Mary Kom Defamation Case- Ex Husband ने क्यों किया मानहानि का केस? कोर्ट में 19 नवंबर को होगी सुनवाई
ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम के पूर्व पति करोंग ओंखोलर ने टीवी कार्यक्रम में दिए गए कथित बयानों को लेकर आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर 2026 को दिल्ली की साकेत कोर्ट में होगी।
ओलंपिक पदक विजेता और छह बार की विश्व चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके पूर्व पति करोंग ओंखोलर ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि मैरी कॉम ने एक टीवी कार्यक्रम में उनके बारे में ऐसे बयान दिए जिनसे उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
यह शिकायत 6 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की साकेत कोर्ट में दर्ज कराई गई थी। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवम गुप्ता के समक्ष समन जारी करने से पहले साक्ष्य दर्ज करने के चरण में है। अदालत में अगली सुनवाई 19 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। अभी तक शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अदालत का कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
मैरी कॉम के पूर्व पति ने क्यों दर्ज कराया मानहानि का केस ?
Mary Kom Defamation Case की मुख्य वजह मैरी कॉम के कथित बयान हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार करोंग ओंखोलर ने 11 जनवरी 2026 को प्रसारित टीवी कार्यक्रम आप की अदालत में दिए गए बयानों पर आपत्ति जताई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन बयानों से दर्शकों के बीच उनकी छवि बेईमान, बेवफा, बेरोजगार और आर्थिक रूप से मैरी कॉम पर निर्भर व्यक्ति की बनी। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उनके बारे में शराब पर निर्भर रहने और बच्चों की जिम्मेदारियां नहीं निभाने जैसी धारणा बनाई गई।
करोंग का कहना है कि ये टिप्पणियां गलत हैं और उनसे एक पति, पिता तथा व्यक्ति के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। हालांकि ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं। इनकी सत्यता पर अदालत का अंतिम निर्णय आना बाकी है।
मैरी कॉम और करोंग ओंखोलर की शादी कब हुई थी ?
मैरी कॉम और करोंग ओंखोलर की शादी 12 मार्च 2005 को हुई थी। शिकायत के अनुसार दोनों फरीदाबाद में साथ रहते थे और उनका वैवाहिक संबंध 20 दिसंबर 2023 को पारंपरिक रीति से समाप्त हुआ था।
करोंग का दावा है कि उन्होंने मैरी कॉम के बॉक्सिंग करियर को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया और इसके लिए अपने पेशेवर करियर से जुड़े अवसरों का त्याग किया। उन्होंने इसी आधार पर अपने खिलाफ बेरोजगार और आर्थिक रूप से निर्भर होने की कथित छवि पर आपत्ति जताई है।
यह जानकारी शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए गए पक्ष पर आधारित है। इसे अदालत द्वारा प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

शिकायत में मैरी कॉम के किन बयानों पर आपत्ति जताई गई ?
करोंग ओंखोलर की शिकायत में कथित बयानों से बनी कई धारणाओं पर आपत्ति जताई गई है।आर्थिक अनियमितताओं के आरोप: शिकायतकर्ता ने उन कथित टिप्पणियों को चुनौती दी है जिनसे यह धारणा बनती है कि उन्होंने मैरी कॉम के बैंक खातों से पैसे का दुरुपयोग किया।
बेवफाई और व्यक्तिगत चरित्र पर सवाल: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बयानों से उनकी छवि बेवफा व्यक्ति की बनी। करोंग का कहना है कि ऐसी टिप्पणियों ने उनके व्यक्तिगत चरित्र को नुकसान पहुंचाया।
रोजगार और आर्थिक निर्भरता: करोंग ने खुद को बेरोजगार और मैरी कॉम की कमाई पर निर्भर दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि उन्होंने मैरी कॉम के खेल करियर को समर्थन देने के लिए अपने पेशेवर अवसरों का त्याग किया था।
बच्चों की जिम्मेदारी: शिकायत में यह आरोप भी शामिल है कि कथित बयानों से ऐसा लगा कि करोंग ने अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदारियां नहीं निभाईं। इन सभी बिंदुओं पर शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई है। फिलहाल अदालत में इन आरोपों की सत्यता स्थापित नहीं हुई है।
किस कानून के तहत दर्ज हुआ Mary Kom Defamation Case ?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह शिकायत भारतीय न्याय संहिता यानी Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 356 के तहत दर्ज कराई गई है। यह धारा मानहानि से संबंधित है।
इस प्रावधान के तहत दोष सिद्ध होने पर अधिकतम दो साल तक की साधारण कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान हो सकता है। हालांकि शिकायत दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति दोषी साबित हो गया है। अदालत को शिकायत और पेश किए गए साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करनी होगी।
कोर्ट में अब तक क्या हुआ और अगली सुनवाई कब है ?
इस मामले में अब तक सामने आए प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं।
- 11 जनवरी 2026: शिकायत के अनुसार मैरी कॉम ने इस तारीख को प्रसारित टीवी कार्यक्रम में कथित बयान दिए थे।
- 6 अक्टूबर 2026: करोंग ओंखोलर ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई।
-शुरुआती साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया: मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवम गुप्ता के समक्ष समन जारी करने से पहले साक्ष्य दर्ज करने के चरण में है। इस प्रक्रिया में शिकायतकर्ता के शुरुआती बयान और साक्ष्य दर्ज किए जाते हैं ताकि अदालत तय कर सके कि आरोपी को समन जारी करने के पर्याप्त आधार हैं या नहीं।
- 19 नवंबर 2026: मामले की अगली सुनवाई निर्धारित है। इस तारीख पर शिकायतकर्ता के शुरुआती साक्ष्य दर्ज किए जाने की बात रिपोर्टों में कही गई है। इसके बाद अदालत उपलब्ध सामग्री के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार करेगी।
फिलहाल मैरी कॉम के खिलाफ इस शिकायत में कोई अंतिम दोषसिद्धि सामने नहीं आई है।
निष्कर्ष
Mary Kom Defamation Case में करोंग ओंखोलर ने आप की अदालत में दिए गए कथित बयानों को मानहानिकारक बताते हुए शिकायत दर्ज कराई है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर 2026 को होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Mary Kom Defamation Case क्या है ?
यह मैरी कॉम के पूर्व पति करोंग ओंखोलर की ओर से दर्ज कराई गई आपराधिक मानहानि की शिकायत है। उनका आरोप है कि टीवी कार्यक्रम में मैरी कॉम के कथित बयानों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
Mary Kom के खिलाफ Defamation Case क्यों दर्ज किया गया ?
करोंग ओंखोलर के अनुसार मैरी कॉम के कथित बयानों से उनकी छवि बेईमान, बेवफा और आर्थिक रूप से उन पर निर्भर व्यक्ति की बनी। उन्होंने इन बयानों को गलत और मानहानिकारक बताते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
Mary Kom Defamation Case में किन लोगों के नाम सामने आए हैं ?
मैरी कॉम का नाम शिकायत में आरोपी के रूप में और करोंग ओंखोलर का नाम शिकायतकर्ता के रूप में सामने आया है।
Mary Kom के मामले में कोर्ट ने क्या कहा है ?
मामला समन जारी करने से पहले साक्ष्य दर्ज करने के चरण में है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने अभी शिकायत में लगाए गए आरोपों पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
Mary Kom Defamation Case की सुनवाई कब होगी ?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर 2026 को दिल्ली की साकेत कोर्ट में निर्धारित है।