भारत में RSS का रजिस्ट्रेशन नहीं, अमेरिका में ‘RSS Friends’ बना Foreign Agent! आखिर क्या है पूरा मामला?
RSS से जुड़े ‘RSS Friends’ नाम के समूह ने अमेरिका के न्याय विभाग में Foreign Agents Registration Act (FARA) के तहत पंजीकरण कराया है। दस्तावेज में RSS को विदेशी प्रधान संस्था बताया गया है। हालांकि, समूह ने किसी लिखित समझौते से इनकार किया है और अपनी गतिविधियों को मुख्य रूप से सूचना, शिक्षा और जनसंपर्क से जुड़ा बताया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में है। इस बार वजह अमेरिका में पंजीकृत हुआ एक नया समूह है, जिसका नाम RSS Friends है। अमेरिकी न्याय विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस समूह ने 27 अगस्त 2026 को RSS Friends US Foreign Agent Registration के तहत पंजीकरण कराया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपना विदेशी प्रधान यानी Foreign Principal बताया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब RSS प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका के दौरे पर थे। समूह ने अपने प्रस्तावित काम में सूचना, शिक्षा, जनसंपर्क और सामुदायिक संपर्क से जुड़ी गतिविधियों का उल्लेख किया है। हालांकि, पंजीकरण दस्तावेज में RSS के साथ किसी लिखित अनुबंध की बात से इनकार किया गया है।
RSS Friends America Controversy: आखिर किसने कराया पंजीकरण?

अमेरिकी न्याय विभाग में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, RSS Friends ने अपना पता जॉर्जिया के पीचट्री कॉर्नर्स में दर्ज कराया है। पंजीकरण में राजेंद्र सोनारिकर और जयंत पंत के हस्ताक्षर शामिल हैं। दस्तावेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को विदेशी प्रधान संस्था बताया गया है और उसका मुख्यालय नई दिल्ली में दर्ज किया गया है। समूह ने अपनी प्रस्तावित गतिविधियों के बारे में बताया है कि वह अमेरिका में पत्रकारों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों, नीति से जुड़े संगठनों, नागरिक समाज और जरूरत पड़ने पर सरकारी अधिकारियों से संवाद कर सकता है। इसके अलावा, RSS के बारे में ऐसी जानकारी का जवाब देने या उसे स्पष्ट करने की बात भी कही गई है, जिसे समूह गलत, अधूरा या जरूरी संदर्भ से रहित मानता है। दिलचस्प बात यह है कि दस्तावेज में समूह ने अपनी प्रस्तावित गतिविधियों को मुख्य रूप से सूचना, शिक्षा, जनसंपर्क और सामुदायिक संपर्क तक सीमित बताया है। उसने अमेरिकी कानून के तहत परिभाषित राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के सवाल पर 'नहीं' का जवाब दिया है।
Foreign Agents Registration Act (FARA) क्या है और क्यों जरूरी है?
Foreign Agents Registration Act यानी FARA अमेरिका का एक संघीय कानून है, जिसे 1938 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों को यह जानकारी देना है कि देश में कौन-से व्यक्ति या संगठन किसी विदेशी संस्था या सरकार के हित में काम कर रहे हैं। इस कानून के तहत विदेशी प्रधान संस्था के एजेंट के रूप में काम करने वाले लोगों या संगठनों को अपनी गतिविधियों, संबंधों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी निर्धारित जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग के सामने दर्ज करानी होती है। इसके तहत कुछ प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं:
किसी विदेशी संस्था की ओर से अमेरिकी सरकारी अधिकारियों या एजेंसियों के सामने उसका पक्ष रखना।
विदेशी संस्था के लिए जनसंपर्क, प्रचार या सूचना संबंधी गतिविधियां करना।
किसी विदेशी संस्था के हित में अमेरिकी नीतियों या जनमत को प्रभावित करने वाली राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना।
विदेशी संस्था के हित में धन या अन्य आर्थिक संसाधन जुटाना अथवा उनका वितरण करना।
इसलिए US Justice Department Foreign Agents के रूप में पंजीकरण का अर्थ अपने आप किसी संगठन पर प्रतिबंध लगना नहीं है। यह मुख्य रूप से पारदर्शिता और खुलासे से जुड़ी कानूनी व्यवस्था है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, पंजीकरण दाखिल हो जाना अपने आप में यह प्रमाण नहीं है कि विभाग ने दस्तावेजों की पूर्णता या उसमें दर्ज दावों की सत्यता पर अंतिम मुहर लगा दी है।
RSS और RSS Friends के बीच समझौते को लेकर दस्तावेज में क्या लिखा है?

इस पूरे मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू RSS और RSS Friends के बीच संबंधों का स्वरूप है। पंजीकरण दस्तावेज में समूह ने बताया है कि RSS के साथ उसका कोई लिखित रोजगार, परामर्श, लॉबिंग, जनसंपर्क या एजेंसी संबंधी समझौता नहीं है। दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि ऐसा कोई लिखित अनुबंध मौजूद नहीं है, जिसमें काम की निश्चित जिम्मेदारियां, भुगतान या विस्तृत निर्देश तय किए गए हों। हालांकि, दस्तावेज में 17 अगस्त 2026 को विदेशी प्रधान संस्था के साथ समझौते या संबंध की तारीख के रूप में दर्ज किया गया है। एक अन्य परिशिष्ट में समूह ने स्पष्ट किया है कि लिखित अनुबंध न होने का अर्थ यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि RSS के साथ कोई संबंध, अनुरोध, समझ, समन्वय, अनुमति या अन्य प्रासंगिक जुड़ाव बिल्कुल मौजूद नहीं है। समूह ने कहा है कि वह अपनी गतिविधियों से जुड़े वास्तविक तथ्यों का खुलासा करेगा। इसके अलावा, RSS Friends ने पंजीकरण से पहले किसी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है, जिसके लिए FARA के तहत पंजीकरण जरूरी होता। उसने यह भी कहा कि पंजीकरण की बाध्यता से पहले के 60 दिनों में RSS के लिए गतिविधियों के संबंध में उसे कोई धन या मूल्यवान वस्तु प्राप्त नहीं हुई और न ही उसने ऐसा कोई भुगतान किया।
भारत में RSS के पंजीकरण और अमेरिका के इस कदम पर क्यों उठ रहे सवाल?
इस मामले में एक दूसरा विवाद भारत में RSS की कानूनी पंजीकरण स्थिति को लेकर भी है। द वायर की एक रिपोर्ट में वैश्विक स्तर पर संघ और उससे जुड़े संगठनों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि RSS ने भारत में स्वयं पंजीकरण नहीं कराया है, जबकि उसके कई अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संगठनों ने अलग-अलग देशों में पंजीकरण कराया है। इसी आधार पर संगठन के पंजीकरण से जुड़े अलग-अलग देशों के मानकों पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, भारत और अमेरिका में संगठनों के पंजीकरण की कानूनी व्यवस्थाएं अलग हैं। अमेरिका में FARA के तहत पंजीकरण किसी विदेशी प्रधान संस्था की ओर से निर्धारित गतिविधियां करने वाले एजेंट के खुलासे से संबंधित है। इसे भारत में किसी संस्था के पंजीकरण की कानूनी प्रक्रिया के समान नहीं माना जा सकता।
मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से क्या है इस पूरे घटनाक्रम का कनेक्शन?
RSS Friends का पंजीकरण 27 अगस्त को हुआ था। इससे दो दिन पहले, 25 अगस्त को RSS प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका पहुंचे थे। उनके दौरे का प्रमुख कार्यक्रम न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित एक कार्यक्रम में संबोधन था। इस कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क के तत्कालीन मेयर जोहरान ममदानी ने सार्वजनिक रूप से असहमति जताई थी। उन्होंने RSS की विचारधारा को भारत की एक बहिष्करणकारी राजनीतिक-सामाजिक सोच से जोड़कर आलोचना की थी।अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भी वाशिंगटन से RSS से जुड़े कुछ सदस्यों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने और भागवत का वीजा रद्द करने की मांग की थी। आयोग ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया था। भारत के विदेश मंत्रालय ने USCIRF की टिप्पणियों को पक्षपातपूर्ण और भ्रामक बताया था।
निष्कर्ष
RSS Friends US Foreign Agent Registration का मामला केवल एक संगठन के अमेरिकी पंजीकरण तक सीमित नहीं है। इससे RSS और उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों, विदेशी संस्थाओं की गतिविधियों में पारदर्शिता और भारत-अमेरिका के बीच वैचारिक बहस जैसे सवाल भी जुड़े हैं। हालांकि, यह स्पष्ट रखना जरूरी है कि FARA के तहत पंजीकरण अपने आप किसी संगठन को प्रतिबंधित या गैरकानूनी घोषित नहीं करता। RSS Friends ने RSS को अपना विदेशी प्रधान बताया है, लेकिन साथ ही किसी लिखित समझौते से इनकार भी किया है। अब इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग के रिकॉर्ड और समूह की आगे की गतिविधियों पर नजर रहेगी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
अमेरिका में RSS Friends को लेकर विवाद क्यों हुआ है?
RSS Friends ने अमेरिकी न्याय विभाग में FARA के तहत पंजीकरण कराते हुए RSS को अपना विदेशी प्रधान बताया है। विवाद इसलिए है क्योंकि समूह की गतिविधियों, RSS के साथ उसके संबंधों और भारत में RSS के पंजीकरण की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
Foreign Agents Registration Act (FARA) क्या है?
FARA अमेरिका का 1938 में बना संघीय कानून है। इसके तहत किसी विदेशी संस्था के एजेंट के रूप में निर्धारित गतिविधियां करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को अमेरिकी न्याय विभाग के सामने अपने संबंधों और गतिविधियों का खुलासा करना होता है।
अमेरिकी न्याय विभाग में विदेशी एजेंट के रूप में पंजीकरण का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि संबंधित समूह ने अमेरिकी कानून के तहत विदेशी प्रधान संस्था के लिए अपनी गतिविधियों और संबंधों का खुलासा करने के लिए पंजीकरण कराया है। यह अपने आप में जासूसी, गैरकानूनी गतिविधि या किसी अपराध का प्रमाण नहीं है।
क्या FARA के तहत पंजीकरण करने का मतलब किसी संगठन पर प्रतिबंध लगना है?
FARA का मुख्य उद्देश्य विदेशी प्रभाव से जुड़ी गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। पंजीकरण के बाद भी संगठन अपनी घोषित गतिविधियां जारी रख सकता है, बशर्ते वह कानून के तहत जरूरी खुलासे और अन्य शर्तों का पालन करे। RSS Friends के पंजीकरण का भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
RSS Friends के पंजीकरण का भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
इससे अमेरिका में भारतीय संगठनों की गतिविधियों और विदेशी प्रभाव से जुड़े खुलासों पर चर्चा बढ़ सकती है। हालांकि, केवल इस पंजीकरण के आधार पर भारत-अमेरिका के राजनयिक संबंधों पर किसी बड़े प्रभाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।