China Politburo Gen Zhang Shengmin : चीन की सत्ता में जनरल झांग शेंगमिन की एंट्री, क्या सेना पर पकड़ मजबूत करने की तैयारी में हैं शी जिनपिंग?
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने जनरल झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो में शामिल किया है। यह फैसला सेना के शीर्ष नेतृत्व में जारी फेरबदल और भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के बीच लिया गया। चार दिवसीय प्लेनम बैठक में पार्टी ने आंतरिक अनुशासन मजबूत करने, अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाने और 2027 में अगली राष्ट्रीय कांग्रेस कराने का भी फैसला किया।
China Politburo Gen Zhang Shengmin : चीन में सेना के शीर्ष नेतृत्व में लगातार हो रही कार्रवाई के बीच जनरल झांग शेंगमिन को कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे ताकतवर फैसले लेने वाले निकाय पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया है। 26 से 29 अक्टूबर तक बीजिंग में हुई कम्युनिस्ट पार्टी की पांचवीं प्लेनम बैठक में यह फैसला लिया गया। इसी बैठक में पार्टी ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, आंतरिक अनुशासन मजबूत करने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए नए प्रस्ताव भी अपनाए। यह बैठक राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित चौथे कार्यकाल से करीब एक साल पहले हुई है।
सेना के इकलौते बचे जनरल को पोलित ब्यूरो में जगह
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने जनरल झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो का सदस्य चुना है। वह फिलहाल सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के उपाध्यक्ष हैं। यह आयोग चीन की सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का सबसे बड़ा सैन्य कमान निकाय है।झांग की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब शी जिनपिंग की कार्रवाई के बाद चीन के सैन्य नेतृत्व में बड़े पद खाली हुए हैं। आयोग के सात सदस्यीय ढांचे में अब शी जिनपिंग और झांग शेंगमिन ही बचे हैं। सेना के दो बड़े जनरलों पर कार्रवाई के बाद पोलित ब्यूरो में भी सेना का कोई प्रतिनिधि नहीं रह गया था। झांग को शामिल किए जाने से अब इस शीर्ष राजनीतिक निकाय में सेना की फिर से प्रतिनिधित्व हुआ है।
झांग शेंगमिन की भूमिका सिर्फ सैन्य कमान तक सीमित नहीं है। वह सेना में भ्रष्टाचार और अनुशासन से जुड़े मामलों की निगरानी भी करते रहे हैं। वह CMC के अनुशासन निरीक्षण आयोग के उप सचिव हैं। 2018 से जुलाई 2026 तक वह सेना के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में प्रमुख भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में उनका पोलित ब्यूरो में पहुंचना सैन्य नेतृत्व और पार्टी के अनुशासन तंत्र, दोनों में उनकी अहमियत को दिखाता है।

शी जिनपिंग की कार्रवाई से सेना के शीर्ष पद खाली हुए
शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रखा है। पिछले एक दशक से ज्यादा समय में पार्टी और सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। हाल के महीनों में यह अभियान चीन के सैन्य नेतृत्व तक पहुंचा और कई बड़े अधिकारियों को पद से हटाया गया।सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में 2022 में सात सदस्य थे। लेकिन लगातार हुई कार्रवाई के बाद अब इस आयोग में शी जिनपिंग और झांग शेंगमिन ही बचे हैं। सेना के शीर्ष पदों पर हुई इस उथल-पुथल का असर पोलित ब्यूरो पर भी पड़ा। पहले सेना के दो प्रतिनिधि इस निकाय में थे, लेकिन उन पर कार्रवाई के बाद सेना का प्रतिनिधित्व खत्म हो गया था।
29 अक्टूबर को खत्म हुई प्लेनम बैठक में पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं और सैन्य अधिकारियों के खिलाफ पहले लिए गए फैसलों की पुष्टि भी की। रॉयटर्स के मुताबिक, बैठक में पार्टी से 33 वरिष्ठ सदस्यों को निष्कासित करने के फैसले की पुष्टि हुई। इनमें सेना और पार्टी के कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। इस तरह यह कार्रवाई सिर्फ सैन्य नेतृत्व तक सीमित नहीं रही, बल्कि पार्टी के दूसरे अहम विभागों तक भी पहुंची।
पार्टी में भ्रष्टाचार और अनुशासन पर नए प्रस्ताव
चार दिन चली बैठक में कम्युनिस्ट पार्टी ने पूर्ण और सख्त आंतरिक शासन व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ा प्रस्ताव अपनाया। इसमें भ्रष्टाचार रोकने, अधिकारियों के कामकाज पर निगरानी रखने और पार्टी के भीतर अनुशासन मजबूत करने पर जोर दिया गया।पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि देश की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास से जुड़े हितों की रक्षा करना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में पार्टी को अपनी संगठनात्मक क्षमता और आंतरिक अनुशासन मजबूत करना होगा।
शी जिनपिंग 2012 से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि अब इस अभियान का दायरा सिर्फ भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के कामकाज और प्रदर्शन को भी इसके तहत परखा जा रहा है। पार्टी ने भ्रष्टाचार के कारणों को खत्म करने, नियमों को मजबूत करने और अधिकारियों के चयन और प्रशिक्षण में सुधार पर भी जोर दिया है।
हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, सेना में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान ने सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के सात में से पांच सदस्यों को कार्रवाई के दायरे में ला दिया है। झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो में शामिल करना इसी अभियान के बीच हुआ है।
माओ के दौर के बाद सबसे कम उपस्थिति का दावा
इस प्लेनम बैठक में केंद्रीय समिति के सदस्यों की उपस्थिति भी चर्चा में रही। राजनीतिक विश्लेषक नील थॉमस के आकलन के मुताबिक, बैठक में उपस्थिति करीब 74% रही। यह माओत्से तुंग के दौर के बाद सबसे कम उपस्थिति बताई गई है।रॉयटर्स के अनुसार, 2022 में चुने गए केंद्रीय समिति के 376 पूर्ण और वैकल्पिक सदस्यों में से 279 ने बैठक में हिस्सा लिया। बाकी सदस्यों की गैरमौजूदगी को पार्टी और सेना में चल रही जांच तथा कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सभी अनुपस्थित सदस्यों के बारे में यह मानना सही नहीं होगा कि उन पर कार्रवाई हुई है।
विश्लेषकों के मुताबिक, इतनी कम उपस्थिति चीन की राजनीतिक व्यवस्था में बड़े स्तर पर चल रहे फेरबदल का संकेत देती है। पार्टी ने बैठक में पहले हुई कार्रवाई की पुष्टि भी की, जिससे साफ है कि नेतृत्व भ्रष्टाचार और अनुशासन के मुद्दे को आगे भी अपनी प्राथमिकता बनाए रखना चाहता है।
2027 में होगी कम्युनिस्ट पार्टी की अगली राष्ट्रीय कांग्रेस
प्लेनम बैठक में यह भी तय किया गया कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 21वीं राष्ट्रीय कांग्रेस 2027 की दूसरी छमाही में बीजिंग में होगी। इस कांग्रेस में पार्टी के अगले पांच साल के नेतृत्व और संगठन से जुड़े बड़े फैसले लिए जाएंगे।शी जिनपिंग के चौथे पांच साल के कार्यकाल के लिए पार्टी प्रमुख बने रहने की व्यापक उम्मीद है। ऐसे में मौजूदा फेरबदल को अगले साल होने वाले नेतृत्व बदलाव की तैयारी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, चौथे कार्यकाल को लेकर अंतिम फैसला 2027 की राष्ट्रीय कांग्रेस में ही होगा।
इस बैठक से यह भी संकेत मिला है कि शी जिनपिंग पार्टी और सेना में अनुशासन, वफादारी और भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को अपनी सत्ता व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाए रखना चाहते हैं। झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो में जगह मिलना इसी रणनीति के बीच हुआ है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
China ने General Zhang Shengmin को Politburo में क्यों शामिल किया?
झांग शेंगमिन चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के उपाध्यक्ष हैं और सेना में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की निगरानी कर चुके हैं। उन्हें पोलित ब्यूरो में शामिल करने से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में सेना का प्रतिनिधित्व भी फिर से हुआ है।
Zhang Shengmin कौन हैं और China की Military में उनकी क्या भूमिका है?
झांग शेंगमिन चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के उपाध्यक्ष हैं। वह सेना में अनुशासन और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निगरानी करते रहे हैं। वह CMC के अनुशासन निरीक्षण आयोग के उप सचिव भी हैं।
Xi Jinping ने China की सेना के दो बड़े Generals को क्यों हटाया था?
शी जिनपिंग के नेतृत्व में सेना में भ्रष्टाचार और अनुशासन से जुड़े मामलों की जांच के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। हालांकि, हर अधिकारी को हटाए जाने के पीछे के विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
China की Central Military Commission में अब कितने सदस्य बचे हैं?
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, सात सदस्यीय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में अब शी जिनपिंग और झांग शेंगमिन ही बचे हैं।
Chinese Communist Party ने पार्टी में अनुशासन और भ्रष्टाचार रोकने के लिए क्या फैसला लिया?
पार्टी ने पूर्ण और सख्त आंतरिक शासन व्यवस्था बनाए रखने का प्रस्ताव अपनाया है। इसमें भ्रष्टाचार के कारणों को खत्म करने, नियम मजबूत करने और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
Xi Jinping की Military Purge का चीन की सेना पर क्या असर पड़ सकता है?
सेना के शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई से नेतृत्व में बड़े पद खाली हुए हैं और कमान व्यवस्था में बदलाव आया है। इससे सेना में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश हो सकती है, लेकिन लगातार फेरबदल से वरिष्ठ नेतृत्व में अनुभव और स्थिरता से जुड़े सवाल भी उठते हैं।
China के Fifth Plenum 2026 में कौन-कौन से बड़े फैसले लिए गए?
बैठक में जनरल झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया, पार्टी में भ्रष्टाचार और अनुशासन पर सख्ती का प्रस्ताव अपनाया गया और पहले हुई वरिष्ठ अधिकारियों की बर्खास्तगी की पुष्टि की गई। साथ ही, 21वीं राष्ट्रीय कांग्रेस 2027 की दूसरी छमाही में कराने का फैसला लिया गया।