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Indian-American Voters Shift Towards Democrats : डेमोक्रेट्स को 62% और रिपब्लिकन्स को 19% समर्थन, अमेरिकी चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकियों का रुझान क्यों बदला?

कार्नेगी एंडाउमेंट और YouGov के सर्वे के मुताबिक, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में 62% भारतीय-अमेरिकी हाउस और 63% सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं। रिपब्लिकन्स को क्रमशः 19% और 21% समर्थन मिला। सर्वे में 1,000 भारतीय-अमेरिकी शामिल थे।

Indian-American Voters Shift Towards Democrats : डेमोक्रेट्स को 62% और रिपब्लिकन्स को 19% समर्थन, अमेरिकी चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकियों का रुझान क्यों बदला?

Indian-American Voters Shift Towards Democrats : अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का रुझान डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर दिखाई दे रहा है। कार्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस और YouGov के एक नए सर्वे के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस चुनाव में 62% भारतीय-अमेरिकी नागरिक डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने की मंशा रखते हैं, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में यह आंकड़ा सिर्फ 19% है। सीनेट चुनाव में भी डेमोक्रेट्स को 63% और रिपब्लिकन्स को 21% समर्थन मिला है।सर्वे के नतीजे बताते हैं कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को भारतीय-अमेरिकी समुदाय से जो समर्थन मिला था, वह अब रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के लिए उसी स्तर पर कायम नहीं दिख रहा। हालांकि, ये आंकड़े मतदान से पहले की पसंद पर आधारित हैं, चुनाव के वास्तविक नतीजे नहीं हैं।

2024 में ट्रंप को मिला समर्थन अब बरकरार नहीं

कार्नेगी एंडाउमेंट के इंडियन अमेरिकन एटीट्यूड्स सर्वे (IAAS) के अनुसार, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में 62% भारतीय-अमेरिकियों ने कमला हैरिस और 30% ने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था। जनवरी 2026 तक डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के लिए समर्थन घटकर 57% और ट्रंप के लिए 25% रह गया था।अक्टूबर 2026 के ताजा सर्वे में हाउस चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन फिर 62% पर पहुंच गया, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए यह 19% दर्ज किया गया। हालांकि, इन आंकड़ों की तुलना करते समय एक बात ध्यान रखना जरूरी है। 2024 और जनवरी 2026 के सर्वे में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को लेकर पसंद पूछी गई थी, जबकि अक्टूबर के सर्वे में कांग्रेस के उम्मीदवारों को वोट देने की मंशा जानी गई है।
सर्वे में 12% लोगों ने अभी फैसला नहीं किया था, 5% ने कहा कि वे वोट नहीं देंगे और 2% ने किसी अन्य उम्मीदवार का समर्थन किया। सीनेट चुनाव वाले राज्यों में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को रिपब्लिकन्स के मुकाबले 42 प्रतिशत अंक की बढ़त मिली।

युवा और बुजुर्ग भारतीय-अमेरिकी पुरुषों में भी बदला रुझान

सर्वे में उम्र और लिंग के आधार पर भी वोटिंग पसंद में बदलाव सामने आया है। 18 से 39 साल के भारतीय-अमेरिकी पुरुषों में 64% ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों और 23% ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने की बात कही। 2024 में इसी समूह के 40% पुरुषों ने ट्रंप का समर्थन किया था, जबकि 53% कमला हैरिस के साथ थे।40 साल और उससे अधिक उम्र के पुरुषों में बदलाव और स्पष्ट है। जनवरी 2026 में इस समूह के 53% लोग डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के पक्ष में थे, जो अक्टूबर में बढ़कर 68% हो गए। वहीं, रिपब्लिकन समर्थन 32% से घटकर 16% रह गया।
महिलाओं में तस्वीर थोड़ी अलग रही। 18 से 39 साल की महिलाओं में 58% ने डेमोक्रेटिक और 21% ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया। 40 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में डेमोक्रेटिक समर्थन जनवरी के 50% से बढ़कर अक्टूबर में 58% हो गया, जबकि रिपब्लिकन समर्थन 28% से घटकर 16% रहा।

ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी से नाराजगी भी बड़ी वजह

सर्वे में यह भी सामने आया कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने की इच्छा रखने वाले सभी लोग पार्टी के पक्के समर्थक नहीं हैं। ऐसे 65% लोगों ने कहा कि वे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार या पार्टी के समर्थन में वोट देना चाहते हैं, जबकि 35% ने माना कि उनका मुख्य कारण रिपब्लिकन उम्मीदवार या पार्टी का विरोध है।पार्टी की पहचान और वोट देने की पसंद के बीच भी अंतर दिखाई दिया। सर्वे में 46% भारतीय-अमेरिकियों ने खुद को डेमोक्रेट, 19% ने रिपब्लिकन और 26% ने स्वतंत्र मतदाता बताया। इसके बावजूद 62% लोगों ने हाउस चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को वोट देने की इच्छा जताई। यानी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को मिलने वाला समर्थन पार्टी से अपनी पहचान जोड़ने वाले लोगों से भी आगे जा रहा है।
कार्नेगी की फरवरी 2026 की रिपोर्ट में भी ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीति, घरेलू अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीति और अमेरिका-भारत संबंधों को लेकर भारतीय-अमेरिकियों में असंतोष दर्ज किया गया था। समुदाय के कुछ लोगों ने अमेरिका में नस्लीय भेदभाव बढ़ने को लेकर भी चिंता जताई थी।

मिशिगन और टेक्सास जैसे राज्यों में अहम हो सकता है समुदाय का वोट

भारतीय-अमेरिकी और व्यापक दक्षिण एशियाई समुदाय की मौजूदगी कुछ ऐसे राज्यों में भी है, जहां चुनावी मुकाबले करीबी रहते हैं। भारतीय-अमेरिकन इम्पैक्ट नाम के संगठन के एक अलग सर्वे के मुताबिक, मिशिगन में करीब 1.87 लाख दक्षिण एशियाई मूल के लोग रहते हैं। इनमें लगभग 30 हजार रजिस्टर्ड मतदाताओं ने 2022 के चुनाव में वोट नहीं दिया था। यह संख्या 2024 में मिशिगन के सीनेट चुनाव में जीत-हार के करीब 19 हजार वोटों के अंतर से ज्यादा थी।इसी तरह टेक्सास में 7 लाख से अधिक दक्षिण एशियाई मूल के लोग रहते हैं और करीब एक लाख रजिस्टर्ड दक्षिण एशियाई मतदाताओं ने 2022 में मतदान नहीं किया था। ये आंकड़े बताते हैं कि इन राज्यों में समुदाय की भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, इससे यह तय नहीं होता कि ये मतदाता किस पार्टी को वोट देंगे।

सर्वे में 1,000 भारतीय-अमेरिकी शामिल

कार्नेगी एंडाउमेंट और YouGov ने यह ऑनलाइन सर्वे 7 से 27 अक्टूबर 2026 के बीच कराया। इसमें 1,000 भारतीय-अमेरिकी वयस्क शामिल हुए और सर्वे का कुल मार्जिन ऑफ एरर 3.87 प्रतिशत था। वोटिंग से जुड़े ज्यादातर आंकड़े अमेरिकी नागरिकों के 861 लोगों के उप-समूह पर आधारित हैं।सर्वे के लेखकों में सुमित्रा बद्रीनाथन, देवेश कपूर, एनाबेल मिलर, एंडी रोबाइना और मिलन वैष्णव शामिल हैं। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि 2024 में रिपब्लिकन पार्टी ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच जो समर्थन बढ़ाया था, वह कांग्रेस चुनाव के लिए वोटिंग की मौजूदा पसंद में कायम नहीं दिख रहा। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के प्रति समर्थन बढ़ा है, लेकिन इससे पार्टी के साथ लोगों की स्थायी राजनीतिक पहचान में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में कितने भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट्स का समर्थन कर रहे हैं?

सर्वे के मुताबिक, अमेरिकी हाउस चुनाव में 62% भारतीय-अमेरिकी नागरिक डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने की मंशा रखते हैं। सीनेट चुनाव में यह आंकड़ा 63% है।

भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का रुझान डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर क्यों बढ़ा है?

सर्वे में ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के प्रति असंतोष एक अहम वजह के रूप में सामने आया है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने की इच्छा रखने वाले 35% लोगों ने कहा कि वे मुख्य रूप से रिपब्लिकन उम्मीदवार या पार्टी के विरोध में वोट देंगे। इमिग्रेशन, अर्थव्यवस्था और अमेरिका-भारत संबंधों को लेकर असंतोष भी इसकी पृष्ठभूमि में है।

डोनाल्ड ट्रंप को भारतीय-अमेरिकी समुदाय का कितना समर्थन मिल रहा है?

2024 के राष्ट्रपति चुनाव में करीब 30% भारतीय-अमेरिकियों ने ट्रंप का समर्थन किया था। जनवरी 2026 के सर्वे में ट्रंप के लिए समर्थन 25% था। अक्टूबर 2026 के सर्वे में हाउस चुनाव के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवारों को 19% समर्थन मिला। ये अलग-अलग चुनावों और उम्मीदवारों से जुड़े आंकड़े हैं।

Indian American Attitudes Survey 2026 किसने किया?

यह सर्वे कार्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस ने रिसर्च फर्म YouGov के साथ मिलकर किया। इसमें 7 से 27 अक्टूबर 2026 के बीच 1,000 भारतीय-अमेरिकी वयस्कों से ऑनलाइन सवाल पूछे गए।

2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कितने भारतीय-अमेरिकियों ने ट्रंप का समर्थन किया था?

कार्नेगी के सर्वे के अनुसार, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में करीब 30% भारतीय-अमेरिकियों ने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था, जबकि 62% ने कमला हैरिस को वोट देने की मंशा जताई थी।

भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं के बीच डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स का समर्थन कितना है?

अक्टूबर 2026 के सर्वे में हाउस चुनाव के लिए 62% भारतीय-अमेरिकी नागरिकों ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों और 19% ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने की बात कही। सीनेट चुनाव में डेमोक्रेट्स को 63% और रिपब्लिकन्स को 21% समर्थन मिला।

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