गहने का अलग छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक पहचान कोड होता है। इसे BIS Care ऐप से जांचा जा सकता है।
क्या चांदी के गहनों पर भी HUID होता है?
हां। 1 सितंबर 2025 से हॉलमार्क कराई जाने वाली चांदी की वस्तुओं पर HUID आधारित मार्किंग लागू है। हालांकि, चांदी की हॉलमार्किंग योजना स्वैच्छिक है।
सोने-चांदी के गहनों पर कितना GST लगता है?
CBIC के अनुसार सोने, चांदी और हीरे के गहनों की कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू पर 3% GST लगता है। मेकिंग चार्ज अलग दिखाने पर भी यही दर लागू होती है।
क्या डिजिटल गोल्ड में निवेश करना सुरक्षित है?
डिजिटल गोल्ड SEBI के नियामक दायरे में नहीं आता। SEBI ने इसमें काउंटरपार्टी और ऑपरेशनल जोखिमों को लेकर चेतावनी दी है। निवेश से पहले जोखिम और प्लेटफॉर्म की शर्तें समझना जरूरी है।