Russia Attacks Ukraine Energy Sites : ट्रंप के 'एनर्जी सीजफायर' के ऐलान के कुछ ही घंटे बाद रूस का यूक्रेन हमला: क्या फेल हो गया प्लान?
ट्रंप की ऊर्जा युद्धविराम घोषणा के कुछ घंटों बाद रूस ने यूक्रेन के छह ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया। राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक, 33 लोग घायल हुए और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। रूस-यूक्रेन के बीच युद्धविराम की शर्तों पर सवाल उठे।
Russia Attacks Ukraine Energy Sites : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद रूस ने यूक्रेन के छह ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 12 अक्टूबर को यह दावा किया। उनके मुताबिक, हमलों में 33 लोग घायल हुए और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। ट्रंप ने 11 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर कहा था कि दोनों देश तत्काल प्रभाव से ऊर्जा युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, लेकिन इसकी शर्तों का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया था। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन इस पहल का समर्थन करता है, मगर रूस के हमले जारी रहना समझौते के पालन पर सवाल खड़े करता है।
बिजली ग्रिड और गैस ठिकानों को बनाया निशाना
जेलेंस्की के अनुसार, रूसी हमलों में गैस स्टेशन, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यूक्रेन की सरकारी समाचार एजेंसी उक्रिनफॉर्म के मुताबिक, खार्किव, दोनेत्स्क और जापोरिज्जिया के कुछ हिस्सों में ऊर्जा उपकरणों को नुकसान पहुंचने से बिजली कटौती हुई।रूस के हमले में इजियम शहर का बिजली ग्रिड भी क्षतिग्रस्त हुआ, जिससे वहां ब्लैकआउट की स्थिति बनी। पश्चिमी यूक्रेन में ऊर्जा और रेलवे से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। यूक्रेन के बिजली ग्रिड ऑपरेटर उक्रेनर्गो ने बताया कि क्षतिग्रस्त उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इसके लिए कुछ इलाकों में बिजली की आपूर्ति सीमित करनी पड़ी।
जेलेंस्की ने फॉक्स न्यूज से कहा कि यूक्रेन ने रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं किया, जबकि रूस ने उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। उन्होंने इसे ट्रंप की घोषणा के जवाब के तौर पर भी देखा। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये हमले दिखाते हैं कि रूस ऊर्जा युद्धविराम स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
इसी दौरान कीव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि शहर के दरनित्स्की जिले में एक ड्रोन 25 मंजिला रिहायशी इमारत से टकराया। इमारत के आंगन में खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत और 11 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। यह घटना ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से अलग रिहायशी इलाके पर हुए हमले के रूप में सामने आई।

ट्रंप बोले- दोनों देश सहमत हैं, लेकिन शर्तें स्पष्ट नहीं
ट्रंप ने 11 अक्टूबर को घोषणा की थी कि रूस और यूक्रेन तत्काल प्रभाव से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि समझौते में किन ठिकानों को शामिल किया गया है, इसकी निगरानी कौन करेगा और उल्लंघन होने पर क्या कदम उठाए जाएंगे।जेलेंस्की ने शुरुआत में कहा था कि उन्हें ऐसे किसी समझौते की जानकारी नहीं थी। बाद में उन्होंने ऊर्जा युद्धविराम का समर्थन किया और कहा कि अगर रूस भी यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकता है, तो यूक्रेन इस व्यवस्था का पालन करने के लिए तैयार है।
सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि दोनों देश सहमत हैं, क्योंकि उन्होंने उनसे सहमत होने को कहा था। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को बड़ी त्रासदी बताते हुए कहा कि इसे खत्म किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद भी समझौते की शर्तों और दोनों पक्षों की औपचारिक सहमति को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई।
रूस ने युद्धविराम पर दिखाई सख्ती
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को कहा कि जेलेंस्की उस राहत के हकदार नहीं हैं, जो युद्धविराम से मिल सकती है। उनके बयान से संकेत मिला कि मॉस्को की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर सहमति स्पष्ट नहीं है।रूस लंबे समय से कहता रहा है कि यूक्रेन के सैन्य अभियान में मदद करने वाले ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना वैध है। दूसरी ओर, यूक्रेन का कहना है कि रूस के तेल और गैस ठिकानों पर उसके हमलों का मकसद मॉस्को की युद्ध के लिए धन जुटाने की क्षमता कम करना है।
बीबीसी वेरिफाई के विश्लेषण के मुताबिक, 2026 में अब तक रूस के नियंत्रण वाले तेल और गैस ठिकानों पर यूक्रेन के 273 हमले दर्ज किए गए। यह 2025 की समान अवधि में दर्ज 124 हमलों से दोगुने से भी ज्यादा है। वहीं, आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा प्रोजेक्ट के आंकड़ों के विश्लेषण में इस साल यूक्रेन के ऊर्जा नेटवर्क को प्रभावित करने वाले रूसी हमलों की संख्या पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.4 गुना बताई गई। ये आंकड़े बताते हैं कि युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज हुए हैं।
रूस से डीजल खरीदने के फैसले पर भी विवाद
ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ने और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिशें चल रही हैं। ट्रंप ने रूस से डीजल खरीदने के समझौते की घोषणा भी की है। इसके तहत रूसी ईंधन के आयात पर अमेरिकी प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी गई है।जेलेंस्की ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फायदा मिल सकता है और रूस को युद्ध के लिए अधिक धन जुटाने में मदद मिल सकती है। ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य ईंधन की आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों पर दबाव कम करना बताया गया है।
यूरोप में भी इस पहल पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने ऊर्जा युद्धविराम का समर्थन किया। फ्रांस, कनाडा और यूरोपीय संघ ने भी इस विचार का समर्थन जताया। हालांकि, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास ने कहा कि वे युद्धविराम का स्वागत तभी करेंगे, जब उसका पालन होता दिखाई देगा। एस्टोनिया के विदेश मंत्री ने भी कहा कि यह व्यवस्था काम करती नजर नहीं आ रही है।
फिलहाल ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की ट्रंप की घोषणा के बावजूद यूक्रेन में हमले और बिजली कटौती की खबरें सामने आई हैं। जब तक दोनों पक्षों की सहमति, शर्तें और उनके पालन की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक इसे जमीन पर लागू हो चुका प्रभावी युद्धविराम मानना जल्दबाजी होगी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
ट्रंप की Ceasefire घोषणा के बाद रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमला क्यों किया?
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने ऊर्जा युद्धविराम की घोषणा के बाद भी हमले जारी रखे। रूस की ओर से इन हमलों को लेकर युद्धविराम की शर्तों पर स्पष्ट सहमति सामने नहीं आई थी। इसलिए हमलों के पीछे रूस का आधिकारिक कारण और समझौते की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच किस तरह के सीजफायर की घोषणा की?
ट्रंप ने 11 अक्टूबर 2026 को दोनों देशों के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के युद्धविराम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा, लेकिन समझौते की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गईं।
यूक्रेन के किन Energy Facilities को निशाना बनाया गया?
जेलेंस्की के मुताबिक, छह ऊर्जा ठिकानों पर हमले हुए। इनमें गैस स्टेशन, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाएं शामिल थीं। इजियम में बिजली ग्रिड को नुकसान पहुंचा और खार्किव, दोनेत्स्क तथा जापोरिज्जिया के कुछ हिस्सों में बिजली कटौती हुई।
वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी हमलों पर क्या कहा?
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा युद्धविराम का समर्थन करता है, लेकिन रूस के हमले जारी रहना दिखाता है कि वह इसका पालन करने को तैयार नहीं है। उन्होंने हमलों में 33 लोगों के घायल होने की जानकारी भी दी।
क्या रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर समझौता लागू हो गया था?
ट्रंप ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू होने वाला समझौता बताया था। हालांकि, जेलेंस्की ने शुरुआत में कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी और समझौते की शर्तें भी स्पष्ट नहीं थीं। इसलिए इसके वास्तविक क्रियान्वयन पर सवाल बने हुए हैं।
रूस के हमलों से यूक्रेन की बिजली आपूर्ति पर क्या असर पड़ा?
इजियम में बिजली ग्रिड को नुकसान पहुंचा और खार्किव, दोनेत्स्क तथा जापोरिज्जिया के कुछ हिस्सों में बिजली कटौती हुई। क्षतिग्रस्त उपकरणों पर दबाव कम करने के लिए कुछ क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति सीमित करनी पड़ी।