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French Supermarket Cyberattack: हैकर्स ने फ्रिज को 50°C तक गर्म किया, लगी आग; करोड़ों का खाना बर्बाद, कैसे हुआ हमला?

फ्रांस में साइबर हमले से कई सुपरमार्केट के फ्रिज 50°C तक गर्म हो गए। इंटरमार्शे, कैरफोर और अन्य कंपनियों को खाद्य नुकसान हुआ। जांच में पुराने फर्मवेयर और रेफ्रिजरेशन सिस्टम की सुरक्षा कमजोरियों की भूमिका देखी जा रही है।

French Supermarket Cyberattack: हैकर्स ने फ्रिज को 50°C तक गर्म किया, लगी आग; करोड़ों का खाना बर्बाद, कैसे हुआ हमला?

फ्रांस के सुपरमार्केट में हैकर्स ने ऐसा साइबर हमला किया कि खाने-पीने की चीजें सुरक्षित रखने वाले फ्रिज और फ्रीजर ही गर्म होने लगे। French Supermarket Cyberattack के दौरान कुछ फ्रिज का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे खाद्य पदार्थ खराब हुए और कुछ जगह आग लगने की घटनाएं सामने आईं। कई बड़ी रिटेल चेन प्रभावित हुईं और दुकानों को खराब सामान फेंकना पड़ा। फ्रांसीसी अभियोजक कार्यालय ने इस घटना को बड़े पैमाने पर हुआ हमला बताया है। जांच एजेंसियां अब इसकी तकनीकी वजह और दूसरे देशों पर संभावित असर की पड़ताल कर रही हैं।

फ्रांस के सुपरमार्केट में क्या हुआ? फ्रिज कैसे तपने लगे?

12 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस में कई सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को निशाना बनाया गया। हमले के दौरान कुछ फ्रिज और फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे जमे हुए खाद्य पदार्थ पिघल गए और बड़ी मात्रा में सामान नष्ट करना पड़ा।फ्रांसीसी अभियोजक कार्यालय ने बताया कि देश की कई प्रमुख खाद्य खुदरा कंपनियों में जुड़े हुए रेफ्रिजरेटर प्रभावित हुए। अधिकारियों ने आग लगने और खाद्य नुकसान की घटनाओं की भी जानकारी दी।इंटरमार्शे के एक स्टोर में खराब और पिघले हुए जमे खाद्य पदार्थों को बड़े कूड़ेदान में फेंकते हुए देखा गया। इंटरमार्शे की मालिक कंपनी लेस मौस्केटेयर के अनुसार, उसके करीब 150 स्टोर प्रभावित हुए। कंपनी ने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचने के लिए प्रभावित खाद्य पदार्थों को नष्ट कर दिया।

French Supermarket Cyberattack: किन-किन कंपनियों को हुआ नुकसान?

इस साइबर हमले से फ्रांस की कई प्रमुख सुपरमार्केट चेन प्रभावित हुईं।

इंटरमार्शे: करीब 150 स्टोरों में फ्रिज का तापमान छह घंटे तक 50 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की जानकारी दी गई।

कैरफोर: कंपनी के मुताबिक, उसके 80 सुपरमार्केट प्रभावित हुए।

मोनोप्रिक्स: कंपनी ने बताया कि उसके लगभग 5 प्रतिशत स्टोर इस घटना से प्रभावित हुए।

कोऑपरेटिव यू: समूह के प्रमुख ने भी साइबर हमले का निशाना बनने की जानकारी दी।

इंटरमार्शे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थिएरी कोटियार ने फ्रांसीसी मीडिया से कहा कि देशभर में इस हमले से होने वाला नुकसान एक ही दिन में करोड़ों यूरो तक पहुंच सकता है। हालांकि, पूरे उद्योग के नुकसान का आधिकारिक कुल अनुमान तत्काल उपलब्ध नहीं था।

इंटरनेट से जुड़े फ्रिज कैसे बने हैकर्स का निशाना?

सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर अक्सर ऐसे नियंत्रण पैनलों से संचालित होते हैं, जो पूरे स्टोर के तापमान को नियंत्रित करते हैं। इंटरनेट से जुड़े होने के कारण रखरखाव करने वाली कंपनियां दूर से भी इन प्रणालियों की निगरानी और सेटिंग में बदलाव कर सकती हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस की साइबर सुरक्षा एजेंसी एएनएसएसआई ने डेनमार्क की कंपनी डैनफॉस के सॉफ्टवेयर में एक कमजोरी की पहचान की थी। डैनफॉस ने फ्रांस में रेफ्रिजरेशन प्रबंधन प्रणालियों से जुड़ी कुछ घटनाओं की पुष्टि की और कहा कि प्रभावित उपकरण पुराने फर्मवेयर पर चल रहे थे।कंपनी ने ग्राहकों को समर्थित प्रणालियों में नवीनतम फर्मवेयर अपडेट रखने और पुरानी प्रणालियों को नए संस्करणों में बदलने की सलाह दी है।अगस्त में साइबर सुरक्षा कंपनी क्लैरोटी की टीम82 ने डैनफॉस के एक नियंत्रण उपकरण में कमजोरियों पर शोध प्रकाशित किया था। रिपोर्ट के अनुसार, जारी किए गए सॉफ्टवेयर अपडेट उन समस्याओं को ठीक करने के लिए थे, जिनसे हमलावर प्रमाणीकरण सुरक्षा को दरकिनार कर सकते थे और प्रभावित उपकरणों पर कोड चला सकते थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हर प्रभावित स्टोर पर हमला ठीक इसी तरीके से हुआ।

क्या साइबर हमले का असर दूसरे देशों तक पहुंचा?

साइबर खतरे से जुड़े विशेषज्ञ फेलिक्स एम ने बताया कि स्पेन, पुर्तगाल, पोलैंड, जर्मनी और बेल्जियम में भी असर की जानकारी सामने आई। फ्रांस अन्य यूरोपीय देशों के साथ समन्वय कर रहा था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी ऐसे सिस्टम जोखिम में तो नहीं हैं।इसी बीच, नीदरलैंड की खुदरा कंपनी अहोल्ड डेलहाइज ने अपने नेटवर्क में सुरक्षा संबंधी समस्या आने की पुष्टि की। कंपनी ने एहतियात के तौर पर कुछ प्रणालियां बंद कर दीं। उसकी अल्बर्ट हाइजन ऐप पर साइबर सुरक्षा घटना के कारण किराने के सामान की डिलीवरी में बाधा का संदेश दिखाया गया, जबकि भौतिक स्टोर खुले रहे।अहोल्ड डेलहाइज ने कहा कि फ्रांस की घटनाओं और अपने नेटवर्क की समस्या के बीच संबंध मानने का फिलहाल कोई कारण नहीं है। इसलिए दोनों घटनाओं को एक ही हमले का हिस्सा मानना अभी सही नहीं होगा।

निष्कर्ष

French Supermarket Cyberattack ने दिखाया कि इंटरनेट से जुड़े औद्योगिक उपकरणों की सुरक्षा में चूक खाद्य आपूर्ति और कारोबार को सीधे प्रभावित कर सकती है। फ्रांस में कई सुपरमार्केट के फ्रिज गर्म होने, खाद्य पदार्थ खराब होने और आग लगने की घटनाओं के बाद जांच जारी है। पुराने फर्मवेयर और सुरक्षा कमजोरियों की भूमिका की पड़ताल इस मामले में अहम बनी हुई है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

फ्रांस के सुपरमार्केट में फ्रिज को 50°C तक गर्म करने वाला साइबर हमला क्या था?

यह इंटरनेट से जुड़े रेफ्रिजरेशन सिस्टम को प्रभावित करने वाला साइबर हमला था, जिसमें कुछ फ्रिज और फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे खाद्य पदार्थ खराब हुए और आग लगने की घटनाएं सामने आईं।

इस हमले से कौन-कौन सी सुपरमार्केट चेन प्रभावित हुईं?

रिपोर्ट के अनुसार, कैरफोर, इंटरमार्शे, मोनोप्रिक्स और कोऑपरेटिव यू प्रभावित हुए।

इंटरमार्शे के कितने स्टोर प्रभावित हुए?

कंपनी की मालिक लेस मौस्केटेयर के मुताबिक, करीब 150 स्टोरों में रेफ्रिजरेशन सिस्टम प्रभावित हुए।

डैनफॉस के सॉफ्टवेयर की क्या भूमिका थी?

डैनफॉस ने प्रभावित कुछ रेफ्रिजरेशन प्रबंधन प्रणालियों में पुराने फर्मवेयर की जानकारी दी। साइबर सुरक्षा शोध में उसके एक नियंत्रण उपकरण की कमजोरियों का भी उल्लेख हुआ, लेकिन हर हमले का सटीक तरीका स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हुआ था।

क्या दूसरे देशों में भी साइबर हमले का असर देखा गया?

एक साइबर खतरा विशेषज्ञ ने स्पेन, पुर्तगाल, पोलैंड, जर्मनी और बेल्जियम में भी असर की जानकारी दी। नीदरलैंड की अहोल्ड डेलहाइज ने अलग सुरक्षा घटना की पुष्टि की, लेकिन उसने इसे फ्रांस की घटनाओं से जुड़ा नहीं माना।

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