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Trump Iran President Meeting : UNGA में ट्रंप-पेजेश्कियन की मुलाकात संभव, ईरान के 3 विकल्पों के बीच क्या निकलेगा रास्ता?

UNGA के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात संभव है। ट्रंप ने बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत दिया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। यह मुलाकात जारी अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Trump Iran President Meeting : UNGA में ट्रंप-पेजेश्कियन की मुलाकात संभव, ईरान के 3 विकल्पों के बीच क्या निकलेगा रास्ता?

Trump Iran President Meeting : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात के लिए तैयार हैं। फॉक्स न्यूज के पत्रकार ट्रे यिंग्स्ट के मुताबिक, जब उन्होंने ट्रंप से पूछा कि क्या वह UNGA की हाई-लेवल वीक के दौरान पेजेश्कियन से मिलेंगे, तो ट्रंप ने कहा कि वह इसके लिए तैयार हो सकते हैं। हालांकि, अभी दोनों नेताओं की मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह संकेत ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है, वॉशिंगटन तेहरान पर आर्थिक दबाव बनाए हुए है और ईरान ने बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए सात शर्तें रखी हैं।पेजेश्कियन 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। इस साल UNGA की हाई-लेवल वीक 22 से 29 सितंबर तक है, जबकि आम बहस 22 सितंबर से शुरू हो रही है। दोनों नेताओं के इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र में संबोधन की उम्मीद है। अगर ट्रंप और पेजेश्कियन की आमने-सामने मुलाकात होती है, तो यह फरवरी के अंत में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुई मौजूदा जंग के बाद दोनों की पहली प्रत्यक्ष मुलाकात होगी।

ट्रंप के सामने ईरान को लेकर तीन रास्ते

फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी स्थिति बताते हुए तीन संभावित विकल्पों का जिक्र किया है। इनमें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और आगे बढ़ाना, उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव जारी रखना और तेहरान के साथ समझौते की कोशिश करना शामिल है। ट्रंप ने यह भी कहा कि आने वाले समय में ईरान को लेकर “बहुत बड़ी” घटनाएं हो सकती हैं।इस बयान से एक तरफ सैन्य दबाव जारी रहने का संकेत मिलता है, तो दूसरी तरफ बातचीत का रास्ता भी पूरी तरह बंद नहीं होने की बात सामने आती है। हालांकि, ट्रंप-पेजेश्कियन बैठक को लेकर अभी कोई निश्चित समय या औपचारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

पेजेश्कियन UN में ईरान का पक्ष मजबूती से रखेंगे

ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान के रुख को मजबूती से सामने रखेंगे। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने कहा कि ईरान अपने खिलाफ हुए हमलों, कथित अन्याय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने अविश्वास के मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र में उठाएगा।पेजेश्कियन ने यह भी कहा कि ईरान पहले कई बार बातचीत की मेज पर गया और समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, लेकिन उनके मुताबिक बाद में उन प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया गया। ईरान का कहना है कि वह मौजूदा संकट के बीच अपने रुख और युद्ध से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखना चाहता है।
पेजेश्कियन UNGA के दौरान दूसरे देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। ईरानी प्रतिनिधिमंडल की ओर से अमेरिकी शिक्षाविदों, थिंक टैंक्स और अमेरिका में रह रहे ईरानियों के साथ बातचीत की भी योजना बताई गई है।

ईरान ने बातचीत के लिए रखीं 7 शर्तें

ट्रंप के संभावित मुलाकात संकेत से पहले ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए सात शर्तें सामने रखी हैं। ईरानी अधिकारी मोहसिन रेजई के मुताबिक, ये शर्तें कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाई गई हैं।इनमें युद्धविराम, ईरानी फंड को अनफ्रीज करना और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि अगर उसकी शर्तों पर बातचीत नहीं होती है तो वह सैन्य टकराव के लिए तैयार है। हालांकि, सभी सात शर्तों का पूरा आधिकारिक टेक्स्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें ईरानी अधिकारियों के बताए हुए बिंदुओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
यही वजह है कि UNGA के दौरान संभावित ट्रंप-पेजेश्कियन बातचीत में युद्धविराम, आर्थिक प्रतिबंध, ईरान की फ्रीज संपत्तियां और समुद्री रास्तों की स्थिति जैसे मुद्दे अहम हो सकते हैं।

ट्रंप UN में ईरान के साथ युद्ध और गाजा पर बोलेंगे

ट्रंप 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने वाले हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से संकेत दिया गया है कि वह अपने संबोधन में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का पक्ष रख सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप यह तर्क दे सकते हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्राथमिकताओं में शामिल है।इसके अलावा ट्रंप गाजा के लिए अपने 20-पॉइंट पीस प्लान की प्रगति और दुनिया के दूसरे हिस्सों में शांति समझौतों को लेकर अपनी सरकार के काम का भी उल्लेख कर सकते हैं। उनके UN कार्यक्रम में कई देशों के नेताओं के साथ बैठकें भी शामिल हैं।
खाड़ी देशों के नेताओं के साथ होने वाली बैठक भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और हूती हमलों का मुद्दा उठ सकता है। हूती, ईरान समर्थित समूह, पहले भी सऊदी अरब और क्षेत्र के समुद्री व्यापार मार्गों को निशाना बनाने की धमकी और हमलों के कारण चर्चा में रहे हैं।

होर्मुज पर अटका है अमेरिका-ईरान विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का एक बड़ा केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। युद्ध से पहले यहां से दुनिया के तेल और पेट्रोलियम व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता था।मौजूदा संघर्ष के दौरान होर्मुज में जहाजों की आवाजाही काफी घट गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, 19-20 सितंबर के सप्ताहांत में केवल 17 कमोडिटी जहाज इस जलमार्ग से गुजरे, जबकि उससे पिछले सप्ताह यह संख्या 37 थी। युद्ध से पहले यहां रोजाना औसतन करीब 125 कमोडिटी जहाज गुजरते थे।
ईरान समुद्री आवाजाही और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर अपनी शर्तों के साथ नियंत्रण की बात करता रहा है, जबकि अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए उसकी समुद्री गतिविधियों को सीमित करने की कार्रवाई जारी रखी है। इसी कारण होर्मुज का मुद्दा किसी भी संभावित अमेरिका-ईरान बातचीत में अहम हो सकता है।
इसका असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है। होर्मुज से तेल और गैस की आवाजाही प्रभावित होने पर वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित होता है। 22 सितंबर को संभावित अमेरिका-ईरान बातचीत की उम्मीद के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.7% बढ़कर 102.06 डॉलर प्रति बैरल और WTI 97.40 डॉलर तक पहुंचा।

UNGA में मुलाकात हुई तो बातचीत का मुद्दा क्या होगा?

फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि क्या ट्रंप और पेजेश्कियन की वास्तव में न्यूयॉर्क में मुलाकात होती है। ट्रंप ने इसके लिए खुलापन दिखाया है, लेकिन दोनों देशों की तरफ से बैठक का समय और एजेंडा आधिकारिक रूप से तय होने की पुष्टि नहीं हुई है।अगर बातचीत होती है तो उसके केंद्र में युद्ध को रोकने का रास्ता, ईरान की सात शर्तें, अमेरिकी आर्थिक दबाव, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही जैसे मुद्दे रह सकते हैं। दूसरी ओर, ईरान UNGA में अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध के दौरान हुए नुकसान और अपने राजनीतिक रुख को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखने की तैयारी में है।
इसलिए इस सप्ताह न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA सिर्फ दोनों नेताओं के भाषणों तक सीमित नहीं रहेगी। संभावित ट्रंप-पेजेश्कियन संपर्क, ईरान की सात शर्तें और होर्मुज में जारी समुद्री संकट - तीनों पर दुनिया की नजर रहेगी।

FAQ (Frequently Asked Questions):

क्या Trump और Iran President Masoud Pezeshkian की New York में meeting confirmed है?

नहीं। ट्रंप ने मुलाकात के लिए खुलापन दिखाया है, लेकिन अभी दोनों नेताओं की बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Trump ने Pezeshkian से मिलने की इच्छा क्यों जताई है?

ट्रंप ने ईरान को लेकर बातचीत और समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उन्होंने सैन्य दबाव, आर्थिक दबाव और समझौते को संभावित रास्तों के तौर पर बताया है। UNGA में दोनों नेताओं के एक ही शहर में होने के कारण बातचीत की संभावना बनी है।

Trump-Pezeshkian Meeting New York में कब हो सकती है?

अभी बैठक की कोई आधिकारिक तारीख या समय घोषित नहीं किया गया है। UNGA की हाई-लेवल वीक 22 से 29 सितंबर तक चल रही है, इसलिए इसी दौरान मुलाकात की संभावना पर चर्चा है।

क्या Trump और Iran President UNGA 2026 के दौरान बात करेंगे?

संभावना से इनकार नहीं किया गया है, लेकिन अभी इसे तय बैठक नहीं कहा जा सकता। ट्रंप ने मुलाकात के लिए खुलापन दिखाया है, जबकि पेजेश्कियन UN में ईरान का पक्ष रखने पहुंचे हैं।

US Iran Talks में कौन-कौन से मुद्दे शामिल हो सकते हैं?

संभावित मुद्दों में युद्धविराम, ईरान की सात शर्तें, अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध और फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही शामिल हो सकती है। ईरान की बताई शर्तों में युद्धविराम, फ्रीज फंड की बहाली और समुद्री नाकेबंदी खत्म करना प्रमुख मांगों में बताए गए हैं।

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