सौरव दास और आशुतोष रांका ने क्यों मांगा और वक्त? तिहाड़ से रिहाई के बाद नया मोड़
जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों में CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। दोनों एक सप्ताह न्यायिक हिरासत में रहने के बाद बुधवार को तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे।
CJP Leaders Skip Delhi Police Questioning मामले में नया अपडेट सामने आया है। कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने में असमर्थता जताई और जांच में शामिल होने के लिए और समय मांगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों को जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।
पुलिस पूछताछ से क्यों दूर रहे CJP नेता?

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होना था। हालांकि, दोनों ने जांच टीम को अपनी अनुपलब्धता की जानकारी देते हुए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया।अब क्राइम ब्रांच उनके सामने पेश होने के लिए नई तारीख और समय बताते हुए दोबारा समन जारी कर सकती है। इस जांच के सिलसिले में CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी बुलाया गया है।यह कार्रवाई जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश, लोक सेवक के आदेश की अवहेलना और अन्य आरोपों से जुड़े मामलों में हो रही है। हालांकि, ये आरोप हैं और जांच जारी है।
CJP Leaders Skip Delhi Police Questioning: क्या हैं दोनों मामले?
13 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP सदस्यों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उनकी मांग विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़ी थी।दिल्ली पुलिस ने इस घटना से जुड़े दोनों मामलों को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।कनॉट प्लेस थाने में दर्ज मामला: इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवहेलना, गृह-अतिक्रमण और आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप शामिल हैं।संसद मार्ग थाने में दर्ज मामला: इसमें लोक सेवकों के काम में बाधा डालने, उन पर हमला करने और घटना के दौरान पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाने के आरोप शामिल हैं।पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान समूह ने बैरिकेड पार किए और एक निजी प्रतिष्ठान के रास्ते जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया। इन घटनाओं को लेकर दर्ज दोनों प्राथमिकी की जांच जारी है।
सात दिन बाद तिहाड़ जेल से मिली थी रिहाई
सौरव दास और आशुतोष रांका बुधवार को तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने दिल्ली पुलिस की उनकी न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की थी।दोनों 14 अक्टूबर से हिरासत में थे। इससे पहले 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्हें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। उस समय उन्होंने 50,000 रुपये के शांति बंधपत्र जमा किए थे। बाद में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया।मजिस्ट्रेट ने दोनों को 50,000 रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत के साथ शांति बनाए रखने के लिखित आश्वासन देने पर रिहा करने का आदेश दिया।दोनों ने यह भी आश्वासन दिया कि जंतर-मंतर को अधिसूचित प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल किए जाने तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। भविष्य में होने वाले प्रदर्शनों को संवैधानिक दायरे में रखने का भी भरोसा दिया गया। अदालत ने इन आश्वासनों के मद्देनजर आगे न्यायिक हिरासत को आवश्यक नहीं माना।
अब आगे क्या होगा?
CJP Leaders Skip Delhi Police Questioning मामले में अगला कदम क्राइम ब्रांच के नए समन पर निर्भर करेगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए पेश होने की नई तारीख और समय बताया जाएगा। दोनों मामलों में जांच जारी है।
निष्कर्ष
CJP Leaders Skip Delhi Police Questioning का ताजा घटनाक्रम ऐसे समय आया है, जब सौरव दास और आशुतोष रांका एक सप्ताह न्यायिक हिरासत में रहने के बाद रिहा हुए हैं। अब जांच एजेंसी दोनों से जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामलों में पूछताछ करना चाहती है। मामले में आगे की कार्रवाई नई तारीख पर उनकी पेशी और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका ने पुलिस पूछताछ के लिए और समय क्यों मांगा?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने अपनी अनुपलब्धता की जानकारी देकर जांच में शामिल होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। उनकी ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत कारण बताए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
दोनों नेता 22 अक्टूबर 2026 को पूछताछ के लिए कहां पेश होने वाले थे?
उन्हें दोपहर 12 बजे दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होना था।
सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल से कब रिहा किया गया?
दोनों को बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को रिहा किया गया। उन्होंने 50,000 रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और जमानत के साथ शांति बनाए रखने का लिखित आश्वासन दिया था।
CJP का जंतर-मंतर प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए थे।
दिल्ली पुलिस ने किन लोगों को जांच के लिए बुलाया है?
सौरव दास और आशुतोष रांका के अलावा CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी जांच के सिलसिले में बुलाया गया है।