अदाणी एयरपोर्ट्स का एयरलाइन कारोबार में उतरने से इनकार, CEO बोले- ग्राहकों से मुकाबला सही रणनीति नहीं !
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के CEO अरुण बंसल ने एयरलाइन कारोबार में उतरने से इनकार करते हुए कहा कि एयरलाइंस उसकी ग्राहक हैं। उनके मुताबिक उनसे प्रतिस्पर्धा करना सही रणनीति नहीं होगी। कंपनी का ध्यान एयरपोर्ट नेटवर्क के विस्तार और यात्री संख्या बढ़ाने पर है।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने की योजना के संकेतों को खारिज किया है। कंपनी के CEO अरुण बंसल ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित Aviation India and South Asia 2026 सम्मेलन में कहा कि एयरलाइंस उसकी ग्राहक हैं और उनसे प्रतिस्पर्धा करना सही व्यावसायिक रणनीति नहीं होगी।
बंसल के इस बयान से अदाणी ग्रुप के विमानन कारोबार की मौजूदा रणनीति भी स्पष्ट होती है। कंपनी एयरलाइन शुरू करने के बजाय हवाई अड्डों के संचालन, उनकी क्षमता बढ़ाने और नए एयरपोर्ट के अधिग्रहण पर ध्यान दे रही है। फिलहाल AAHL के पोर्टफोलियो में आठ हवाई अड्डे हैं और कंपनी अगले 10 वर्षों में सालाना यात्रियों की संख्या 10 करोड़ से बढ़ाकर 30 करोड़ करने का लक्ष्य रखती है।
एयरलाइन कारोबार पर अदाणी एयरपोर्ट्स के CEO ने क्या कहा?
अरुण बंसल से Aviation India and South Asia 2026 सम्मेलन के दौरान पूछा गया था कि क्या कंपनी एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने की योजना बना रही है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, "अपने ग्राहकों के साथ प्रतिस्पर्धा करना कभी अच्छी रणनीति नहीं होती।"
उनका तर्क है कि एयरलाइंस अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की ग्राहक हैं। एयरपोर्ट ऑपरेटर के तौर पर कंपनी एयरलाइंस को रनवे, टर्मिनल और अन्य हवाई अड्डा सुविधाएं उपलब्ध कराती है। ऐसे में खुद की एयरलाइन शुरू करने पर कंपनी को उन्हीं विमानन कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ सकती है जिनके साथ उसका व्यावसायिक संबंध है।
बंसल ने इस संदर्भ में अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स और अदाणी ग्रुप को अलग-अलग देखने की बात भी कही। इसलिए उनके बयान को AAHL की व्यावसायिक रणनीति के संदर्भ में समझना जरूरी है।

अदाणी ग्रुप ने जुलाई में भी एयरलाइन योजना से किया था इनकार
एयरलाइन कारोबार में प्रवेश की अटकलों पर अदाणी ग्रुप की ओर से पहले भी स्पष्टीकरण दिया जा चुका है।
24 जुलाई 2026 को अदाणी एंटरप्राइजेज ने आधिकारिक बयान जारी कर एयरलाइन शुरू करने से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया था। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा था कि अदाणी एंटरप्राइजेज एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।
यह बयान उस समय सामने आया था जब अदाणी ग्रुप के संभावित एयरलाइन कारोबार में प्रवेश को लेकर मीडिया में खबरें प्रकाशित हुई थीं। कंपनी ने इन खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया था।
जुलाई का बयान अदाणी एंटरप्राइजेज की ओर से था, जबकि नवंबर में अरुण बंसल ने एयरपोर्ट कारोबार के नजरिए से इस विषय पर अपनी बात रखी। दोनों बयानों का संदर्भ अलग है, लेकिन इनसे एयरलाइन कारोबार में प्रवेश को लेकर कंपनी का मौजूदा रुख समझने में मदद मिलती है।

अदाणी ग्रुप के पास कितने एयरपोर्ट हैं?
एयरलाइन कारोबार से दूरी बनाए रखने के बावजूद अदाणी ग्रुप की भारतीय विमानन क्षेत्र में बड़ी मौजूदगी है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के प्रबंधन और विकास पोर्टफोलियो में देश के आठ हवाई अड्डे शामिल हैं।
इनमें छह हवाई अड्डों का संचालन और विकास भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ हुए समझौतों के तहत मिला था।
- ये हैं:
1. मुंबई2. अहमदाबाद
3. लखनऊ
4. जयपुर
5. गुवाहाटी
6. मंगलुरु
7. तिरुवनंतपुरम
8. नवी मुंबई
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की स्थापना 2019 में अदाणी एंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में हुई थी। कंपनी ने छह हवाई अड्डों के संचालन और विकास के लिए बोली प्रक्रिया में सफलता हासिल की थी।
इसके अलावा AAHL की मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) में 73% हिस्सेदारी है। MIAL की नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NMIAL) में 74% हिस्सेदारी है। इस तरह मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट भी कंपनी के एयरपोर्ट नेटवर्क का हिस्सा हैं।
10 करोड़ से 30 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का लक्ष्य
अदाणी एयरपोर्ट्स अपने मौजूदा नेटवर्क का विस्तार करने के साथ यात्री संख्या बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।
अरुण बंसल के मुताबिक कंपनी के आठ एयरपोर्ट नेटवर्क से फिलहाल सालाना करीब 100 मिलियन यानी 10 करोड़ यात्री सफर करते हैं। कंपनी अगले 10 वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 300 मिलियन यानी 30 करोड़ तक पहुंचाना चाहती है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी मौजूदा हवाई अड्डों की क्षमता बढ़ाने के साथ नए एयरपोर्ट के संचालन और विकास के अवसर भी तलाश रही है। बंसल ने स्पष्ट किया कि अदाणी एयरपोर्ट्स सरकार की आगामी एयरपोर्ट निजीकरण प्रक्रिया में हिस्सा लेगी।
इसका मतलब है कि कंपनी का विस्तार केवल मौजूदा हवाई अड्डों तक सीमित नहीं रहेगा। वह सरकारी निजीकरण प्रक्रिया के जरिए अपने पोर्टफोलियो में नए एयरपोर्ट जोड़ने की संभावनाएं भी तलाश रही है।
मुंबई एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने पर काम
अदाणी ग्रुप की विमानन क्षेत्र से जुड़ी विस्तार योजना में मुंबई एयरपोर्ट की अहम भूमिका है। अरुण बंसल ने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट की एयरसाइड क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है।
एयरसाइड क्षमता से मतलब एयरपोर्ट के उस हिस्से की परिचालन क्षमता से है जहां रनवे, टैक्सीवे, एप्रन और विमानों की पार्किंग जैसी सुविधाएं होती हैं। इसका विस्तार एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही और संचालन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का नवीनीकरण भी प्रस्तावित है। बंसल के मुताबिक इस परियोजना का काम 2030 की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है।
टर्मिनल के नवीनीकरण और एयरसाइड क्षमता बढ़ाने का उद्देश्य मुंबई एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना और बढ़ती हवाई यातायात जरूरतों को पूरा करना है।
अदाणी एयरपोर्ट्स की निवेश योजना क्या है?
अदाणी एयरपोर्ट्स की विस्तार रणनीति में निवेश भी अहम भूमिका निभा रहा है। Business Standard की 3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अगले सात वर्षों में अपने विमानन कारोबार में 10 से 11 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है।
- इस निवेश में तीन प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:
1- एयरोनॉटिकल कारोबार: एयरपोर्ट पर विमानों के संचालन से जुड़ी सुविधाएं और सेवाएं।2- नॉन-एयरोनॉटिकल कारोबार: एयरपोर्ट के भीतर रिटेल स्टोर, फूड आउटलेट, लाउंज और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां।
3- सिटी-साइड डेवलपमेंट: एयरपोर्ट के आसपास होटल, ऑफिस, रिटेल और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं का विकास।
यह निवेश योजना मीडिया रिपोर्ट के आधार पर दी गई है। इसे अदाणी ग्रुप की आधिकारिक निवेश घोषणा के रूप में नहीं समझना चाहिए।
भारतीय एविएशन इंडस्ट्री में अदाणी ग्रुप की रणनीति क्यों अहम है?
भारत में हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में एयरपोर्ट संचालन करने वाली कंपनियों के लिए नए अवसर बन रहे हैं।
एयरपोर्ट ऑपरेटर की कमाई केवल एयरलाइंस से मिलने वाले शुल्क पर निर्भर नहीं करती। यात्रियों की आवाजाही, पार्किंग, कार्गो, दुकानों, रेस्टोरेंट और लाउंज जैसी सुविधाओं से भी राजस्व मिलता है।
अदाणी एयरपोर्ट्स की रणनीति इसी व्यापक कारोबार पर केंद्रित है। कंपनी एयरलाइन चलाने के बजाय एयरपोर्ट नेटवर्क, यात्री सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है।
यह रणनीति एयरलाइन और एयरपोर्ट कारोबार के बीच अंतर भी स्पष्ट करती है। एयरलाइन कंपनियां यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाती हैं, जबकि एयरपोर्ट ऑपरेटर विमानों और यात्रियों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराते हैं।
निष्कर्ष
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के CEO अरुण बंसल का बयान कंपनी की मौजूदा व्यावसायिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने के बजाय कंपनी अपने आठ एयरपोर्ट के नेटवर्क का विस्तार करना चाहती है।
अगले दशक में सालाना यात्रियों की संख्या 10 करोड़ से बढ़ाकर 30 करोड़ करने का लक्ष्य इसी योजना का हिस्सा है। आने वाले वर्षों में सरकारी एयरपोर्ट निजीकरण प्रक्रिया और मौजूदा हवाई अड्डों के विकास पर कंपनी की रणनीति महत्वपूर्ण रहेगी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
अदाणी ग्रुप ने एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने को लेकर क्या बयान दिया है?
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के CEO अरुण बंसल ने कहा कि एयरलाइंस कंपनी की ग्राहक हैं। ऐसे में उनसे प्रतिस्पर्धा करना सही व्यावसायिक रणनीति नहीं होगी।
अदाणी ग्रुप ने एयरलाइन शुरू करने की योजना से पहले कब इनकार किया था?
24 जुलाई 2026 को अदाणी एंटरप्राइजेज ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि वह एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।
अदाणी एयरपोर्ट्स के CEO अरुण बंसल ने एयरलाइन कारोबार को लेकर क्या कहा?
3 नवंबर 2026 को Aviation India and South Asia 2026 सम्मेलन में बंसल ने कहा कि अपने ग्राहकों यानी एयरलाइंस से प्रतिस्पर्धा करना अच्छी व्यावसायिक रणनीति नहीं है।
अदाणी ग्रुप भारत में कितने हवाई अड्डों का प्रबंधन और विकास करता है?
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के पोर्टफोलियो में आठ हवाई अड्डे हैं। इनमें मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी, मंगलुरु और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।
अदाणी ग्रुप का विमानन क्षेत्र में मुख्य व्यावसायिक फोकस क्या है?
ग्रुप का मुख्य फोकस एयरपोर्ट संचालन, बुनियादी ढांचे का विकास, यात्री सुविधाओं में सुधार और सरकारी निजीकरण प्रक्रिया के जरिए नए एयरपोर्ट हासिल करने पर है।