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भारतीय वायुसेना को मिला ‘अंकुर’ विमान, लेकिन नए पायलटों की ट्रेनिंग शुरू होने में क्यों लगेंगे 2 साल?

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायुसेना को पहले तीन HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंप दिए हैं। ‘अंकुर’ नाम वाले इन विमानों का इस्तेमाल नए पायलटों की शुरुआती उड़ान ट्रेनिंग के लिए होगा, लेकिन इसके लिए विमानों का बेड़ा और प्रशिक्षित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर तैयार करने होंगे।

भारतीय वायुसेना को मिला ‘अंकुर’ विमान, लेकिन नए पायलटों की ट्रेनिंग शुरू होने में क्यों लगेंगे 2 साल?

भारत में बने विमान अब भारतीय वायुसेना के नए पायलटों को उड़ान सिखाने की तैयारी में हैं। HAL HTT-40 Trainer Aircraft के पहले तीन विमानों की डिलीवरी के साथ स्वदेशी बेसिक ट्रेनर विमान को वायुसेना में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। हालांकि, इन विमानों पर नए पायलटों की ट्रेनिंग तुरंत शुरू नहीं होगी। इसके लिए पर्याप्त विमान और प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की व्यवस्था करनी होगी, जिसमें दो साल तक लग सकते हैं।हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बुधवार को पहले तीन HTT-40 विमान भारतीय वायुसेना को सौंपे। इनका इस्तेमाल हैदराबाद के पास स्थित एयर फोर्स अकादमी में पायलटों की शुरुआती ट्रेनिंग के लिए किया जाएगा।

HTT-40 ‘अंकुर’ क्या है और इसकी डिलीवरी क्यों अहम है?

HTT-40 का पूरा नाम हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 है। यह एक स्वदेशी बेसिक ट्रेनर विमान है, जिसे भारतीय रक्षा बलों की शुरुआती पायलट प्रशिक्षण जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है। इसे ‘अंकुर’ नाम दिया गया है। HAL HTT-40 Trainer Aircraft की डिलीवरी इसलिए अहम है, क्योंकि इससे पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए स्वदेशी विमान का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा है। रक्षा मंत्रालय ने HTT-40 के 70 विमानों की खरीद के लिए अनुबंध किया है। पहले तीन विमानों की सुपुर्दगी इसी अनुबंध के तहत डिलीवरी की शुरुआत है।रिपोर्ट के अनुसार, HTT-40 में लगभग 57 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है। यह भारत के घरेलू विमान निर्माण और रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है।

वायुसेना में ट्रेनिंग शुरू होने में दो साल तक क्यों लग सकते हैं?

तीन विमान मिल जाने का मतलब यह नहीं है कि नए पायलटों की ट्रेनिंग तुरंत शुरू हो जाएगी। इसके लिए पहले 25 से 30 विमानों का बेड़ा तैयार करना होगा। साथ ही, फ्लाइंग इंस्ट्रक्टरों को भी HTT-40 पर प्रशिक्षण देना होगा, ताकि वे नए पायलटों को इस विमान पर उड़ान भरना सिखा सकें।इसी तैयारी के कारण ट्रेनिंग शुरू होने में दो साल तक का समय लग सकता है। यानी विमानों की डिलीवरी के बाद भी प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह तैयार करना जरूरी होगा।फिलहाल, भारतीय वायुसेना के नए पायलटों की शुरुआती उड़ान ट्रेनिंग स्विस कंपनी पिलाटस के PC-7 MkII बेसिक ट्रेनर विमान पर होती है। शुरुआती प्रशिक्षण के बाद पायलटों को उनकी आगे की ट्रेनिंग के लिए लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर से जुड़ी शाखाओं में भेजा जाता है।

HTT-40 और पुराने ट्रेनर विमानों में क्या है अंतर?

भारतीय वायुसेना पहले भी स्वदेशी ट्रेनर विमानों का इस्तेमाल कर चुकी है। इनमें HAL का HPT-32 ‘दीपक’ शामिल है। वहीं, मौजूदा शुरुआती प्रशिक्षण में Pilatus PC-7 MkII का इस्तेमाल किया जा रहा है।HTT-40 को भारतीय रक्षा सेवाओं की शुरुआती पायलट प्रशिक्षण जरूरतों के अनुसार विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण बेड़े में स्वदेशी विकल्प उपलब्ध कराना है। हालांकि, HTT-40 और PC-7 MkII की क्षमता, संचालन लागत या प्रदर्शन की सीधी तुलना के लिए प्रमाणित तकनीकी आंकड़ों की जरूरत होगी; उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक को बेहतर बताना उचित नहीं होगा।

HAL ने तेजस और ध्रुव हेलीकॉप्टर भी सौंपे

18 सितंबर को बेंगलुरु में HAL के एक कार्यक्रम में लड़ाकू विमान, ट्रेनर विमान और हेलीकॉप्टरों की सुपुर्दगी हुई थी। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू शामिल हुए थे।इस दौरान भारतीय वायुसेना को दो सीटों वाले लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस ट्रेनर के दो विमान और एक HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंपा गया था। इसके अलावा, पवन हंस लिमिटेड को चार अगली पीढ़ी के ध्रुव हेलीकॉप्टर भी दिए गए थे।पहले HTT-40 की डिलीवरी 18 सितंबर को बेंगलुरु में हुई थी। इसके बाद तीन विमानों की मौजूदा सुपुर्दगी 70 विमानों के अनुबंध के तहत आगे की प्रगति को दर्शाती है।

निष्कर्ष

HAL HTT-40 Trainer Aircraft की पहली तीन विमानों वाली डिलीवरी भारत के स्वदेशी विमान निर्माण और सैन्य प्रशिक्षण क्षमता के लिए अहम कदम है। ‘अंकुर’ नाम से पहचाने जाने वाले ये विमान भारतीय वायुसेना के नए पायलटों की शुरुआती ट्रेनिंग में भूमिका निभाएंगे। हालांकि, प्रशिक्षण शुरू होने से पहले 25 से 30 विमानों का बेड़ा और प्रशिक्षित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर तैयार करना जरूरी है। इस प्रक्रिया में दो साल तक लग सकते हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions):

HAL HTT-40 Trainer Aircraft क्या है?

यह HAL द्वारा विकसित स्वदेशी बेसिक ट्रेनर विमान है, जिसका इस्तेमाल नए पायलटों की शुरुआती उड़ान ट्रेनिंग के लिए किया जाएगा।

HAL ने HTT-40 के कितने विमान सौंपे हैं?

पहले तीन विमान भारतीय वायुसेना को सौंपे गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने कुल 70 विमानों का अनुबंध किया है।

HTT-40 विमान को क्या नाम दिया गया है?

इस विमान को ‘अंकुर’ नाम दिया गया है।

HTT-40 पर ट्रेनिंग कब शुरू हो सकती है?

रिपोर्ट के अनुसार, नए पायलटों की ट्रेनिंग शुरू होने में दो साल तक लग सकते हैं, क्योंकि विमानों का बेड़ा और प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर तैयार करने होंगे।

फिलहाल भारतीय वायुसेना में शुरुआती पायलट ट्रेनिंग किस विमान पर होती है?

फिलहाल शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण के लिए Pilatus PC-7 MkII बेसिक ट्रेनर विमान का इस्तेमाल किया जाता है।

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