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Pakistan Afghan Soldiers Balochistan Insurgency: तालिबान से लड़ चुके 2,000 Afghan Soldiers अब Pakistan के लिए क्यों लड़ेंगे?

बलूचिस्तान में बढ़ते हमलों के बीच पाकिस्तान ने करीब 2,000 पूर्व अफगान सैनिकों और पुलिसकर्मियों को अपनी सुरक्षा सेवाओं में भर्ती किया है। इनमें कई तालिबान के खिलाफ लड़ चुके हैं। पाकिस्तान अब उनके सैन्य अनुभव का इस्तेमाल Balochistan Insurgency से निपटने में कर सकता है।

Pakistan Afghan Soldiers Balochistan Insurgency: तालिबान से लड़ चुके 2,000 Afghan Soldiers अब Pakistan के लिए क्यों लड़ेंगे?

बलूचिस्तान में बढ़ते हमलों के बीच Pakistan Afghan Soldiers Balochistan Insurgency का नया पहलू सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने करीब 2,000 पूर्व अफगान सैनिकों और पुलिसकर्मियों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था में भर्ती किया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे पूर्व अफगान सैनिकों की बताई जा रही है, जिन्होंने अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के साथ मिलकर तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।अब इन्हीं पूर्व सैनिकों को पाकिस्तान में बढ़ती Balochistan Insurgency से निपटने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

Pakistan Recruits Afghan Soldiers: आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?

Pakistan Recruits Afghan Soldiers का फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब बलूचिस्तान में विद्रोही संगठनों के हमलों ने पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों पर दबाव बढ़ाया है।रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई और अगस्त के 62 दिनों में बलूचिस्तान में कुल 172 हमले हुए। अकेले जुलाई में विद्रोही हमलों और सुरक्षा अभियानों के दौरान 62 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई।स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विद्रोहियों से नोषकी शहर पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के लिए पाकिस्तानी सेना को हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल करना पड़ा।ऐसे माहौल में Afghan Soldiers Pakistan Recruitment को पाकिस्तान के लिए पहले से प्रशिक्षित मानवबल जुटाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

Afghan Soldiers in Pakistan को क्यों चुना गया?

इन पूर्व अफगान सैनिकों के पास पहले से सैन्य प्रशिक्षण और युद्ध का अनुभव है। इनमें से कई तालिबान के खिलाफ लड़ चुके हैं और सीमा क्षेत्रों में भी काम कर चुके हैं।इस वजह से पाकिस्तान को उन्हें बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण देने में अपेक्षाकृत कम समय और संसाधन लगाने पड़ सकते हैं। बलूचिस्तान जैसे क्षेत्र में, जहां सुरक्षा बल लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं, उनके पिछले युद्ध अनुभव का इस्तेमाल किया जा सकता है।रिपोर्ट में एक पूर्व अफगान सैनिक के हवाले से बताया गया है कि भर्ती किए गए लोगों को 40,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है, जो भारतीय मुद्रा में करीब ₹13,807 के बराबर है।

Taliban की वापसी के बाद क्यों बदली पूर्व Afghan Soldiers की जिंदगी?

अगस्त 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद कई पूर्व अफगान सैनिकों की नौकरियां और वेतन खत्म हो गए। बदले की कार्रवाई के डर से उनमें से कई पाकिस्तान पहुंच गए।रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2023 के बीच 218 पूर्व सैन्य और सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई। पाकिस्तान पहुंचने के बाद भी उन्हें रोजगार और कानूनी स्थिति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।आर्थिक मुश्किलों और अफगानिस्तान लौटने में मौजूद जोखिमों के बीच पाकिस्तान की सुरक्षा सेवाओं में भर्ती उनके लिए आय का एक विकल्प बन गई।

Balochistan Insurgency 2026 कितनी गंभीर है?

Balochistan Insurgency 2026 के बीच विद्रोही संगठन पुलिस स्टेशनों, सरकारी कार्यालयों और राजमार्गों को निशाना बना रहे हैं।Pak Institute for Peace Studies के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल बलूचिस्तान के 27 जिलों में बलूच विद्रोही संगठनों से जुड़े 225 हमले दर्ज किए गए। केच में 30 और क्वेटा में 26 हमले दर्ज हुए।वहीं, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP से जुड़े 28 हमलों की भी जानकारी दी गई है। इनमें से अधिकतर गतिविधियां उत्तरी और पश्तून बहुल इलाकों में हुईं।बलूच संगठन स्वायत्तता या स्वतंत्रता की मांग करते हैं, जबकि TTP का उद्देश्य इस्लामी शासन स्थापित करना है।

Pakistan Army Afghan Soldiers की भर्ती पर विधानसभा में भी सवाल

पूर्व अफगान सैनिकों की भर्ती का मुद्दा बलूचिस्तान की प्रांतीय विधानसभा तक पहुंच गया है।विपक्षी विधायक फजल कादिर ने सरकार से सवाल किया कि इन पूर्व अफगान सैनिकों को उनके क्षेत्र में क्यों तैनात किया गया है।यह सवाल ऐसे समय में उठा है जब Pakistan Balochistan Security पहले ही गंभीर चुनौती का सामना कर रही है और सरकार सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों पर अधिक निर्भर दिखाई दे रही है।

निष्कर्ष

Pakistan Afghan Soldiers Balochistan Insurgency के बीच करीब 2,000 पूर्व अफगान सैनिकों और पुलिसकर्मियों की भर्ती ने पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति में एक नया अध्याय जोड़ा है। तालिबान के खिलाफ लड़ चुके इन लोगों के सैन्य अनुभव का इस्तेमाल बलूचिस्तान में किया जा सकता है। हालांकि, उनकी तैनाती और भर्ती को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठ रहे हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Pakistan ने Afghan Soldiers को क्यों Recruit किया?

बलूचिस्तान में बढ़ते विद्रोही हमलों के बीच पाकिस्तान ने सैन्य अनुभव रखने वाले पूर्व अफगान सैनिकों और पुलिसकर्मियों को सुरक्षा सेवाओं में भर्ती किया है।

Balochistan Insurgency क्या है?

यह बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही संगठनों और पाकिस्तान सरकार व सुरक्षा बलों के बीच लंबे समय से चला आ रहा संघर्ष है। बलूच संगठन अलग-अलग स्तर पर स्वायत्तता या स्वतंत्रता की मांग करते हैं।

Afghan Soldiers को Balochistan में क्यों तैनात किया जा सकता है?

इन पूर्व सैनिकों के पास सैन्य प्रशिक्षण और युद्ध का अनुभव है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कई तालिबान के खिलाफ लड़ चुके हैं और सीमा क्षेत्रों में काम कर चुके हैं।

Balochistan में Pakistan को किन Security Challenges का सामना करना पड़ रहा है?

पुलिस स्टेशनों, सरकारी कार्यालयों और राजमार्गों पर हमले, सुरक्षा कर्मियों की मौत और कई इलाकों में कमजोर होती पुलिस पकड़ बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं।

Pakistan और Afghanistan के बीच इस मामले का क्या संबंध है?

तालिबान की 2021 में वापसी के बाद कई पूर्व अफगान सुरक्षा कर्मी पाकिस्तान पहुंचे। रोजगार और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के बीच कुछ ने पाकिस्तान की सुरक्षा सेवाओं में भर्ती स्वीकार की।

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