ट्रेन में तेज आवाज में गाने या रील चलाने पर जुर्माना, चेतावनी के बाद भी शोर किया तो हो सकती है जेल !
Train Noise Rules India के तहत ट्रेन या रेलवे परिसर में मोबाइल स्पीकर पर तेज आवाज में गाने, वीडियो या रील चलाकर यात्रियों को परेशान करने पर कार्रवाई हो सकती है। रेलवे अधिनियम की धारा 145(2) के तहत ₹1,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकृत रेलवे कर्मचारी के निर्देश के बाद भी उपद्रव जारी रखने पर छह महीने तक की कैद या ₹5,000 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
Train Noise Rules India: ट्रेन में तेज आवाज में गाने चलाने पर क्या है नियम?
ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल पर तेज आवाज में गाने सुनना, वीडियो या रील चलाना और ऊंची आवाज में बात करना दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इस समस्या को रोकने के लिए दक्षिण रेलवे ने यात्रियों को जागरूक करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अक्टूबर 2026 में जारी निर्देशों के अनुसार, ट्रेन और रेलवे परिसर में मोबाइल स्पीकर पर तेज आवाज में संगीत या वीडियो चलाने और दूसरों को परेशान करने वाली ऊंची आवाज में बातचीत करने से बचने के लिए कहा गया है। यात्रियों को जागरूक करने के लिए घोषणाएं करने और नोटिस लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह मामला केवल ईयरफोन इस्तेमाल करने की सलाह तक सीमित नहीं है। यदि किसी यात्री का व्यवहार रेलवे अधिनियम के तहत उपद्रव माना जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
Indian Railways Noise Rules: कितना जुर्माना लग सकता है?
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 145(2) के तहत रेलवे परिसर में उपद्रव करने वाले व्यक्ति को रेलवे परिसर से हटाया जा सकता है। इसके अलावा उसका पास या टिकट जब्त किया जा सकता है और उस पर ₹1,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि बिना ईयरफोन मोबाइल चलाने वाले हर यात्री पर अपने आप जुर्माना लगेगा। कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि उसका व्यवहार कानून के तहत उपद्रव की श्रेणी में आता है या नहीं।

ट्रेन में कब हो सकती है जेल ?
यदि कोई यात्री अधिकृत रेलवे कर्मचारी के वैध निर्देश के बावजूद उपद्रव जारी रखता है, तो धारा 145(2) के तहत उसे छह महीने तक की साधारण कैद, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
इसलिए केवल एक बार बिना ईयरफोन रील देखने से हर यात्री को जेल होने का दावा सही नहीं है। कानूनी कार्रवाई का आधार उपद्रव और अधिकृत कर्मचारी के निर्देश के बाद भी उसे जारी रखना है।
ट्रेन में यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
सफर के दौरान दूसरे यात्रियों की सुविधा बनाए रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
• गाने, वीडियो और रील सुनने के लिए ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करें।
• मोबाइल की रिंगटोन धीमी रखें या फोन साइलेंट मोड पर रखें।
• फोन पर तेज आवाज में बातचीत करने से बचें।
• किसी यात्री या रेलवे कर्मचारी के आवाज कम करने के अनुरोध को गंभीरता से लें।
• ट्रेन या स्टेशन पर अनावश्यक शोर न करें।
इन सावधानियों से दूसरे यात्रियों को परेशानी से बचाया जा सकता है और विवाद की आशंका भी कम होती है।
क्या ये नियम पूरे भारतीय रेलवे में लागू हैं ?
इस खबर का तत्काल आधार दक्षिण रेलवे का सर्कुलर है। 19 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर रेलवे और पश्चिम रेलवे ने भी यात्रियों को जागरूक करने के कदम उठाए हैं।
उपद्रव से संबंधित कानूनी प्रावधान रेलवे अधिनियम में है, जबकि यात्रियों को जागरूक करने के लिए जारी जोनल निर्देशों का दायरा अलग हो सकता है। इसलिए इसे केवल ईयरफोन न लगाने पर लागू होने वाला नया अलग कानून बताना सही नहीं होगा।
ट्रेन में तेज आवाज की शिकायत कैसे करें ?
यदि कोई यात्री लगातार तेज आवाज में गाने या वीडियो चलाकर दूसरों को परेशान कर रहा है, तो ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मचारी को इसकी जानकारी दें। शिकायत के लिए रेलवे की RailMadad सेवा या 139 हेल्पलाइन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
शिकायत करते समय ट्रेन का नंबर, कोच, सीट या बर्थ और समस्या का संक्षिप्त विवरण देना उपयोगी रहेगा। सुरक्षा संबंधी खतरा होने पर रेलवे कर्मचारियों से तुरंत मदद लें।

निष्कर्ष
ट्रेन में तेज आवाज से यात्रियों को परेशान करने पर रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है। उपद्रव के लिए ₹1,000 का जुर्माना और अधिकृत कर्मचारी के निर्देश के बाद भी इसे जारी रखने पर छह महीने तक की कैद या ₹5,000 तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
क्या ट्रेन में ईयरफोन इस्तेमाल न करने पर जेल हो सकती है?
नहीं। केवल ईयरफोन न लगाने से अपने आप जेल नहीं होती। उपद्रव करने और अधिकृत रेलवे कर्मचारी के निर्देश के बाद भी उसे जारी रखने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
ट्रेन में तेज आवाज में गाने या रील चलाने पर कितना जुर्माना है?
रेलवे अधिनियम की धारा 145(2) के तहत उपद्रव के लिए ₹1,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है।
ट्रेन में शोर करने पर कब जेल हो सकती है?
यदि यात्री अधिकृत रेलवे कर्मचारी के वैध निर्देश के बाद भी उपद्रव जारी रखता है, तो छह महीने तक की साधारण कैद या ₹5,000 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
क्या बिना ईयरफोन मोबाइल पर वीडियो देखना गैरकानूनी है ?
हर स्थिति में नहीं। लेकिन मोबाइल स्पीकर पर तेज आवाज में वीडियो चलाकर दूसरे यात्रियों को परेशान करने पर कार्रवाई हो सकती है।
क्या ट्रेन में शोर के नियम पूरे देश में लागू हैं ?
उपद्रव से संबंधित प्रावधान रेलवे अधिनियम में है। अलग-अलग रेलवे जोन के जागरूकता संबंधी निर्देशों के विवरण के लिए संबंधित जोन की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।
ट्रेन में तेज आवाज की शिकायत कहां करें?
यात्री रेलवे कर्मचारियों से शिकायत कर सकते हैं या RailMadad सेवा और 139 हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं।