ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारत ने पाकिस्तानी मंत्री को भेजा न्योता, दिल्ली में होगी SCO की अहम बैठक
पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पाकिस्तान के वरिष्ठ मंत्री औरंगजेब खान खिची को दिल्ली में होने वाले एससीओ सभ्यतागत संवाद मंच के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से अभी उनकी भागीदारी की पुष्टि नहीं हुई है।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। India Invites Pakistan Minister SCO 2026 के तहत भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले पहले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सभ्यतागत संवाद मंच में शामिल होने का न्योता दिया है। यह निमंत्रण मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री को भारत की ओर से दिया गया पहला ऐसा आमंत्रण है। हालांकि, इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में सुधार का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या बदला? भारत ने पाकिस्तानी मंत्री को क्यों बुलाया?

भारत ने पाकिस्तान के अलावा शंघाई सहयोग संगठन के सभी 10 सदस्य देशों को इस मंच में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। यह पहल ऐसे समय में हुई है, जब पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के कारण भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बना हुआ है।भारत ने मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ा था। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के मंत्री को दिल्ली आने का निमंत्रण चर्चा का विषय बन गया है।यदि औरंगजेब खान खिची निमंत्रण स्वीकार कर भारत आते हैं, तो मई 2023 के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री की यह पहली भारत यात्रा होगी। इससे पहले पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी गोवा में आयोजित एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आए थे।हालांकि, यह निमंत्रण एससीओ के बहुपक्षीय मंच के तहत दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सभी सदस्य देशों को आमंत्रित करने की पहल का अर्थ भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय रिश्तों में बदलाव नहीं है। पाकिस्तान की ओर से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि खिची इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं।
SCO Civilisational Dialogue Forum 2026: दिल्ली में कब होगा आयोजन?
भारत में पहला SCO Civilisational Dialogue Forum 2026 आगामी 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान के दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक के दौरान भारत की मेजबानी की घोषणा की थी।इस मंच का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना, साझा सभ्यतागत विरासत को सामने लाना और आपसी समझ को बढ़ावा देना है। इसमें कला, साहित्य, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर संवाद को प्रोत्साहित किया जाएगा।इस पहल का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान रखा था। बाद में इसे संगठन के मंच पर आगे बढ़ाया गया। कार्यक्रम के आयोजन में संस्कृति मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की भूमिका है।
राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर क्या कहा था?
दिल्ली में होने वाले सांस्कृतिक संवाद की घोषणा के साथ ही भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपना रुख भी स्पष्ट रखा है। दुशांबे में एससीओ की बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने आतंकवाद से निपटने के लिए सभी देशों से एकजुट और सख्त कार्रवाई की अपील की थी।उन्होंने कहा था कि आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। आतंकवादियों को वित्तीय मदद देने, उनका समर्थन करने या उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है।इस बैठक में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार भी मौजूद थे। ऐसे में भारत की सांस्कृतिक संवाद की पहल और आतंकवाद पर उसके सख्त रुख को अलग-अलग संदर्भों में समझना जरूरी है। भारत ने एससीओ मंच पर भागीदारी का रास्ता खुला रखा है, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी चिंताओं से पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है।
SCO में भारत-पाकिस्तान की मुलाकात का क्या है महत्व?
शंघाई सहयोग संगठन एक बहुपक्षीय क्षेत्रीय समूह है, जिसमें भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, बेलारूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। भारत 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना था।भारत और पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण होने के बावजूद दोनों देश एससीओ के साझा मंच पर भाग लेते रहे हैं। सितंबर 2026 में भारत के एससीओ राष्ट्रीय समन्वयक आलोक डिमरी के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में संगठन से जुड़ी बैठक में शामिल हुआ था। वहां संपर्क, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, पारगमन और व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।इस पृष्ठभूमि में India Invites Pakistan Minister SCO 2026 घटनाक्रम यह दिखाता है कि भारत बहुपक्षीय मंचों पर अपनी भागीदारी जारी रखे हुए है। लेकिन किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम का निमंत्रण अपने आप में द्विपक्षीय वार्ता बहाल होने या रिश्ते सामान्य होने का प्रमाण नहीं है।
निष्कर्ष
India Invites Pakistan Minister SCO 2026 के तहत पाकिस्तान के मंत्री औरंगजेब खान खिची को दिल्ली बुलाने का निमंत्रण भारत-पाकिस्तान संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि, भारत ने एससीओ के सभी 10 सदस्य देशों को आमंत्रित किया है और इस पहल का घोषित उद्देश्य सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पाकिस्तान निमंत्रण स्वीकार करता है या नहीं। फिलहाल, इस घटनाक्रम को दोनों देशों के रिश्तों में निर्णायक बदलाव के बजाय बहुपक्षीय कूटनीति के संदर्भ में देखना अधिक उचित होगा।
FAQ (Frequently Asked Questions):
भारत ने एससीओ बैठक के लिए पाकिस्तान के किस मंत्री को आमंत्रित किया है?
भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को एससीओ सभ्यतागत संवाद मंच के लिए आमंत्रित किया है।
SCO Civilisational Dialogue Forum 2026 का आयोजन कब और कहां होगा?
इस मंच का आयोजन 20 से 22 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली में प्रस्तावित है।
यह निमंत्रण ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री को भारत की ओर से दिया गया पहला ऐसा निमंत्रण है। यदि खिची आते हैं, तो यह मई 2023 के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री की पहली भारत यात्रा होगी।
SCO Civilisational Dialogue Forum का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करना, साझा विरासत को सामने लाना और आपसी समझ तथा सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
क्या इस निमंत्रण से भारत-पाकिस्तान संबंध सुधरने के संकेत मिलते हैं?
अभी ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। सभी एससीओ सदस्य देशों को निमंत्रण दिया गया है और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह बहुपक्षीय पहल द्विपक्षीय संबंधों में बदलाव का संकेत नहीं है। पाकिस्तान की भागीदारी की भी पुष्टि नहीं हुई है।